रु. 25,000+ के  नाका लघुकथा पुरस्कार हेतु रचनाएँ आमंत्रित.

अधिक जानकारी के लिए यहाँ http://www.rachanakar.org/2018/10/2019.html देखें.

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–10 : 6 सैक्सटन की नाक // सुषमा गुप्ता

साझा करें:

6 सैक्सटन की नाक [1] एक बार एक सैक्सटन [2] चर्च में सफाई कर रहा था कि उसको फर्श पर पड़ा एक पैसे का टुकड़ा [3] मिला। उसने वह उठा कर रख लिया औ...

clip_image002

6 सैक्सटन की नाक[1]

एक बार एक सैक्सटन[2] चर्च में सफाई कर रहा था कि उसको फर्श पर पड़ा एक पैसे का टुकड़ा[3] मिला। उसने वह उठा कर रख लिया और सोचने लगा कि वह उससे क्या खरीदेगा।

अगर उसने उससे बादाम या और कोई गिरी खरीदी तो चूहे उसे खाने आ जायेंगे और वह चूहों से बहुत डरता था। सो सोचते सोचते उसने उससे कुछ भुनी हुई मूँगफली खरीदीं और खा लीं। आखीर में उसके पास एक मूँगफली बच गयी।

उसको वह पास की एक बेकरी[4] में ले गया और वहाँ उसकी मालकिन से कहा कि वह उसको अपने पास सँभाल कर रख ले वह उसको अगले दिन आ कर ले जायेगा। बेकरी की मालकिन ने कहा कि वह उस दाने को बैन्च पर रख दे और वह आ कर वहाँ से उसे उठा कर रख लेगी।

पर जब वह उसको लेने गयी तो उसने देखा कि वह दाना तो वहाँ नहीं है। उसको तो मुर्गा खा गया था।

अगले दिन वह सैक्सटन अपना मूँगफली का दाना माँगने आया तो बेकरी की मालकिन ने उसको बताया कि उस दाने का क्या हुआ था।

यह जान कर सैक्सटन ने कहा कि या तो उसका मूँगफली का दाना वापस किया जाये नहीं तो वह मुर्गा उसको दे दिया जाये जिसने उसका मूँगफली का दाना खाया था।

अब क्योंकि मूँगफली का दाना तो मुर्गे ने खा लिया था तो वह तो वापस आ नहीं सकता था सो सैक्सटन को मुर्गा दे दिया गया।

सैक्सटन के पास मुर्गा रखने की कोई जगह नहीं थी तो वह उसको रखने के लिये एक चक्की वाले की पत्नी के पास ले गया और उसको अगले दिन तक रखने के लिये कहा।

चक्की वाले की पत्नी ने उसे रख लिया। चक्की वाले की पत्नी के पास एक सूअर था। उसने सैक्सटन का वह मुर्गा खा लिया।

अगले दिन सैक्सटन जब अपना मुर्गा माँगने आया तो पता चला कि चक्की वाले की पत्नी के सूअर ने उसका मुर्गा खा लिया था।

सैक्सटन ने कहा या तो उसको उसका मुर्गा वापस किया जाये नहीं तो उसको वह सूअर दे दिया जाये जिसने उसका मुर्गा खाया था। अब क्योंकि मुर्गा तो वापस आ नहीं सकता था सो उसको सूअर दे दिया गया।

वह सूअर उसने अपने एक दोस्त के घर छोड़ा। उसका वह दोस्त पेस्ट्री बनाता था। उसके एक बेटी थी जिसकी शादी अगले दिन होने वाली थी।

उसके दोस्त की पत्नी बहुत ही नीच और एक चालाक किस्म की स्त्री थी। उसने अपनी बेटी की शादी के लिये उस सूअर को मार दिया और अगले दिन जब सैक्सटन अपना सूअर लेने आया तो उसको कह दिया कि तुम्हारा सूअर तो भाग गया। इस पर सैक्सटन ने कहा कि या तो वह उसका सूअर दे नहीं तो अपनी बेटी दे।

अब सूअर तो दिया नहीं जा सकता था क्योंकि वह तो मारा जा चुका था सो उसने उसको अपनी बेटी दे दी। सैक्सटन ने उसकी बेटी को एक थैले में रखा और चल दिया।

अब वह एक स्त्री के पास पहुँचा जो एक दूकान चलाती थी। उसने उसको वह थैला दिया और कहा कि उस थैले में भूसा था और वह उस थैले को सँभाल कर रख ले वह बाद में आ कर ले जायेगा। उस स्त्री ने उसके उस थैले को सँभाल कर रख लिया।

