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चुटकुले - 851 से 900

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चुटकुला # 0851 शर्मा जी अपने पड़ोसी के घर पहुंचे और बोले- देखिए आपके लड़के ने मेरे कमरे का शीशा ईट मारकर तोड़ दिया। पड़ोसी (शर्मा जी ...

चुटकुला # 0851

शर्मा जी अपने पड़ोसी के घर पहुंचे और बोले- देखिए आपके लड़के ने मेरे

कमरे का शीशा ईट मारकर तोड़ दिया।

पड़ोसी (शर्मा जी से)- आप उसकी हरकतो पर ध्यान मत दीजिए वह तो

पागल है।

शर्मा जी (पड़ोसी से) - तो फिर अपने मकान का शीशा क्यों नहीं तोड़ता?

पड़ोसी (शर्मा जी से)- क्योंकि वह इतना पागल भी नहीं है।

चुटकुला # 0852

एक कैदी (दूसरे कैदी से)- तुमसे कोई मिलने क्यों नहीं आता,क्या तुम्हारा

कोई रिश्तेदार नहीं है।

दूसरा कैदी- है तो, बहुत पर सारे इसी जेल में है।

चुटकुला # 0853

मां (बेटे से)- ‘तुम्हारा ऑफिस में काम कैसा चल रहा है?‘

बेटा (मां से)- ‘मेरे नीचे 25 आदमी काम करते है।‘

मां - ‘तो क्या तू अभी से अफसर हो गया?‘

बेटा- मां, ‘मैं ऊपर की मंजिल में काम करता हूं।‘

चुटकुला # 0854

प्रेमिका (प्रेमी से)- तुम इतने घबराये क्यों हो?

प्रेमी (प्रेमिका से)- मुझे एक व्यक्ति की ओर से धमकी भरा खत मिला है

कि मैंने उसकी पत्नी से मिलना नहीं छोड़ा तो वह मेरा खून कर देगा।

प्रेमिका (प्रेमी से)- तो फिर तुम उसकी पत्नी से मिलना क्यों नहीं छोड़

देते?

प्रेमी (प्रेमिका से)- पर धमकी भरा खत गुमनाम व्यक्ति ने लिखा है। मैं

कैसे जान सकता हूं कि उसकी पत्नी कौन है?

चुटकुला # 0855

मालिक (नौकर से)- ‘देखो मैं बाजार जा रहा हूं तुम दुकान का ध्यान

रखना। अगर कोई व्यक्ति आकर कोई आर्डर दे तो उसे पूरा करना।‘ कुछ

देर के बाद मालिक आया तो उसने नौकर से पूछा, ‘कोईर् आया था?‘

नौकर (मालिक से)- ‘जी हां आया था। उसने कहा कि दोनो हाथ ऊपर

उठाकर कोने में खड़े हो जाओ। मैंने ऑर्डर मान लिया और वह गल्ला

उठाकर चला गया।

चुटकुला # 0856

सेठ जी (नौकर से)- ‘तुमने आज मुझे नदी में डूबने से बचाया है। यह लो

दस रूपए का नोट। भुनाकर पांच रूपए तुम ले लो और पांच मुझे लौटा

दो।‘

नौकर - सेठ जी, यहां तो कोई दुकान भी नहीं है नोट कहां भुनाया जाए।

आप इसे अपने ही पास रख लीजिए। जब दोबारा डूबे तो मुझे दस रूपए

का नोट दे दीजिएगा।

चुटकुला # 0857

मोहन (अपने दोस्तो से शेखी बघारते हुए)- मैंने एक ही दिन में शेर की

गर्दन तोड़ दी, चीते के दो टुकड़े कर दिये और एक हाथी की टांग तोड़ दी।

दोस्त (हैरानी से)- फिर क्या हुआ?

