नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

दो बूंद तेल (लघुकथा) -सुरेश सौरभ


घर में दो बूंद तेल नहीं था। आज दीवाली थी । शाम हो रही थी। आज सभी के घरों में पूरी पकवान बनेंगे पर उसके घर में कैसे दिये जलेंगे, कैसे पूरी कचौरी बनेंगी यह सोच-सोच कर चकोरी बहुत परेशान थी और आज उसका बाप भी मजूरी न लगने पर खाली हाथ लौटा था। उसके मां-बाप  हमेशा की तरह आपस में तकरार कर रहे थे । वह घर के बाहर अकेली बैठी चुपचाप सब सुन-सह रही थी, यह रोज-रोज की किर-किर पता नहीं कब खत्म होगी। पता नहीं कब हमको भरपेट अन्न मिलेगा। तभी उसके पास से दो बच्चे बतियाते हुए बढ़ते जा रहे थे, रामनगरी में आज लाखों दिए जलाए जायेंगें। आधी रात के बाद उन दियों को पूछने वाला कोई न होगा फिर हम लोग उन बुझे, कुछ अधबुझे दियों के तेल को बटोर लायेंगे और उससे चुरमुरी पूडियां छनवायेंगे।

     अब चकोरी प्रसन्नता से भर गई। आधी रात को अपनी झोपड़ी से एक शीशी लेकर पहुंच गई रामनगरी अपनी उम्मीदों की, अपनी आशाओं की ,तमन्नाएं पूरी करने के लिए । शीशी में बुझे अधबुझे हुए दियों का तेल भरने लगी। अब उसके मन में पूडियां कचौरियां छनने लगीं। हृदय में दीवाली के अनगिनत दिए जगमगाने लगे। गरीब की दिवाली तभी होती है ,जब उसके पेट में अन्न और होठों पर खुशी होती ‌ है।

---


     लेखक-सुरेश सौरभ

निर्मल नगर

लखीमपुर खीरी

उत्तर प्रदेश पिन-262701

---

कापीराइट लेखक

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.