रैवन की लोककथाएँ - 3 - : 3 बोलता रैवन जो हीरो बन गया // सुषमा गुप्ता

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टैरी किंग बगदाद के हवाई अड्डे के पास बनी अपनी बैरक के बाहर एक पेड़ के साये में बैठा एक पेपरबैक किताब पढ़ रहा था। एक घंटे पहले ही वह ग्रीन ज़ोन...

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टैरी किंग बगदाद के हवाई अड्डे के पास बनी अपनी बैरक के बाहर एक पेड़ के साये में बैठा एक पेपरबैक किताब पढ़ रहा था।

एक घंटे पहले ही वह ग्रीन ज़ोन से जाने वाली डाक ले कर लौटा था सो अब वह ज़रा आराम कर रहा था। उसको यह खतरनाक यात्रा दिन में दो बार करनी पड़ती थी। टैरी एक ट्रक ड्राइवर था और ईराक में ट्रक चलाना एक बहुत ही खतरनाक काम था।

पढ़ते पढ़ते टैरी को पास के एक बिजली के खम्भे पर बैठा एक बड़ा काला रैवन दिखायी दे गया। रैवन कुछ अजीब किस्म की आवाजें निकाल रहा था। असल में उन्हीं आवाजों ने टैरी का ध्यान किताब से हटा कर अपनी तरफ खींचा था।

वह यह तो यकीन से नहीं कह सकता था कि वह क्या कह रहा था पर उसको लगा कि जैसे उसने कहा - "तुमने तो यह पेज पहले ही पलट लिया है।" उसने सोचा कि उसको शायद धोखा हुआ है। एक रैवन ऐसा कैसे बोल सकता है सो उसने फिर से अपनी किताब आगे पढने के लिये पेज पलट लिया।

वह अपनी कहानी में इतना डूबा हुआ था कि उसको पता ही नहीं चला कि कब वह रैवन उसके पास रखी खाली कुरसी के तकिये पर आ कर बैठ गया।

एक दो पेज पढ़ने के बाद ही उसे लगा कि कोई उसको ध्यान से देख रहा है। चौंक कर उसने देखा तो वह चिड़ा ही उसकी तरफ बड़े ध्यान से देख रहा था। वह अपना सिर कभी इधर घुमाता कभी उधर। ऐसा लग रहा था जैसे वह उसका चेहरा पढ़ने की कोशिश कर रहा हो।

टैरी ने अपनी किताब अपनी गोद में रख दी और वह भी उस चिड़े की तरफ ध्यान से देखने लगा। उसके चमकीले काले पंख बहुत ज़ोर से चमक रहे थे। उसकी काले शीशे जैसी आँखें उसे बड़ी उत्सुकता से देख रहीं थीं जैसे उससे कुछ कहना चाहती हों।

और फिर वह हुआ जो टैरी के लिये बड़ा ही आश्चर्यजनक था जो उसने कभी सोचा भी न था। वह चिड़ा बोला और बोला भी ऐसे कि टैरी उसे समझ सका।

रैवन बोला - "क्या तुम वे पेज पलटने नहीं जा रहे? क्योंकि तुम्हारे साथ साथ मैं भी तो यह किताब पढ़ रहा हूँ।"

टैरी ने कुछ हिचकिचा कर पूछा - "क्या? तुमने क्या कहा?"

रैवन बोला - "मुझे यकीन है कि तुमने मुझे ठीक सुना। मैं भी तुम्हारे साथ साथ तुम्हारी यह किताब पढ़ रहा था पर तुम मेरे मुकाबले में बहुत ही धीमे पढ़ने वाले हो। वैसे यह बहुत ही अच्छी किताब है।

टैरी बोला - "पक्षी तो पढ़ नहीं सकते। पर जब मैं तुमको बोलते सुन रहा हूँ तो मुझे लग रहा है कि मैं सपना देख रहा हूँ।"

रैवन बोला - "नहीं नहीं। यह तुम्हारा सपना नहीं है, कौरपोरल। मैं सचमुच बोल सकता हूँ और मैं ठीक से पढ़ भी सकता हूँ। बल्कि मेरी नजर तो तुम जैसे आदमियों की नजर से भी ज़्यादा तेज़ है।

मैं उस बिजली के खम्भे पर बैठा तुम्हारी यह किताब आसानी से पढ़ सकता था। पर मुझे पढ़ने में ज़्यादा आनन्द तब आता अगर तुम इतना धीमा न पढ़ते और अपनी किताब का पेज पलटने में इतना ज़्यादा समय न लगाते।"

टैरी बोला - "मैंने टेलीविजन में बोलता हुआ घोड़ा सुना है जिसका नाम मिस्टर टैड है पर मैंने कभी बोलता हुआ पक्षी नहीं सुना। नहीं नहीं, मैंने बोलता हुआ तोता भी सुना है।"

रैवन बोला - "तब तो तुम्हें एक रैवन को बोलते हुआ सुन कर आश्चर्य नहीं करना चाहिये।"

एक दो मिनट तक तो टैरी कुछ बोला नहीं क्योंकि अभी भी वह रैवन को बोलते सुन कर आश्चर्यचकित था पर टैरी को जल्दी ही विश्वास हो गया कि हालाँकि यह सब आश्चर्यजनक था पर सच था। सो उसने रैवन से बातचीत जारी रखने का निश्चय किया।

टैरी बोला - "तुम्हारा नाम क्या है रैवन?"

रैवन बोला - "आदमियों की भाषा में मेरा नाम उमर है, उमर, बोलने वाला रैवन।"

टैरी बोला - "यह नाम तो तुम्हारे लायक ही है। अच्छा यह बताओ कि तुमने बोलना सीखा कहाँ से? क्या तुम जब यह दिखाना चाहते हो कि तुम उस जगह पर बैठे हो तो आदमी की आवाज की नकल करते हो?"

रैवन बोला - "हाँ, शुरू में शायद कुछ ऐसा ही हुआ होगा। मैंने किसी आदमी से अपनी पहली बातचीत शायद ऐसे ही शुरू की होगी। मेरी पहली बातचीत तब थी जब मैंने केवल शब्दों को दोहराने से कुछ ज़्यादा ही बोला था।

और यह मैंने तब किया जब मुझे यह लगा कि मैं आदमियों की भाषा समझता हूँ और उसे अपने विचार बताने के लिये इस्तेमाल कर सकता हूँ और दूसरा क्या कह रहा है वह भी समझ सकता हूँ।

जिस आदमी से मैंने पहली बातचीत की थी इत्तफाक से उसका नाम भी उमर ही था। मैंने उसकी इज़्ज़त करने के लिये अपना नाम भी उमर रख लिया हालाँकि "बोलने वाला रैवन" मेरे नाम के आगे उसी ने जोड़ा था।"

टैरी ने पूछा - "कौन था वह? क्या वह कोई ईराकी था?"

रैवन बोला - "नहीं नहीं, वह तो एक अंगरेज था। मैं उससे मिश्र देश में मिला था। मिश्र में मैं अपने मौसम में जाता हूँ। जब गरमी मेरे लिये बहुत ज़्यादा हो जाती है तो मैं मिश्र चला जाता हूँ जहाँ के समुद्र के किनारे की ठंडी हवाएँ मुझे बहुत अच्छी लगती हैं।"

टैरी बोला - "तुमने कहा कि उमर अंग्रेज था। उमर नाम तो अंग्रेजों का नहीं होता। किसी अंग्रेज का उमर नाम होना तो बड़ी अजीब सी बात है।

क्या तुम यकीन के साथ कह सकते हो कि उस आदमी का नाम उमर ही था और वह अंग्रेज ही था? क्या वह अभी भी ज़िन्दा है और मिश्र में ही है?"

रैवन बोला - "मुझे दुख है कि वह अब ज़िन्दा नहीं है। मेरा पहला आदमी दोस्त तो एक बूढ़ा आदमी था। कुछ साल हुए वह भी मर गया।

मगर उसका नाम सचमुच में ही उमर था। वह कालीनों का व्यापार करता था। उसकी माँ मिश्र की थी और उसका पिता ब्रिटेन का एक सिपाही था। उसी ने मुझे पढ़ना सिखाया।

उसके आखिरी दिनों में उसकी देखने की ताकत चली गयी थी इसलिये मैं उसको किताबें पढ़ कर सुनाता था। उसको वह अच्छा लगता था। मुझे उसकी बहुत याद आती है।"

टैरी को उससे बात करके बड़ा अच्छा लग रहा था। वह आगे बोला - "क्या तुम अंग्रेजी के अलावा और भी कोई भाषा बोल और पढ़ सकते हो?"

रैवन बोला - "नहीं, केवल अंग्रेजी। मुझे बोलने वाले शब्दों और छपे हुए शब्दों को जैसे कि किताब में लिखे रहते हैं आपस में मेल मिलाने में भी काफी देर लगी।

मुझे तुम अमेरिकन लोगों का यहाँ आना बहुत अच्छा लगा क्योंकि मैं एक बार फिर से यह भाषा सुन और देख सका। और इसीलिये मैं यह देखने के लिये यहाँ रुक गया कि तुम क्या पढ़ रहे हो।"

टैरी यह सुन कर मुस्कुराया और उसने अपने नये दोस्त से कुछ और सवाल पूछने का विचार किया।

टैरी बोला - "तुम कहते हो कि तुम्हारी नजर आदमियों की नजर से ज़्यादा अच्छी है। मैं इस बात को मना नहीं करता क्योंकि मैं जानता हूँ कि चील गिद्ध भी अपना शिकार बहुत दूर से देख लेते हैं पर मुझे यह नहीं मालूम था तुम जैसे रैवन भी बहुत दूर तक देख सकते हैं।

क्या तुम देख सकते हो कि अमेरिकन लोगों पर कौन गोली चला रहा है? मेरा मतलब है कि क्या तुम बता सकते हो कि गोली चलाने वाले ने किसी दूसरी तरह के कपड़े पहन रखे हैं या नहीं? और क्या वह किसी अमेरिकन आदमी या अमेरिकन गाड़ी पर गोली चलाने वाला है?"

