नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

नाटक लेखन पुरस्कार आयोजन 2020 - प्रविष्टि क्र. 19 - अनबूझ पहेली - सीताराम पटेल 'सीतेश'

अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक / टैप करें -

रचनाकार.ऑर्ग नाटक / एकांकी / रेडियो नाटक लेखन पुरस्कार आयोजन 2020

प्रविष्टि क्र. 19 -

अनबूझ पहेली

सीताराम पटेल 'सीतेश'

--

अनबूझ पहेली

दृश्य: 01

लड़का: कौन?

लड़की: दासी।

लड़का: कैसे?

लड़की: पराधीन।

लड़का: क्यों?

लड़की: बजती हूँ।

(लड़का जाने लगता है।)

लड़की: रूकिए।

लड़का: कहिए।

लड़की: कुरता।

लड़का: ?

लड़की: वे।

लड़का: कौन -सा?

लड़की: पहने हो।

लड़का:ये?

लड़की: हाँ।

लड़का: ?

लड़की: तुम्हारा है?

लड़का: नहीं लगता।

लड़की: ऐसे ही।

----------

लड़का: तुम्हारा नाम?

लड़की: गिटार।

लड़का: किसकी?

लड़की: बाबूल।

लड़का: मुझे देगा।

लड़की: परधन हूँ।

लड़का: और ?

लड़की: देगा धन।

-------------

दृश्य: 02

लड़का: क्या है?

लड़की: ध्रुवस्वामिनी।

लड़का: पढ़ी?

लड़की: हाँ।

लड़का: कैसी लगी?

लड़की: अच्छी।

लड़का: कौन?

लड़की: ध्रुवस्वामिनी।

लड़का: बनोगी?

लड़की: क्या?

लड़का: ध्रुवस्वामिनी।

लड़का: हाँ

-----------

लड़की: कैसी लगी?

लड़का: क्या?

लड़की: नयना।

लड़का: अच्छी।

लड़की: देखते रहना।

लड़का: क्यों?

लड़की: मुझे भी लगी।

लड़का: क्या?

लड़की: अच्छी।

लड़का: क्या?

लड़की: तुम्हारी नयना।

-----------

लड़का: छू लूँ?

लड़की: क्या?

लड़का: सीना।

लड़की: हाँ।

लड़का: अहा!

लड़की: अहा!

लड़का: क्या?

लड़की: पीड़ा।

लड़का: कहाँ?

लड़की: सीना।

-------------

लड़का: उतारूँ?

लड़की: क्या?

लड़का: अंबर।

लड़की: मर्जी तुम्हारी।

------------

लड़की: ना।

लड़का: कभी हाँ कभी ना।

लड़की: उतारूँ?

लड़का: क्या?

लड़की: अंबर तुम्हारी।

-----------

लड़की: समेटूँ?

लड़का: हाँ।

लड़की: उई!

लड़का: क्या?

लड़की: काटा।

लड़का: क्या?

लड़की: बाल।

लड़का: बिखेरूँ

लड़की: क्या ?

लड़का: बाल तुम्हारी।

--------------

लड़का: क्या?

लड़की: गिटार।

लड़का: कैसी?

लड़की: टूटी।

लड़का: आग।

लड़की: क्या?

लड़का: लगाओ।

-----------

दृश्य: 03

लड़का: मानव।

लड़की: ईश्वर।

लड़का: समझा।

लड़की: क्या?

लड़का: पत्थर।

लड़की: नहीं।

लड़का: फिर बनाई क्यों

लड़की: क्या?

लड़का: मंदिर।

लड़की: पूजा।

लड़का: युद्ध।

लड़की: नहीं।

लड़का: वर्गभेद।

लड़की: नहीं।

लड़का: युद्ध क्यों?

लड़की: भूल।

लड़की: कैसी?

लड़का: बनने की।

लड़की: क्या?

लड़का: स्वयं ईश्वर

-------------

दृश्य: 04

लड़की: लिखे?

लड़का: हाँ।

लड़की: अभी।

लड़का: हाँ।

लड़की: किसलिए?

लड़का: बताने के लिए।

लड़की: किसे?

लड़का: तुम्हें।

लड़की: क्या है?

लड़का: प्रणय पत्रिका।

-------------

लड़की: लिखे?

लड़का: क्या?

लड़की: मन।

लड़का: नहीं।

लड़की: क्यों?

लड़का: ऐसे।

लड़की: डरपोक।

लड़का: कैसे?

लड़की: लिखे?

लड़का: क्या?

लड़की: प्रणय पत्रिका

---------------

दृश्य: 05

लड़का: परिणय?

लड़की: समझौता।

लड़का: नहीं।

लड़की: बंधन।

लड़का: नहीं।

लड़की: फिर?

लड़का: साधन।

लड़की: किसका?

लड़का: संभोग।

-----------

लड़का: क्या?

लड़की: तुम्हारा।

लड़का: क्या?

लड़की: नसें।

लड़का: उभरी।

लड़का: ऐसे ही।

---------

लड़का: दोगी?

