गीता द्विवेदी की कविताएँ

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जय शारदे माँ   जय शारदे माँ जय शारदे शीश नवाकर मैं तुमको नमन कर लूँ, बैठ जाओं माँ, तुमसे दो बातें कर लूँ।          स्व ह्दय को मन्दिर बन...

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जय शारदे माँ  


जय शारदे माँ जय शारदे
शीश नवाकर मैं तुमको नमन कर लूँ,
बैठ जाओं माँ, तुमसे दो बातें कर लूँ।
         स्व ह्दय को मन्दिर बनाना चाहती हूँ
         मन्दिर में तुमको बैठाना चाहती हूँ
         हो जाओ विराजमान, मैं कपाट बन्द कर लूँ,
         बैठ जाओ माँ तुमसे दो बातें कर लूँ।
         शीश नवाकर मैं तुमको नमन कर लूँ,
         बैठ जाओ माँ, तुमसे दो बातें कर लूँ।।
छलक - छलक जाए करूणा का कलश
हुलस - हुलस जाए मेरे मन का कमल
रिक्त उर पात्र ज्ञान अमृत से भर लूँ,
शीश नवाकर मैं तुमको नमन कर लूँ,
बैठ जाओ माँ तुमसे दो बातें कर लूँ।।
         तैरता धवल पक्षी, तुमको बहुत भाता है
         सुना है मोती चुनना उसे बहुत भाता है
         तेरी दया के मोती, मैं भी जरा चुन लूँ,
         बैठ जाओ माँ तुमसे दो बातें कर लूँ।।
         शीश नवाकर मैं तुमको नमन कर लूँ,
         बैठ जाओ माँ तुमसे दो बातें कर लूँ।।
जय शारदे माँ जय शारदे,
शीश नवाकर मैं तुमको नमन कर लूं,
बैठ जाओ माँ तुमसे दो बातें कर लूँ।।

समर्पण माँ शारदे की चरणों में।                    


स्वर्ण कलश छलक गया


 
स्वर्ण कलश छलक गया
सितारों वाली रात में।
मैं तो भीग गई माँ तेरी,
ममता की बरसात में।।
     तन भीगा मेरा मन भीगा,
     मेरी धानी चुनरी भीग गई।
     रोम-रोम पुलकित हो उठे
     मृदुल स्मित फुहार में।
     मैं तो भीग गई माँ तेरी
     ममता की बरसात में।
खिले कमल सरोवर में
चमके सूर्य गगन पर।
ऐसे सुशोभित होता है
स्वर्ण कलश तेरे हाथ में।
मैं तो भीग गई माँ तेरी
ममता की बरसात में।
     दिन रात बरसती करूणा
     शुभ मंगलमय नवरात्र में।
     भीग रहा सारा संसार
     तेरी ममता की बरसात में।
     मैं तो भीग गई माँ तेरी
     ममता की बरसात में।

बरसते रहे युहीं हम पर
तेरी महिमा के मोती।
खोए रहें हम सदा
तेरे अनुपम श्रृंगार में।
मैं तो भीग गई माँ तेरी
ममता की बरसात में।
     स्वर्ण कलश छलक गया
     सितारों वाली रात में।
     मैं तो भीग गई माँ तेरी
     ममता की बरसात में।



हम है अक्षर अलबेले

हम हैं अक्षर अलबेले।
अलग - अलग अर्थों वाले,
नए - नए शब्द बनाएँ
शब्दों के लगते मेले।
हम है अक्षर अलबेले।।
         कोरे-कोरे कागज पे
         मोती की लड़ी सी
         एक दूसरे से जुड़ जाते,
         बढ़ते जाते शब्दों के रेले।
         हम है अक्षर अलबेले।।
मोटी - मोटी किताबों के बीच
दब कर भी जिन्दा रहते।
जिन्दा रखते अन्गिनत गाथाएँ,
भविष्य सुहाने सजीले।
हम है अक्षर अलबेले।।
         जगमगा लो अपना जीवन,
         तुम अक्षरों के दीपों से।
         ज्ञान का प्रकाश फैलाए,
         मिलकर, कभी अकेले।
         हम है अक्षर अलबेले।।
तो चलो सब पाठशाला,
वहीं मुलाकात होगी।
सुन लेना तुम सबकी,
गुनना मगर अकेले।
हम हैं अक्षर अलबेले।।