रैवन बोला - "ओह यह तो बहुत आसान है। मैंने अक्सर लोगों को तुम लोगों के ऊपर हमला करने के लिये अपने आपको सँभालते और अपने राकेट फेंकने वाली मशीनों को ठीक से रखते ऊँचाई से देखा है।

मैंने उन लोगों को बम रखने के लिये सड़कों को खोदते हुए भी देखा है। उनको ऐसी जगह भी बम रखते देखा है जहाँ ट्रक और टैंक आते जाते रहते है।"

"तुम हमारे सिपाहियों को इस बारे में कुछ बताते भी हो या केवल देखते ही रहते हो?"

रैवन बोला - "मैं यह कहते हुए बहुत शर्मिन्दा हूँ कि मैं केवल उनको देखता ही रहता हूँ। तुम पहले अमेरिकन हो जिससे मैंने बात की है।"

टैरी बोला - "तो क्या तुम ऐसा कर सकते हो कि तुम मेरे ट्रक के ऊपर उड़ो और जब मैं ग्रीन ज़ोन से यहाँ हवाई अडडे तक आ या जा रहा होऊँ तो कभी मुझे कुछ खतरा हो तो मुझे बताओ? अगर तुम मेरे दोस्त बन जाओ तो यह तुम मुझको केवल मेरी तरफ देख कर ही बता सकते हो।"

रैवन बोला - "हाँ मैं ऐसा कर तो सकता हूँ कौरपोरल, पर तुम एक बात ध्यान में रखना कि मैं तुम्हारा या यहाँ के लोगों का वफादार नहीं हूँ। मैं तो यहाँ कुछ दिनों के लिये हूँ। जब गरमी का मौसम आ जायेगा तो मैं यहाँ से चला जाऊँगा।"

टैरी आगे बोला - "कोई बात नहीं। मेरा कहने का मतलब तो केवल इतना था कि अगर तुम मुझे मेरे रास्ते में आने वाले खतरे के बारे में पहले से ही बता दोगे तो मेरी ज़िन्दगी बहुत आसान हो जायेगी। अगर तुम ऐसा करोगे तो तुम्हारी बड़ी मेहरबानी होगी।"

रैवन बोला - "तुम एक बात और समझ लो कौरपोरल, कि तुम्हारे ट्रक के शोर में मेरी आवाज तुमको नहीं भी सुनायी दे सकती हालाँकि मैं सब कुछ देख रहा होऊँगा।"

टैरी बोला - "मैं समझ गया मेरे दोस्त। उसके लिये हम कुछ और इन्तजाम कर सकते हैं। असल में हम कुछ सिगनल बना लेंगे जिनको तुम इस काम के लिये इस्तेमाल कर सको - जैसे जब तुम नीचे उड़ोगे तो मैं रुक जाऊँगा। या फिर मेरे आगे जिस दुश्मन पर तुमको शक हो तुम उसके ऊपर गोल गोल उड़ो तो मैं समझ जाऊँगा कि वह मेरा दुश्मन है।

क्या ऐसा सिगनल कुछ काम करेगा? और हाँ मेरा नाम टैरी है।"

रैवन बोला - "जो कुछ भी तुम करो टैरी वह तुम्हारी मरजी। पर इस सबको करने से भी पहले सबसे पहले यह बहुत जरूरी है कि मैं तुम्हारी गाड़ी को सड़क के ऊपर से पहचान सकूँ।

उसके लिये क्या तुम अपने रेडियो के ऐन्टीना पर कोई ऐसा कपड़ा बाँध सकते हो जिससे सड़क पर चलने वाली और गाड़ियों से मैं तुम्हारी गाड़ी को अलग कर सकूँ?"

टैरी बोला - "हाँ यह तो मैं कर सकता हूँ। मेरे पास एक बहुत ही चमकीले हरे रंग का स्कार्फ है मैं वह अपने गाड़ी के रेडियो के ऐन्टीना पर बाँध दूँगा। क्या तुम रंग पहचान सकते हो या केवल काला और सफेद ही पहचानते हो?"

रैवन ने कहा - "हाँ मैं रंग पहचान सकता हूँ। जैसे कत्थई और हरे रंग की छिपाने वाली फौजी पैन्ट, सफेद बनियान और लाल बेसबौल टोपी, ठीक?"

टैरी बोला - "बहुत अच्छे। सो तुम रंग पहचानते हो। मैं कल ही अपनी गाड़ी के ऐन्टीना पर अपना हरा स्कार्फ बाँध लेता हूँ। और अगर इससे काम नहीं चला तो उसे मैं अपने दरवाजे के हैन्डिल में बाँध लूँगा या दरवाजे में अटका दूँगा।"

रैवन बोला - "मेरे विचार में यह दरवाजे के हैन्डिल में बाँधने वाला विचार ज़्यादा ठीक रहेगा। तो फिर तुम ग्रीन ज़ोन दोबारा कब जा रहे हो?"

टैरी बोला - "अब मैं कल सुबह जब सूरज निकलता है तभी जाऊँगा। मैं पहले यहाँ के हवाई अड्डे से ऐम्बैसी की डाक लेने जाऊँगा ओर फिर ग्रीन ज़ोन उसको देने जाऊँगा।

वहाँ के मरीन गार्ड नये डाक के थैले मेरे ट्रक में लादेंगे और फिर मैं तुरन्त ही यहाँ हवाई अड्डे वापस आ जाऊँगा। इससे पहले कि वे चाउ लाइन बन्द करें मैं यहाँ नाश्ते के लिये आना चाहता हूँ।"

रैवन ने अपनी गरदन इधर उधर हिला कर पूछा - "चाउ लाइन? यह क्या होता है?"

टैरी ने उसे उत्तर की तरफ इशारा करते हुए समझाया - "यह वह जगह है जहाँ मुझे नाश्ता मिलता है। वह जो पार्किंग की जगह देख रहे हो न, उस पार्किंग की जगह को पार करके हमारा खाने का कमरा है, वहीं।"

अचानक रैवन अपनी उस कुरसी पर से बिजली के खम्भे की तरफ उड़ा और ज़ोर से चिल्लाया - "ओ कौरपोरल किंग, कैप्टेन तुमसे अभी मिलना चाहता है।"

तभी सार्जेन्ट की तेज़ आवाज ने टैरी की बातचीत को रोक दिया और सार्जेन्ट भी वहीं उसको कैप्टेन के पास चलने के लिये कहने के लिये आ पहुँचा।

उमर उस बिजली के खम्भे पर बैठा यह सब देख रहा था। टैरी अपने हैड क्वार्टर पहुँचा। हैड क्वार्टर पहुँचने से पहले उसने अपनी कमीज पैन्ट के अन्दर की, टोपी उतारी और तब अपने दफ्तर में घुसा।

कैप्टेन के दफ्तर के बाहर एक कुरसी पर एक और कौरपोरल बैठा था उसने टैरी से कहा - "तुम कैप्टेन के पास अन्दर जा सकते हो। कैप्टेन तुमसे कुछ कहना चाहता है।"

टैरी ने अन्दर जा कर कैप्टेन को सैल्यूट किया और बोला - "आपने मुझे बुलाया सर?"

"हाँ कौरपोरल किंग। कल सुबह तुमको यू ऐस ऐम्बैसी में ठीक 7 बजे पहुँचना है। वहाँ से तुमको एक खास राजकीय थैला सीधा बेस औपरेशन्स के लिये ले कर आना है।

बेस औपरेशन्स जा कर पहले तुम उस पायलेट को ढूँढना जो कुछ खास लोगों को वापस वाशिंगटन ले कर जा रहा है। वह थैला तुम सीधे उस पायलेट को दे देना और उससे थैला लेने के बदले में दस्तखत ले लेना।

बाकी बची हुई रोज मर्रा की डाक जहाँ डाक ले कर जाते हो फिर उसे वहाँ ले जाना। समझ गये न? कुछ और पूछना है?"

"कुछ नहीं सर। मैं समझ गया। सर, आपको पायलेट का नाम मालूम है?"