लड़की: क्या?

लड़का: तुम्हारी।

लड़की: क्या?

लड़का: तस्वीर।

लड़की: पर।

लड़का: क्या ?

लड़की: दोगे?

लड़का: क्या?

लड़की: तुम्हारा।

लड़का: क्या?

लड़की: तस्वीर।

लड़का: हाँ।

लड़की: हाँ।

-------------

लड़का: चूमूँ?

लड़की: क्या?

लड़का: होंठ।

लड़की: नहीं

लड़का: क्यों?

लड़की: शर्म

लड़का: बंद।

लड़की: क्या?

लड़का: आँखें।

लड़की: हाँ।

लड़का: क्या?

लड़की: चूमूंगी।

लड़का: क्या?

लड़की: होंठ तुम्हारा।

---------------

दृश्य: 06

सांड़ पालक: क्या है?

धेनु पालक: धेनु।

सांड़ पालक: बाँध दो।

धेनु पालक: सीधी है।

सांड़ पालक:खुला सूँघता नहीं।

धेनु पालक: ठीक है।

सांड़ पालक: आगे पकड़ो।

धेनु पालक: क्यों?

सांड़ पालक: पीछे चाटता नहीं।

धेनु पालक: हाँ।

सांड़ पालक: साँड़ कैसा है?

धेनु पालक: अच्छा।

सांड़ पालक: दो।

धेनु पालक: क्या?

सांड़ पालक: कीमत।

धेनु पालक: किसका?

सांड़ पालक: बीजारोपण

धेनु पालक: कितना?

सांड़ पालक:एक में तीन शून्य।

धेनु पालक: नहीं है।

सांड़ पालक: छोड़ दो।

धेनु पालक: किसको?

सांड़ पालक: धेनु को।

धेनु पालक: किसके पास?

सांड़ पालक: साँड़।

धेनु पालक: किसलिए?

सांड़ पालक: वंश संचालन।

धेनु पालक: इससे क्या?

सांड़ पालक: साँड़ों की उत्पत्ति।

धेनु पालक: किसके लिए ?

सांड़ पालक: धेनुओं

---------------

दृश्य: 07

लड़की: बढ़ रहा।

लड़का: क्या?

लड़की: पेट।

लड़का: प्राकृतिक।

लड़की: कैसे?

लड़का: बीज पालन।

लड़की: कैसे?

लड़का: संगम

लड़की: किसका?

लड़का: काम।

-------------

लड़का: मुक्त।

लड़की: किससे?

लड़का: देह।

लड़की: झूठे।

लड़का: नहीं

लड़की: ग्रस्त।

लड़का: किससे?

लड़की: देह।

------------

लड़की: बैठो।

लड़का: क्यों?

लड़की: असह्य पीड़ा।

लड़का: कहाँ?

लड़की: पेट।

लड़का: किसलिए?

लड़की: मालूम नहीं।

लड़का: चलो।

लड़की: कहाँ?

लड़का: अस्पताल।

-------------

लड़का: सेविका।

सेविका: कहिए।

लड़का: असह्य पीड़ा।

सेविका: होता है।

लड़का: कम करने का उपाय।

सेविका: लाए हो?

लड़का: क्या?

सेविका: अर्थ।

लड़का: नहीं।

सेविका: भुगतो।

लड़का: लो कंगन।

--------------

सेविका: बधाई।

लड़का: किसलिए?

सेविका: लड़का।

लड़का: वो कैसी है?

सेविका: आपरेशन।

लड़का: किसकी?

सेविका: उसी की।

लड़का: फिर?

सेविका: ले जाना।

लड़का: कब ?

सेविका: एक सप्ताह बाद।

---------------

दृश्य: 08

लड़का: बधाई।

लड़की: किसलिए?

लड़का: प्रतिबिम्ब।

लड़की: किसका?

लड़का: हमारा।

लड़की: चुम्मा।

लड़का: लो।

लड़की: उसको।

लड़का: किसको?

लड़की: प्रतिबिम्ब

--------------

लड़का: जाओगी कहाँ?

लड़की: परदेश।

लड़का: किसलिए?

लड़की: मुक्ति।

लड़का: किससे?

लड़की: अपने आप।

लड़का: हो सकोगी?

लड़की: हाँ।

लड़का: कि ना?

लड़की: दोनों ही।

----------------

लड़का: भूख।

लड़की: क्या?

लड़का: उत्पत्ति।

लड़की: किसकी?

लड़का: जीवन।

लड़की: जीवन!

लड़का: क्या?

लड़की: जननी।

लड़का: किसकी?

लड़की: भूख।

लड़का: परस्पर माँ।

लड़की: हाँ।

लड़का: ना।

लड़की: हाँ ना

लड़का: पहेली।

लड़की: अनबूझ।

लड़का: बीज प्रथम।

लड़की: पेड़ प्रथम।

लड़का: नारी प्रथम।

लड़की: नर प्रथम।

---------------

सीताराम पटेल ‘सीतेश’

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.