उस स्त्री के पास कुछ मुर्गियाँ थीं। जब सैक्सटन उस थैले को वहाँ छोड़ कर चला गया तो उसा स्त्री ने सोचा कि वह उस थैले में से थोड़ा सा भूसा निकाल कर अपनी मुर्गियों को खिला देती है।

पर जब उसने वह थैला खोला तो उसमें से तो भूसे की बजाय एक लड़की निकली। उस स्त्री ने उस लड़की को तो थैले में से बाहर निकाल लिया और उसकी जगह एक कुत्ता रख दिया।

अगले दिन सैक्सटन आ कर अपना थैला ले गया और समुद्र के किनारे चल दिया। वह सोच रहा था कि वह उस लड़की को समुद्र में फेंक देगा।

समुद्र के किनारे पहुँच कर उसने लड़की को फेंकने के लिये थैला खोला तो गुस्से में भरा कुत्ता बाहर निकला और उसकी नाक काट कर भाग गया। सैक्सटन दर्द के मारे चिल्ला पड़ा। उसकी नाक से खून बह कर उसके चेहरे पर टपकने लगा।

वह चिल्लाया — “ओ कुत्ते, मुझे अपना एक बाल तो देता जा ताकि मैं उसको अपनी नाक में लगा कर तेरे दिये हुए घाव को भर सकूँ।[5]

कुत्ता बोला — “अगर तुम्हें मेरा बाल चाहिये तो पहले मुझे डबल रोटी ला कर दो।”

सैक्सटन एक बेकरी की तरफ भागा और उसके मालिक से बोला — “मुझे थोड़ी सी डबल रोटी दे। यह डबल रोटी मैं कुत्ते को खिलाऊँगा। कुत्ता मुझे अपना एक बाल देगा जिसको मैं अपना घाव भरने के लिये अपनी नाक में रखूँगा।”

बेकरी का मालिक बोला — “तुमको डबल रोटी चाहिये तो पहले तुम मुझे लकड़ी ला कर दो तभी में तुमको डबल रोटी दे सकता हूँ।”

सो सैक्सटन एक लकड़ी काटने वाले के पास गया और उससे कहा — “ओ लकड़ी काटने वाले मुझे थोड़ी सी लकड़ी दे। मैं यह लकड़ी बेकरी के मालिक को दूँगा।

बेकरी का मालिक मुझे डबल रोटी देगा। डबल रोटी मैं कुत्ते को खिलाऊँगा। कुत्ता मुझे अपना एक बाल देगा जिसको मैं अपना घाव भरने के लिये अपनी नाक में रखूँगा।”

clip_image004लकड़ी काटने वाला बोला — “अगर तुम्हें लकड़ी चाहिये तो पहले मुझे एक कुल्हाड़ी ला कर दो।”

सैक्सटन तुरन्त ही एक लोहार के पास दौड़ा गया और उससे कहा — “लोहार लोहार, मुझे एक कुल्हाड़ी दे। मैं यह कुल्हाड़ी लकड़ी काटने वाले को दूँगा। लकड़ी काटने वाला मुझे लकड़ी देगा। वह लकड़ी मैं बेकरी के मालिक को दूँगा।

बेकरी का मालिक मुझे डबल रोटी देगा। डबल रोटी मैं कुत्ते को खिलाऊँगा। कुत्ता मुझे अपना एक बाल देगा जिसको मैं अपना घाव भरने के लिये अपनी नाक में रखूँगा।”

लोहार बोला — “अगर तुम्हें कुल्हाड़ी चाहिये तो पहले तुम मुझे कोयला ला कर दो।”

सैक्सटन तुरन्त ही भागा भागा कोयले वाले के पास गया और उससे कहा — “ओ कोयले वाले, मुझे कोयला दे। मैं यह कोयला लोहार को दूँगा। लोहार मुझे कुल्हाड़ी देगा। मैं यह कुल्हाड़ी लकड़ी काटने वाले को दूँगा। लकड़ी काटने वाला मुझे लकड़ी देगा। लकड़ी मैं बेकरी के मालिक को दूँगा।

बेकरी का मालिक मुझे डबल रोटी देगा। डबल रोटी मैं कुत्ते को खिलाऊँगा। कुत्ता मुझे अपना एक बाल देगा जिसको मैं अपना घाव भरने के लिये अपनी नाक में रखूँगा।”

clip_image006कोयले वाला बोला — “अगर तुमको कोयला चाहिये तो पहले तुम मुझे गाड़ी ला कर दो।”

सैक्सटन गाड़ी लाने दौड़ा गया। वह जा कर गाड़ी वाले से बोला — “ओ गाड़ी वाले मुझे गाड़ी दे।

