कविता भट्ट की लघुकथाएँ

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1-कुलच्छन -*- आचार्य सुरेशानंद लगभग पाँच घंटे की कथा करने के बाद भक्तों को प्रसाद बाँटकर अपने घर लौट आए। मुँह-हाथ धोया और कपड़े बदलकर डायनिंग...

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1-कुलच्छन

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आचार्य सुरेशानंद लगभग पाँच घंटे की कथा करने के बाद भक्तों को प्रसाद बाँटकर अपने घर लौट आए। मुँह-हाथ धोया और कपड़े बदलकर डायनिंग टेबल पर भोजन की प्रतीक्षा करने लगे। पत्नी भोजन लगाने लगी। आचार्य जी बोले, ‘’आज बहुत थक गया हूँ….कुछ अच्छा खाना हो ,तो मज़ा आ जाए। अरे कमला! ज़रा फ़्रिज से व्हिस्की की बोतल निकाल ला और चिकेन थोड़ी देर से सर्व करना गरम-गरम।”

कमला बोली-“आज तो मैंने खाने में आलू बनवाए हैंबिना प्याज लहसुन के; कथा सुनने गई थी; तो शांता को फोन करके कह दिया था...।’’

इससे पहले की कमला की बात पूरी होती ,आचार्यजी जोर-जोर से चिल्लाने लगे-“दिमाग खराब हो गया है तुम्हारा, किसने कहा था काम-धाम छोड़कर कथा सुनने जाओ और हाँ कान खोलकर सुन लो; कथा सिर्फ दूसरों को सुनाने के लिए होती है, इसीलिए वह उपदेश कहलाता है। सत्यानाश कर दिया सारे मूड का !!! कलमुँही कहीं की...कुलटा... !!”

गालियों की बौछार से उद्विग्न होकर कमला के होंठ काँपने लगे। दुःख और अपमान के कारण मानो वह धरती में समा जाना चाहती हो!

नौकरानी शांताबाई, साहब का राक्षसी रूप देखा ,तो घबराकर बाहर चली गई।

कमला के कानों में आचार्य सुरेशानंद के ये बोल पिघले सीसे की तरह पड़ रहे थे- “बोलो सत्यनारायण भगवान की जय!’ यह जयकारा बुलवाकर उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत शाकाहारी भोजन पर उपदेश प्रारम्भ करते हुए कहा था ,“भक्तो ! हम जैसा खाएँगें अन्न, वैसा ही होगा मन। प्याज, लहसुन एवं मांस-मदिरा आदि बुद्धि को भ्रष्ट कर देते हैं। इनका सेवन व्यक्ति को राक्षस बना देता है। इसलिए इनका सेवन किसी भी परिस्थिति में वर्जित है.....भूमि पर बैठकर शुद्ध सात्त्विक भोजन ही करना चाहिए।’’

“लाज नहीं आती, कुछ देर पहले कथा में क्या -क्या उपदेश झाड़ रहे थे !’’ कमला के नथुने फड़क उठे !

“तुम्हारी इतनी हिम्मत,कुलच्छिनी !!”,आचार्य फट पड़े ।

थोड़ी देर बाद बर्तन फेंकने और मार-पीट की आवाज से घर गूँजने लगा।

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2-आत्महन्ता:


यों तो मौत का माहौल दुःख भरा ही होता है, लेकिन चम्पा की मौत से सारा गाँव विशेषकर महिलाएँ स्तब्ध थीं । कल खेत में पेड़ से लटकी उसकी लाश मिली थी। घुँघरी की चिता जलाकर उसके परिवार वाले और कुछ परिचित नदी के घाट से पहाड़ी पगडंडी पर चढ़ते हुए बतिया रहे थे।

सारे चेहरे उदास थे, भोला भी मुँह लटकाए पीछे चला आ रहा था। धीरे-धीरे सब गाँव के पास पहुँचने लगे।

गिरीश बोला, "चलो मुक्ति मिली बेचारी को, बड़ी ही मेहनती और समझदार थी; बेचारी लेकिन अपने पति भोला के नशे की लत, झगड़ों एवं गाली-गलौच और तमाम बुरी आदतों से दुःखी होकर आत्महत्या की । कई वर्ष बीत गए थे शादी के बाद, लेकिन कोई संतान नहीं; इसलिए इसके पीछे रोने वाला भी कोई नहीं।"

किसी ने गिरीश की बात में रुचि नहीं ली । कुछ ने सुनकर भी अनसुना कर दिया।

इतने में भीड़ के बीच से कोई बोला, "अरे भोला तेरहवीं के बाद छह  महीने वाली बरसी करवाकर बन्धन खोल देना जल्दी ही। फिर कोई अच्छी लड़की देखकर रिश्ते की बात बढ़ा देंगे। आखिर हमारा भाई ऐसे कब तक अकेले जिएगा। लड़कियों की कोई कमी है क्या? सुन्दर और सुशील हो, गरीब हो ,तो भी कोई बात नहीं , आखिर हमारा भाई लाखों में एक है। " बात के समर्थन में अनेक स्वर घाटी में गूँजने लगे।

