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लघुकथा - सार्थक मूल्य - ज्ञानदेव मुकेश


              
                           सार्थक मूल्य
   
  ग्राहक ने दुकानदार से पूछा, ‘‘यह मूर्ति कितने की है ?’’
  दुकानदार ने दाम बताया, ‘‘सात सौ रुपए।’’
  ग्राहक को दाम मुनासिब नहीं लगा। उसने मोल-मोलाई शुरू कर दी। पूछा, ‘‘पांच सौ मे दोगे ?’’
  दुकानदार ने दो पल की चुप्पी साधे रखी। फिर राजी होते हुआ कहा, ‘‘ठीक है।’’
  तभी ग्राहक की पत्नी वहां आ पहुंची। उसने मूर्ति की कीमत सुनी तो वह चिहुंक पड़ी। उसने पति को डांट पिलाई। उसने प्रश्न दागा, ‘‘तुम्हें यह मूर्ति पांच सौ की लगती है ? इसकी कीमत तीन सौ से अधिक हो ही नहीं सकती है।’’
  पत्नी ने दुकानदार को एक तरह से अल्टीमेटम दिया, ‘‘यह मूर्ति तीन सौ में देनी है तो दो। वरना हमलोग चले।’’
  दुकानदार मूर्ति को कुछ पल निहारता रहा। फिर उसने हथियार डालते हुए कहा, ‘‘ठीक है। निकालो तीन सौ।’’
सौदा पूरा हुआ। विजयी होने का अनुभव करते हुए ग्राहक और उसकी पत्नी वह मूर्ति लेकर चले गए।
मगर आश्चर्य कि दुकानदार के चेहरे पर भी खुशी और संतोष की रेखाएं तिर रही थीं। दुकानदार की पत्नी भी पास बैठी थी। हार पर भी खुशी और संतोष का अनुभव करते हुए देख उसने पति से पूछा, ‘‘मुझे तुम्हारा संतोश समझ में नहीं आ रहा।’’
दुकानदार ने खुलासा करते हुए कहा, ‘‘मैं दरअसल बेईमानी के आसमान पर चढ़ा गया था और ज्यादा मुनाफा अर्जित करना चाह रहा था। मगर ग्राहक और उसकी पत्नी मुझे मुनाफे के आसमान से उतार कर सही कीमत की जमीन पर ले आए। मैंने बेशक बेमुनासिब मुनाफे का धन नहीं कमाया, मगर सही कीमत पाकर, उचित मूल्य का सुख और संतोश का धन पाया। इस सुख की बात ही कुछ और है। इसलिए तुमने मेरे चेहरे पर खुशी और संतोष की रेखाएं देखीं।’’
पत्नी ने उत्सुकतावश पूछा, ‘‘आखिर उस मूर्ति का मूल्य क्या था ?’’
दुकानदार ने रहस्य हटाया और कहा, ‘‘उस मूर्ति का वास्तविक विक्रय मूल्य तीन सौ रुपए ही था। मैं तीन सौ पाकर बहुत खुश हूं। ’’

                                                    - ज्ञानदेव मुकेश                                               
                                     पता-
                                                 फ्लैट संख्या-301, साई हॉरमनी अपार्टमेन्ट,
                                                 अल्पना मार्केट के पास,
                                                 न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी, 
                                                 पटना-800013 (बिहार)

e-mail address - gyandevam@rediffmail.com

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