नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

लघुकथा // संत जी // राजेश माहेश्वरी

लघुकथा

संत जी

राजेश माहेश्वरी

नर्मदा नदी के तट पर एक संत अपने आश्रम में रहते थे। उन्होंने अपने आश्रम को नया स्वरूप एवं विस्तार करने की इच्छा अपने एक व्यापारी शिष्य को बताई। उसने अपनी दो हीरे की अंगूठियां भेंट कर दीं। यह देखकर संत जी प्रसन्न हो गये और उन्होंने दोनों अंगूठियों की सुंदरता को देखते हुए उन्हें संभालकर अलमारी में रख दिया।

एक दिन एक भिखारी जो कि अत्यंत भूखा एवं प्यासा था उनके पास भोजन की इच्छा से आया। संत जी ने उसे भोजन के साथ-साथ मिठाई देने हेतु अलमारी खोली और उसमें से एक डिब्बा निकालकर उसे दे दिया। उस भिखारी ने घर आने पर डिब्बा खोलकर देखा तो उसके एक कोने में हीरे की अंगूठी चिपकी हुई थी। यह देखकर वह चौंक गया और तुरंत संत जी के पास आकर उन्हें इसकी जानकारी देते हुए उनके चरणों के पास अंगूठी रख दी और बोला कि यह आपकी वस्तु है जो कि धोखे से मेरे पास आ गई थी।

यह सुनकर संत जी कुछ क्षण के लिए मौन हो गये और चिंतन करने लगे कि यह भिखारी कितना गरीब है परंतु इसका मन कितना उज्जवल एवं विशाल है। यह ईमानदारी और नैतिकता का साक्षात् उदाहरण है। मैं अपने आप को संत मानता हुआ भी इस अंगूठी की सुंदरता में उलझ गया और इसी कारण मैंने उस अंगूठी को बेचा नहीं। मुझे अभी अपने आप को और अधिक निर्मल करने की आवश्यकता है।

संपर्क : 106, नया रामपुर,

जबलपुर (म.प्र.)

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.