हौसलों के पर - नरेंद्र भाकुनी

SHARE:

हौसलों के पर खिल उठे इस धरा पर ये पूरा आसमान दे दो। अपने मन को ऐसी दिशा दे दो इन पंखों में भी अग्नि उड़ान दे दो। बाधाएं कब  तक रोकेगी ...

हौसलों के पर


खिल उठे इस धरा पर
ये पूरा आसमान दे दो।
अपने मन को ऐसी दिशा दे दो
इन पंखों में भी अग्नि उड़ान दे दो।

बाधाएं कब  तक रोकेगी तुम्हें
अपने कदम बढ़ाओ।
अंधकार कब रोकेगी तुम्हें
दिल में उजाला लाओ।
तलवार की धार सहित
एक ऐसा ढाल दे दो।
इस दुनिया में छा जाओ
एक ऐसी मिसाल दे दो।

उस रात्रि की बेला में
कभी अंधकार तो मिलता है।
पर  किरणों का उपहार बांटने
सूरज रोज निकलता है।
उस राही का पंछी बनकर
खुला आकाश दे दो।
अंधकार को मिटाकर
सूर्य का प्रकाश दे दो।

मुश्किलें तो आती है
जो अपना सबक सिखाती है।
पर जो संभल जाए उस राह में
यहीं सब कुछ बताती है।
जीवन में जो पाया है
उसका जवाब दे दो।
कांटे ही कांटे अगर पाए हैं तो
उसमें गुलाब दे दो।

दूसरों को भी स्वर से जोड़ दें
वो कोयल की तान  लगती है।
तिनका _तिनका जोड़कर
अपनी पहचान बनती है।
सभी सुरों को दिल में जगा कर
ऐसी साज दे दो।
चितचोर बन जाए दुनिया
ऐसी आवाज दे दो।

नरेंद्र भाकुनी

---
अपनी यादें.....।

आज देख लो दुनिया में
कितने वक्त के पहरे हैं।
उन लम्हों से बनी कहानी
कुछ उथले कुछ गहरे है।

अपनी सीमा से जुड़ा हूं
पार करने की हदें हैं।
क्या करें जज़्बात सारा
सरहदें है, सरहदें है।

अपने गावों की जो डोली
उस जुबां में मीठी बोली।
याद आती हैं हमें है
गावों_गावों में जो टोली।
पर कहीं आ गया जो
झेल ली दुश्मन की गोली।

आज कहता पर्वतों से
उन हवाओं को बता दो।
मैं जुदा हूं, मैं अलग हूं
आज वादा तुम निभा दो।
याद आती है जमी की
उनको सारा ये जता दो।

कोई मुझको ये बता दो
सरहदों में भाई_चारा।
मैं भी खुश हूं, तुम भी खुश हो
लगता हैं खुश है मुल्क प्यारा।
इस वतन का मैं भी हूं, उस वतन तू कहीं है
रक्षा करूंगा मैं तो इसका
लगता कहीं हैं, ये सही है।

नरेंद्र भाकुनी

---
मार दो प्यारे इसको बाण


मान लो कहना मेरा मान
मार दो प्यारे इसको बाण।
चूके ना चुके चौहान
मार दो प्यारे इसको बाण।


रूद्र रूप जो बनकर देखो
बन जाओ महाकाल।
अभिलाषी हो, मान है तेरा
मां धरती के लाल।
पहुंचा दो तुम इसे शमशान
मार दो प्यारे इसको बाण।
ना चूके, चुके चौहान
मार दो प्यारे इसको बाण।

तुम वीरपुरूष, हे महापुरुष
तुम वीर अमर बलिदानी हो।
तुम वीर श्रेष्ठ, हे महाबली
तुम युद्ध जीत महा ज्ञानी हो।
ठान लो प्यारे दिल में ठान
मार लो प्यारे इसको बाण।
चूके ना चुके चौहान
मार लो प्यारे इसको बाण।

दूसरे देश के सारे दुश्मन
जहां_ तहां से झांके।
इसी दृश्य का साक्षी बनकर
बन जाऊं तुम्हारी आंखें।
छिपा हुआ गौरव अभिमान
मार दो प्यारे इसको बाण।
ना चूके, चुके चौहान
मार दो प्यारे इसको बाण।

मान लिया मैंने तेरा कहना
तुम हो मेरे दिल का गहना।
साथ _साथ से युद्ध लड़ेंगे
एक दूजे के दिल में रहना।
मारा मैंने  इसको बान
निकल गए जो इसके प्राण।
निकल गए जो इसके प्राण
पहुंच गया जो ये शमशान।

नरेंद्र भाकुनी
---
याद रहेगा सरयू का पानी

तेरी जुबानी, मेरी जुबानी
कुछ भी सुना है नई पुरानी।
बागनाथ के सुंदर तट पर
याद रहेगा सरयू का पानी।

