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॥ प्रादो म्यूजियम,एक विहंगम दृष्टि ॥ - ॥ कामिनी कामायनी ॥

       

विश्व के चंद प्रमुख कला संग्रहालयों में एक,  प्रादो म्यूजियम पर कलम उठाने से पहले चंद बातें उसे समग्र रूप से समझने के ,लिए उसी के परिवेश की करनी आवश्यक हो उठती है ।बिना अधिक विस्तार के इस पर कुछ लिखना मुमकिन  तो नहीं ,फिर भी प्रस्तुत है,अपने शैली में यह आलेख जिसे लिखने के लिए मेरे हृदय में भावनाओं के  ज्वार भाटे अपनी उद्दाम वेग से गतिमान है ,लेकिन मेरे पास उसे व्यक्त करने के लिए पर्याप्त और खूबसूरत  शब्द ही नहीं हैं । 

     कुछ कला मर्मज्ञों का मानना है कि कोई सामान्य स्तर का भी  कला प्रेमी स्पेन जाए और उस देश का, शहर का गौरव ,राजकीय वैभव से ओतप्रोत , प्रादो संग्रहालय तक नहीं जाए ,ऐसी परिकल्पना ही नहीं की जा सकती है ।  यहाँ के निवासी भी उत्तम कोटि के  कला पारखी दिखते हैं ।

अतीत में राजशाही के लिए प्रख्यात  देश की राजधानी मैड्रिड अपने सैकड़ों वर्ष पुराने स्थापत्य कला और  भवन निर्माण शैली के लिए प्रसिद्ध तो रहा ही है,साथ साथ ,  अत्यंत उन्नत, भांति भांति के शूरवीरों ,अन्वेषकों ,योद्धाओं का यह देश अपने सुनहरे  इतिहास के लिए आज भी गौरवान्वित है । इसलिए विश्व भर के  पर्यटकों की यहाँ विशाल संख्या देखी जा सकती है ।

   यहाँ दर्शकों ,पर्यटकों को आकर्षित करने वाले प्रकृति ,इतिहास आदि अनेक चीजों में प्रमुख यह राजकीय संग्रहालय भी है ।

शहर के मध्य  विस्तार लिए हुए इस रमणीय मैदान पर बने होने के कारण इसको पुराने  नाम प्रादो{मिडो}[ जो कभी पशुओं का चरागाह रहा होगा ] के नाम से जाना जाता रहा ।

  स्पेन का यह प्रमुख कला संग्रहालय , अत्यंत उच्च स्तरीय और  भीड़ भाड़ वाले इलाके  केन्द्रीय मेड्रिड में अवस्थित है । इसे विश्व के प्रसिद्ध कला संग्रहालयों में एक समझा जाता है । यहाँ बारहवीं सदी से बीसवीं सदी तक के स्पेन के भूतपूर्व राजाओं के व्यक्तिगत निधि से  कलाकृतियों का अभूतपूर्व संग्रह है शायद इसलिए भी , स्पेन का सबसे बड़ा और विख्यात संग्रहालय ,यह एक अत्यंत रमणीय इमारत में अवस्थित है , जिसे देख प्रतिवर्ष , विश्व भर के लाखों लोग, मंत्र  मुग्ध होकर आनंद  उठाते  हैं ।

    सम्राट फार्डिनेंद सातवें कीअत्यंत तेजस्विनी और  कलाप्रेमीदूसरी साम्राज्ञी रानी मारिया इसाबेल द ब्रेगांजा के प्रोत्साहन और  निर्णय से, 1785 में ,आर्किटेक्ट युवान दे वियुवानुएवा द्वारा डिजाईन किए गए इस इमारत को  राजमहल में रखे गए पेंटिग्स ,अन्य  देशों के कारीगरों ,सम्राटों द्वारा प्राप्त उपहार आदि को  एक नए राजकीय पेंटिंग और स्कल्पचर  के लिए प्रयोग में लाया गया  । हालाकि इसके बहुत से पेंटिग्स और ऐतिहासिक महत्वों के सामानों को आक्रांत्ताओं ,द्वारा लूट लिए गए थे ,जिसमें से कुछ  सम्राट फर्डिनेंद 7के प्रयास से वापस स्पेन लाया गया था ।  यह राजकीय संग्रहालय बहुत जल्दी ही राष्ट्रीय संग्रहालय के रूप में प्रसिद्ध  हो गया था ।  सन 1819 में इसे सामान्य जनता के लिए सुलभ कर दिया गया था । इसके पीछे का मकसद यह भी था कि स्पेन के राजाओं के पास सुरक्षित अप्रतिम कला भंडार का विश्वस्तर पर प्रदर्शन हो और दूसरा कि संसार  भर के कला मर्मज्ञ  देखें कि स्पेन के कलाकार किस उन्नत किस्म के हैं .एवं किसी भी उच्च स्तर के कला स्कूल से प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं ।

