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संजय कर्णवाल की कविताएँ

अपना  नजरिया तुम  बेहतर बनाओ।

अच्छा सोचो ,अच्छा सबको सिखाओ।

बेहतर तुम एक मिसाल पेश करो

सारे जहाँ को और भी अच्छा कर दिखाओ।

जो गुंजाइश है जीवन में अपने

उनको तुम आगे बढ़ कर पूरा कर जाओ।

सभी सोचते हैं कुछ न कुछ मन में

मन के भावों को ना तुम छिपाओ।

2.......

कुछ कर दिखाने का जज्बा हो खुद में।

तो कुछ भी मुश्किल नहीं सारे जहाँ में।

बुलन्द हौसले जिनके होते हमेशा

वो ढूंढ लेते हैं मंजिल जमी आसमां में

नहीं साथ देता अगर तुमको कोई

ना रुक जाना तुम इस  इम्तहां में।

रखना कदम अपने आगे ही आगे

कदमों से बनेंगे यहाँ पर निशां।

3

है इतनी सी बस चाहते,

मिले साथ हमको

यही करते हैं दुआ

दिन रात हम तो।

नहीं चाहते हैं

इतना हो अपना रुतबा

गले से लगते हैं,

रब की हर सौगात को ।

जमाने में भी बस

लोग जीते हैं कैसे

जो खोए रहते कहीं

नहीं जानते रब की बात को।

4

सबसे तुम प्रेम से बोलो,प्रेम से बोलो

बोलो तो सोच के बोलो,हर बात को तोलो।

जग में कोई मोल नहीं ऐसी बातों का

सम्मान करो तुम दूसरों के जज्बातों का

हो सके तो तुम किसी का सहयोग करो

अच्छी अच्छी बातों से तुम जग में प्यार भरो।

5

सोचे कुछ अच्छा ही मन में,

निकले सदा सुविचार ही मन से।

हम इतने सुधरे जग में,

महक उठे खुशबू जीवन से।

सफर जिंदगी का चलता रहा है

वक्त का दरिया आगे निकलता रहा है ।

नहीं कामना है कुछ पाने की

है आरजू मन में बस जाने की।

6

जो भी तुमसे मिले,उसको अपना समझो

बेकार की झूठी सारी बातों में ना उलझो।

कहीं कोई किसी को पड़े परेशानी

कर सको तो उस पर करो मेहरबानी।

हो इंसा अगर तो इंसानियत को समझो।।

बिना रहमोकरम के नहीं चलता  है जीवन

अपने ही कारण बनी रहती हैं उलझन

करके पक्का इरादा सारी उलझनों से सुलझो।।

7

जानकर भी दुःख किसी के मत अंजान बन जाओ

इंसान हो तो सच में किसी की मुस्कान बन जाओ

नहीं सोचो भला करके मन में कुछ पाने की

सदा ही रहे मन में कुछ अच्छा कर जाने की

जो जीते हैं बस दूसरों के लिए

अनेकों ही जिसने दूसरों पर उपकार किए

वही कहलाते हैं, सच्चे इंसान यहाँ

अपना लगता है, उनको सारा जहाँ ।

8

बनो ऐसे तुम लगे हर कोई अपना

सहारा दे शाम ओ सहर कोई अपना

रंग उजालो के हरदम बिखरते रहे

साथ लेकर गुलों का निखरते रहे

चाँद तारे सभी मिलकर चमकते रहे

खुशबू लेकर भौंरे भी महकते रहे।

9

एक अपना कोई मकसद हो,

कुछ करने का हौसला बुलन्द हो।

हम चलते रहे आगे ही आगे

न रास्ते अपने बन्द हो।।

मंजिल पाने वाले होते हैं कम,

भटक जाते हैं लोग यहाँ।

सोचते सोचते वक्त गुजर जाता है

बस जाय तो जाएं कहाँ।

हिम्मत वाला जीत जाता है हर हाल में

ढूंढ लेते हैं जो जवाब हर सवाल में।

10........

हर एक मुश्किल आकर हमको

जीना ढंग से सिखलाती है।

जब चलते है हम पक्का इरादा करके

वो नई दिशा दिखलाती है ।

कहीं रुक न पाएं अपने कदम

जो बढ़ते रहे आगे आगे।

अरमान दिल के पूरे हो तो

मन गाड़ी सा आगे भागे।

हमेशा यूँ ही विश्वास बना रहे

अच्छा ही अहसास बना रहे

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