नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

लघुकथा - दृढ़ निश्चय - राजीव कुमार

     image

दृढ़ निश्चय

देवन्ती देवी और भरत शर्मा की बेटी मंजरी ने मन मसोसते हुए अपनी माँ से कहा ’’ माई, अब तो तू खुश है न? इतना अच्छा समय है और तु उदास लग रही है। ’’
देवन्ती देवी ने अपनी बेटी के सिर पे हाथ रखते हुए कहा ’’ नहीं तो, मैं उदास कहां हूं? ’’


मंजरी ने आँखों में आंसू लाते हुए कहा ’’ देख  तो माई, खुशी के आंसू निकल रहे हैं, बाबू जी भी बहुत खुश नजर आ रहे हैं। अब तो जाति-बिरादरी में कोई उनको नीचा नहीं समझेगा। बाबू जी ने नाबालिग बेटी को विवाह के लिए मना जो लिया है। ’’

[post_ads]
देवन्ती देवी की आँखें नम हो गई, मंजरी से कहा ’’ घर की दुलारी बेटी विदा होगी। आंगन सुना हो जाएगा। घर का सारा काम-धाम पड़ा रह जाएगा। ’’


मंजरी ने व्यंग्य-बाण चलाते हुए कहा ’’ अच्छा तो तुझे यह चिन्ता है कि घर का काम कौन करेगा? अरे नो टेंशन माई, एक नौकर रख लेना क्योंकि नौकरानी तो अब जा रही है। ’’ मंजरी ने अपनी ओर इशारा करते हुए कहा। मंजरी की ऐसी बातें सुनकर उसकी माँ को बहुत बड़ा धक्का लगा। देवन्ती देवी ने मंजरी को सीने से लगा लिया, और कोने में रखी लाठी, जिसका बज्र प्रहार खुद बहुत बार सह चुकी थी को देखते हुए बोली ’’ मेरी बेटी अभी और पढ़ेगी। जाति-बिरादरी को खुश करने के लिए तुम्हारा विवाह, कच्ची उम्र में नहीं होने दूंगी। ’’ देवन्ती देवी की आवाज में सब कुछ हिला देने वाला कंपन था ’’ आने दो भरता को, उससे मैं निपट लूंगी। ’’

राजीव कुमार

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.