प्राची - सितम्बर 2018 - श्रद्धांजलि कवि, पत्रकार, नेता : एक अजातशत्रु - अटल विहारी वाजपेयी

SHARE:

श्रद्धांजलि  कवि, पत्रकार, नेता : एक अजातशत्रु ठन गई! मौत से ठन गई! मौत की उमर क्या है ? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला , आज कल की नहीं। मैं ...

श्रद्धांजलि 

कवि, पत्रकार, नेता : एक अजातशत्रु

image

ठन गई! मौत से ठन गई!

मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,

जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं।

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं,

लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं...

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे। लंबी बीमारी के बाद दिनांक 16.8.2018 को शाम 5.05 बजे उन्होंने एम्स में अंतिम सांस ली. 93 साल के अटलजी 11 जून से एम्स में भर्ती थे. नौ हफ्ते से उनकी हालत स्थिर थी. लेकिन, आखिरी 36 घंटे में तबीयत लगातार बिगड़ती गई. रात में पार्थिव शरीर उनके 6-कृष्ण मेनन मार्ग स्थित आवास पर रखा गया. अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह 9.00 बजे भाजपा मुख्यालय लाया गया. यहीं से दोपहर 1.00 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई और शाम 4.30 बजे स्मृति स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. 2005 में राजनीति से संन्यास लेने वाले अटलजी 2009 के बाद मौन थे. उनके निधन पर अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश ने भी दुख जताया है।

अटल यात्रा

8 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में पैदा हुए. पिता कृष्ण बिहारी शिक्षक थे.

8 ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से इंटर किया. कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीतिशास्त्र से ग्रेजुएशन।

8 अटल ने लॉ की पढ़ाई पिता कृष्ण बिहारी के साथ की. दोनों एक साथ रहते थे और साथ क्लास जाते थे. बीच में उन्हें लॉ की पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

8 1939 में संघ से जुड़े. 1951 में श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ बनाई. तब अटल संस्थापक सदस्यों में से एक थे।

8 अटल क्लास में नहीं होते तो प्रोफेसर पूछ बैठते, पंडित जी, साहबजादे कहां हैं. वे जवाब देते कमरे की कुंडी लगा आते ही होंगे।

8 1954 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़े. पर हार गए. 1957 में लखनऊ, मथुरा और बलरामपुर से लड़े. बलरामपुर से संसद पहुंचे. तब 33 साल के अटल सबसे युवा सांसद थे.

8 1962 में राज्यसभा से संसद पहुंचे. जब 1975 में पीएम इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई, तब अटल को जेल जाना पड़ा.

8 1977 में विदेश मंत्री बने. इसी साल यूएन में हिंदी में भाषण दिया.

8 फिर 13 मार्च 1999 को तीसरी बार. 5 साल चलने वाली पहली गैर-कांग्रेसी सरकार चलाई।

8 2005 में सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की.

8 फरवरी 2009 में स्ट्रोक के बाद अटलजी की आवाज चली गई थी. तब से वो मौन थे।

8 मार्च 2015 में भारत रत्न दिया गया. खुद राष्ट्रपति प्रणब उन्हें यह सम्मान देने पहुंचे।

8 जब अटल पीएम थे तो उनसे कहा गया कि वे नेहरू और इंदिरा की तरह खुद का नाम भारत रत्न के लिए प्रस्तावित करें. पर उन्होंने मना कर दिया.

राजनीति के अजातशत्रु

अटल बिहारी वाजपेयी देश के इतिहास में उन चुनिंदा नेताओं में हैं, जिन्होंने अपने नाम, व्यक्तित्व और करिश्मे के बूते पर सरकार बनाई. अटलजी का कद इतना ऊंचा है, जो विश्व के कुछ ही नेताओं का रहा. सरकार में रहे या विपक्ष में, उन्होंने अपने फैसलों से देश को गर्व महसूस करवाया. उनके ना होने से राजनीति में जो रिक्तता आई है, वह शायद ही भर पाएगी. उनके निधन से एक युग का अंत हो गया है।

चुनाव हारे, पद गया, पर नहीं मानी हार

टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी,

अंतर को चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी.

हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा.

काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूं,

गीत नया गाता हूं।

वाजपेयी ने 1980 में भाजपा की नींव रखी. पर 1984 में पार्टी को सिर्फ दो सीट मिली. उनसे अध्यक्ष पद छिन गया और पार्टी की कमान एल के आडवाणी के हाथ आ गई. इससे वे हताश हुए. पर बहादुरी से डटे रहे. पार्टी को आगे बढ़ाने में जुटे रहे. विपक्षी दलों द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री पद के प्रलोभन को भी ठुकरा दिया था।

विनम्र बने रहे, सबको साथ लेकर चले

मेरे प्रभु!

मुझे इतनी ऊंचाई कभी मत देना

गैरों को गले न लगा सकूं

इतनी रुखाई कभी मत देना।

अटल ने हमेशा इंसानियत धर्म निभाया. उनके मित्र मुन्ना मिलने दिल्ली पहुंचे. पर्ची पर लिखा- दादा, प्रणाम, तुम्हारा मुन्ना. उन तक जैसे ही पर्ची पहुंची. वे भागकर मुन्ना के पास पहुंचे. इसी तरह उन्होंने 24 दलों के साथ सफल गठबंधन सरकार चलाई।

जितनी बार गिरे, हर बार दोगुनी ताकत से उठे.

आहुति बाकी यज्ञ अधूरा

अपनों के विघ्नों ने घेरा

अंतिम जय का वज्र बनाने-

नव दधीचि हड्डियां गलाएं।

वाजपेयी 1996 में पीएम बने. संख्याबल नहीं होने से 13 दिन में ही सरकार गिर गई. दोबारा 1999 में 13 महीने में गिर गई. तब अन्नाद्रमुक ने समर्थन वापस ले लिया था. 1999 में वाजपेयी का यज्ञ सफल रहा. पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।

दुख देने वालों को भी सीख देते रहे

बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं

टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूं,

लगी कुछ ऐसी नजर बिखरा शीशे सा शहर,

अपनों के मेले में मीत नहीं पाता हूं.

गीत नहीं गाता हूं

गुजरात दंगों के वक्त 2002 में वाजपेयी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को राजधर्म निभाने की सलाह दी. वे पार्टी के गोवा अधिवेशन में मोदी को सीएम पद से हटाना चाहते थे. पर आडवाणी के आगे उनकी नहीं चली. उन्हें सबकी बात माननी पड़ी.

आखिरी सांस तक संघर्ष, लड़ते रहते

मौत से ठन गई।

जूझने का मेरा इरादा न था,

मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,

रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,

यों लगा जिन्दगी से बड़ी हो गई।

अटल की कविता की यह पंक्तियां उनकी बिगड़ती-

सुधरती सेहत बताती हैं. 2009 के बाद उनकी आवाज सुनने को नहीं मिली. उस साल उन्हें स्ट्रोक लगा. इससे बोलने में परेशानी होने लगी. एहतियातन उन्हें सबसे अलग रखना पड़ा. सबके बीच रहने वाले अटल अकेले पड़े गए.

पाक को चेताया, उधार की आजादी कब तक!

अमरीकी शस्त्रों से अपनी आजादी

को कायम रख लोगे, यह मत समझो।

दस बीस अरब डॉलर लेकर बरबादी

से तुम बच लोगे, यह मत समझो।

भारत और पाकिस्तान के बीच कभी संबंध बेहतर नहीं हो पाए. उन्होंने पाक से दोस्ती की हर संभव कोशिश की. पर पाक ने हमेशा पीठ पीछे वार किया. अटल जी ने कविता ‘पड़ोसी से’ पाक को आईना दिखाया. आगाह किया कि वह अमेरिका के हथियारों की मदद से कब तक खुद की आजादी को बचा सकेगा।

2 ऐतिहासिक भाषण

हमें अचानक इतने वोट नहीं मिले,

ये 40 साल की मेहनत का नतीजा है

13 दिन में सरकार गिरने पर

‘हमारी 365 दिन चलने वाली पार्टी है,

ये चुनाव में कोई कुकुरमुत्ते की तरह पैदा होने वाली पार्टी नहीं है।

‘यह कोई आकस्मिक चमत्कार नहीं है कि हमें इतने वोट मिल गए हैं. ये हमारी 40 साल की मेहनत का नतीजा है। आज हमें सिर्फ इसलिए कटघरे में खड़ा कर दिया गया, क्योंकि हम थोड़ी ज्यादा सीटें नहीं ला पाए. पर हम अब भी सदन में सबसे बड़े विपक्ष के तौर पर बैठेंगे. आपको हमारा सहयोग लेकर सदन चलाना होगा. हम पूरा सहयोग देंगे, आश्वस्त रहिए.’