"नहीं कौरपोरल, मुझे उसका नाम नहीं मालूम। तुम जहाँ से चिट्ठियाँ जाती हैं वहीं के क्लर्क से पूछ लेना।"

टैरी बोला - "ठीक है सर। मैं वहीं से पूछ लूँगा।"

कैप्टेन फिर बोला - "हाँ एक बात और, तुम अपने साथ दो हथियारबन्द गार्ड और ले जाना। यह खास राजकीय थैला बहुत खास है और किसी भी हालत में किन्हीं गलत हाथों में नहीं पड़ना चाहिये।

सार्जेन्ट कैमिन्स्की और प्राइवेट लोपेज़ 6 बजे मिलने वाले हैं। अपनी गाड़ी और गैस ठीक से देख कर रखना।"

"जी सर। सार्जेन्ट कैमिन्स्की और प्राइवेट लोपेज़? क्या उनको भी बता दिया गया है सर?" टैरी ने पूछा।

"हाँ कौरपोरल। बस अब जाओ।"

टैरी ने कैप्टेन को सैल्यूट मारा और उसके दफ्तर से बाहर आ गया। यह कोई पहली बार नहीं था कि वह राजकीय डाक ले कर आ रहा था इसलिये वह यह अच्छी तरह जानता था कि उसको उस डाक को कैसे ले कर आना है।

जब टैरी उस कौरपोरल की मेज के पास से गुजरा जिससे वह जब दफ्तर के अन्दर आया था तब मिला था तो वह कौरपोरल बोला - "गुड लक टैरी। कुछ समय के लिये शायद डाक लाने के लिये तुम्हारा यह आखिरी चक्कर हो।

तुम्हारे कुवैत के तबादले के कागज आ गये है। तुम्हारा यहाँ का काम 2 महीने की कुवैत की ड्यूटी के बाद खत्म हो जायेगा। मुझे लगता है कि इस ग्रीन ज़ोन को आने जाने के खतरनाक काम के बाद अब तुमको कुछ आसान काम मिल जायेगा।"

टैरी आश्चर्य से बोला - "सच में? कुवैत? इसके बारे तो मैंने कभी सोचा ही नहीं था। यहाँ का काम खत्म होने से पहले मैं अपने आपको किस तरह जाँचूँ?"

वह कौरपोरल बोला - "तुम बहुत ही खुशकिस्मत हो टैरी। खुद कैप्टेन ने तुम्हारे लिये इसका इन्तजाम किया है। कल थोड़ा सावधान रहना, बस।"

"यकीनन। मैं कुवैत कब जाऊँगा?"

कौरपोरल बोला - "अगले हफ्ते। अगले बुधवार को तुम एक खास फ्लाइट से वहाँ जाओगे। हाँ, तुम उस दिन साढ़े नौ बजे जाओगे। मैं तुम्हारी कागजी कार्यवाही सोमवार तक तैयार कर दूँगा।"

टैरी बोला - "धन्यवाद माइक।" और एक नये उत्साह के साथ वह उस दफ्तर से बाहर आ गया। वह वापस अपनी उसी कुरसी पर आ गया जहाँ वह अपनी किताब छोड़ कर गया था।

आ कर उसने ऊपर बिजली के खम्भे की तरफ देखा पर उसको अपना दोस्त रैवन कहीं दिखायी नहीं दिया।

उसने किताब पढ़ने का विचार छोड़ दिया और अपनी बैरक में आ गया। वह कुछ अनमना सा हो गया था क्योंकि वह अपने दोस्त को अपने अगले दिन के प्रोग्राम के बारे नहीं बता पाया था कि अगले दिन उसको ग्रीन ज़ोन और ऐम्बैसी जाना था।

अगले दिन सुबह नाश्ते से पहले, बल्कि सुबह की काफी पीने से भी पहले, टैरी ने अपनी भूख को काबू में रखने के लिये एक कैन्डी बार खायी। फिर उसने अपनी गाड़ी निकलवायी।

उसकी यह गाड़ी एक खास 6 फुट लम्बा 6 फुट चौड़ा रेगिस्तान में चलने वाला ट्रक था जिसमें पीछे की तरफ सामान रखने की जगह कैनवास के कपड़े से ढकी हुई थी।

तभी सार्जेन्ट कैमिन्स्की और प्राइवेट लोपेज़ भी आ गये। वे दोनों अपनी बुलैट प्रूफ जैकैट पहने हुए थे, हैल्मैट लगाये हुए थे और अपने साथ सेमी औटोमैटिक हथियार लिये हुए थे।

टैरी ने उनसे पूछा - "क्या आप लोग तैयार हैं?"

सार्जेन्ट कैमिन्स्की बोला - "हाँ हम बिल्कुल तैयार हैं। चलो चलते हैं। हो सकता कि बहुत गरम होने से पहले ही हम लोग वापस लौट आयें। यह जो हम लोग बुलैट प्रूफ जैकेट पहने हैं न, जब गरमी हो जाती है तो बहुत तंग करती है।"

टैरी भी हँसते हुए बोला - "मुझे अफसोस है कि यह लिमूज़ीन भी ऐयर कन्डीशन्ड नहीं है। चलिये चलें।"

हवाई अड्डे से ग्रीन ज़ोन तक के सफर में कोई खास बात नहीं हुई। मौसम गरम था, आसमान साफ था। ईराक में अप्रैल में सुबह ऐसी ही होती है।

ग्रीन ज़ोन से काम करने के बाद वे लोग फिर ऐम्बैसी चले। तीनों लोगों ने सोचा कि इस सुरक्षित जगह में जहाँ खास लोग काम करते थे और रहते थे वे लोग कुछ आराम कर सकते थे। इस खास जगह की सुरक्षा की वजह से यह जगह बिल्कुल ही अलग थी।

जब टैरी ने अपनी गाड़ी ऐम्बैसी के पास पार्क की तो ऐम्बैसी में खड़े दो हथियारबन्द मरीन गार्ड ने टैरी को सलाम किया।

पहले उन्होंने डाक के कई थैलों और बाहर जाने वाली डाक के डिब्बों से भरी हुई एक पहियों वाली गाड़ी को धकेला। फिर एक शहरी आदमी दो सूटकेस जितने बड़े चमड़े के दो थैले ले कर आया। उन थैलों में जंजीर और ताले पड़े थे और सील भी लगी थी।

वह शहरी आदमी बोला - "कौरपोरल, यहाँ दस्तखत कर दो। और ये थैले सीधे बेस औपरेशन्स ले जाओ। वहाँ जा कर वाशिंगटन वाली फ्लाइट के पायलट को ढूँढना और इन्हें उसको दे कर उससे दस्तखत ले लेना। दस्तखत की गयी रसीद तुम शाम को जब डाक लेने आओगे तब लेते आना।"

टैरी ने उन थैलों के लिये दस्तखत किये और उन थैलों को अपने ट्रक में आगे रख लिया। रोज मर्रा के डाक के थैले उसने पीछे कैनवास के नीचे डाल दिये।

क्योंकि उन खास चमड़े के थैलों ने आगे काफी जगह ले ली थी सार्जेन्ट कैमिन्स्की ने प्राइवेट लोपेज़ से कहा कि वह ट्रक में पीछे डाक के साथ बैठ जाये। लोपेज़ बेमन से पीछे बैठ गया।

वहाँ से बाहर निकलने से पहले टैरी ने अपना वह चमकीला हरा स्कार्फ निकाला और ट्रक के दाँये दरवाजे के हैन्डिल से बाँध दिया। कैमिन्स्की यह सब देख रहा था। उसको यह देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ तो उसने टैरी से पूछा - "यह किस बात के लिये है टैरी?"

टैरी ने बात बनाते हुए कहा - "यह मेरा लकी स्कार्फ है। हो सकता है कि इसकी वजह से हम सड़क के किनारे लगाये गये बमों से बच जायें।" और वह हवाई अड्डे की सड़क की तरफ चल दिया।

हवाई अड्डे वाली सड़क पर आने के थोड़ी ही देर बाद कैमिन्स्की ने देखा कि र्4लेन वाली सड़क के किनारे लगी एक दीवार पर एक रैवन बैठा था।

वह रैवन उसी तरफ उड़ चला जिस तरफ वे लोग जा रहे थे। टैरी उस रैवन को देख कर मुस्कुराया और समझ गया कि यकीनन वह उसका उमर ही था।

कैमिन्स्की उसको करीब 50 फीट तक उस दीवार पर उड़ते देख कर बोला - "यह गूँगा पक्षी यहाँ क्या कर रहा है?"

टैरी ने उसे कोई जवाब नहीं दिया।

इतनी सुबह हवाई अड्डे वाली सड़क पर कोई ज़्यादा गाड़ियाँ नहीं थीं। टैरी 40 मील घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहा था।

उसके हथियारबन्द साथी कुछ परेशान से थे क्योंकि उनको लग रहा था कि आगे बम बिछे हुए हो सकते थे। अभी उनको हवाई अड्डे की सुरक्षा क्षेत्र के भीतर पहुँचने के लिये 15 मील और जाना था।

कैमिन्स्की फिर बोला - "इस पागल रैवन को तो देखो।"

वह फिर चिल्लाया - "अरे यह बेवकूफ तो हमारी ही तरफ उड़ा आ रहा है।"

तभी रैवन गाड़ी के सामने वाले शीशे तक आ कर फिर बाँये की तरफ मुड़ गया।

टैरी ने तुरन्त अपनी गाड़ी के ब्रेक लगाये और गाड़ी को बाँयी लेन में ले जा कर रोक दिया।

कैमिन्स्की फिर ज़ोर से चिल्लाया - "क्या हुआ? तुमने ट्रक क्यों रोक दिया और यहाँ क्यों रोक दिया? यह तो सड़क का बड़ा खतरनाक हिस्सा है।"

टैरी का दिल बहुत ज़ोर से धड़क रहा था। र्57 सेकंड में जब वह थोड़ा ठीक सा हुआ तब वह बोला - "इसलिये क्योंकि एक बम हमारे ठीक आगे सड़क के किनारे है। जल्दी से टेलीफोन पर बम नष्ट करने वालों से बात करो और उनको यहाँ बुलाओ। उनको बताओ कि हम कहाँ हैं और कहो कि सड़क के किनारे एक बम है।"