उत्तराखंड की सुंदर वाणी
ऋषि मुनि जो रमाते धूनी।
जन्म यहीं पर भरत का भारत
दुनिया यह कहती देवों की भूमि।
इतिहास भी मुझसे कहता है
क्या राजा ,क्या रानी।
बागनाथ के सुंदर तट पर
याद रहेगा सरयू का पानी।

अलग _अलग के यात्री आते
अलग _अलग से लोग बताते।
कहीं कत्यूर, कहीं चंद थे
अलग-अलग के किस्से सुनाते।
कुछ भी कहो पर सुंदर है जो
इन लोगों की जुबानी।
बागनाथ के सुंदर तट पर।
याद रहेगा सरयू का पानी।

अलग_ अलग से वाद्ययंत्र है
अलग_ अलग की बेला।
जो सुंदर अद्भुत यहीं पर
उत्तरायणी का मेला।
आज किसी ने जाना है
हमने भी पहचानी।
बागनाथ के सुंदर तट पर
याद रहेगा सरयू का पानी।

जनश्रुतियां है ,कहानियां है
ताम्रपत्र _अभिलेख बताते।
महाकाल के भव्य_मंदिर में
बागनाथ की महिमा गाते।
मैंने सुना है तुम भी सुनाओ
कोई किस्सा या कहानी।
बागनाथ के सुंदर तट पर
याद रहेगा सरयू का पानी।

नरेंद्र भाकुनी

---
तुम और मैं।

तुम वो नदी की धार हो
मैं उस नदी का हूं किनारा।
लगता कहीं मझधार में
मिल गया कोई सहारा।

जीवन कहीं अंधकार था
आर था या पार था।
डर_डर के चमकी बिजलियां
जो मरने को तैयार था।
  पतझड़ में बहार बनकर
जाने कैसे मिल गए।
बाग में मुस्कान बनकर
फूल सारे खिल गए।

झरनों का  उम्मीद बनकर
मन भी मेरा  खो गया।
खुद नहीं था मन भी मेरा
वो मेरा जो हो गया।
इन वादियों में गा रही जो
तुम हो प्रकृति श्रृंगार हो।
झंकृत किसी ने यूं किया
तुम हो मेरी झंकार हो।

मैं उस खुदा से पूछता
तुम दूर हो, फिर पास हो।
मेरी धड़कनों में  जो आ  गए
तुम  श्वास हो ,एहसास हो।
और कहां  से जाने ढूंढता
तुम हो सदृश्य साक्षात हो।
जो जग गई थी उस धरा की
तुम प्रेम की बरसात हो।

मेरा मन गया, जो खो गया
कैसे कर दूं आज तर्पण।
जीवन भी मुझसे आज कहता
कर दूं मैं सारा तेरे अर्पण।
तुम हो मेरे प्रेरणा के स्वर
ये स्वर तुम्हारे नाम है।
तेरे नाम का अमृत पियूं
तुम हो मेरे सुबह _शाम हो।

नरेंद्र भाकुनी

---

इतने ऊंचे तुम बन जाओ .....।


इतने ऊंचे तुम बन जाओ
  पर्वत शीश झुकाए।
ऐसा सागर तुम बन जाओ
नदी जो मिलने आए।

दीप की रोशनी दिल में जगा दो
कर दो यह उजियारा।
अखिल लोक के अखिल सूर्य से
भागेगा अंधियारा।
भव्य मशाल तुम बन जाओ
अंधेरा कोसों मील तक भागे।
ऐसी किरण जो तुम बन जाओ
सुंदर कामना जगे।

कायर मत बन, जाग उठो तुम
हार ना मानों प्यारे।
गुलाब कहीं से खिलता है
कांटों के तो सहारे।
फूल भी कहते, खुशियां बिखेरों
ऐसा तुम बन जाओ।
सागर भी जो कहता है
मुझसे मिलने आओ।

उसी सूर्य से चमक उठो तुम
जैसा चमके तारा।
शांति की धारा ऐसी बहा दो
अमन हुआ जग सारा।
ऐसा अजातशत्रु बन जाओ
बस मित्र ही मित्र कहलाए।
बैर _भाव को छोड़ यहीं पर
शत्रु भी भागा जाए।

नरेंद्र भाकुनी

---
मेरा रत्न तेरा नाम

मेरी जान हैं,  मेरी शान है
अरमान है, फरमान है।
लिखता रहूं मै तेरे लिए
मेरे कलम को भी गुरूर और अभिमान हैं।

मैं जानता, मैं मानता
तू है मेरा, मैं हूं तेरा।
पर क्या करें अब हूं जुदा
तू मुल्क है मेरा खुदा।

महसूस हूं, महफूज हूं
तेरी मान का सम्मान  हूं।
तू है धरा की जननी है
मैं हूं गगन, आसमान हूं।

मैं छा गया, मैं आ गया
कहीं बादलों में खो गया।
कहीं मिल गया, कहीं खिल गया
कहीं जग गया, कहीं सो गया।

