विज्ञान ,तकनीक और स्त्री की बदलती दुनिया - डॉ. रेणु कुमारी ,

SHARE:

इक्कीसवीं सदी के आते –आते तक मानव की विकास यात्रा ने कई क्षेत्रों में तरक्की की और सभ्यता के उस चरण पर पहुँचा जहाँ विकास और तकनीक ने उसकी दु...

इक्कीसवीं सदी के आते –आते तक मानव की विकास यात्रा ने कई क्षेत्रों में तरक्की की और सभ्यता के उस चरण पर पहुँचा जहाँ विकास और तकनीक ने उसकी दुनिया को क्रांतिकारी रूप मे प्रभावित किया है | विज्ञान और तकनीक का यह प्रभाव दुनिया की आधी आबादी यानी स्त्री के जीवन को भी कई मायनों में प्रभावित करता है जिसका असर परिवार , समाज और राष्ट्र के विकास, लक्ष्यों की प्राप्ति पर पड़ना स्वाभाविक है |


विज्ञान और तकनीक ने सबसे ज्यादा यदि स्त्री की दुनिया को प्रभावित  किया है - वह है - सदियों पुराने अंधविश्वास और अंध परमपराओं को तोड़ा जाना और उनमें नई चेतना पैदा करना ।  चेतना का यह स्तर सिर्फ स्त्री के बदलने के साथ ही नहीं जुड़ा बल्कि स्त्री के साथ परिवार और समाज भी बदला ।  उनमें  नई चेतना आई ।  यह  तथ्यपूर्ण सोच थी कि स्त्री के ऊपर किए जा ने वाले विभिन्न हिंसक कृत्यों पर रोक लगाई जा  सके । चाहे वह सती प्रथा हो या जादू टोना के नाम पर उनके साथ की जाने वाली हिंसा ।  चाहे उनके सम अधिकारों की वकालत हो या शिक्षा तथा जीवन जीने के समान अवसरों की प्राप्ति, अधिकारों की प्राप्ति- विभिन्न तथ्यपूर्ण और नवोन्मेष क्रांतिकारी विचारों, प्रयासों , संघर्षों का ही परिणाम है | 


21 वीं सदी में स्त्री की बदलती दुनिया में विज्ञान और तकनीक का भी  बहुत बड़ा योगदान है । विशेष ज्ञान  'विज्ञान'  का प्रयोग सदियों पहले से भारतीय मनीषियों ने  जीवन पद्धति के लिए विकसित  किया  जिसे  सामान्य प्रयोग  में भी लाया  गया  ।  प्रकृति के अनुसार खान -पान , रहन -सहन , जीवन शैली जीता हुआ कब भारतीय समाज किस तरह अंधविश्वास में जकड़ने लगता है और किस तरह विभिन्न कुरीतियों में जकड़ा इंसान अवैज्ञानिक जीवन जी ने लगता है -  इसका सबसे बड़ा असर आधी आबादी स्त्री के जीवन पर भी  देखने को मिलता है । सभ्यता के विकास के विभिन्न चरणों में 21 वीं सदी आते -आते जब कई अंधविश्वासों से पर्दा उठता है , अन्ध परंपराओं से मुक्ति मिलती है तब इस नई सदी  में सबसे अधिक राहत स्त्री की दुनिया को मिलती है । विज्ञान जब विभिन्न रहस्यों पर से पर्दा उठाता है तब उसके कारण विभिन्न भ्रांतियाँ  जो स्त्री की दुनिया के लिए रचे गए थे ,उसके मिथक धीरे -धीरे टूटते हैं  - इसका सबसे बड़ा कारण है शिक्षा और ज्ञान ,विज्ञान ,तकनीक का विकास ।