पोकरण परीक्षण के बाद

‘अब हम इस बात का इंतजार नहीं करेंगे कि कोई हम पर हमला करे, फिर हम उसका जवाब दें...

हम पर तीन बार हमले हुए हैं, फिर से ऐसा नहीं होना चाहिए. हम किसी पर भी हमला करने के लिए तैयार हैं। हमारी ऐसी मंशा नहीं है. मुझसे पोकरण-2 कनेक्शन के बारे में पूछा गया. ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं- हमारी रक्षा की ताकत और दोस्ती के लिए हमारा हाथ, ईमानदारी से दोस्ती का हाथ.

3 धारणाएं, जिन्हें खुद तोड़ा

मैंने इंदिरा को दुर्गा नहीं कहा

कहा जाता था कि 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान अटलजी ने इंदिरा को दुर्गा कहा था. बाद में अटलजी ने कहा कि मैंने उनकी दुर्गा से तुलना कभी नहीं की. मैं दुर्गा का मतलब जानता हूं. वो कभी दुर्गा नहीं हो सकती हैं।

मैं कुंवारा हूं, ब्रह्मचारी नहीं...

अविवाहित होने के सवाल पर अटलजी ने साफगोई के साथ संसद में कहा था, ‘मैं कुंवारा हूं, ब्रह्मचारी नहीं.’ एक इंटरव्यू में अफेयर पर पूछे गए सवाल पर कहा कि अफेयर के बारे में सार्वजनिक रूप से नहीं बोला जाता है।

बाबरी विध्वंस पर...

दिसंबर 1993 में कहा कि बाबरी मस्जिद ढहाया जाना जीवन का दुखद दिन था. बाद में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में पूजा करने का आदेश दिया था. पूजा करने के लिए जमीन को समतल करना जरूरी था.

नेहरू से जुड़े किस्से

अपने दफ्तर से नेहरू की फोटो गायब

देख नाराज हुए अटल, तस्वीर मंगवाई

8 पत्रकार किंगशुक नाग ने अपनी किताब में लिखा है कि नेहरू ने ब्रिटिश पीएम से वाजपेयी को मिलवाते हुए कहा था, ‘इनसे मिलिए. ये विपक्ष के उभरते नेता हैं.’ इसी तरह एक अन्य विदेशी मेहमान से अटलजी का परिचय भावी प्रधानमंत्री के तौर पर कराया था.

अटल को हराने के लिए फिल्म स्टार को उतारा

नेहरू ने अटलजी को हराने के लिए उनके खिलाफ बलराज साहनी से प्रचार कराया. यह उत्तर की राजनीति में पहला मौका था, जब फिल्म स्टार को चुनाव प्रचार में उतारा गया. यह चुनाव अटलजी हार गए.

8 1977 में विदेश मंत्री बनने पर अटलजी अपने दफ्तर गए. उन्होंने नोट किया कि दीवार पर लगी नेहरू की तस्वीर गायब है। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और तुरंत नेहरू की तस्वीर वापस लगवाई.

जब अटल ने नेहरू को चर्चिल और चैंबरलेन बताया

अटलजी ने एक बार संसद में बताया कि मैंने पंडित जी से कह दिया कि आपका एक मिला-जुला व्यक्तित्व है। आप में चर्चिल भी हैं और चैंबरलेन भी हैं. इस पर नेहरू जी बिल्कुल भी नाराज नहीं हुए. उसी दिन शाम को नेहरू जी बोले- आज तुम जोरदार.

6 चर्चित वन लाइनर

3 बुलाए, 13 आए, दे दाल में पानी

बड़े बेआबरू होकर हम तेरे कूचे से निकले

8 इतिहास बदल सकते हैं भूगोल नहीं (1999)

लाहौर यात्रा के दौरान वहां गवर्नर हाऊस में दिए भाषण में वाजपेयी ने कहा था, ‘आप दोस्त बदल सकते हैं पड़ोसी नहीं. इतिहास बदल सकते हैं भूगोल नहीं.’

