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शेर सिंह का भांजा - खेमकरण 'सोमन' की दस बाल कविताएँ

खेमकरण 'सोमन' की दस बाल कविताएँ

1.
पहेलियाँ
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उफ्फ ये पहेलियाँ भी
नाकों चने चबवाए,
खूब दिमाग लगाने पर भी
कुछ कभी समझ न आए।
उफ्फ ये पहेलियाँ भी
नाकों चने चबवाए।

रोज-रोज हल करने की
पूरी कोशिश करता हूँ,
फिर भी हल सूझे-बूझे न
तौबा इनसे अब मेरा होए।
उफ्फ ये पहेलियाँ भी
नाकों चने चबवाए।

2.
माँ-बाप भी गरीब बेचारे
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बंदर घूमे लापरवाह हो
दोस्त आवारे संग में,
माँ-बाप भी गरीब बेचारे
बदहाली के रंग में।

न उसका भविष्य कहीं
न दुःख है अपने हाल का,
कमाए तो पता चले कुछ
भाव भी रोटी-दाल का।

3.
अब आएँगे कल
--
अक्खामल और लक्खामल
हाट में घूमने जाते हैं,
दो भिखारी भीख माँगने
उनके सामने आते हैं।

खुसर-पुसर की अक्खा ने अब
सुनो जी लक्खाराम,
इनके पैसे छीन लें तो
चल जाए हमारा काम।

बात सुनी भिखारियों ने
समझ गए उनका छल,
भाग चले तुरंत वहाँ से
अब आएँगे कल !

4.
आम
--
ठेली पर
हर जगह बिके
कम हैं इनके दाम,

इसलिए तो
घर-घर अब खाया
जा रहा है आम।

पाँच किलो
उपहार में देंगे
राम और राधेश्याम।

6.
शेर सिंह का भांजा
--
नाली में
लुढ़का पड़ा है
शेर सिंह का भांजा,

उसके जैसे
मत पीना तुम
कभी शराब और गांजा।

7.
ऐसे में कैसे
--
छोटी-छोटी बात पर
रोता है सन्नी,
समझाती-समझाती
परेशान है मम्मी।

कहती हैं वे-तो
हो गए तुम चूर,
ऐसे में कैसे
बनाओगे बहादुर!

8.
बनूँगा मैं अच्छा इनसान
--
नव वर्ष से मेरा प्रण है,
टॉपर आने का अब मन है।

नव वर्ष से पकड़ूँ कान,
बनूँगा मैं अच्छा इनसान।

नव वर्ष से बोलूँ भाई,
करूँगा मैं सबकी भलाई।

नव वर्ष से नव परिवेश,
दूर करूँगा दुःख और द्वेष।

नव वर्ष से अब सुबह-शाम,
आप सुनेंगे अच्छा काम।

9.
रामू
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सुबह-सुबह जब जागा रामू,
जल्दी से काम पर भागा रामू।

दोपहर को आया रामू,
खाना बनाया-खाया रामू।

शाम को थके-हारे रामू,
घर पर कपड़े झाड़े रामू।

है एक बाल श्रमिक रामू,
आराम करे न तनिक रामू।

यूँ ही जीवन बिताए रामू,
पढ़-लिख कुछ न पाए रामू।

10.
मेरी कोठरी में आजा जी
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चिड़िया रानी दाना पानी
ढूंढ़ने निकली दूर बहुत,
बारिश आई वह घबराई
कहाँ छुपे मजबूर बहुत।

इतने में जोर से बोला-
कट्ठू कठफोड़वा राजा जी,
ओ चिड़िया बच बारिश से
मेरी कोठरी में आजा जी।
-
खेमकरण 'सोमन'
द्वारा श्री बुलकी साहनी,
प्रथम कुंज, अम्बिका विहार, ग्राम व पोस्ट-भूरारानी, रुद्रपुर, जिला- उधम सिंह नगर, उत्तराखंड-263153

ईमेल : khemkaransoman07@gmail.com

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