मोहन - हुआ क्या? दुकानदार ने अपने खिलौनो की तोड़फोड़ के जुर्म में

मुझे जेल भिजवा दिया।

चुटकुला # 0858

पत्नी (पति से)- कितनी बार कहा है कि अपने बालों में खिजाब लगाओ,

बुड्‌ढे नजर आते हो।

पति (पत्नी से)- अरे भाग्यवान! अगर मैंने बालों में खिजाब लगा लिया तो

लड़कियो से बेधड़क बात नहीं कर पाऊंगा।

चुटकुला # 0859

भिखारी (राहगीर से) - जनाब मैं कोई मामूली भिखारी नहीं हूं। मैंने ‘रूपए

कमाने के 100 तरीके‘ नामक किताब लिखी है।

राहगीर (भिखारी से)- तो फिर तुम भीख क्यों मांगते हो?

भिखारी (राहगीर से)- क्योंकि यह उस किताब में बताया गया सबसे

आसान तरीका है।

चुटकुला # 0860

जज (चोर से) - तुम्हारी जेब में जो कुछ है, उसे निकालकर मेज पर रख

दो।

चोर (जज से)- यह तो सरासर नाइंसाफी है हुजूर। माल का आधा-आधा

होना चाहिए।

चुटकुला # 0861

प्रेमी (प्रेमिका से)- क्या तुम मुझसे शादी करोगी?

प्रेमिका (प्रेमी से)- नहीं मेरे यहां तो शादी घर वालो से ही होती है- मम्मी

की पापा से, भैया की भाभी से, चाचा की चाची से।

चुटकुला # 0862

मालिक (नौकर से)- ‘देखो मैं बाजार जा रहा हूं तुम दुकान का ध्यान

रखना। अगर कोई व्यक्ति आकर कोई आर्डर दे तो उसे पूरा करना।‘ कुछ

देर के बाद मालिक आया तो उसने नौकर से पूछा, ‘कोईर् आया था?‘

नौकर (मालिक से)- ‘जी हां आया था। उसने कहा कि दोनो हाथ ऊपर

उठाकर कोने में खड़े हो जाओ। मैंने ऑर्डर मान लिया और वह गल्ला

उठाकर चला गया।

चुटकुला # 0863

लड़की देखने गए एक परिवार के सामने लड़की के गुणो की प्रशंसा की जा

रही थी- ‘हमारी लड़की की आवाज कोयल जैसी है, उसकी गर्दन मोरनी

जैसी है, चाल हिरणी जैसी है और स्वभाव में गऊ जैसी है।‘

इस पर लड़के ने कहा- ‘जी इसमें कोई इंसानी गुण भी है क्या?‘

चुटकुला # 0864

वकील (गवाह से)- तुम गीता पर हाथ रखकर कहो, जो भी कहोगे सच

कहोगे, इसके सिवा कुछ भी नहीं कहोगे।

गवाह (वकील से)- नहीं वकील साहब, मैं गीता पर हाथ नहीं रखूंगा। मुझे

डर लगता है।

वकील - क्यों भई, गीता पर हाथ रखकर तुम्हें तो कसम खानी ही पड़ेगी।

गवाह - वकील साहब, दो वर्ष पूर्व मैंने पड़ोस में रहने वाली सीता पर हाथ

रखा था तो मुझे तीन साल की जेल की हवा खानी पड़ी थी। अब कही

गीता पर हाथ रखने पर मुझे उम्र कैद न हो जाये।

चुटकुला # 0865

एक पुलिस वाले ने रात के वक्त एक शराब पिए व्यक्ति को रोका और पूछा

कहां जा रहे हो?

व्यक्ति - मैं नशे से होने वाले नुकसान पर एक लेक्चर सुनने जा रहा हूं।

इस वक्त इतनी रात गए किसका लेक्चर है? पुलिस वाले ने पूछा।

व्यक्ति - ‘मेरी पत्नी और सास का।‘

चुटकुला # 0866

मैंनेजर ने अपने एक कर्मचारी के पिता को बुलाकर कहा- आपका लड़का

ऐसे काम कर रहा है, जैसे दस वर्ष से नौकरी कर रहा हो।

कर्मचारी के पिता ने पूछा- क्या वह इतने कम दिनो में ही अच्छा काम

करना सीख गया है?

