पर्यावरण - ग्रेटा, गुटेरेस और बिल गेट्स को सलाम - राजकुमार कुम्भज

SHARE:

पर्यावरण बचाने के लिये दुनियाभर में आकर्षण का केंद्र बन चुकी स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थुनबर्ग अपने आंदोलन से महात्मा गांधी के सत्याग्रह की...

पर्यावरण बचाने के लिये दुनियाभर में आकर्षण का केंद्र बन चुकी स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थुनबर्ग अपने आंदोलन से महात्मा गांधी के सत्याग्रह की याद ताज़ा कर रही हैं। इसी वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित ग्रेटा थुनबर्ग द्वारा चलाए गए आंदोलन को वैश्विक समर्थन मिल रहा है। नोबेल शांति पुरस्कार अगर ग्रेटा थुनबर्ग को मिलता है, तो इस सम्मान को पाने वाली वे अब तक की सबसे युवा होंगी। यह पुरस्कार दिसम्बर में दिया जाना है। ग्रेटा थुनबर्ग द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का नाम ’स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेंट’ है, जिसे दुनियाभर के लाखों बच्चों का खुला समर्थन मिल रहा है।

ग्रेटा थुनबर्ग पर्यावरण बचाने के लिए किए जा रहे अपने आंदोलन ’स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट’ के सिलसिले में हर शनिवार स्कूल के बाहर हड़ताल करती हैं। इसके लिए उन्होंने इसी बरस 15 मार्च को अपील की थी, जिससे प्रेरित होकर 125 देशों के 15 लाख स्कूली बच्चे हड़ताल पर चले गए थे। इस संदर्भ में ग्रेटा थुनबर्ग के इंस्टाग्राम पर 24 लाख, फेसबुक पर 11 लाख और ट्विटर पर 9 लाख फॉलोअर्स देखे जा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र की क्लाइमेट समिट इसी माह अर्थात् 23 सितम्बर को न्यूयॉर्क में होने जा रही है, जिसमें ग्रेटा थुनबर्ग भी हिस्सा लेंगी।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित की जा रही ’क्लाइमेट समिट’ में न्यूयॉर्क पहुँचने के लिए ग्रेटा ने विमान की बजाय याट का इस्तेमाल किया है और इसके लिए वे 60 फीट लंबी याट में लंदन से न्यूयॉर्क पहुँच भी चुकी हैं। याट से सफ़र करने के पीछे ग्रेटा की मंशा यही रही है कि वे अपने हिस्से का कार्बन उत्सर्जन रोक सकें। इसके आगे की ख़बर बहुत ही मजे़दार है।

ख़बर ये है कि ग्रेटा थुनबर्ग जिस रेसिंग याट मेलिजिया-2 से अटलांटिक होते हुए लंदन से न्यूयॉर्क पहुँची है। उस याट को वापस लाने के निमित्त दो लोग विमान से न्यूयॉर्क जाएंगे और विमान से ही याट वापस लाएंगे। इसका सीधा सा मतलब यही हुआ कि ग्रेटा विमान की बजाय याट से सफर करके जितना कार्बन उत्सर्जन रोकेंगी, उनकी याट वापस लाने में उससे दोगुना कार्बन उत्सर्जन हो जाएगा। क्या इस विरोधाभासी हरक़त से बचा नहीं जा सकता था? मेलिजिया टीम के प्रवक्ता का कहना है कि ग्रेटा की न्यूयॉर्क यात्रा के लिए उन्हें बहुत ही कम समय मिला था। यही वज़ह रही कि याट-चालक दल के दो सदस्यों को विमान से न्यूयॉर्क भेजना पड़ा। क्या ग्रेटा की न्यूयॉर्क से लंदन और याट की वापसी भी, विमान से ही की जाना, तर्क संगत ठहराया जा सकता है? हालांकि मेलिजिया की टीम ’फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ कैंपेन के लिए ग्रेटा थुनबर्ग को लंदन से न्यूयॉर्क तक बिलकुल मुफ़्त में ही ले गई है।

