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लघुकथा - एक सवाल - अनूपा हरबोला

एक सवाल

"मम्मा!  जब मैं पैदा हुई थी तो आपको अच्छा लगा था कि गंदा?" होमवर्क करते-करते दस वर्षीय रावी ने पूछा।

"गंदा क्यों? घर  में सबको बहुत अच्छा लगा था, सबको एक प्यारी सी डॉल जो मिल गयी थी, दादू ने तो पूरे अस्पताल को अपनी फ़ेवरेट मिठाई खिलाई थी और तुम्हारे पापा तो तुम्हें ज़रा भी रोने नही देते थे। रिंकू चाचा ने तो तुम्हें गोद से नीचे नही रखने की मानो कसम खा ली हो और तुम्हें गोद की ऐसी आदत लग गयी थी कि तुम बिस्तर में रखते ही रोने लगती थी।"

"हा हा , सच्ची मम्मा।"

"जी हाँ"

"मम्मा क्या लड़की होना गलत है?  रावी ने फिर से प्रश्न किया।

"क्यों है गलत? लड़का या लड़की ये तो भगवान की तरफ से सरप्राइज गिफ्ट होता है मम्मी पापा को... किसी के घर बॉय होता है तो किसी के घर गर्ल...।"

"पर मम्मा दादी ने आज मुझसे कहा कि अगर  मैं लड़का होती  तो  अच्छा होता...।"

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अनूपा

असम

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