‘जी नहीं, वह इतना अधिक आलसी हो गया है।‘ मैंनेजर ने जवाब दिया।

चुटकुला # 0867

आगरा से पागलो को हवाई जहाज में बिठाकर दिल्ली लाया जा रहा था।

पागल जहाज में हुड़दंग मचा रहे थे। उनमें से एक तो पायलट के कैबिन

में घुस गया और बोला, उठो जहाज मैं चलाऊंगा। पायलट ने हट्टे-कट्टे

पागल से उलझना ठीक न समझा और उससे कहा, ‘अगर तुम शोर मचा

रहे इन लोगो को शान्त कर दो तो मैं तुम्हें जहाज चलाने दूंगा।‘ पागल

कैबिन में चला गया और तीन-चार मिनट बाद आकर बोला, ‘लो शान्ति

हो गई है अब मुझे जहाज चलाने दो।‘ पायलट ने देखा सचमुच कोई

आवाज नहीं आ रही थी। उसने पागल से पूछा, ‘यह तुमने कैसे किया?‘

पागल बोला, ‘कुछ खास नहीं। जहाज उड़ रहा था मैंने उसका दरवाजा

खोलकर उनसे कहा उतरो हवाई अड्‌डा आ गया है और वे सब उतर गए।‘

चुटकुला # 0868

शराबी (अजय से ) - शराब से ज्यादा नुकसान तो पानी ने पहुंचाया है।

अजय (शराबी से)- नहीं भाई, आप गलत कह रहे है।

शराबी (अजय से)- क्यों भाई साहब, क्या पिछले साल बाढ़ से हजारो लोग

मरे नहीं थे?

चुटकुला # 0869

बॉस (स्टैनो से)- आज तुम फिर आधे घंटे देर से आयी। क्या तुम्हें मालूम

नहीं कि यहां पर काम कितने बजे से शुरू होता है।

स्टैनो (बॉस से)- मालूम नहीं सर दरअसल मैं जब भी यहां आती हूं लोगो

को काम करते हुए ही पाती हूं।

चुटकुला # 0870

बेटे को हाथो के बल घर में घुसते देखकर

बाप (बेटे से)- ‘बेवकूफ! यह क्या कर रहा है?‘

बेटा (बाप से)- आपकी आज्ञा का पालन कर रहा हूंं, पापा। आपने कहा

था न, अगर तू फेल हो गया, तो घर में कदम नहीं रखने दूंगा।

चुटकुला # 0871

मालिक (नौकर से)- ‘देखो मैं बाजार जा रहा हूं तुम दुकान का ध्यान

रखना। अगर कोई व्यक्ति आकर कोई आर्डर दे तो उसे पूरा करना।‘ कुछ

देर के बाद मालिक आया तो उसने नौकर से पूछा, ‘कोईर् आया था?‘

नौकर (मालिक से)- ‘जी हां आया था। उसने कहा कि दोनो हाथ ऊपर

उठाकर कोने में खड़े हो जाओ। मैंने ऑर्डर मान लिया और वह गल्ला

उठाकर चला गया।

चुटकुला # 0872

प्रेमी (प्रेमिका से) - तुम कितनी भोली हो क्या तुम मेरी आखाेे में मेरे

दिल का हाल नहीं पढ़ सकती?

प्रेमिका (प्रेमी से) - प्रेमिका ने शरारत भरे लहजे में कहा क्या तुम्हें पता

नहीं कि मैं अनपढ़ हूं।

दुकानदार (कारीगर से)- ‘क्या राय साहब के घर के दरवाजे की घंटी ठीक

कर आए?‘

कारीगर (दुकानदार से)- ‘कैसे करता? मैं काफी देर तक घंटी बजाता रहा,

पर किसी ने दरवाजा ही नहीं खोला।‘

चुटकुला # 0873

चित्रकार (ग्राहक से)- ‘साहब, मैं बेगम साहिबा की ऐसी तस्वीर बनाऊंगा,

जो बोल उठेगी।‘

ग्राहक (चित्रकार से)- ‘माफ करो भाई, इसने तो वैसे ही नाक में दम कर

रखा है। अगर इसकी तस्वीर भी बोलने लगेगी, तो जीना मुश्किल हो

जाएगा।‘

.

