नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

लघुकथा - दो बैसाखियों वाली....गोविंद भारद्वाज -

बस में भीड़ खचाखच भरी हुई थी। जितने लोग बस में सीटों पर बैठे थे लगभग उतने खडे़ थे। उस रूठ पर चलने वाली वो आखिरी बस थी। शाम होने वाली थी इसलिए सबको बस में चढ़ाना बस कंडक्टर की जिम्मेदारी भी थी।
मैं स्वयं विकलांग होने के कारण विकलांग सीट पर बैठा हुआ था। साथ में किसी और को भी बैठा रखा था। एक जगह बस रूकी तो एक महिला जो बैसाखी के सहारे बस में चढ़ने की कोशिश करने लगी। उसे देखकर कंडक्टर ने उसे मना करते हुए कहा,"बहन जी बस में बिल्कुल भी जगह नहीं है। आप परेशान हो जाओगी। आप रहने दो।" "भैया मेरा जाना जरूरी है वरना मैं कल सुबह भी चली जाती।" महिला ने निवेदन करते हुए कहा। कंडक्टर की मौन स्वीकृति के बाद वह बस में जैसे-तैसे चढ़ गयी। पायदान पर खडी़ उस महिला को देखकर मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा। मैंने सीट से उठते हुए कहा,"बहन जी आप मेरी सीट पर बैठ जाओ।" इतने में कंडक्टर ने कहा,"तुम भी तो अपाहिज हो।" मैंने दूसरे यात्रियों की ओर देखते हुए कहा,"मैं एक बैसाखी वाला हूं और ये बहन जी दो बैसाखियों के सहारे है। मुझ से ज्यादा इनको जरूरत है सीट की।" मेरी बात सुन कर तो फिर समझो बस में एक होड़ सी मच गयी। चारों तरफ से आवाजें आने लगी,'भैया आप मेरी सीट पर बैठ जाओ... बेटा मेरी सीट पर बैठ जाओ।'
मैं खुश था कि मेरी पहल से सभी में रहम जाग चुका था।

पितृकृपा पीलीखान नयीबस्ती
पुलिसलाईन अजमेर राजस्थान
305001

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.