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संजय कर्णवाल की बाल कविताएँ

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1,, हम चलना सीख रहे हैं, आगे निकलना सीख रहे हैं।
फूलो सा खिलना सीख रहे हैं, सबसे मिलना सीख रहे हैं।।

रुक जाते है, कभी चल जाते हैं।
दूर कभी,कभी पास चले आते हैं।

हंसी ख़ुशी से सारे मिलकर खेले कूदे शोर मचाये।
ऐसे हम आगे बढ़ते जाये,ऊंची ऊँची राहों पर चढ़ते जाये।।

          2,,   भोले भाले मतवाले हम बच्चे।
सबको अपना समझे हम सीधे सच्चे।।

रहे सदा मिलकर सबसे।
बातें करे खुलकर सबसे।।

अपनी बातें प्यारी बातें यही कहते सब।
साथ साथ हर घडी बस रहते है सब।।

दुनिया की बातों से अनजान हम।
समझे न समझे कोई थोड़े नादान हम।।

  3,,,   बनेंगे हम भी अच्छे बच्चे।
बोलेंगे बोल  सच्चे ही सच्चे।।

अपनी ही जग करता है बातें।
आँखों से कभी हम करे बरसातें।।

बातें हमारी सबसे निराली।
देखे हमें तो बजायें सब ताली।।

डर जाय कभी खुद से भी हम।
रो रो के करे कभी आँखें अपनी नम।।

         4,,,,कुछ कर दिखायेंगे हम,
          एक दिन मंजिल पाएंगे हम।
सबको अपना बनाएंगे हम,
आगे निकल जाएंगे हम।।

है इतना अपना इरादा।
  करे पूरा अपना वादा।।

ये मुश्किलें सारी हट जायेगी।
  इन राहो से धुँध छट जायेगी।।

जो सपने सच कर जायेंगे।
जो चाहते है वो हम पाएंगे।।

     5,,सीख रहे हम जीने का ढंग।
देख रहे हम दुनिया के रंग।।

एक दिन हम भी सम्भल जायेंगे।
आगे एक दिन निकल जाएंगे।।

ये पक्का है विश्वास हमारा।
जिस पर अचरज करेगा जग सारा।।

  6  ,  खेल रहे हैं सब मिल जुल कर।
खुश रहेंगे हम यूं ही जीवन भर।।

सपनों सा है अपना जीवन।
सोचे ना जाने क्या अपना मन।।

घर आँगन में शोर मचाये।
डर कभी हम कहीं छिप जाये।

मीठी मीठी बातें करके,
मन में खुशी भर के हम मुस्कुराये।।

     7,,    एक से एक मिलें हम,
      आओ साथ चले हम।
हम किसी से नहीं कम,
हमेशा करे नेक कर्म।।

  कुछ ऐसे मिलकर काम कर जाये।
इस जग में अपना नाम कर जाये।।

  यही है अपना नेक इरादा।
मिल जायेगा जीवन में ज्यादा।।

  8,,,  रुक ना पाय वक़्त की धारा।
प्रभु की इनायत जीवन हमारा।।

हम इतना ही जानते हैं।
प्रभु को दिल से मानते हैं।।

जीवन हमारा उसने दिया है।
दूर अँधेरा राहों से किया है।।

जीवन में रोशनी खिल गयी तुम्हारी कृपा से।
हर खुशी हमें मिल गयी तुम्हारी कृपा से।।

  9,,,  एक दूसरे के साथ रहे , हाथों में अपने हाथ रहे।
सदा अपनी दोस्तों से मुलाकात रहे।।

सपने अपने पूरे होंगे, मन में है विश्वास हमारे।
मेहनत अपनी रंग लाएगी, सब होगा पास हमारे।।

   10ऐसे ही बढ़ते रहे हम, मुक़ामों पे चढ़ते रहे हम।
ना हो कभी हिम्मत अपनी कम, सदा ही रहे दम में दम।।

जिंदगी मिली मुझे प्रभु की अनुकम्पा से।
मिलता रहे है यूं ही सब उनकी कृपा से।।

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