.

चुटकुला # 0874

एक औरत (राह चलते एक लड़के को सिगरेट पीते देखकर बोलती है) क्या

तुम्हारे मां बाप को पता है कि तुम सिगरेट पीते हो?

लड़का (औरत से) क्या आपके पति को पता है कि आप सड़क चलते किसी

भी अजनबी से बात करती है?

चुटकुला # 0875

मोहन (बॉस से) - सर मुझे अपनी बीबी के काम में हाथ बंटाना है।

इसलिए मुझे छुट्टी चाहिए।

बॉस (मोहन से) - छुट्टी बिल्कुल नहीं मिलेगी।

मोहन (बॉस से) - धन्यवाद सर, मैं जानता था कि मुसीबत में आप ही

मेरी मदद करेगे।

चुटकुला # 0876

बबलू (मम्मी से) - मम्मी प्लीज ये रस्सी अपनी जीभ से काट दो।

मम्मी (बबलू से) - बेवकूफ रस्सी जीभ से कैसे कट सकती है?

बबलू (मम्मी से) - क्यों? कल ही तो पापा कह रहे थे कि आपकी जुबान

कैची की तरह चलती है।

चुटकुला # 0877

जज (चोर से) - तुम्हारी जेब में जो कुछ है, उसे निकालकर मेज पर रख

दो।

चोर (जज से)- यह तो सरासर नाइंसाफी है हुजूर। माल का आधा-आधा

होना चाहिए।

चुटकुला # 0878

दो दोस्तो में किसी बात पर तू-तू-मैं-मैं हो गई। एक दोस्त दूसरे से बोला-

‘मैं अपनी बेइज्जती कराने यहां नहीं आया हूं।‘

दूसरे ने कहा- ‘तो आमतौर पर आप कहां जाते है?‘

चुटकुला # 0879

युवा फिल्म अभिनेता (प्रेमिका से)- आज तक मुझसे शादी के सैकड़ो

निवेदन किए जा चुके है।

प्रेमिका (अभिनेता से)- अच्छा, किस-किस ने निवेदन किया?

अभिनेता (प्रेमिका से) - ‘मेरे मम्मी और डैडी ने।‘ अभिनेता मुस्कराते हुए

बोला।

चुटकुला # 0880

शराबी (अजय से ) - शराब से ज्यादा नुकसान तो पानी ने पहुंचाया है।

अजय (शराबी से)- नहीं भाई, आप गलत कह रहे है।

शराबी (अजय से)- क्यों भाई साहब, क्या पिछले साल बाढ़ से हजारो लोग

मरे नहीं थे?