चलो मेरे गाँव


 

रेगनी पर चुन्दरी चमके,


चम्पाकल से टपके पानी,
मुन्नी के हाथों में गुड़िया,
खाट पर बैठी नानी,
आँगन में सूखती बड़ियाँ
गौरेयों की चिक-चिक बानी।
बस यही है जिन्दगानी।।
     श्यामा की धीमी पागुर,
     बछड़े की कूद बचकानी,
     पतली संकरी गलियों में,
     कुआं की चुगली-चानी,
     राम-राम बोले मिट्ठु,
     गिल्लु की आनी-जानी।
     बस यही है जिन्दगानी।।
सेम चढ़े छप्पर पर,
लौकी की खूब मचानी,
पुआल की गांज खेतों में,
गमकाए गांव घर धानी
भोर भिनसारे पड़ने लगी,
सौंधी चिउरे की घानी।
बस यही है जिन्दगानी।।
    


दीवट पर चिमनी चमके
चिमटा उलझे रोटी से,
धनिया, मिर्ची में अनबन,
खटपट सिल सिलौटी में,
चटाई बिछी पीढ़ा, पानी,
जिमने बैठे सयाने - सयानी।
बस यही है जिन्दगानी।।
     कजरी फाग चैता की,
     चढ़े तान सुहानी
     लू थमे, उमंगें पुरवैया,
     जम के नाचे बरखा रानी,
     पल पल बीते रागमय
     ये मेरे गांव की कहानी।
     बस यही है जिन्दगानी।।


एक चिंता


जिंदगी धुआं - धुआं होने की,
रेत सी फिसलने की,
और कभी न संभलने की,
एक चिंता है .................................।
         तिनका तिनका कर जो नीड़ बनाया मैंने,
         वक्त की आंधियों में बिखर न जाए कहीं,।
         देखे थे इन आंखों ने भी सुनहरे सपने
         उन सपनों पे कोहरे छा जाने की,
         एक चिंता है .........................................................।
ताउम्र हर घड़ी, हर लम्हा,
जिसका इंतजार किया,
जिसके पैरों के निशां को इख्तियार किया,।
सदा आती रही उसके दूर जाने की
दिल के शीशे के टूटने की
एक चिंता है........................................................।



वेदना .......................

एक बालिका छली गई,
दब गई कुचली गई,
इस भारत महान में।
     हम हाथ मलते रहे
     देखते रहे, रोते रहे,
     कुछ कर न सके हम,
     इस भारत महान में।
कभी सीता, कभी द्रौपदी
कभी दामिनी बनकर,
हर वेदना सहते रहे।
रोते रहे अपनी बेबसी पर,
इस भारत महान में।
     हम अबला हैं या सबला
     ये ज्ञात नहीं,
     हैं युग कौन सा
     जब हम दमित न हुए,
     कुछ याद नहीं।
     शायद चलता रहेगा ये क्रम,
     इस भारत महान में।
ऐ तिरंगा, फैल जा तू
सारे गगन में,
भर दे शक्ति अब
हमारे भी तन-मन में।
आजादी की सांस ले सकें हम भी,
इस भारत महान में।
इस भारत महान में।।                       


ऐसा भी संयम

सड़क के किनारे
पेड़ के नीचे
एक घर था,
घर नहीं झोपड़ी थी।
         झोपड़ी में  परिवार नहीं
         एक महिला बूढ़ी थी,
         कुछ अपनी उम्र से
         कुछ अपनों से कुढ़ी थी।
जूटाती रहती, पेड़ के पत्तों को
सूखी टहनियों को,
सहलाती रहती
दुखती कोहनियों को।
         मिट्टी का छोटा चूल्हा
         जलता भी था, बुझता भी,
         युं हीं हांफते-खाँसते
         मन हंसता भी था, रोता भी।
पेड़ अब नहीं है
झोपड़ी भी नहीं है,
टूटे किवाड़ की जंग लगी
खड़खड़ाती कुंडी भी नहीं है।
         नहीं, पर कुछ तो है
         अपनों से बिछड़ने का गम तो है
         उस गम को खुशियों में
         बदलने का संयम तो है।
         कुछ तो है।।
                                    

