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पानी - लघुकथा - शशि दीपक कपूर


लघुकथा : पानी  - ( पहला भाग)

"आज बारिश बहुत हो रही है !"

" मां, घर के नल में पानी नहीं  हैं ।"

"अरे ! कल ही तो नगरपालिका ने घोषणा की, "पानी की टैंकी साफ करनी है।"

"मां, अब क्या पीऐंगे ?"

"कोका-कोला,थम्स अप, सपराइट या बिसलेरी, एक्वा,...कुछ भी"


लघुकथा : पानी (दूसरा भाग)

" मां, प्लास्टिक बोतलें बंद हो गईं हैं"

" हैं ! , फिर से कह , मैंने सुना नहीं "

" वह क्या है न , कालू की गाय ने कल प्लास्टिक खा लिया था"

"तो, क्या पानी बाजार से गायब हो बरस रहा है ?" आए, हाय !, मैं भी सोचूं , बिन मौसम बारिश क्यों बाढ़ ला रही है?

                         शशि दीपक कपूर

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