चुटकुला # 0881

मियां-बीवी में धन-दौलत की मिल्कियत को लेकर जबरदस्त कहा-सुनी हो

गई। बीवी ने गुस्से से कहा, ‘तुम्हारा इस घर में है क्या, जो कुछ है, सब

मेरे पिता ने दहेज में दिया है।‘

संयोगवश उसी रात घर में चोर घुस गए। बीवी की आंख खुल गई। वह

मियां को जगाने लगी, ‘जल्दी उठो, घर में चोर घुस आए है।‘

मियां ने करवट बदलते हुए कहा, ‘मैं क्यों उठूं, मेरा इस घर में है ही

क्या?‘

रेल के डिब्बे में एक सज्जन ने अपने सामने वाले व्यक्ति को चुपचाप बैठे

देखकर बातचीत करने के इरादे से कहा- भाई साहब आपका रूमाल नीचे

गिर गया है।

इस पर उस व्यक्ति ने कहा- मेरा रूमाल गिर गया है, इससे आपको क्या

मतलब? आपका कोट सिगरेट से जल रहा है, पर मैंने तो कुछ नहीं कहा।

चुटकुला # 0882

चार व्यक्तियो को अदालत में पेश किया गया। इल्जाम था कि वे पार्क में

बैठे जुआ खेल रहे थे। मजिस्ट्रेट ने बारी-बारी से उनसे पूछा। पहले ने

कहा, मैं उस दिन यहां था ही नहीं। सबूत के तौर पर अपने ट्रैवल एजेट से

रेल टिकट की रसीद दे सकता हूं।

दूसरा बोला - ‘उस दिन मैं घर पर बुखार में पड़ा था। डॉक्टर का

सर्टीफिकेट पेश कर सकता हूं।‘

तीसरे का जवाब था, ‘मैंने आज तक कभी जुआ नहीं खेला, ताश को हाथ

तक नहीं लगाया।‘

चौथा चुपचाप खड़ा रहा।

उससे पूछा, और तुम भी जुआ नहीं खेल रहे थे?

वह बोला, जी मैं अकेला जुआ कैसे खेल सकता हूं।

चुटकुला # 0883

एक छाताधारी सैनिक से उनके अफसर ने पूछा, ‘तुमने कितनी बार हवाई

जहाज से छलांग लगाई है।‘

‘केवल एक बार।‘ सैनिक ने उत्तर दिया।

‘लेकिन तुम्हारे सर्विस रिकार्ड में तो पन्द्रह बार लिखा हुआ है।‘

‘शेष चौदह बार तो मुझे धकेला गया था।‘ सैनिक ने कहा।

चुटकुला # 0884

जज (अभियुक्त से)- तुम्हारी पहली पत्नी की मौत कार दुर्घटना से हुई थी,

जबकि दूसरी पत्नी जहर खाकर मर गई। ऐसा क्यों हुआ?

अभियुक्त (जज से)- दूसरी पत्नी कार चलाना नहीं जानती थी।

चुटकुला # 0885

एक ग्राहक होटल के बैरे से- अरेे इस गिलास में पत्ता गिरा है।

बैरा (ग्राहक से) - इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं है साहब, इस शहर में