कैमिन्स्की बोला - "बम? कौन सा बम? मुझे तो यहाँ कोई बम नहीं दिखायी दे रहा। मुझे तो बस वह पागल रैवन आगे चक्कर काटता दिखायी दे रहा है।"

टैरी बोला - "उसी पागल रैवन ने तो आज हमारी जान बचायी है। वह वहीं घूम रहा है जहाँ बम है। अगर उसने मुझे न बताया होता तो कुछ सैकन्डों में ही हमारे टुकड़े टुकड़े हो गये होते।"

कैमिन्स्की बोला - "क्या कह रहे हो तुम? क्या मतलब है तुम्हारा? क्या तुम यह कहना चाहते हो कि यह सब उसने तुम्हें बताया?" और उसने तुरन्त ही बम नष्ट करने वाली टीम को फोन कर दिया।

फिर वह आगे बोला - "पर तुमको कैसे मालूम हुआ कि वह पागल चिड़िया क्या कर रही थी। वह तो कुछ सेकंड पहले हमारी गाड़ी के सामने वाले शीशे में टकराने वाली थी।"

टैरी बोला - "मेरा विश्वास कीजिये मैं उस चिड़िया को जानता हूँ। और आज उसी चिड़िया ने हमारी जान बचायी है।"

टैरी फिर बोला - "मगर हम ज़्यादा देर तक यहाँ नहीं रुक सकते। हमारे दुश्मन हमको मारने के लिये यहीं कहीं आस पास ही छिपे होंगे।"

उसने अपनी तरफ की खिड़की खोलते हुए रैवन को ज़ोर से बोला - "बहुत बहुत धन्यवाद उमर, बहुत बहुत धन्यवाद मेरे दोस्त। आज तुमने बहुत बड़ा काम किया।"

कैमिन्स्की अब जान गया था कि उसका ड्राइवर थोड़ा खब्ती था जो एक रैवन से बात कर रहा था। वह बोला - "तुम क्या पागल हो कौरपोरल? इस बात से तुम्हारा क्या मतलब है कि इस चिड़िया ने हमारी जान बचायी?"

टैरी ने रैवन को अपने पास आने का इशारा किया और कैमिन्स्की से बोला - "मेरा विश्वास करो। यह सुनने में पागलपन लगता है पर यह रैवन एक बहुत ही होशियार रैवन है।"

कैमिन्स्की को टैरी की बात पर विश्वास ही नहीं हुआ पर तभी रैवन उड़ कर ट्रक के ऊपर आ कर बैठ गया।

टैरी उससे बोला - "उमर, क्या तुम ऊपर जा कर यह देख कर आ सकते हो कि आस पास में कहीं हमारे दुश्मन छिपे बैठे हैं क्या जो हमको बम से उड़ाने की ताक में बैठे हैं?"

रैवन थोड़ा सा ही ऊपर उड़ा और सड़क के दोनों तरफ चक्कर काट कर आया, पहले वह आगे गया फिर पीछे गया और आकर बोला - "नहीं, अब तुमको चिन्ता करने की कोई जरूरत नहीं है। आस पास में भी कोई नहीं है।

लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने सड़क के किनारे हाल ही में खोदी हुई मिट्टी देख ली। किसी ने वहाँ पर अभी अभी बहुत बड़ा बम रख दिया है। जब तुम ग्रीन ज़ोन गये थे तब यह यहाँ नहीं था।"

यह सुन कर तो कैमिन्स्की को बहुत ही आश्चर्य हुआ। उसका मुँह तो खुला का खुला रह गया। इतने में ट्रक के पीछे से लोपेज़ चिल्लाया - "क्या तुम लोग उस बड़ी चिड़िया से जो हमारे सामने उड़ रही थी उससे सचमुच में बातें कर रहे हो? और हम लोग यहाँ रुके क्यों हुए हैं?"

टैरी ने अपने दोनों हथियारबन्द गार्ड को जितना कर सकता था शान्त किया और फिर उनको समझाया कि रैवन ने वाकई वहाँ पर बम ढूँढ लिया था जो उन सबको टुकड़े टुकड़े करके उड़ा सकता था।

वह फिर बोला - "मेरा दोस्त रैवन कहता है कि आस पास में कोई दुश्मन नहीं है इसलिये हम लोग जब तक वे बम नष्ट करने वाले यहाँ आते हैं यहाँ उनका इन्तजार कर सकते हैं। आप लोग जरा ध्यान रखें कि कोई और गाड़ी यहाँ पास में न आये। वह बम हम लोगों के ठीक सामने है।"

जब वे बम नष्ट करने वाली टीम का इन्तजार कर रहे थे तो टैरी ने उनको उमर के बारे में बताया।

रैवन ट्रक के आगे वाले हिस्से पर बैठा हुआ टैरी की सब बातें सुन रहा था और उन दोनों गार्ड को ध्यान से देख रहा था।

कैमिन्स्की बोला - "यह सब तो पागलपन है टैरी बिल्कुल पागलपन। मैं देख भी रहा हूँ और सुन भी रहा हूँ पर मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि तुम और यह बड़ी चिड़िया दोनों आपस में एक दूसरे से बातें कर रहे हो और इसने तुमको दिखाया कि यहाँ बम रखा हुआ है।"

इस बीच में लोपेज़ ने एक दो गाड़ियों को रोका जो उनके पीछे से आ रही थीं और उनको बताया कि वहाँ बम था। जल्दी ही बम नष्ट करने वाली टीम भी आ गयी और उसने उस जगह को अपने अधिकार में ले लिया।

टैरी बोला कि वह वहाँ और नहीं रुक सकता था क्योंकि उस को वे दोनों थैले वाशिंगटन वाले हवाई जहाज के हवाई अड्डा छोड़ने से पहले हवाई अड्डे पर पहुँचाने थे।

चलने से पहले टैरी ने उमर से पूछा - "क्या हम लोग अब ठीक से हवाई अड्डे जा सकते है?" उमर एक बार फिर चारों तरफ चक्कर लगा कर आया और आ कर उसने टैरी को बताया कि अब सब कुछ साफ था।

टैरी बोला - "ठीक है उमर। अब तुम आगे आगे उड़ो और हम तुम्हारे पीछे पीछे आते हैं। मुझे बेस औपरेशन्स जल्दी से जल्दी पहुँचना है। तुम्हारा फिर से धन्यवाद। काम के बाद मैं तुमको अपनी बैरक के बाहर मिलता हूँ।"

उमर ने उससे पूछा - "जैसा तुम कह रहे थे क्या तुम चाउ लाइन भी जाओगे?"

टैरी हँसा और बोला कि वह तो अपनी भूख के बारे में बिल्कुल भूल ही गया था। पहले वह वहाँ जायेगा और उसके बाद वह उससे अपने नाश्ते के बाद मिलेगा।

हवाई अड्डे पर बेस औपरेशन्स पर पहुँच कर टैरी और उसके दोनों गार्ड वे दोनों थैले लेकर अन्दर चले गये। डाक सँभालने वाले ने उस खास फ्लाइट के पायलेट की तरफ इशारा कर दिया और टैरी मेजर की तरफ बढ़ा जो अपनी फ्लाइट के कुछ कागज भर रहा था।

लेकिन इससे पहले कि वह पायलेट से मिलने के लिये कमरा पार करता उसकी टीम का कैप्टेन आ गया और उससे पूछा कि टैरी बेस औपरेशन्स आधा घंटे देर से क्यों आया था। दोनो गार्ड अभी भी टैरी के पास ही खड़े थे।

इससे पहले कि टैरी उसको यह बताता कि उसको सड़क के पास एक बम मिलने की वजह से देर हो गयी थी, सार्जेन्ट कैमिन्स्की बीच में बोल पड़ा - "आपको विश्वास नहीं होगा कैप्टेन कि आज क्या हुआ। आज मैंने अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी आश्चर्यजनक घटना देखी।"

तभी लोपेज़ बीच में बोल पड़ा - "हम आज यहाँ ज़िन्दा न होते अगर कौरपोरल किंग का रैवन न होता।"

कैप्टेन उसके हाथ पकड़ते हुए बोला - "रुको रुको।एक मिनट। रैवन, बम, यह सब क्या है?"

टैरी बीच में बोला - "माफ कीजिये सर। पहले मैं ये थैले ज़रा उस खास फ्लाइट के पायलेट को दे आऊँ वह यही सामने खड़ा है फिर आ कर आपको बताता हूँ।"

"हाँ हाँ, जाओ और इन थैलों को उसे दे आओ, पर देखो दूर मत जाना। मुझे इन सबकी सफाई चाहिये और देर होने की वजह भी।" टैरी और कैमिन्स्की मेजर के पास चले गये और जा कर उसको थैले दे दिये और उससे दस्तखत ले लिये।

इस बीच में प्राइवेट लोपेज़ ने उस बम, रैवन और कोरपोरल किंग की रैवन से बात वाली घटना को समझाने की कोशिश की।

कैप्टेन बोला - "लोपेज़ तुमने पी तो नहीं रखी?"

"नहीं सर। एक बूँद भी नहीं। मैं कभी नहीं पीता।"

जब तक टैरी और कैमिन्स्की कैप्टेन के पास से उसको वह खास थैला दे कर लौटे तो उन्होंने देखा कि कैप्टेन कुछ परेशान सा था और उसे किसी चीज़ पर विश्वास ही नहीं हो रहा था।

वह चिल्लाया - "तुम तीनों मुझे यह सब क्या बकवास बताने की कोशिश कर रहे हो?"