21 वीं सदी का यह बीता दो दशक पिछली बीती कई शताब्दियों  के सफर में कई मायनों में भिन्न है ,तो उसका सबसे बड़ा कारण है विज्ञान आधारित नई सूचना तकनीक जिसने क्रांतिकारी परिवर्तन की  जो दस्तक दी तो आधी आबादी की दुनिया भी उस नई बयार से प्रभावित हुई ,हो रही है और सदियों पुराने मिथक टूटे । ये  मिथक स्त्री के जन्म से लेकर उसकी मृत्यु तक उसे विभिन्न मिथकों मे बाँधते थे ,जैसे की - स्त्री जन्म से लेकर मृत्यु तक बंधनों में होती है , उसे पिता ,पति ,पुत्र के बंधनों में जीवन पर्यंत रहना चाहिए , बेटी जन्म लेती है तो तो धरती काँपकर तीन हाथ नीचे चली जाती है , बेटी से मुक्ति नहीं मिलती बेटे से ही मुक्ति मिलती है , बेटी बोझ है और इतना ही नहीं विभिन्न बहानों से स्त्री के जीवन जीने के समान अवसरों को छीनने वाली सामाजिक व्यवस्था को तोड़ने का काम किया तो वह इस सदी की ज्ञान- विज्ञान की चेतना जगाने वाली शिक्षा की वह ज्योति है जिसने सदियों पुराने  अमानवीय अंध परंपराओं के सामने  स्त्री प्रश्नों को जन्म दिया और उनपर सवाल उठाए । इन प्रश्नों के प्रति-उत्तर में स्त्री ने स्वयं को साबित किया कि  ज्ञानार्जन  से , अपनी बुद्धि से वे दुनिया में हर वह मुकाम पा सकती हैं जहाँ पुरुष  अपनी बुद्धि से पहुँच सकते हैं । इन स्त्रियों ने यह साबित किया  कि वे हवाई जहाज़ चलाने से लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनकर देश दुनिया को नेतृत्व दे सकती हैं ।  अगर घर -परिवार , समाज को संभाल सकती हैं तो वैज्ञानिक , डॉक्टर , प्रोफेसर , वकील बनकर  ब्रह्मांड और दुनिया की उलझनों को सुलझा भी सकती हैं ।


स्त्री की बदलती दुनिया में न सिर्फ़ स्त्री के स्वयं को बदलने की कोशिश है बल्कि परिवार , समाज के साथ सरकारें भी अपनी नवीन नीतियों में जेंडर पक्षों का समावेश कर रही है , जिसमें नवोन्मेष की वैज्ञानिक सोच भी शामिल है ।


चूल्हा -चौका , बर्तन -भांडे, घर -परिवार , रीति -रिवाज की अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों के बीच भी स्त्री सूचना -तकनीक - विज्ञान के विचारों से  प्रभावित ही  नहीं हो रही बल्कि अपने और परिवार की उन्नति के लिए सूचनाओं की प्राप्ति , संचार के लिए , स्वास्थ्य शिक्षा के लिए विभिन्न तकनीकी उपकरणों और माध्यमों का प्रयोग कर रही है । चकला -बेलन चलाने वाले हाथ अब सिर्फ़ स्कूटी या कार की ड्राइविंग लाइसेंस संभालने तक ही सीमित नहीं रही है , बल्कि हज़ारों लोगों की कमान अपने हाथ में संभाली ट्रेन चलानेवाली स्त्री से लेकर हवाई जहाज़ उड़ाती ,हवा से बातें करती स्त्री की भी है । विज्ञान ,तकनीक के इस युग में स्त्री ने अपनी बुद्धि , कर्म से यह साबित कर दिया कि हम कोमल ज़रूर हैं पर कमज़ोर नहीं ।


चिकित्सा विज्ञान के विकास ने स्त्री स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा की वहीं विभिन्न तकनीकी उपकरणों का उपयोग अपनी ज़रूरतों के लिए कर रही हैं । 3 जी , 4 जी और 5 जी युग  में  स्त्रियाँ  नवीन उपकरणों का प्रयोग सूचना , शिक्षा , संचार , अभिव्यक्ति के विभिन्न प्लेटफॉर्म , सोशल मीडिया , मनोरंजन के लिए कर रही हैं । मल्टिमीडिया तकनीक के प्रयोग द्वारा न केवल शब्दों से बल्कि ऑडियो , वी डियो, ग्राफिक्स , एनिमेशन द्वारा ख़ुद को दुनिया से जोड़ रही हैं , जुड़ रही हैं ।  उनकी यह चेतना सदियों पुराने अंधविश्वासों को रूपांतरित करते हुये देश और दुनिया में  सभ्यता के विकास के उस चरण से गुज़र रही है जहाँ आज भी वह सपना देखा जा रहा है कि अगर स्त्री सशक्त होगी तो पूरा समाज सशक्त होगा , राष्ट्र और विश्व सशक्त , सुंदर होगा ।