हमारे होटल की कई शाखाएं है।

चुटकुला # 0886

एक शराबी बार में बैठा जोर-जोर से रो रहा था। पास बैठे रमेश को उस

पर दया आयी। पास आकर उसने सहानुभूति जतायी और शराबी से पूछा-

‘आप क्यों रो रहे है?‘

शराबी बोला ‘कल मुझसे एक बहुत बड़ी गलती हो गयी, मैंने अपनी पत्नी

को शराब की एक बोतल की एवज में बेच डाला।‘

रमेश - ‘तो तुम अब अनुभव कर रहे हो कि पत्नी को तुम्हारे पास होना

चाहिए?‘

शराबी - ‘हां, मैं उसकी कमी महसूस कर रहा हूं।‘

रमेश - उसे बेचने के बाद तुम्हें पता लगा होगा कि तुम उससे कितना

प्यार करते हो?‘

शराबी - ‘नहीं, नहीं, दरअसल अब मुझे फिर शराब की जरूरत महसूस हो

रही है।‘

चुटकुला # 0887

सड़क पर दो मजदूर काम कर रहे थे। एक गड्ढा खोदता दूसरा पीछे से

भर देता। एक आदमी बहुत देर से देख रहा था, उससे रहा नहीं गया।

उसने कहा- ‘ये आप लोग क्या कर रहे है?‘

गड्ढा खोदने वाला- ‘हम लोग सरकारी कर्मचारी है। अपना काम कर रहे

है।‘

मुसाफिर, ‘लेकिन यह कैसा काम है एक गड्ढा करता है दूसरा भर देता

है।‘

गड्ढा खोदने वाला- ‘दरअसल हमारी तीन लोगो की ड्‌यूटी है। मैं गड्ढा

खोदता हूं दूसरा पेड़ लगाता है तीसरा उसे बंद करता है। आज दूसरा यानी

पौधे रखने वाला व्यक्ति छुट्टी पर है।‘

चुटकुला # 0888

टिकट चैकर (यात्री से)- टिकट दिखाओ।

यात्री (झट जेब से निकाल कर)- यह लीजिए।

टिकट चैकर - यह तो प्लेटफार्म टिकट है।

यात्री- जहां मैं उतरूंगा वहां प्लेटफार्म तो होगा ही।

चुटकुला # 0889

रामनाथ बहुत घबराया हुआ थाने पहुंचा। थानेदार ने जब घबराहट का

कारण पूछा तो बोला, ‘मेरी पत्नी मायके गई हुई है। मैं आज सुबह जब

सोकर उठा तो देखा मेरे कमरे की अलमारी खुली थी, मेरा कीमती सामान

और रुपए चोरी हो चुके थे। सामान अस्त-व्यस्त था, संदूक टूटे हुए मिले।

मेरे ताेे हाथो के तोते ही उड़ गए......।‘

थानेदार ने कलम उठाई और तुरंत पूछा, ‘कुल कितने तोते थे?‘

चुटकुला # 0890

मालिक (नौकर से)- ‘देखो मैं बाजार जा रहा हूं तुम दुकान का ध्यान

रखना। अगर कोई व्यक्ति आकर कोई आर्डर दे तो उसे पूरा करना।‘ कुछ

देर के बाद मालिक आया तो उसने नौकर से पूछा, ‘कोईर् आया था?‘

नौकर (मालिक से)- ‘जी हां आया था। उसने कहा कि दोनो हाथ ऊपर

उठाकर कोने में खड़े हो जाओ। मैंने ऑर्डर मान लिया और वह गल्ला

उठाकर चला गया।

एक आदमी कब्रिस्तान से गुजर रहा था। उसने एक आदमी को कब्र पर

बैठे देखा। उसने कब्र पर बैठे व्यक्ति से पूछा, ‘तुम्हें यहां पर डर नहीं

लगता?‘

कब्र पर बैठा व्यक्ति बोला, डरने की क्या बात है। अंदर गर्मी लग रही थी

इसलिए बाहर आ गया।

चुटकुला # 0891

दिल्ली के सेठ जी के इकलौते बेटे को बहुत तेज रफ्तार से कार चलाने की

आदत थी। एक बार वह अपने दोस्तो के साथ पिकनिक मनाने आगरा

जाने लगा, तो सेठ जी से बोला- पिताजी, मेरी सलामती के लिए दुआ

कीजिएगा।

‘हां बेटा, लेकिन इस बात का ध्यान रखना कि मेरी दुआ की स्पीड 45

किमी. प्रति घंटे से ज्यादा की नहीं है।‘ सेठ जी बोले।

चुटकुला # 0892

थानेदार (देहाती से) - क्या तुम्हारे गांव में आग लग गई थी?

देहाती (थानेदार से) - जी हां, हजूर सारा गांव जल कर राख हो गया था।

थानेदार (देहाती से) - कुछ बचा भी?

देहाती (थानेदार से) - बस आग बुझाने वाली गाड़ी क्योंकि वह देर से आई

थी।

चुटकुला # 0893

पंकज (मीनू से)- मुझसे शादी करोगी?

मीनू (पंकज)- नहीं! हमारे यहां तो परिवार में ही शादी होती है....मम्मी

की पापा से.....भैया की भाभी से.....मामा की मामी से.......

रमेश (नेता जी से)- अरे, आपका लड़का फेल हो गया है और आप मिठाई

खिला रहे हो?

नेता जी - पास, फेल क्या मायने रखता है, बहुमत तो इसके साथ है।

पचास की कक्षा में पैतीस बच्चे इसके साथ फेल हुए है।

चुटकुला # 0894

रमा (हेमा से)- मैंने निश्चय कर लिया है कि जब तक मैं पच्चीस वर्ष की

नहीं हो जाती, शादी नहीं करूंगी।

हेमा (रमा से)- और मैंने भी निश्चय कर लिया है कि जब तक मेरी शादी

नहीं हो जाती, मैं पच्चीस वर्ष की ही नहीं होऊंगी।

चुटकुला # 0895

लेखक (मित्र से)- ‘दस साल लिखते रहने के बाद मुझे पता चला है कि

मुझमें साहित्य सृजन की प्रतिभा बिल्कुल नहीं है।‘

मित्र (लेखक से)- तो फिर तुमने लिखना छोड़ दिया?

