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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 67 // सिद्धान्त // धर्मेन्द्र कुमार सिंह

प्रविष्टि क्रमांक - 67

धर्मेन्द्र कुमार सिंह

   '' सिद्धान्त ,,
जब सिद्धांत ने मंच पर कहा मेरी सफलता के पीछे मेरी मां प्रेरणा देवी का सर्वस्व त्याग है तब सिद्धांत की मां के मस्तिष्क में वे सभी बिंब घने हो गए,अपने उन संघर्षों के बारे में जब नालायक पति के व्यवहारों और यातनाओं से तंग आकर बी एड किया और एक अच्छे स्कूल में पढ़ाते पढ़ाते प्रिंसिपल बन गई थी ।कैसे उनके स्कूल के बच्चे मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लगातार सफल हो रहे थे और जिलाधिकारी महोदय ने सर्वश्रेष्ठ अध्यापिका का पुरस्कार दिया था। सभी बिंब दिमाग में धीरे धीरे शांत होकर स्थिर हो रहे थे। पद प्रतिष्ठा सम्मान व स्वाभिमान सब कुछ हासिल कर लिया था ऐसे में रिजाइन करना आसान नहीं था लेकिन सिद्धांत आईएस मेन की परीक्षा दे रहा था और उसके देखभाल के लिए किसी अपने का साथ में रहना जरूरी हो गया था तब उन्होंने स्वयं से ज्यादा उपयुक्त किसी और को नहीं समझा क्योंकि यही मां का सिद्धांत था जो उनके आधुनिकता, उत्तर आधुनिकता और स्त्री विमर्श के अध्ययन पर भारी साबित हुआ।
                        

       धर्मेंद्र कुमार सिंह
                 
                                ( सहायक अध्यापक )
                                बेसिक शिक्षा परिषद
                                     उत्तर प्रदेश

1 टिप्पणियाँ

  1. आदरणीय महोदय, आपकी रचना सराहनीय है विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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