महेश बुदबुदाया , " सब झूठ ! लड़की थी चम्पा भाभी के पेट में । और भोला भैया ने गर्भपात का दबाव बनाया था। परसों ही तो दु:खी स्वर में बताया उसने। बेचारी रोज की मारपीट सह ना सकी। ऐसी बीवी मेरी होती तो रानी बनाकर रखता।"

पहाड़ गवाह बना खामोश खड़ा था। नदी शान्त बह रही थी।

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3 - गुलाबी सपने का शहर-


पिंक सिटी जयपुर-रेलवे स्टेशन; ट्रेन तीन घंटे लेट रात साढ़े ग्यारह बजे, भीड़ भरे प्लेटफोर्म पर पहुँची । हाड़ कँपाती सर्दी; शालिनी थके हुए कदमों से दो भारी बैग लिये, भीतर जाने के लिए बढती है; तभी पीछे से किसी पुरुष का भारी स्वर गूँजता है, “अरे मैडम! जब उठता नहीं तो कपड़ों और मेकअप के सामान वाला भारी बैग लेकर रात को घर से निकलने की क्या जरूरत है?” वह उसे धक्का देते हुए आगे बढ़ गया। शालिनी ने पलटकर देखा कि माथे पर बड़ा सा टीका लगाये, सफ़ेद कुरता-पायजामा पहने यह वही व्यक्ति है; जो उसके इंटरव्यू में एक्सपर्ट भी था । भीड़ को चीरते हुए; जद्दोजहद के बाद शालिनी भी ट्रेन में बैठी, देखा तो सामने वाली बर्थ पर वही व्यक्ति बैठा है ।

शालिनी बैठी ही थी; कि उसे एक अजनबी नंबर से कॉल आया; रिसीव किया; नेटवर्क प्रॉब्लम के कारण आवाज़ साफ़ न थी; इसलिए उसने स्पीकर ऑन कर दिया । उधर से पुरुष स्वर गूँजा; “हेलो, डॉ शालिनी जी बोल रही हैं?”

शालिनी बोली “हाँ, आप कौन?”

उधर से आवाज आयी, “मैडम मैं अजय सिंह बोल रहा हूँ।”

शालिनी बोली, “मेरा नम्बर कहाँ से मिला?”

उधर से आवाज आई, “इंटरव्यू के कैंडिडेट वाली लिस्ट में से आपका नम्बर लिया; एसिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आपका चयन नहीं हुआ; जबकि आप तो पूरा बैग भरकर डिग्रियाँ, अपनी लिखी किताबें, शोधपत्र और भी बहुत कुछ लेकर आई थीं और आपका इंटरव्यू भी बहुत लम्बा चला; लेकिन मेरिट लिस्ट में टॉप पर होने के बावजूद आपकी जगह ऐसे व्यक्ति का चयन हुआ; जो क्वालिफाइड भी नहीं था । मैं उस यूनिवर्सिटी का पुराना छात्र हूँ; भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले पाँच वर्ष से लड़ रहा हूँ; मेरे पास इंटरव्यू के सारे डिटेल तथा भ्रष्टाचारियों की खिलाफ सुबूत हैं, हमारा साथ दीजिए; हम कोर्ट जाएँगे ।”

शालिनी ने भर्राई आवाज में जवाब दिया, “भैया मैं हिमाचल से आई थी; सफलता के बहुत सारे गुलाबी सपने लेकर; किसी तरह ट्रेन के टिकट का इन्तजाम किया?” शालिनी की आँखों से आँसू बह निकले। सामने बैठा व्यक्ति कुटिल मुस्कान के साथ उसे जैसे मुँह चिढा रहा हो । उसे लगा वह फूट फूटकर रो पड़ेगी; किन्तु शालिनी ने बहुत ही दृढ़ मुस्कान के साथ अपने आँसू पोंछे और बोली, “अजय जी ! मैं उतर रही हूँ; मिलकर इनको सबक सिखाएँगे, मुझे नौकरी मिले या न मिले; किन्तु इन का मुखौटा उतारकर, यह रास्ता बनाना है कि यह नौकरी किसी योग्य व्यक्ति को तो मिले ।” यह कहकर शालिनी उस व्यक्ति को घूरकर तीखी दृष्टि से देखा तो वह व्यक्ति सकपका गया;उसके चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगीं। शालिनी ट्रेन से उतरने के लिए उठ खडी हुई। ट्रेन से उतरते समय वह फिर उसकी ओर मुड़ी और दृढ़ निश्चय से अपना सिर हिलाया।

गुलाबी सपनों के शहर को छोड़ते हुए ट्रेन धीमी गति से आगे बढ़ चली और शालिनी फिर से एक संकल्प वाले सपने के साथ पिंक सिटी के उस प्लेटफार्म पर खड़ी होकर; कोई मोबाइल नम्बर मिलाने लगी।

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डॉ कविता भट्ट

Faculty Development Centre ,PMMMNMTT

Administrative building II,HNB Garhwal University

Srinagar Garhwal 246174 (Uttarakhand)

ई -मेल mrs.kavitabhatt@gmail.com

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक 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तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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रचनाकार: कविता भट्ट की लघुकथाएँ
कविता भट्ट की लघुकथाएँ
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रचनाकार
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