लेखक (मित्र से)- ‘नहीं तब तक मैं काफी मशहूर हो चुका था।‘

चुटकुला # 0896

मालिक गुस्से में नौकर से- ‘मैं एक घंटे से घंटी बजा रहा हूं।'

नौकर तुरंत बोला- आप मालिक है। एक घंटे तो क्या आप सारे दिन घंटी

बजा सकते है।

चुटकुला # 0897

एक बॉस दूसरे बॉस से- तुम्हारा कर्मचारी इतना ईमानदार है, लेकिन तुम

हमेशा उसकी बुराई क्यों करते रहते हो?

बॉस - ताकि कोई उसे फुसलाकर न ले जाए।

चुटकुला # 0898

राकेश ने मुकेश से पूछा तुमने वाकई उस लड़की से शादी करने का पक्का

फैसला कर लिया है?

मुकेश - हां यार, अब मजबूरी है।

राकेश - कैसी मजबूरी है?

मुकेश -वह लड़की इतनी मोटी हो गई है कि मंगनी में जो अगूठी मैंने उसे

दी थी, वह उतरती ही नहीं है।

ड्राइंग रूम में सजे शेर को देखकर मेहमान ने मेजबान से पूछा, ‘बड़ा

सुन्दर शेर है। इसे कहां से लाये हो?'

मेजबान बोला, ‘श्रीलंका से, जब वहां मैं और चाचा शिकार खेलने गए थे।'

मेहमान - ‘इसके पेट में क्या भरा है?'

‘मेरे चाचा।' मेजबान बोला।

चुटकुला # 0899

एक सेठ जी अपने बेटे को स्कूल में दाखिल कराने गए तो प्रिंसीपल ने

कहा, ‘सेठ जी, आपने देर कर दी, अब तो कोई भी सीट खाली नहीं है।'

‘आप चिंता मत करे लड़के को दाखिल कर ले, बैठने के लिए कुर्सी मैं घर

से भेज दूंगा।'

चुटकुला # 0900

सेठ (खाने की थाली देखकर)- ‘इतनी महंगाई में रोटी पर इतना घी?'

नौकर (सेठ से)- ‘मालिक, माफ करे। शायद गलती से मेरी रोटी आपके

पास आ गई।'

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर: 4
  1. हसने हसाने का मसाला तो काफी परोसा है, पर कुछ चुटकुले दो-दो बार और ये वाला तो चार-चार बार आपने सुना दिया-
    मालिक (नौकर से)- ‘देखो मैं बाजार जा रहा हूं तुम दुकान का ध्यान

    रखना। अगर कोई व्यक्ति आकर कोई आर्डर दे तो उसे पूरा करना।‘ कुछ

    देर के बाद मालिक आया तो उसने नौकर से पूछा, ‘कोईर् आया था?‘

    नौकर (मालिक से)- ‘जी हां आया था। उसने कहा कि दोनो हाथ ऊपर

    उठाकर कोने में खड़े हो जाओ। मैंने ऑर्डर मान लिया और वह गल्ला

    उठाकर चला गया।

    जवाब देंहटाएं
  2. Taresh.7:25 am

    Kuch hi Chutkule acche the. Bahoot saare toh bore the aur bahoot saare repeat kiye the. Par net par hindi padkar mazza aa gaya. :)
    Keep the good work going rachnakar ji.
    Sanjay bhai tumne hindi mai comments kaise daale.

    जवाब देंहटाएं
  3. aapke chutkulo ne bahut hasaya. maza aa gaya

    जवाब देंहटाएं
  4. PINKY5:28 pm

    chutkule bahut acche the, padhker bahut hansi aayi, hame itna hansane ke liye THANK YOU.

    जवाब देंहटाएं
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अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,709,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,794,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,17,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,84,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,205,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,77,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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