यह गाड़ी मैं कोयले वाले को दूँगा। कोयले वाला मुझे कोयला देगा। मैं वह कोयला लोहार को दूँगा। लोहार मुझे कुल्हाड़ी देगा।

कुल्हाड़ी मैं लकड़ी काटने वाले को दूँगा। लकड़ी काटने वाला मुझे लकड़ी देगा। लकड़ी मैं बेकरी के मालिक को दूँगा।

बेकरी का मालिक मुझे डबल रोटी देगा। डबल रोटी मैं कुत्ते को खिलाऊँगा। कुत्ता मुझे अपना एक बाल देगा जिसको मैं अपना घाव भरने के लिये अपनी नाक में रखूँगा।”

गाड़ी वाले ने देखा कि सैक्सटन बहुत कष्ट में है। उसको उसके ऊपर दया आ गयी सो उसने उसको गाड़ी दे दी। गाड़ी पा कर सैक्सटन बहुत खुश हुआ।

गाड़ी ले कर वह भागा भागा कोयले वाले के पास गया। उसने वह गाड़ी कोयले वाले को दी। कोयले वाले ने उसको कोयला दिया। कोयला उसने लोहार को दिया।

लोहार ने उसे कुल्हाड़ी दी। कुल्हाड़ी ले जा कर उसने लकड़ी काटने वाले को दी। लकड़ी काटने वाले ने उसको लकड़ी दी। लकड़ी ले जा कर उसने बेकरी के मालिक को दी।

बेकरी के मालिक ने उसे डबल रोटी दी। डबल रोटी उसने कुत्ते को खिलायी। कुत्ते ने उसे अपना एक बाल दिया जिसको उसने अपना घाव भरने के लिये अपनी नाक में रखा।

और तब जा कर कहीं उसका घाव भरा।

clip_image008


[1] Sexton’s Nose (Story No 79)– a folktale from Italy from its Sicily area.

Adapted from the book: “Italian Popular Tales”. By Thomas Frederick Crane. London, 1885.

Available free at https://books.google.ca/books?id=RALaAAAAMAAJ&pg=PR1&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false

[This story reminds us of several stories. Read them in my book “Billa Aur Chuhiya Jaisi Kahaniyan” by Sushma Gupta written in Hindi language.]

[2] A sexton is an officer of a church, congregation, or synagogue charged with the maintenance of its buildings and/or the surrounding graveyard.

[3] Translated for the words “Piece of Money” – piece of money means 1/5th of the cent.

[4] Bakery is a shop or place where the bread, bun cake, biscuits etc are baked.

[5] Perhaps it is believed in Italy that whichever dog has bitten somebody, if a hair of the same dog is put on its bite, that wound is healed.

------------

सुषमा गुप्ता ने देश विदेश की 1200 से अधिक लोक-कथाओं का संकलन कर उनका हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया है. कुछ देशों की कथाओं के संकलन का  विवरण यहाँ पर दर्ज है. सुषमा गुप्ता की लोक कथाओं के संकलन में से क्रमशः  - रैवन की लोक कथाएँ,  इथियोपिया इटली की  ढेरों लोककथाओं को आप यहाँ लोककथा खंड में जाकर पढ़ सकते हैं.

(क्रमशः अगले अंकों में जारी….)

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

-----****-----

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1

.... प्रायोजक ....

-----****-----

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधाएँ ~

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---


|आपके लिए कुछ चुनिंदा रचनाएँ_$type=blogging$count=8$src=random$page=1$va=0$au=0

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3844,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,336,ईबुक,192,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2788,कहानी,2116,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,486,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,90,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,329,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,327,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,50,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,9,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,17,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,238,लघुकथा,838,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,8,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,315,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,62,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1923,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,649,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,688,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,56,साहित्यिक गतिविधियाँ,184,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,58,हास्य-व्यंग्य,68,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–10 : 6 सैक्सटन की नाक // सुषमा गुप्ता
देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–10 : 6 सैक्सटन की नाक // सुषमा गुप्ता
https://lh3.googleusercontent.com/-obknhYbVGRk/WjtyoIcDzxI/AAAAAAAA9f4/gXmnXwVRhQMcogvBkvzQ8252jmu3cem8ACHMYCw/clip_image002_thumb%255B1%255D?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-obknhYbVGRk/WjtyoIcDzxI/AAAAAAAA9f4/gXmnXwVRhQMcogvBkvzQ8252jmu3cem8ACHMYCw/s72-c/clip_image002_thumb%255B1%255D?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2017/12/10-6-italy-ki-lok-katha-saxton-ki-naak.html
https://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2017/12/10-6-italy-ki-lok-katha-saxton-ki-naak.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