कैमिन्स्की बोला - "भगवान कसम यह बिल्कुल सच है कैप्टेन। उस चिड़े ने हमको सड़क के किनारे के बम के बारे में बताया और कौरपोरल किंग ने बड़ी अक्लमन्दी से ट्रक रोक दिया। उसके बाद बम नष्ट करने वाली टीम आयी और उनको यकीनन ही जमीन के नीचे बम मिल गया।

उस चिड़े ने वह बम देखा था और किंग ने हमको बताया जो उस चिड़े ने उसको बताया। लेकिन सबसे अजीब बात यह थी कि कौरपोरल किंग उस चिड़े से बातें कर रहा था। अगर मैंने उसको बात करते नहीं देखा और सुना होता तो मैं विश्वास ही नहीं कर सकता था।"

कैप्टेन बोला - "ठीक है ठीक है, तुम तीनों मेरे दफ्तर में दोपहर 1 बजे आओ।"

तीनों ने एक आवाज में कहा - "जी सर।"

टैरी बोला - "मुझे भूख लगी है। चलो खाने के कमरे में चलते हैं और देखते हैं कि वे अभी भी नाश्ता दे रहे हैं या नहीं।"

एक घंटे बाद जब टैरी ने अपना खाना खत्म कर लिया तो वह अपनी बैरक की तरफ वापस चला तब तक इस घटना की अफवाह सब जगह फैल चुकी थी।

XXXXXXX

उस समय दिन के 12 बजे थे जब टैरी का सार्जेन्ट टैरी की बैरक में आया और उससे बोला कि कैप्टेन उससे मिलना चाहता है।

टैरी बोला - "मुझे मालूम है सार्जेन्ट। उसने मुझे 1 बजे बुलाया है।"

सार्जेन्ट बोला - "नहीं, तुम अभी चलो उन्होंने तुमको अभी बुलाया है।"

टैरी बोला - "ठीक है ठीक है, मैं अभी चलता हूँ। पर वह मुझ से अभी क्यों मिलना चाहते हैं जो समय उन्होंने मुझे पहले बताया था उस समय क्यों नहीं? ठीक है मैं जरा अपने कपड़े बदल लूँ।"

सार्जेन्ट ने इसका कोई जवाब नहीं दिया सिवाय अपना हाथ हिलाने के जिसका मतलब था कि ठीक है तुम जाओ और कपड़े बदल कर आओ।

जब टैरी अपनी बैरक से बाहर जा रहा था तो उसने एक रैवन को बाहर टेलीफोन के खम्भे पर बैठे देखा। उसने पुकारा - "तुम उमर हो क्या?" पर उस चिड़िया ने कोई जवाब नहीं दिया।

तभी टैरी ने देखा कि तीन और रैवन आसमान में ऊँचे उड़ रहे थे। टैरी कैप्टेन के पास चलते चलते बुदबुदाया - "उमर तुम कहाँ हो?"

जब टैरी कैप्टेन के दफ्तर पहुँचा तो उसने देखा कि वहाँ पर एक कैप्टेन और एक लेफ्टीनैन्ट और बैठा हुआ है।

कैप्टेन ने कहा - "आओ कौरपोरल।" और हाथ से इशारा करते हुए उसको बैठने को कहा - "तुम लैफ्टीनैन्ट हावर्ड के पास बैठ जाओ। यह इन्टैलीजैन्स के दफ्तर से आया है। कैप्टेन क्रोमवैल जो उसके बराबर में बैठा है वह सिक्योरिटी से आया है।"

टैरी ने सैल्यूट किया और बैठ गया। छोटा कमरा होने की वजह से कैप्टेन की मेज के सामने बहुत कम जगह थी। कैप्टेन बोला - "आप सबको मालूम है कि यहाँ हम बेस औपरेशन्स में जो आपने सुना है उसी के बारे में बात करने के लिये बैठे हैं।"

"ठीक, हम लोग यहाँ उसी की पूरी कहानी सुनने के लिये बैठे हैं कि वहाँ क्या हुआ।"

टैरी ने उनको रैवन से मिलने से ले कर तब तक की पूरी कहानी सुना दी - ग्रीन ज़ोन की, बम पाने की, आदि आदि। सब लोगों ने उसकी कहानी ध्यान से सुनी।

कैप्टेन क्रोमवैल ने पूछा - "क्या तुम हमें अपने उस दोस्त रैवन से मिला सकते हो?"

टैरी बोला - "मुझे नहीं मालूम। मैं नहीं जानता कि वह कहाँ है। वह मुझे अपने आप ही ढूँढ लेता है पर मेरी पुकार का जवाब नहीं देता। मुझे नहीं मालूम था कि वह इतना अजीब है।"

कैप्टेन क्रोमवैल आगे बोला - "टैरी क्या तुम्हें मालूम है कि तुम्हारा यह अजीब चिड़ा हमारे लिये कितने काम का हो सकता है? वह बहुत सारी जानें बचा सकता है, वह कुछ खास जगह में कुछ ऐसे काम कर सकता है जो हम नहीं कर सकते। वह हमारे लिये बहुत ही जरूरी है।"

टैरी बोला - "मुझे मालूम है सर, पर आप मेरा विश्वास कीजिये जब मैं कह रहा हूँ कि मैं उसको जब चाहूँ नहीं ला सकता हूँ तो आप मेरा विश्वास कीजिये। यह केवल उसी के हाथ में है मेरे नहीं।"

कैप्टेन क्रोमवैल बोला - "पर जब भी वह तुम्हारे पास आये तो हमें जरूर बताना।"

"आप लोग क्या करेंगे उसका? उसे पकड़ लेंगे? और एक बन्दर की तरह पिंजरे में बन्द कर देंगे? मुझे अफसोस है कि मैं आपकी इस मामले में कोई सहायता नहीं कर सकता, बिल्कुल भी नहीं।" टैरी की आवाज में गुस्सा झलक रहा था।

कैप्टेन बोला - "अब तुम जा सकते हो इसके बारे में अब हम बाद में बात करेंगे।"

जब टैरी चला गया तो कैप्टेन क्रोमवैल और हावर्ड से बोला कि टैरी अगले हफ्ते कुवैत जाने वाला है। सो अच्छा है कि वे यह सब भूल जायें क्योंकि अगले हफ्ते तो यह सब खत्म ही हो जायेगा।

XXXXXXX

टैरी उस रात सो नहीं सका। वह उमर के बारे में ही सोचता रहा कि उसके ऊपर वाले औफीसर न जाने उसके रैवन के साथ क्या बरताव करें।

यही सोचते सोचते वह सूरज निकलने से पहले ही उठ गया और तैयार हो कर उसी तरफ चल दिया जहाँ से वह गाड़ी लेता था। वहीं उसी जगह के पास टूटी गाड़ियाँ भी पड़ी रहतीं थीं। उसको पूरी उम्मीद थी कि उसको रैवन वहीं कहीं मिल जायेगा।

सूरज निकलने ही वाला था और इतनी रोशनी हो गयी थी कि टैरी चारों तरफ आराम से देख सकता था। उसने वहाँ जा कर पुकारा - "उमर, क्या तुम यहीं कहीं हो? मैं टैरी।" कई तरह के छोटे छोटे जानवर इधर उधर बोल रहे थे।

"कहाँ हो उमर तुम?" तभी उसको पंखों की फड़फड़ाहट और लोहे पर पंजे से खुरचने की आवाज सुनायी पड़ी।

उमर बोला - "मैं यहाँ हूँ इन काँटेदार तारों के पास हमवी में।"

टैरी उसकी आवाज सुन कर खुश हो गया और बोला - "अच्छा हुआ तुम मुझे मिल गये। मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी।"

उमर ने पूछा - "तुमने कुछ खाया? क्या तुम चाउ लाइन में गये जिसके बारे में तुम मुझसे बात कर रहे थे?"

"नहीं उमर, अभी मैंने अभी नाश्ता भी नहीं किया लेकिन मेरी कमीज की जेब में एक कैन्डी बार है। क्या तुम कैन्डी बार खाते हो?"

"हाँ। मैं सब कुछ खाता हूँ जो कुछ भी मुझे मिल जाता है पर मुझे माँस और मछली ज़्यादा अच्छी लगती है। हम रैवन ज़्यादातर दोनों ही चीज़ें खाते हैं।

कभी कभी हम छोटे छोटे जानवर पकड़ लेते हैं या फिर सड़क पर पड़े मरे हुए जानवर खा लेते हैं। पर आज अभी तक मैं खाना ढूँढने के लिये बाहर निकला ही नहीं हूँ।"

टैरी ने कैन्डी बार हमवी की छत पर उछाल कर उसे देते हुए कहा - "यह रही कैन्डी बार अगर तुम खाना चाहो तो।"

उमर ने उसे लपकने के लिये बढ़ते हुए कहा - "तुम मेरे लिये इसको खोल सकते थे।"

टैरी बोला - "सौरी, लाओ मैं इसको खोल देता हूँ।"

टैरी ने फिर उसको अपनी उन तीन अफसरों से मीटिंग के बारे मे बताया। फिर वह जल्दी से बोला - "मैं उनको तुम्हें तुम्हारी इन खास योग्यताओं को इस्तेमाल करने के लिये पकड़ने नहीं दूँगा। मैं तुम्हारी अपने एक दोस्त की तरह बहुत इज़्ज़त करता हूँ - एक ऐसा दोस्त जिसने सड़क पर कल मेरी जान बचायी।"

उमर ने कैन्डी में चोंच मारते हुए कहा - "यह तो बड़ी अच्छी चीज है। मैं इसके ऊपर लिपटे हुए कागज को पढ़ कर यह अच्छी तरह कह सकता हूँ कि इसका नाम बेबी रुथ है। मैंने इस तरह के खाने के बारे में कभी नहीं सुना।"

टैरी बोला - "सुनो उमर, मुझे अभी सुबह ग्रीन ज़ोन जाना है रोज की डाक लेने। क्या तुम मेरे साथ वहाँ तक चलोगे?"