   यहाँ सोलहवीं सदी के कला कृतियों का अपेक्षाकृत ज्यादा संग्रह है ,हालाकि उससे और भी पहले के चित्र वगैरह भी है ।स्पेन के स्वर्णयुग सोलहवीं और सतरहवीं सदी के ख्याति लब्ध पेंटिंग्स के अलावा रिनेशा युग के भी कुछ कम मशहूर कलाकारों  के बहुत सारे पेंटिंग्स हैं । प्रायः  .अधिकांश राजाओं ने अपने अपने प्रिय कलाकारों के कार्यों को यहाँ पर सहेज कर रखा है जिसमें किसी किसी के सौ से भी ज्यादा पेंटिंग्स हैं । इसलिए इसे म्यूजियम  ऑफ पेंटिंग के स्थान पर म्यूजियम ऑफ पेंटर्स भी कहा जाता है । यह वहाँ के स्वर्णिम और समृद्ध संस्कृति और  इतिहास को भी प्रदर्शित करता है . अपनी स्थापना के बाद से म्यूजिओ देल प्रादो कला और इतिहास के क्षेत्र में एक निर्णायक भूमिका निभाती रही है ।करीब एक सौ बीस  बड़े बड़े गैलरियों ,हौल ,पैसेज के दीवारों और सतह पर विशाल साज सज्जा के साथ खड़े ये राजा महाराजाओं के इतिहास के उस कालखंड को जीवित करने में सक्षम से दिखते हैं ।

करीब 8200 ड्राईंग,7600 पेंटिंग्स 4800 प्रिंट्स और 1000 मूर्तियाँ हैं । इसके अलावा श्रेष्ठतम कलाओं और ऐतिहासिक डाकुमेंट्स भी हैं जिसे बारीक से देखने परखने की हसरत प्रायः सभी शोध कर्ताओं की रहती होगी ।

