---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–3 : 3 खातिरदारी // सुषमा गुप्ता

साझा करें:

3 खातिरदारी [1] एक बार पहाड़ों की सड़कों पर काफी लम्बी यात्रा के बाद एक शाम जीसस और पीटर एक स्त्री के घर के सामने रुके और रात भर रुकने के लिये...

image

3 खातिरदारी[1]

एक बार पहाड़ों की सड़कों पर काफी लम्बी यात्रा के बाद एक शाम जीसस और पीटर एक स्त्री के घर के सामने रुके और रात भर रुकने के लिये उससे शरण माँगी।

स्त्री ने उनको ऊपर से नीचे तक देखा और बोली — “मुझे खानाबदोशों के साथ कोई लेना देना नहीं है।”

“पर मैम हम पर दया कीजिये। हम इस समय कहाँ जायेंगे। बस रात भर के लिये हमें ठहरने की जगह दे दीजिये।”

पर उस स्त्री ने उनकी किसी प्रार्थना पर कोई ध्यान नहीं दिया और घर का दरवाजा बन्द कर लिया। इस पर पीटर ने मालिक की तरफ दया की नजर से देखा जो पीटर से कह रही थीं “तुम जानते तो हो कि हमें इस स्त्री के साथ क्या करना है।”

पर उसने मालिक की नजर को अनदेखा कर दिया और वे दोनों एक दूसरे घर की तरफ चल दिये जो उनके साथ ज़्यादा मुलायमियत से बरताव करता।

यह दूसरा घर कालिख से पुता हुआ था। उसके अन्दर एक स्त्री आग के पास बैठी बैठी सूत कात रही थी।

वहाँ जा कर उन्होंने कहा — “मैम, मेहरबानी करके क्या आप हमको रात को रुकने की जगह देंगी। हम आज बहुत लम्बी यात्रा करके चले आ रहे हैं और अब इससे आगे जाने की हममें ताकत नहीं है।”

“हाँ हाँ क्यों नहीं। जो भगवान की इच्छा। आप जरूर ठहरें। इसके अलावा आप इस समय जायेंगे भी कहाँ। अब तो रात भी हो गयी है। बाहर सब जगह अंधेरा है।

मैं आप लोगों के आराम से ठहरने के लिये जो कुछ भी थोड़ा बहुत इन्तजाम कर सकती हूँ करती हूँ। तब तक आप अन्दर आइये और आग के पास बैठिये और बाहर की इस ठंड में थोड़ी गर्मी लीजिये। आप भूखे भी होंगे।”

पीटर बोला — “आप ठीक कह रही हैं।”

इस बीच उस स्त्री ने जिसका नाम कैंटीन[2] था कुछ लकड़ियां आग में डालीं और रात का खाना लाने चली गयी।

वह उनके खाने के लिये थोड़ा सा माँस का पानी और बहुत ही मुलायम बीन्स ले आयी। पीटर उनको देख कर बहुत खुश हुआ। वह थोड़ा सा शहद भी ले आयी जो उसने बचा कर रखा हुआ था।

जब उन्होंने खाना खा लिया तो उसने उनको उनके सोने की जगह दिखा दी। वह एक भूसा बिछी हुई जगह थी। पीटर सन्तोष से उस भूसे पर लेटते हुए बोला “यह बहुत अच्छी स्त्री है।”

अगले दिन कैंटीन से विदा लेते समय जीसस ने उस स्त्री से कहा — “मैम आज सुबह जो कुछ भी काम आप शुरू करेंगी वह आप सारा दिन करती रहेंगी।” और इसके बाद वे चले गये।

उनके जाने के तुरन्त बाद ही वह स्त्री अपना सूत कातने बैठ गयी। जीसस के कहे अनुसार वह सारा दिन सूत कातती रही, कातती रही और कातती रही। सूत की शटल आगे पीछे घूमती रही और उसका सारा घर कपड़े से भर गया।

यहाँ तक कि उसका कपड़ा उसके घर के दरवाजे से, खिड़कियों से और यहाँ तक कि घर की छत से भी बाहर निकलने लगा।

दूसरी तरफ उस स्त्री ने जिसने जीसस और पीटर को अपने घर में नहीं ठहराया था उसका नाम जिआकोमा[3] था। उसने देखा कि उसकी पड़ोसन कैंटीन के घर से उसका बुना हुआ कपड़ा तो बाहर तक आ रहा था।

यह देख कर वह अपनी पड़ोसन कैंटीन के पास गयी और जब तक उसने अपनी पड़ोसन से उसकी पूरी कहानी नहीं सुन ली उसको चैन नहीं पड़ा।

जब उसने सुना कि उसने जिन दो अजनबियों को अपने घर में रुकने के लिये शरण नहीं दी थी उन्होंने ही उसकी पड़ोसन को अमीर बनाया था तो उसने उससे पूछा — “क्या तुमको लगता है कि वे फिर यहाँ वापस आयेंगे?”