उमर बोला - "यकीनन टैरी, मैं तुम्हारे साथ जरूर चलूँगा। मैं बहुत अच्छी तरह से देख सकता हूँ। और जब तुमने मुझसे कहा है तो मैं तुम्हारे साथ चल कर बहुत खुश होऊँगा। पर मेरी एक छोटी सी प्रार्थना है।"

"वह क्या?"

उमर बोला - "क्या मैं कुछ देर के लिये तुम्हारे ट्रक में सवारी कर सकता हूँ? मैं जब इस हमवी में बैठता हूँ और सोता हूँ तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है। मुझे लगता है जैसे मैं यह गाड़ी चला रहा हूँ। इसमें सफर करना हर समय पंख फड़फड़ाने से कहीं ज़्यादा आसान होगा।"

टैरी हँसा और बोला - "यकीनन, तुम मेरे साथ ट्रक में आगे बैठ सकते हो पर अगर तुम ट्रक की छत पर बैठो तो वह तुम्हारे लिये ज़्यादा आसान रहेगा।

तुम अपने पंजे ट्रक के पीछे लगे कैनवास में फँसा लेना और उसको कस कर पकड़े रहना और मैं गाड़ी चलाता रहूँगा। इससे तुमको आगे देखने और उड़ने बैठने में आसानी रहेगी। तुम क्या सोचते हो?"

उमर बोला - "वह सब तो ठीक है पर मैं कुछ देर गाड़ी के अन्दर बैठना चाहता हूँ।"

टैरी ने कहा - "ठीक है। यह सब मैं तुमको इस हवाई अड्डे के घेरे के भीतर भीतर करा दूँगा क्योंकि यहाँ हमें कोई खतरा नहीं है। और यहाँ तुमको बाहर के खतरों को भी नहीं देखना है।"

"क्या तुम अपना वह चमकीला हरा स्कार्फ फिर से अपने दरवाजे के हैन्डिल में बाँधोगे?"

"हाँ, वह तो मैं बड़ी खुशी से करूँगा। मैं यहाँ से साढ़े आठ बजे चलूँगा सो उस समय पर तुम मुझे यहीं देखना और तब मैं तुमको तब तक ट्रक के अन्दर बिठा कर सवारी खिलाऊँगा जब तक हम इस हवाई अड्डे का तारों से घिरा यह घेरा नहीं छोड़ देते।

ठीक है, अभी मैं चाउ लाइन में जा रहा हूँ। मैं तुमसे बाद में आ कर मिलता हूँ - बाई।" और टैरी चला गया।

XXXXXXX

जब टैरी ने आ कर ट्रक का दरवाजा खोला तो उमर उसका इन्तजार ही कर रहा था। टैरी ने सवारी बैठने वाली तरफ की खिड़की खुली छोड़ रखी थी सो उमर कूद कर उसके स्टीयरिंग व्हील पर आ कर बैठ गया।

टैरी हँस कर बोला - "मेरे दोस्त, तुम यहाँ नहीं बैठ सकते। यहाँ से तो मैं यह ट्रक चलाऊँगा। ऐसा करो तुम मेरी बराबर वाली सीट के तकिये के ऊपर बैठ जाओ। वहाँ बैठ कर तुम यह भी देख सकोगे कि हम कहाँ जा रहे हैं।"

सो इस तरह से उमर ने अपनी सवारी शुरू की। टैरी जिस तरह से गाड़ी चला रहा था उसे देख कर उमर बहुत खुश हो रहा था। टैरी जिस तरह से स्टीयरिंग व्हील चला रहा था वह सब देख कर उसको बहुत अच्छा लग रहा था।

जब वे ग्रीन ज़ोन जाने के लिये हवाई अड्डे के काँटे के तार के घेरे वाले गेट पर पहुँचे तो एक दरबान ने एक बड़े काले रैवन को ड्राइवर के पास बैठे देखा। टैरी ने दरबान को बाइ करने के लिये हाथ हिलाया और गेट से बाहर निकला।

उसके बाहर निकलते ही उस दरबान को ख्याल आया कि शायद यही वह रैवन था जिसके बारे में लोग बात कर रहे थे। पर उस डाक वाली गाड़ी को रोकने के लिये तो अब बहुत देर हो चुकी थी। वह तो कब की वहाँ से जा चुकी थी।

उस दरबान ने यह भी देखा कि गेट के बाहर जाते ही वह रैवन बाहर की तरफ उड़ा और उड़ कर ट्रक के ऊपर कैनवास के ऊपर आ कर बैठ गया। किसी तरह वह तेज़ चलते हुए ट्रक पर सँभल कर बैठ पाया।

जब टैरी ग्रीन ज़ोन में अपनी डाक इकठ्ठी करने वाली जगह आया तो उमर उस ट्रक के ऊपर कहीं नहीं था। वह सिक्योरिटी की जगह के बाहर बिजली के खम्भे के ऊपर बैठा हुआ था और टैरी के लौटने का इन्तजार कर रहा था।

जब टैरी वहाँ से अपनी डाक ले कर अपने ट्रक में पीछे की तरफ रख रहा था तो उसको यह देख कर आश्चर्य हुआ कि एक ईराकी शहरी ने उससे कहा कि एक बहुत ही खास आदमी उसके ट्रक में बैठ कर हवाई अड्डे तक जायेगा।

टैरी बोला - "जी जनाब। मेरे पास केवल एक सवारी की जगह है, कौन है वह?"

"बहुत ही खास आदमी है वह - गवर्नमेन्ट का फाइनेन्स मिनिस्टर। हम उसे तुम्हारे साथ इसलिये भेज रहे हैं क्योंकि अगर वह अपनी लिमूज़ीन में जायेगा तो दुश्मन उसकी हत्या की कोशिश कर सकता है।

हम तुम्हारे ट्रक के आगे आगे उसकी लिमूज़ीन गाड़ी भेजेंगे जब कि वह मिनिस्टर खुद तुम्हारे ट्रक में तुम्हारे साथ जायेगा। इस तरह दुश्मन को बिल्कुल भी शक नहीं होगा कि इतनी खास सवारी एक ट्रक में जा सकती है। मैंने तुम्हारे हैडक्वार्टर से इस बारे में बात कर ली है।"

टैरी बोला - "यह सब तो ठीक है जनाब, पर मेरी एक सलाह है। ज़्यादा अच्छा होगा अगर मिनिस्टर साहब की लिमूज़ीन गाड़ी मेरे ट्रक के आगे चलने की बजाय मेरे ट्रक के पीछे चले। मैं इस बात को आपको ज़्यादा अच्छी तरह नहीं समझा सकता पर मेरे पीछे आने में वह ज़्यादा हिफाजत से रहेंगे।"

वह आदमी बोला - "ठीक है जैसा तुम ठीक समझो।" वह आदमी उसकी बात मान गया क्योंकि उसके पास यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि उमर उसके आगे उसको किसी भी खतरे से बचाने के लिये उड़ रहा होगा।

जल्दी ही बहुत अच्छे कपड़े पहने सब आदमियों से अलग दिखायी देने वाला एक आदमी वहाँ आ पहुँचा और टैरी के ट्रक में आ कर बैठ गया।

उस शहरी आदमी ने उस मिनिस्टर के लिये टैरी के ट्रक का दरवाजा खोला। सो उसने जब दरवाजे के हैन्डिल पर टैरी का हरा स्कार्फ बँधा देखा तो उससे पूछा कि क्या वह उस चिथड़े को उसमें से खोल कर बाहर फेंक दे।

टैरी बोला - "नहीं सर, इसको मत खोलिये। इसको ऐसे ही रहने दीजिये। यह मेरा लकी स्कार्फ है। जब भी मैं डाक लेने आता हूँ इसको मैं अपने ट्रक में हमेशा लटकाये रखता हूँ। इसको वहीं रहने दें।"

यह सुन कर मिनिस्टर को भी इस बारे में थोड़ी सी उत्सुकता हुई पर उसने कुछ कहा नहीं सिवाय इसके कि वह हवाई अड्डा जाने की जल्दी में था।

जल्दी ही टैरी ग्रीन ज़ोन की सिक्योरिटी पार करके हवाई अड्डे की तरफ जाने वाली सड़क पर जाने की तरफ बढ़ा जिस पर वह सैंकड़ों बार जा चुका था।

जल्दी ही टैरी ने उमर को भी अपनी गाड़ी के सामने उड़ते देख लिया था जिसे देख कर उसको बहुत सन्तोष हुआ। काली लिमूज़ीन टैरी के ट्रक के करीब 50 गज पीछे आ रही थी।

टैरी अभी ग्रीन ज़ोन की सिक्योरिटी से करीब तीन मील ही गया होगा कि टैरी ने देखा कि उमर उसके आगे सड़क की दीवार के ऊपर दाँयी तरफ को चक्कर काट रहा था। इसका मतलब था कि दुश्मन उधर ही कहीं दाँयी तरफ झाड़ियों में छिपा हुआ था।