परिवर्तन जब अपने साथ कई अच्छाइयाँ लेकर आता है वहीं कई बुराइयों को भी अपने साथ लेकर आता है । विज्ञान ,तकनीक के विकास के साथ उसके सकारात्मक परिणाम के साथ नकारात्मक परिणाम भी सामने हैं  । एक तरफ प्रकृति  का  अंधाधुंध दोहन महिलाओं के सामने   इको फ़ेमिनिज़्म के  नए  प्रश्नों के  रूप मे सामने है वहीं स्त्री हिंसा के नए स्वरूप भी सामने हैं जिनका रिश्ता कहीं न कहीं विज्ञान तकनीक से भी जा के जुड़ते हैं । स्त्री हिंसा का वह क्रूरतम रूप जहाँ लाखों बेटियाँ कन्या भ्रूण के रूप मे ही ख़त्म कर दी गईं  और की  जा रही हैं जिसके लिए इन् विज्ञान ,तकनीक के उपकरणों की  सहायता ली जाती है ।


निष्कर्षतः कह सकते हैं कि 21 वीं सदी  में   विज्ञान , तकनीक के नवोन्मेष ने स्त्री की  दुनिया को सकारात्मक रूप में  विभिन्न स्तरों पर बदल दिया है वहीं इसके दुष्परिणामों को भी स्त्री भुगत रही है । आधी आबादी की  दुनिया को सशक्त ,शिक्षित होने के इस   परिवर्तन का जो स्वरूप हम आज देख रहे हैं , वह सदियों का संघर्ष है , कोशिश है , जिसे समय - समय पर अलग -अलग समाजों में कई लोगों के प्रयासों , संघर्षों  की महत्वपूर्ण भूमिका रही है  । वे कोशिशें जो   पीढ़ी -दर -पीढ़ी  सफ़र करती   हुई आज 21 वी सदी के दूसरे दशक में पहुँची ।  जहाँ  विज्ञान  , तकनीकी और सूचना क्रांति के युग में परिवर्तन के नए रूपों को सामने लाती है जिससे प्रभावित हम , हमारी दुनिया और आधी आबादी ।  कई तरह की  आर्थिक , सामाजिक , भौगोलिक , शैक्षिक बाधाओं की  वजह से कई महिलाएँ इनका लाभ भी नहीं ले पातीं लेकिन कहीं न कहीं उनकी आँखों में भी एक सुंदरतम दुनिया की  ख़्वाहिश भी है , जहाँ वो भी अभावों के बीच भी उसका लाभ ले सकें । 

--

डॉ. रेणु कुमारी ,
वर्धा , महाराष्ट्र

सहायक ग्रंथ सूची

1. - Film Genre : Theroy and critisism by Barry Keith Grant .
2. - सुमन, कृषणकांत  .  इक्कीसवीं सदी की ओर  .  नई दिल्ली, राजकमल प्रकाशन  .
3.- खेतान, प्रभा (2010) .  उपनिवेश में स्त्री : मुक्ति कामना की दस वार्ताएं  .  नई दिल्ली, राजकमल प्रकाशन  .
4.- जोशी, रामशरण (अक्टूबर-दिसंबर 2013 )  . सामाजिक राजनीतिक यथार्थ और सिनेमा,  बहुवचन,  अंक-39, वर्धा म॰गां॰ अं॰ हिं॰ वि॰ .
5.- वोलस्टनक्राफ्ट, मेरी, अनुवाद : मीनाक्षी (2009)   . स्त्री अधिकारों का औचित्य साधन,   नई दिल्ली, राजकमल प्रकाशन .
6.- Butalia, Uravshi (December, 2003). Community, State and Gender : Some refelection on the participation of India.

7.-Sarai, R. Vasudevan, Cinema : Film and History Workshop Reader, 11-13.
8.- Haskell, M (1975). From Reverence to Rape : The Treatment of Women in the movie. London : New English Library .
9. -series : North Holland Delta Series .
Edited by A.Sariemijn, p. Kroes, ( 29 - 30 June, 1989 ) .  Between Science and Technology.  Eindhoven University of Technology . The Netherlands .
10.- ई पत्र -पत्रिका [ जर्नल ] - JSTOR .
11. -Samyukta : A Women Studies Journal .

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: विज्ञान ,तकनीक और स्त्री की बदलती दुनिया - डॉ. रेणु कुमारी ,
विज्ञान ,तकनीक और स्त्री की बदलती दुनिया - डॉ. रेणु कुमारी ,
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2020/01/blog-post_51.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2020/01/blog-post_51.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content