8 3 बुलाए, 13 आए, दे दाल में पानी (1979)

अटल जी आगरा में थे. तब दाल का संकट चल रहा था. तब उन्होंने कहा, ‘दाल भी मेरी तरह है। अगर घर में मेहमान आ जाएं तो ‘तीन बुलाए तेरह आए, दे दाल में पानी’ जैसी स्थिति हो जाती है।

8 बड़े बेआबरू होकर हम तेरे कूचे से निकले (1985)

ग्वालियर में लोकसभा चुनाव में 45 हजार वोट से पिछड़ने के बाद अपनी पराजय स्वीकार करते हुए, कहा- सिंधिया जी को बधाई, वहीं समर्थकों से बोले- भूखे भजन न होय गोपाला, चल चलें चंबल की शाला. (क्योंकि उनके साथ समर्थक भी काफी देर से भूखे-प्यासे बैठे थे) साथ ही यह कहा- बड़े बेआबरू होकर हम तेरे कूचे से निकले.

8 भजनलाल पूरी भजन मंडली सहित कांग्रेस में कीर्तन करने चले गए (1980)

मंत्रिमंडल समेत कांग्रेस में शामिल हो गए, तब उन्होंने कहा था, ‘भजनलाल पूरी भजन मंडली सहित कांग्रेस में कीर्तन करने चले गए.’

8 नारी नंबर एक, बाकी सब दस नंबरी (1975)

कांग्रेस (आई) बनने पर अटलजी ने इसे इंदिरा (आई) कहा. आपातकाल के बाद कांग्रेस पार्टी में नंबर दो पोजिशन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘इंदिरा गांधी नंबर एक, नंबर दो है कौन’ केवल नंबर एक, नंबर दो कौन है, नारी नंबर एक, बाकी सब दस नंबरी’.

8 क्या कोई पैर हिलाकर भी भाषण देता है

एक बार तो इंदिरा गांधी ने अटल जी की आलोचना करते हुए कहा था कि ‘वो बहुत हाथ हिला-हिलाकर बात करते हैं’. इसके बाद अटलजी ने जवाब में कहा कि ‘वो तो ठीक है, आपने किसी को पैर हिलाकर बात करते देखा है क्या.’

रोचक किस्सा

विदेश मंत्री रहते कविता न छपने पर संपादक से शिकायत

8 अटलजी की शिकायती कविता...

कैदी कवि लटके हुए, सम्पादक की मौज।

कविता हिंदुस्तान में, मन है कांजी हौज.

मन है कांजी हौज, सब्र की सीमा टूटी।

तीखी हुई छपास, करे क्या टूटी-फूटी.

कह कैदी कविराय, कठिन कविता कर पाना,

लेकिन उससे कठिन, कहीं कविता छपवाना.

8 और संपादक का जवाबी पत्र...

कह जोशी कविराय, सुनो जी अटल बिहारी.

बिना पत्र के कविवर, कविता मिली तिहारी.

कविता मिली तिहारी, साइन किन्तु न पाया।

हमें लगा चमचा कोई, खुद ही लिख लाया.

कविता छपे आपकी, यह तो बड़ा सरल है।

टाले से कब टले, नाम जब स्वयं अटल है।


बातें जो वाजपेयी को

अटल बनाती हैं...

पोकरण : अमेरिका आंखें दिखाता रहा...और भारत परमाणु हथियारों से लैस हो गया।

1998 में सरकार बने 3 महीने हुए थे कि अटल ने परमाणु परीक्षण का फैसला किया. अमेरिका खिलाफ था. उसकी खुफिया एजेंसी सैटेलाइट्स से निगरानी कर रही थी. उसे चकमा देते हुए 11 व 13 मई 1998 को पोकरण में सफल परमाणु परीक्षण किए. फिर क्लिंटन को लिखा- ‘परमाणु हथियारों का इस्तेमाल उस देश के खिलाफ नहीं होगा, जिसकी भारत के प्रति बुरी भावना नहीं है।’

चंद्रयान : चांद पर पहली बार भारत की मौजूदगी, वहां पानी खोजना सबसे बड़ी सफलता

15 अगस्त 2003 को अटल ने देश के पहले चंद्रमिशन ‘चंद्रयान-1’ की घोषणा की, जिसे 22 अक्टूबर 2008 को लॉन्च किया गया. इसका काम चांद की परिक्रमा कर जानकारियां जुटाना था. इस यान ने चांद पर पानी खोजा, जो इसरो की सबसे बड़ी सफलता मानी गई थी.