यह देख कर टैरी ने ट्रक के ऐक्सेलिरेटर को अपने पूरे ज़ोर से दबाया और मिनिस्टर को नीचे झुक जाने को बोला ताकि वह बाहर से किसी को दिखायी न दे सके।

मिनिस्टर ने पूछा - "तुम मुझे ऐसा करने के लिये क्यों कह रहे हो ड्राइवर? ट्रक का फर्श तो धूल से भरा है और बहुत ही गन्दा है।"

"धूल को भूल जाइये जनाब। आगे कुछ हमला करने वाले हो सकते हैं। बस आप बैठ जाइये अभी अभी।"

हालाँकि मिनिस्टर को इस बात का पता नहीं था कि उसके ड्राइवर को इस बात का ठीक से पता कैसे था कि कि आगे कोई दुश्मन है कि नहीं फिर भी ड्राइवर का कहना मानते हुए वह नीचे बैठ गया ताकि वह बाहर से किसी को दिखायी न दे सके।

टैरी अब 60 मील की रफ्तार से ट्रक चला रहा था। उसका ट्रक कहीं कहीं टूटी हुई सड़क के किनारों पर उछल जाता था।

लिमूज़ीन ने भी ट्रक की बढ़ी हुई रफ्तार देख कर अपनी रफ्तार बढ़ा दी थी पर वह ट्रक से अभी भी करीब 400 गज पीछे थी। जैसे ही वह लिमूज़ीन उस दीवार वाली जगह पर पहुँची जो उमर बता रहा था एक ग्रेनेड फटा, एक बहुत ज़ोर की आवाज हुई और लिमूज़ीन के टुकड़़े टुकड़े हो गये।

टैरी के पैर ने अभी भी ऐक्सेलिरेटर को पूरी तरह दबा रखा था और उसका ट्रक खतरे की जगह से बिना किसी नुकसान के निकल आया। उसने अपना रेडियो उठाया और इस हमले की सूचना दी। उसने मिनिस्टर के बारे में कुछ नहीं कहा जो उसके ट्रक में अभी भी आगे बैठा हुआ था।

फिर उसने मिनिस्टर को ऊपर बैठ जाने के लिये कहा। बहुत ही सँभाल के मिनिस्टर नीचे से ऊपर उठ कर अपनी सीट पर बैठ गया और टैरी से पूछा - "तुमको कैसे पता था कि पीछे उस जगह पर दुश्मन हमला करने वाले थे?"

टैरी बोला - "मैं सिर्फ इतना कह सकता हूँ कि एक छोटी चिड़िया ने मुझे यह बताया और इसी लिये वह एक बड़ी चिड़िया है। आप ठीक तो हैं न मिनिस्टर साहब?"

मिनिस्टर बोला - "हाँ मैं ठीक हूँ। पर क्या तुम्हें यकीन है कि वह तुम्हारा यह लकी स्कार्फ नहीं था जो तुमने अपनी गाड़ी के दरवाजे के हैन्डिल में बाँध रखा है? जिसने तुम्हारी और मेरी दोनों की जान बचायी?"

टैरी ने धीमी आवाज में जवाब दिया - "हो सकता है।"

टैरी ने मिनिस्टर को जहाँ सवारियाँ उतरती हैं वहाँ उतार दिया और डाक वहाँ ले गया जहाँ वह डाक देता था। वहाँ उसके लिये एक सन्देश था कि वह तुरन्त बटालियन के हैडक्वार्टर जाये और इन्टैलीजैन्स के दफ्तर में कर्नल ऐडम्स से मिले।

इस सन्देश से टैरी बहुत परेशान हो गया और इसने उसको चिन्ता में डाल दिया क्योंकि इस सन्देश का मतलब था कि उसको यकीनन अपने दोस्त रैवन को वहाँ किसी तरह की जाँच के लिये लाना पड़ेगा और वे लोग उसको कुछ भी करने को कह सकते थे। और वह यह सब बिल्कुल नहीं चाहता था।

टैरी ने अपना ट्रक जहाँ से वह ट्रक लेता था वहाँ लौटाया लेकिन कर्नल ऐडम्स के दफ्तर की तरफ जाने से पहले वह उस हमवी की तरफ गया जहाँ रैवन रहता था। सूरज आसमान में ऊपर तक चढ़ आया था। गरमी बहुत हो गयी थी।

वह हमवी के पास पहुँचा और वहाँ जा कर उसने रैवन को आवाज दी "उमर, उमर", पर उसके पंखों वाले दोस्त का कोई पता नहीं था। केवल उमर ही नहीं बल्कि उस दोपहर की भरी गरमी में वहाँ किसी भी जानदार जीव का कोई नामो निशान नहीं था।

बेमन से वह अपनी बैरक में चला आया। उसने सोचा कि वह कर्नल से साफ कपड़े पहन कर मिलेगा।

XXXXXXX

टैरी ने अपने कपड़े बदलने के बाद अपना एक 10 च्यूइंग गम का एक पैकेट जो एक एम पी 3 प्लेयर के साइज़ का था अपनी जेब में रखा। उसमें आवाज़ रिकौर्ड करने वाला भी लगा हुआ था।

वह आशा करता था कि अगर वह उमर से फिर कभी मिला तो अब की बार वह उससे उसकी आवाज जरूर रिकौर्ड कर लेगा। वह केवल आशा ही करता था उसे यकीन नहीं था।

जैसे ही वह अपने बैरक से निकल कर कोने पर पहुँचा उसने रैवन का एक जोड़ा एक बिजली के उसी खम्भे पर बैठा देखा जहाँ उसने उमर को कई दिन पहले पहली बार देखा था। तभी उसने उमर को अपना नाम पुकारते सुना।

क्योंकि दूर से दोनों रैवन एक से दिखायी देते थे वह यह नहीं पहचान पाया कि उनमें से उमर कौन सा था। तभी उनमें से एक पक्षी उड़ा और एक बिल्डिंग के साये में बाहर पड़ी एक कुरसी पर आ कर बैठ गया जहाँ टैरी अक्सर बैठ कर किताब पढ़ता था।

टैरी ने तुरन्त अपना रिकार्डर शुरू कर दिया और पुकारा - "उमर क्या यह तुम हो?"

"हाँ यह मैं ही हूँ। यह बड़ा बुरा हुआ कि वह लिमूज़ीन बम से उड़ गयी।"

"हाँ यह तो है। मुझे लगता नहीं कि लिमूज़ीन का ड्राइवर बचा होगा। दुश्मन के बारे में खबर देने के लिये मैं तुम्हारा बहुत आभारी हूँ।

तुमने फिर एक बार फिर मेरी जान बचायी उमर, इसके लिये तुम्हें बहुत बहुत धन्यवाद। पर क्या तुमको मालूम है कि तुमने मेरी ही नहीं बल्कि एक खास आदमी की भी जान बचायी जो मेरे ट्रक में बैठा हुआ था?"

उमर बोला - "नहीं, यह मुझे नहीं पता। मैंने एक आदमी को तुम्हारे साथ बैठे हुए देखा तो था पर मैं यह नहीं जान सकता था कि वह कोई बड़ा खास आदमी था।"

टैरी बोला - "मुझे तुमसे कुछ बात करनी है उमर। मुझे ऊपर से हुकुम हुआ है कि मैं इन्टैलीजैन्स के दफ्तर के किसी कर्नल से बात करूँ। मुझे यकीन है कि यह बात तुम्हारे बारे में ही होगी और मुझे यह भी यकीन है कि वे लोग तुमको इस्तेमाल करना चाहते हैं।"

उमर बोला - "टैरी, तुम ज़्यादा चिन्ता मत करो। मैं तो अब ईराक छोड़ कर मिश्र जाने वाला हूँ। अब यहाँ बहुत गरम हो रहा है। मेरे दोस्त, वह जो उस बिजली के खम्भे पर दूसरा रैवन बैठा है न, मैं और वह हम दोनों ही अब मिश्र जाने वाले हैं इसी लिये मैं तुमसे विदा लेने आया था। अब हम दोबारा नहीं मिल पायेंगे।"

टैरी बोला - "शायद यह हम दोनों के अच्छे के लिये ही है। मैं भी यह जगह छोड़ कर जाने वाला हूँ अगले बुधवार को। यहाँ के टूर के जो मेरे ये आखिरी दिन हैं वे मैं कुवैत में बिताऊँगा। तुमको मालूम है कि कुवैत कहाँ है?"