ग्रेटा थुनबर्ग को अपने ’फ्राइडे फॉर फ़्यूचर’ अभियान के लिए न्यूयॉर्क से लंदन तक छः हज़ार किलोमीटर दूरी तय करने में एक हफ़्ते का वक़्त लगा है। इस अभियान की यात्रा में ग्रेटा थुनबर्ग के फ़िल्ममेकर पिता स्वेंत नाथन गा्रॅसमेन भी उनके साथ हैं। निश्चित ही यह एक चुनौतीपूर्ण यात्रा है। याद रखा जा सकता है कि याट मेलिजिया-2 में सौर-पैनल और अंडरवाटर टर्बाइन लगे हैं, जिनसे पर्यावरण को ज़रा भी नुकसान नहीं होता है। याट टीम के प्रमुख बोरिस हरमैन कहते हैं कि उन्होंने ग्रेटा थुनबर्ग को पहली बार इसी बरस मार्च में एक प्रदर्शन में जर्मनी के हैम्बर्ग में एक प्रदर्शन के दौरान देखा था। तब हरमैन की गर्लफ्रेंड ने हरमैन से कहा था कि अगर इस लड़की को कभी कहीं जाने की ज़रूरत हुई तो उसे अपने याट से लेकर जाना, ताकि कार्बन उत्सर्जन रोकने के संदेश को विस्तार दिया जा सके। अब वही ग्रेटा संयुक्त राष्ट्र की ’क्लाइमेट समिट’ में हिस्सा लेने के लिए याट से पहुँचकर दुनिया को पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दे रहीं हैं।

विश्व प्रसिद्ध टाइम पत्रिका द्वारा जारी की गई दुनिया के सौ सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल ग्रेटा थुनबर्ग ने पिछले बरस अगस्त में ही स्कूल से निकलकर, बेहतर पर्यावरणीय भविष्य की माँग करते हुए, स्वीडिश संसद की सीढ़ियों पर बैठने का फै़सला कर लिया था। ग्रेटा ने अपने हाथों में ’सुरक्षित जलवायु के लिए स्कूल से हड़ताल’ शीर्षक की तख़्ती ले रखी थी। उसे दुनियाभर से 15 लाख युवाओं और 3000 से अधिक वैज्ञानिकों का समर्थन मिला। यह एक अचंभित कर देने वाला कारनामा था, जिसका विभिन्न देशों के 3000 से अधिक वैज्ञानिकों ने, न सिर्फ़ समर्थन किया, बल्कि ग्रेटा थुनबर्ग के समर्थन में एक बयान भी जारी किया। बयान में कहा गया है कि ’अगर मानव सभ्यता तत्काल क़दम बढ़ाकर ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित नहीं करती है, अगर जीव-जंतुओं सहित वनस्पतियों का आसन्न महाविनाश नहीं रोकती है, अगर भोजन की आपूर्ति का प्राकृतिक आधार नहीं बचाती है और अगर मौज़ूदा तथा आगामी पीढियों का जीवन सुरक्षित नहीं करती है, तो साफ़-साफ़ यह मान लेना होगा कि हमने अपने सामाजिक, नैतिक और ज्ञान आधारित दायित्वों का निर्वहन नहीं किया है।’ ’तीन हज़ार वैज्ञानिकों द्वारा ’फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ कैंपेन के समर्थन में जारी किया गया, यह वक्तव्य क्या मानव सभ्यता के प्रति वैराग्य से अधिक हमारी पराजय ही प्रेषित नहीं करता है?

ग्रेटा थुनबर्ग की ख़ास चिंता यह है कि दुनियाभर की पर्यावरण नीतियाँ दूरगामी न होकर सिर्फ़ 2050 तक के बारे में ही सोच-विचार कर रही हैं। पर्यावरण की रक्षार्थ वर्ष 2050 से आगे न सोच पाना बेहद चिंताजनक है। ग्रेटा का दुःख यह भी है कि वर्ष 2050 तक तो वह अपनी आधी जिंदगी ही जी पाएगी और तब तक दुनिया की आबादी आज के मुक़ाबले तक़रीबन दोगुना हो जाएगी, तब तक के लिए न तो पीने का पानी होगा और न ही खाने को रोटी। एक तरफ़ कुपोषण होगा, तो दूसरी तरफ़ भूखमरी। दुनिया की तमाम अर्थ-व्यवस्थाएं छिन्न-भिन्न हो चुकी होंगी। तमाम राजनीतिक तंत्र अपने-अपने दृष्टिकोण की वज़ह से न सिर्फ़ अपनी-अपनी विश्वसनीयता खो चुके होंगे, बल्कि जीवन के हर किसी क्षेत्र में अराजकता ही अधिक बढ़ा रहे होंगे। दिक़्क़त यह भी होगी कि एक-दूसरे को समझना-समझाना मुश्किल होता जाएगा। चारों तरफ़ शक़ का आलम होगा और शांति कहीं नहीं होगी।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ वर्ष 2050 में दुनिया की आबादी न सिर्फ़ एक त्रासदपूर्ण स्थिति तक पहुँच जाएगी, बल्कि बूढ़ों की संख्या भी बच्चों से दोगुना होगी। आज का हर 10 वाँ शख़्स बूढ़ा है, जबकि 2050 मे हर छठा शख़्स बूढ़ा होगा। पर्यावरण-वैज्ञानिकों ने इसके लिए पर्यावरण-प्रदूषण को ही ज़िम्मेदार माना है। कई पर्यावरण-प्रदूषक तत्वों का निर्माण ’ग्लोबल वार्मिंग’ के कारण ही होता है, जो कि जन-जीवन के लिए एक बड़ा ख़तरा बनता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटानियो गुटेरेस ने बिगड़ते पर्यावरण और जलवायु-संकट के बीच पर्याप्त संतुलन बनाने पर ज़ोर दिया है। महासचिव गुटेरेस अभी कुछ ही अर्सा पहले दक्षिणी प्रशांत द्वीप के देशों की यात्रा पर गए थे। पर्यावरण परिवर्तन के कारण बुरी तरह से प्रभावित लोगों के अनुभव साझा करते हुए गुटेरेस कहते हैं कि उन्होंने वहाँ वैश्विक जलवायु आपात्काल के गंभीर और बिगड़ते हालातों को पहली बार देखा था। मानवीय गतिविधियों के कारण आज की दुनिया ’पर्यावरण के अभूतपूर्व संकट’ से जूझ रही है। जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए ’हमारे जीवन की लड़ाई’ महत्वपूर्ण है। पर्यावरण प्रदूषण से प्रत्येक वर्ष तक़रीबन 70 लाख लोगों की जान जाती है और इससे बच्चों के विकास में भी बाधा पहुँचती है।