2012 में म्युजियम के मुख्य इमारत में 1300कृतियों को प्रदर्शित किया गया था ।

म्यूजियम देल प्रादो आर्ट म्यूजियम का सबसे खूबसूरत खजाना है । अनेक स्वनामधन्य कलाकारों द्वारा तत्कालीन सम्राटों ,साम्राज्ञियों के पोर्ट्रेट ,यूं लग रहे हैं मानो इनमें जीवन हो यहाँ बारोक शैली के प्रमुख कलाकारों फ्रांसिस्को गोया ,रिबेरा ,तितियन ,दियागोवेलस्क़्वेश आदि चित्रों की प्रमुखता है । कुछ मशहूर कालजयी कृतियाँ ,द गार्डन ऑफ इटरनिटी डिलाईट,मैडोना एंड  चाईल्ड ,आदि आकर्षण के केंद्र हैं । इनका अपना मोना लिसा है कुछ विवादास्पद पेंटिंग्स भी है ,मगर अघिकांशतः राजाओं के ,राजपरिवारों के ,कलाकारों के पोट्रेड हैं ,धार्मिक ,सामाजिक ,दार्शनिक और आर्थिक प्रसंग के हैं । [ यहाँ अत्यंत प्रसिद्ध चित्र गुएर्निका का वर्णन एक दम न्याय संगत होगा । महान चित्रकार  पाब्लो पिकासो ने नाजियों द्वारा बम वर्षक विमान से ,स्पेन के गृहयुद्ध के समय उत्तरी स्पेन के गुएर्निका शहर में बम गिरा कर इस शहर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था । उस वक्त परिस्थिति वश यहाँ पर विशाल संख्या में महिलाएं और बच्चे ही थे । इन निर्दोष लोगों के साथ ,बैल ,घोड़े आदि पशुओं  की भीषण तबाही का चित्रण पेंटर ने इसी नाम के अपने पेंटिंग में किया था ,जिसके माध्यम से बाहरी दुनिया को इस भयानक और मार्मिक क्षति का अनुमान हुआ । यह विशाल तैल चित्र सलेटी ,काला और सफ़ेद रंग से युद्ध के भीषण परिणाम के फलस्वरूप दर्शाया गया है । अत्यंत विवादित यह पेंटिंग बाहर बाहर भ्रमण करने और विश्व भर में तहलका मचाने  के पश्चात कलाकार के हार्दिक अभिलाषा के कारण प्रादो म्यूजियम में रखा गया । मगर बाद में जगह की कमी और रख रखाव को ध्यान  में रखते हुए इसे पास के  राईना सोफिया म्युजियम में स्थांतरित कर दिया गया ।} स्पेन के गृह युद्ध के समय  प्रादो के छत पर नौ बम गिराए गए थे ,जिसका क्षतिग्रस्त एक हिस्सा ऐतिहासिक दुर्भाग्य के रूप में अभी तक सँजो कर रखा गया है ।

स्पेन के गृहयुद्ध के समय यहाँ से अनेक बेशकीमती कालजयी पेंटिंग को सुरक्षित स्थान पर छुपाया गया था ,जिसे बाद में वापस यहाँ स्थापित किया गया था ।

    प्रादो म्यूजियम को सामान्य नागरिकों को कला और संस्कृति की शिक्षा का माध्यम भी बनाया जाता है । अपने भव्य अतीत एवं गौरवपूर्ण इतिहास से गौरवान्वित होता यह संग्रहालय अपने भव्य इमारत के लिए भी प्रसिद्ध है । इसके स्वरूप में समय समय पर अनेक आकर्षक आयाम जोड़े गए हैं ,और इसका मरम्मत कार्य भी समय समय पर होता रहता है ।

कालांतर में इस इमारत के लकड़ी के फ्लोर को खूबसूरत मार्बल्स में बादल दिया गया ,साथ ही साथ अनेक क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण में भी इजाफा किया गया । यहाँ और भी प्रसिद्ध म्यूजियम है ,जैसे राईना सोफिया आदि ,लेकिन पर्यटकों की पहली पसंद यही है ,और स्पेन वासियों को इस म्यूजियम पर बहुत गर्व है ।इसके अत्यंत मनोरम लौन   हरियाली अड़ोस पड़ोस की ऐतिहासिक  इमारतें आदि यहाँ आने वालों को बार बार इसे देखने का मन स्वाभाविक ही आकर्षित करने लगती है  । यह म्यूजियम इस वर्ष अपना दो सौवीं वर्ष गांठ मनाने में तल्लीन है  ।

    वैसे  अपने स्वर्णिम इतिहास में आकंठ डूबा हुआ स्पेन वास्तव में,सम्पूर्ण संसार के समक्ष  एक खुली हुई किताब है ,यहाँ की सड़कें ,इमारतें मूर्तियाँ ,वास्तुकला आदि सभी कुछ  सहस्त्र कंठों से अपने व्यतीत की महानता बयान करने के लिए व्याकुल हों जैसे। वास्तव में  इसकी  बात ही निराली है । उसकी पहाड़ियाँ ,उसके बेहद मोहक नीले नीले क्षितिज ,आसमान ,बड़े आह्वालादित  होकर मस्त मलंग से  बहते समुद्र ,संतरों के पेड़ सब कुछ इतना चित्रमय दिखता है कि कुदरत के इस अकूत खजाने पर दिलोजान से फिदा मानव ,वहीं कहीं बसने के लिए जगह तलाशने के लिए व्यग्र हो उठता है ।

                ॥ कामिनी कामायनी ॥ 

संस्मरण 1159092542706638119

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