“मुझे लगता तो है क्योंकि वे कुछ ऐसा कह रहे थे कि वे केवल नीचे घाटी तक ही जा रहे हैं।”

“ठीक है अगर वे लौट कर आयें तो उनको मेरे घर भेज देना ताकि वे मेरा भी कुछ भला कर सकें।”

“खुशी से।”

अगली सुबह जब जीसस और पीटर उसके घर वापस आये तो कैटिन ने उनसे कहा — “अगर मैं सच कहूँ तो मेरे घर में तो बहुत सारा सामान हो गया। अब मेरे घर में आप लोगों को ठहराने की कहीं जगह ही नहीं है।

आज आप मेरी पड़ोसन जिआकोमा के घर चले जाइये वह आपको आराम से ठहराने की अपनी पूरी कोशिश करेगी।”

पीटर अभी तक उसकी एक बात भी नहीं भूला था। उसने बुरा सा मुँह बनाया और अपने विचार कैंटीन को कहने वाला ही था कि जीसस ने उसको कुछ भी कहने से रोक लिया और वे उसकी पड़ोसन के घर चल दिये।

इस बार उस स्त्री ने उनके ठहरने और खाने के लिये बहुत ही बढ़िया इन्तजाम करके रखा हुआ था।

उसने उनका बड़े प्रेम से स्वागत किया और पूछा — “आपकी यात्रा तो अच्छी रही? आप अन्दर आयें। हम लोग गरीब हैं पर हमारा दिल बड़ा है। आइये आग के पास बैठिये और थोड़ी गरमी लीजिये। मैं आपके लिये अभी शाम का खाना ले कर आती हूँ।”

इस तरह जीसस और पीटर उस रात उस पड़ोसन के घर में सोये। अगली सुबह जब वे जाने के लिये उससे विदा लेने लगे तो वह स्त्री अभी भी उनके सामने झुक रही थी और उनके सामने की जमीन पर झाड़ू लगा रही थी।

उन्होंने उससे भी चलते समय वही कहा जो उन्होंने कैंटीन से कहा था कि वह भी उस सुबह जो काम भी शुरू करेगी वह सारा दिन करती रहेगी और वे चले गये।

पड़ोसन जिआकोमो अपनी बाँहें चढ़ाती हुई मुस्कुराती हुई बोली — “अब मैं देखती हूँ कि मैं क्या कर सकती हूँ। मैं अपनी उस पड़ोसन से दुगुना कपड़ा बुन कर दिखाऊंगी। पर इससे पहले कि मैं कपड़ा बुनने बैठूँ ताकि मुझे कोई बीच में परेशान न करे मैं ज़रा बड़ा काम[4] कर आऊं।”

सो वह बाहर चली गयी और अपना काम करने लगी। पर यह क्या? वह तो रुक ही नहीं पा रही थी।

“हे भगवान, यह मुझे क्या हो गया है। ऐसा कैसे हो रहा है कि मैं इसको रोक ही नहीं पा रही हूँ। मैंने ऐसा तो कुछ नहीं खाया है जो मुझको इतना बीमार बना दे कि मैं रुक ही नहीं पाऊं। ओ ऊपर वाले, यह सब क्या हो रहा है।”

आधे घंटे बाद उसने वहाँ से उठ कर अपने कपड़ा बुनने की मशीन पर आने की कोशिश की पर उसको फिर से वहीं जाना पड़ गया। वह सारा दिन वहीं बैठी रही। भगवान का लाख लाख धन्यवाद कि उसका “वह” बहुत बड़ी जगह नहीं फैला।


[1] This story is very similar to a European tale given in the book “Europe Ki Lok Kathayen-1” by Sushma Gupta in Hindi language under the title “Bhikhaaree and Rotee”.

[2] Catin – name of the woman who sheltered Jesus and Peter

[3] Giacoma – name of the woman who did not let Jesus and Peter stay in her house

[4] To relieve herself through evacuation

------------

सुषमा गुप्ता ने देश विदेश की 1200 से अधिक लोक-कथाओं का संकलन कर उनका हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया है. कुछ देशों की कथाओं के संकलन का  विवरण यहाँ पर दर्ज है. सुषमा गुप्ता की लोक कथाओं के संकलन में से क्रमशः  - रैवन की लोक कथाएँ,  इथियोपिया इटली की  ढेरों लोककथाओं को आप यहाँ लोककथा खंड में जाकर पढ़ सकते हैं.

(क्रमशः अगले अंकों में जारी….)

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच करें : ~

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---


|आपके लिए कुछ चुनिंदा रचनाएँ_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3938,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,107,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2883,कहानी,2184,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,499,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,93,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,335,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,59,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,9,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,23,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,238,लघुकथा,1152,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1968,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,687,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,738,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,15,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,73,साहित्यम्,5,साहित्यिक गतिविधियाँ,194,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,75,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–3 : 3 खातिरदारी // सुषमा गुप्ता
देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–3 : 3 खातिरदारी // सुषमा गुप्ता
https://lh3.googleusercontent.com/-F3CnjU30qQk/WdtVuijmcOI/AAAAAAAA7ok/aFuv-HhcBqsVv_HIiU4M0ta7AGwPt8byQCHMYCw/image_thumb?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-F3CnjU30qQk/WdtVuijmcOI/AAAAAAAA7ok/aFuv-HhcBqsVv_HIiU4M0ta7AGwPt8byQCHMYCw/s72-c/image_thumb?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2017/10/3-3.html
https://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2017/10/3-3.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