मैं राग का अनुराग हूं
जो जल गया वो दीप हूं।
कोई धुंध हैं जो छिप गया
  मैं मिल गया महाद्वीप हूं।

तू मुझसे है, मैं तुझसे हूं।
तू ही मेरा सब काम हैं।
मैं हूं झुका तेरे वास्ते
मेरी जुबां तेरा नाम है।

नरेंद्र भाकुनी

---
जाग  उठो......।

कहीं से आता कोई अगर भी
जहां_ कहां से तुमको झांके।
खिली हुई हैं हरियाली से
बन जाओ सब मेरी आंखें।

मेरी मन की वीणा कहती हैं
ये प्रीत सही पर मीत सही।
सजे_ धजे से ख्वाब बनाकर
कहीं गीत सही, संगीत सही।
मेरे मन को जो छू जाता है
मनमीत सही, मनप्रीत सही।


खुली हवा में श्वास भरकर
कहीं पवनदेव का वेग बनूं।
कहीं मस्त गगन का पंछी बनकर
मैं नीलगगन में राज करूं।
मैं साज बनूं, कविराज बनूं
आगाज़ बनूं, आवाज़ बनूं।

कहीं अंबर मुझसे कहता है
मै रजत रश्मि का सूरज हूं।
कहीं बाग भी कहता मै भी तो हूं
रंगीन छवि का नीरज हूं।
झंकार भी हूं, अंगार भी हूं
श्रृंगार भी हूं, हुंकार भी हूं।

नदियों में पतवार देखकर
नाव को देखा चलते हुए।
कहीं कृति की आभा कहती हैं
ज्वाला_ मुखी को जलते हुए।
मैं धार बनूं, तलवार बनूं
आधार बनूं , अधिकार बनूं।

नरेंद्र भाकुनी

---
अपनी कविता

कभी जुदा है, कभी सजग है
कभी मिलन है, कभी अलग है।
सुंदर से झरने ऊपर से नीचे
उत्तराखंड की भव्य_ झलक है।

हमारी कविता कहीं अगर है
मिलो कहीं पर अपना सा घर है।
युवा जुबां से मैं आज कह दूं
मेरी धरोहर ,अपना डगर है।

इन्हीं पहाड़ों से हमने सीखा
कल_कल सी कहती  नदियां बही है।
झर _झर से  झरने ऊपर से नीचे
उमंग सारी यही कहीं है।

मेरे युवा है कहीं अगर भी
कहीं से यादें निहारती हैं।
किसी धरा के तुम ही पुत्र हो
धरती माता पुकारती है।

कहीं अगर भी ये रहते हम
यही पलायन रुका नहीं है।
याद तो आती अपनी धरा की
रुला रही है ,रुला रही है।

_"नरेंद्र भाकुनी

---
रण_भेरी


सत्रह छिहत्तर ऐसी घटना
रक्त सी लाल हुई थी माटी।
मुगल की सेना, राजपूताने
लड़ उठे हल्दी की घाटी

“आज देख लो मानवता
कैसा रहा था ताप|
राजपूताना महाराणा थे
हल्दीधाटी मेँ प्रताप|

राजस्थान की हल्दी घाटी
कह रही थी बिछड़े आप|
ये सिँहों की टुकड़ी थी
बोल रही थी महा प्रताप|

राजपूताने कहते थे
ये भूमि जो बनी सुहागन|
मेरे रक्त का कतरा
करते है जो पावन|
मैं भी कहता आप भी बोलो
सारे मिलकर एक अलाप|
सिँहराज के एक वीर थे
वो थे राणा महा प्रताप|”

यहीं लड़ाका, राजपूताना
मेवाड़ मुकुट राजस्थानी का।
सिर मुगलों के कार गिराए
दूध पिया का क्षत्रानी का।

यहीं लड़ाका वीर मराठा
अमन हुआ जग सारा।
हाहाकार मचा दी जिसने
मुगलों को ललकारा।

इसकी ताकत सबसे ज्यादा
तलवारों से तोला था।
उस वीर शिवाजी के गौरव को
बच्चा_ बच्चा बोला था।

चाहे बंधन कैसे हो
अपनी दिलों से ही जोड़ेंगे।
पृथ्वीराज चौहान के प्रेमी हैं
तीर दो निशाने पर ही छोड़ेंगे।

नरेंद्र भाकुनी

---

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: हौसलों के पर - नरेंद्र भाकुनी
हौसलों के पर - नरेंद्र भाकुनी
https://1.bp.blogspot.com/-W9Qh2zkuBVE/XlYV7mnSxkI/AAAAAAABQ4g/UB2tg-zm6WE8tpjYUQkWRWNR-QFh4qaXQCLcBGAsYHQ/s320/art04.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-W9Qh2zkuBVE/XlYV7mnSxkI/AAAAAAABQ4g/UB2tg-zm6WE8tpjYUQkWRWNR-QFh4qaXQCLcBGAsYHQ/s72-c/art04.jpg
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2020/03/blog-post_67.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2020/03/blog-post_67.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content