करगिल : दुश्मन सरहद लांघ हमारे जवानों पर टूट पड़ा, उसे हद में रहकर ही धूल चटवाई

पाक सेना और आतंकियों की संयुक्त टीमें सीमा लांघकर कश्मीर में घुसीं. अटल ने नवाज शरीफ को फोन कर समझाया भी, लेकिन बात नहीं बनी. फिर करगिल युद्ध शुरू हुआ. भारत में मांग उठी कि सेना को सीमा लांघकर पाकिस्तान पर हमला कर देना चाहिए. लेकिन, अटल ने संयम रखा. घुसपैठियों को खदेड़ना शुरू किया. आखिर में पाक सेना को हथियार डालने पड़े.

कंधार : निर्दोषों को बचाने के लिए खूंखार आतंकी छोड़े, फिर सारे इल्जाम अपने सर लिए

24 दिसंबर 1999 को आतंकी प्लेन को हाईजैक कर कंधार ले गए. इसमें 176 यात्री और 15 क्रू मेंबर्स थे. जसवंत सिंह जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को कंधार लेकर गए. इसके लिए अटल पर तीखे हमले हुए. उन्होंने विनम्रता से सारे इल्जाम अपने सर ले लिए.

राजधर्म : मोदी से कहा था- राजधर्म निभाएं, बाबरी विध्वंस से खुद को अलग रखा

गुजरात दंगों के दौरान तब सीएम रहे नरेंद्र मोदी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साथ बैठकर बयान दिया- मोदी राजधर्म निभाएं. ये बयान इसलिए अहम् था, क्योंकि दंगों के दौरान सरकार की भूमिका सवालों में थी. दूसरी ओर, जब पूरी भाजपा अयोध्या में बाबरी विध्वंस का जश्न मना रही थी तो अटल ने खुद को इससे अलग रखा. अपनी पार्टी के समर्थन में कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया.

2 सबसे बड़ी कसक, जिनका जिक्र कई बार किया

पाकिस्तान से दोस्ती की कोशिशें बेकार गईं

अटल ने दिल्ली-लाहौर बस चलाकर पाकिस्तान से दोस्ती की पहल की. वे खुद बस में लाहौर गए. शांति वार्ता के लिए मुशर्रफ को आगरा बुलाया. लेकिन, रिश्ते और खराब होते गए. अटल के कार्यकाल में ही पाकिस्तान को दोस्त बनाने के सबसे ज्यादा प्रयास हुए, जो बेकार गए. उन्होंने कई मौकों पर इसका जिक्र करते हुए खेद जताया.

इंडिया तो शाइन हुआ नहीं, सरकार चली गई

2004 के चुनाव से पहले अटल सरकार ने शाइनिंग इंडिया का नारा दिया. बाद में उन्होंने और उनके घनिष्ठ सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी ने स्वीकार किया कि शाइनिंग इंडिया जैसे गलत नारों की वजह से भाजपा सत्ता से बाहर हुई. सरकार से बाहर होने के बाद 2005 में अटल ने राजनीति से सन्यास की इच्छा जाहिर कर दी.

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: प्राची - सितम्बर 2018 - श्रद्धांजलि कवि, पत्रकार, नेता : एक अजातशत्रु - अटल विहारी वाजपेयी
प्राची - सितम्बर 2018 - श्रद्धांजलि कवि, पत्रकार, नेता : एक अजातशत्रु - अटल विहारी वाजपेयी
https://lh3.googleusercontent.com/-N2rgryVnsQw/W7idXLQoGsI/AAAAAAABEic/R07ogZ-cb-k1pTvK5aNi3aB75K3ARWDAQCHMYCw/image_thumb?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-N2rgryVnsQw/W7idXLQoGsI/AAAAAAABEic/R07ogZ-cb-k1pTvK5aNi3aB75K3ARWDAQCHMYCw/s72-c/image_thumb?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2018/10/2018_6.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2018/10/2018_6.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content