काश! सहेज लेती

काश सहेज लेती, उन पलों को
जो अब लगता है, बेहद मधुर थे।
             चुन कर रख लेती, यादों के मोती,
             जो अब लगता है, बेशकीमती कोहिनूर थे।
वक्त बदला चेहरे बदले, समझा नहीं उनको अपना,
जो अब लगता है, अँखियों के नूर थे।
             जो दिला न पाए वो, एहसास अपनी मौजूदगी का
             तो अब लगता है, हम भी बेकसूर थे।
रिवाजों की अनगिनत बेड़ियां, पायल समझकर पहन लिया,
जो अब लगता है, कुछ तो बेफिजूल थे।
             गर थे वो नादान और नासमझ,
             तो अब लगता है, हम भी मजबूर थे।
काश! सहेज लेती उन पलों को, संजोना भी था,
जो अब लगता है, दिल वो को भी मंजूर थे।




मुस्कुराते रहना .................................


तुम यूं ही मुस्कूराते रहना।
आऊँ बरसों बाद,
कर बीते दिनों को याद
आंसू न बहाना तुम,
अपनी सुरमई आंखों से,
सपने सजाते रहना।
तुम यूं ही मुस्कुराते रहना।।
             याद करते रहना मुझे,
             मुझे भी याद आना
             बीत जायेंगे जुदाई भरे दिन
             मिलन की आस की दीपक
             मन में जलाए रहना।
             तुम यूं ही मुस्कुराते रहना।।
जल सांझ ढ़लने लगे,
चाँद आसमां पर उतरने लगे,
चाँदनी भी धरा पर मचलने लगे
कोई मीठा सा गीत
गुनगुनाते रहना।
तुम यूं ही मुस्कुराते रहना।।



जागो-जागो हे तरूण केसरी

जागो-जागो हे तरूण केशरी,
भारत का प्राण पुकारा है।
             जल रहा ह्दय मेरा दुख से,
             कश्मीर बना अंगारा हैं।
             सभी राज्य हैं, विभिन्न अंग मेरे
             धरती का स्वर्ग, जान हमारा है।
             जागो जागो हे तरूण केसरी,
             भारत का प्राण पुकारा है।।
भारत एक प्रज्जवलित दीप,
पाक उन्मादी शरारा है।
भारत से लिपटकर जलने को,
उसने अपना पंख पसारा है।
जागो-जागो हे तरूण केसरी।
भारत का प्राण पुकारा है।।
             मेरा देश उगता सूरज है,
             पाक गर्दिश का सितारा है।
             इस टिमटिमाते तारे को जैसे
             रोशनी के लिए कश्मीर ही सहारा है।
             जागो - जागो हे तरूण केसरी,
             भारत का प्राण पुकारा है।।
विलग हो चुका चंद्र खण्ड सा,
पर चन्द्र होना न गंवारा है।
आक्रांतों को दूर भगाने को
भारत का वीर हूंकारा है।
जागो-जागो हे तरूण केसरी।                       
भारत का प्राण पुकारा है।।

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परिचय

जन्म : - 06 जनवरी 1974

जन्म स्थान : - केदारपुर अम्बिकापुर जिला सरगुजा

शिक्षा : - स्नातकोत्तर हिन्दी डी.एड

वर्तमान सेवा कार्य : - शिक्षिका, प्रा.शाला उधेनुपारा, जनपद- राजपुर,

जिला- बलरामपुर (छ.ग.) 497118

Email ID :- geetadwivedi1973@gmail.com

rajnarayan1970@gmail.com

कविता का प्रकाशन : - स्थानीय समाचार पत्र पत्रिका- (1) घटती घटना (2) रिहन्द टाइम्स

(3) आदित्य समय (4) अरण्यांचल

कविता पाठ एवं प्रसारण :- आकाशवाणी केन्द्र अम्बिकापुर, एफ.एम. रेडियो अम्बिकापुर

स्थानीय मंच, राजभाषा आयोग का प्रान्तीय सम्मेलन एवं गोष्ठी कोरबा (छ.ग.)

साहित्यिक संगठनों से सम्बंधः- हिन्दी साहित्य परिषद् (सदस्य), पहचान साहित्य कला समिति की सदस्य

संस्कार भारती (मातृशक्ति प्रमुख जिला- सरगुजा), अखिल भारतीय नवोदित साहित्यकार परिषद् - सदस्य

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर 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रचनाकार: गीता द्विवेदी की कविताएँ
गीता द्विवेदी की कविताएँ
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