पर्यावरण बचाने के लिए हमें कार्बन उत्सर्जन को सीमित व संतुलित करने की अनिवार्यता पर ध्यान देना होगा। इसके लिए प्रदूषण पर लगाम लगाने, जीवाश्म इंर्धन-सब्सिडी समाप्त करने और नए कोयला संयंत्रों का निर्माण रोकने की ज़रूरत है। इसके साथ ही साथ अक्षय-ऊर्जा और हरित प्रौधोगिकियों का भी पता लगाना होगा। दुनिया के प्रत्येक शहरी क्षेत्र में वायु-गुणवत्ता सुधारने पर भी गंभीरता दिखाना होगी। तभी पृथ्वी, जीवन और भविष्य ’ग्लोबल वार्मिंग’ के संकट से पार पा सकते हैं। अगर पर्यावरण बचाने के लिए एक तरफ ग्रेटा थुनबर्ग ’फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ अभियान चला रही हैं और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस जन-जागरूकता के लिए चिंता व्यक्त रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ दुनिया के एक बडे़ धनपति बिल गेट्स भी पर्यावरण प्रदूषण से निपटने की विज्ञान सम्मत योजना बना रहे हैं।

बिल गेट्स और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की योजनानुसार एक दशक तक प्रतिदिन 800 से अधिक विशालकाय विमान, पृथ्वी सतह से 25-50 किलोमीटर ऊँचाई पर जाकर समताप मंडल में कैलशियम कार्बोनेट युक्त चूना-धूल का छिड़काव करेंगे। आसमान में बिछाई-उड़ाई गई धूल की यह चादर एक विशालकाय परदे की तरह काम करेगी। इससे टकराकर सूर्य-किरणें अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाएंगी, जो पृथ्वी को ’ग्लोबल वार्मिंग’ के दुष्प्रभावों से बचाएगी। समस्त मानवता को समर्पित इस महान् परियोजना का संपूर्ण खर्च बिल गेट्स वहन करेंगे और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक उक्त परियोजना को अमली जामा पहनाएंगे ताकि पृथ्वी, पृथ्वी का पर्यावरण और पर्यावरण का भविष्य बचाया जा सके। ग्रेटा, गुटेरेस और बिल गेट्स की प्रशंसा की जाना चाहिए, जो पृथ्वी को पर्यावरण-प्रदूषण से बचाना चाहते हैं।

---

सम्पर्क - 331, जवाहरमार्ग, इंदौर-452002 

ईमेलः

rajkumarkumbhaj47@gmail.com

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: पर्यावरण - ग्रेटा, गुटेरेस और बिल गेट्स को सलाम - राजकुमार कुम्भज
पर्यावरण - ग्रेटा, गुटेरेस और बिल गेट्स को सलाम - राजकुमार कुम्भज
https://lh3.googleusercontent.com/-pGh73LcmGGA/WJ2VbGNosBI/AAAAAAAA2fc/HKX9idtNyZY/image_thumb.png?imgmax=200
https://lh3.googleusercontent.com/-pGh73LcmGGA/WJ2VbGNosBI/AAAAAAAA2fc/HKX9idtNyZY/s72-c/image_thumb.png?imgmax=200
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2019/09/blog-post_5.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2019/09/blog-post_5.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content