उमर बोला - "हाँ मुझे अच्छी तरह मालूम है। वह यहाँ से 500 मील दक्षिण में है। मैं कभी कभी यहाँ से वहाँ और वहाँ से यहाँ आता जाता रहता हूँ। क्योंकि वहाँ पानी भी बहुत है और खाना भी। मैं वहाँ नदी के सहारे सहारे जाता हूँ।"

टैरी कुछ दुखी हो कर बोला - "तुम्हारी यात्रा ठीक रहे मेरे दोस्त। मैं तुम्हें हमेशा याद रखूँगा।"

और रैवन उड़ गया। टैरी उन दोनों रैवनों को दक्षिण की तरफ उड़ते हुए जाते देखता रहा। धीरे धीरे वे दोनों एक धब्बा बन गये और फिर गायब हो गये।

टैरी अपनी बैरक की तरफ लौट आया। उसने यह सोच कर अपना रिकार्डर बन्द कर दिया कि वह अब अपने दोस्त की ज़िन्दा आवाज नहीं सुन पायेगा।

उसने अपने कपड़े बदले और बटालियन के हैडक्वार्टर और कर्नल ऐडम्स के दफ्तर की तरफ चल दिया। जल्दी ही वह कर्नल के दफ्तर पहुँच गया जिसने उससे बोलते हुए रैवन के बारे में सवाल करने शुरू कर दिये।

बहुत सारे सवालों के बाद ही टैरी उसको यह समझा सका कि वह रैवन यह जगह छोड़ कर चला गया है और अब काफी दिनों तक वह यहाँ नहीं आयेगा - कम से कम वह तब तक यहाँ नहीं आयेगा जब तक यह गरमी का मौसम खत्म नहीं हो जायेगा।

कर्नल इस सबसे बिल्कुल भी खुश नहीं था। लेकिन आखीर में टैरी ने उसको यह भी समझाया दिया कि उसकी और रैवन की जान पहचान का जो फायदा था वह अब हमेशा के लिये खत्म हो गया है।

आखिर कर्नल बोला - "कौरपोरल किंग, हमको तुम्हारे चिड़े दोस्त का धन्यवाद करना चाहिये कि उसने तुम्हारी दो बार जान बचायी और फाइनैन्स मिनिस्टर की भी। तुम जा सकते हो, गुड लक।"

टैरी की साँस में साँस आयी। उमर के आ जाने से जो उलझन पैदा हो गयी थी वह अब उसके चले जाने से दूर हो गयी।

वहाँ से वह अपनी यूनिट के दफ्तर की तरफ यह देखने के लिये चल दिया कि उसके कुवैत जाने की कागजी कार्यवाही पूरी हो गयी है या नहीं। टैरी को देख कर दफ्तर के क्लर्क ने उसको उसके कुवैत जाने के कागज थमा दिये।

उसने कहा कि टैरी को उसी बुधवार को 7 बजे की र्सी17 की फ्लाइट से जाना है इसलिये उसको बेस औपरेशन्स में कम से कम आधा घंटे पहले आ जाना चाहिये।

जैसे ही टैरी वहाँ से जाने वाला था कि उसका कैप्टेन वहाँ आ गया और बोला - "जब मैं ग्रीन ज़ोन से वापस आ रहा था तो मैंने तुम्हारी रेडियो कौल सुनी थी। क्या इस बार भी उस चिड़िया ने तुम्हें बचाया?"

"जी हाँ जनाब। उसी ने मुझे उस ग्रेनेड के बारे में पहले से बता दिया था।"

कैप्टेन बोला - "फाइनैन्स मिनिस्टर ने इसके बारे में सब लोगों को बताया। उसके ऊपर तुम्हारे उस हरे स्कार्फ का बहुत असर पड़ा जो तुम्हारा लकी स्कार्फ था। उन्होंने तुम्हारे लिये यह भी कहा है कि तुमको उनकी जान बचाने के लिये कुछ दिया जाना चाहिये।"

टैरी ने कहा - "इसकी कोई जरूरत नहीं हैं क्योंकि हीरो तो उमर था, मेरा आश्चर्यजनक दोस्त रैवन। मुझे तो बस यही खुशी है कि मैं यहाँ से ज़िन्दा और स्वस्थ वापस जा रहा हूँ। मेरे लिये इतना ही बहुत है।"

कैप्टेन बोला - "अगर तुम्हारे कुवैत जाने से पहले मैं तुम्हें फिर न मिल सकूँ तो मेरी तरफ से तुमको गुड लक और शुभ यात्रा। तुमको यहाँ से निकलने का अच्छा मौका मिल गया और अब तुमको ग्रीन ज़ोन में इधर उधर भागना नहीं पड़ेगा।"

टैरी ने भी कैप्टेन को धन्यवाद दिया और अपनी बैरक में वापस आ गया। बुधवार को टैरी अपना सामान ले कर कुवैत जाने के लिये जहाज के दफ्तर गया। जब तक र्सी17 में सामान लादा गया तब तक टैरी इन्तजार करता रहा।

सामान लदवाने वाला लड़ाई में टूटी हुई तीन हमवी को अपनी निगरानी में जहाज में लदती हुई देख रहा था। जल्दी ही सामान चढ़ा दिया गया और सवारियों को बैठने को कहा गया।

सामान लदवाने वाले ने जाने वाली सवारियों को कुछ बताया और लदा हुआ सामान एक बार फिर से देखा कि वह सामान ठीक से बगदाद से कुवैत के पश्चिम में उतार दिया जाये।

जल्दी ही सामान रखने के बड़े बड़े दरवाजे बन्द कर दिये गये। जहाज के ऐन्जिन का पंखा बहुत ज़ोर से घूमा और 15 मिनट के अन्दर अन्दर वे आसमान में ऊपर उड़ रहे थे।

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जब सामान लादने वालों ने सवारियों से कहा कि वे अब सामान वाली जगह में घूम सकते थे तो टैरी उन तीन टूटी हुई हमवी देखने चला गया जो जहाज में बड़ी कस कर बँधी हुईं थीं।

उसने पहले चारों तरफ देखा फिर उन हमवी में झाँका। उसको बताया गया था कि पहले वे हमवी रिपेयर के लिये ले जाने वाली थीं और उसके बाद वे बगदाद भेजी जाने वालीं थीं।

जब टैरी बीच में रखी हमवी में झाँक रहा था तो उसमें उसको कुछ दिखायी दिया जिसने उसका ध्यान तुरन्त ही अपनी तरफ खींच लिया। वह था एक काला पंख, काले रैवन का काला पंख।

उसने सोचा - "क्या यही वह गाड़ी है जिसमें उमर रात को सोता था।" और यह बात उसके मुँह से ज़ोर से निकल गयी।

उसके बाद उसको फिर कुछ और दिखायी दे गया जो साफ तौर पर बताता था कि यह वही हमवी थी जिसे उमर अपने रहने के लिये इस्तेमाल करता था।

वह था "बेबी रुथ" कैन्डी बार का कागज। टैरी के मुँह से निकला - "ओह मेरे भगवान, कितने आश्चर्य की बात है।"

टैरी को कुवैत में वहीं जाना था जहाँ ये गाड़ियाँ रिपेयर होने के लिये जा रहीं थीं। वह वहाँ का ड्राइवर हो कर जा रहा था। उसका काम उन गाड़ियों को ईराक भेजने से पहले टैस्ट करना था जो वहाँ से रिपेयर हो कर निकलती थीं।

यह आसान सा काम था और खतरे वाला भी नहीं था जैसा उसके पास ग्रीन ज़ोन वाला काम था - डाक इधर से उधर ले जाने वाला। पर वह तो अब अपने इस काम को खत्म करने के बाद कुछ हफ्तों में यू ऐस ए आने की सोच रहा था।

एक दिन घर लौटने के केवल एक हफ्ता पहले उसको एक हमवी टैस्ट करने के लिये दी गयी। उसको अभी अभी रिपेयर किया गया था और अब रिपेयर के बाद उसको बगदाद भेजा जाने वाला था।

टैरी ने उस लिस्ट को देखा जो उसे उस हमवी में चैक करनी थीं। यह उस हमवी की आखिरी चैकिंग थी और इस चैकिंग के बाद उसको एक दूसरे र्सी17 में रख कर बगदाद भेज दिया जाने वाला था।

इस हमवी में आश्चर्य की बात यह थी कि टैरी ने इसी गाड़ी में ड्राइवर की सीट के नीचे "बेबी रुथ" कैन्डी बार का एक कागज देखा।

पहले तो उसको इसी बात पर विश्वास नहीं हुआ कि रिपेयर करने वालों ने वह कागज वहाँ छोड़ कैसे दिया। क्योंकि उस हमवी को देखने से यह पता चलता था कि उसमें सभी हिस्सों पर दोबारा काम किया गया था और फिर भी वह कागज वहाँ पड़ा रह गया।

उस कागज को देख कर उसके चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कुराहट दौड़ गयी।

वह उस गाड़ी को टैस्ट करने वाली सड़क पर ले गया। यह टैस्ट वाली सड़क हवाई अड्डे को चारों तरफ गोल गोल बनी हुई थी।

टैरी ने गाड़ी चलायी और लिस्ट में लिखी हुई सब चीजें चैक कीं। गाड़ी चलाते समय उसने अपने एम पी 3 पर रिकौर्ड किये गये कुछ गाने भी सुने।

उसे वापस ला कर दफ्तर में उसने उस गाड़ी के ठीक होने का फार्म भरा और ला कर उसे उस जगह पार्क कर दी जहाँ से गाड़ियाँ ईराक को भेजी जाने वाली थीं।

जैसे ही वह फार्म ले कर उसको देने वाले दफ्तर में जाने के लिये बाहर निकला, उसे एक आवाज सुनायी दी - "हैलो टैरी, कितना अच्छा है कि यहाँ तुमसे मुलाकात हो गयी। क्या यही वह हमवी है जिसमें मैं रात को बगदाद में सोया था?"

टैरी ने तुरन्त ही अपने दोस्त की आवाज पहचान ली। उसने अपना टेप रिकार्डर आन कर लिया और बोला - "क्या यह तुम हो उमर?"

उमर बोला - "हाँ यह मैं ही हूँ टैरी।"

टैरी ने कहा - "तुम्हें यहाँ देख कर बहुत खुशी हुई उमर। तुम यहाँ कुवैत में कब से हो?"

उमर ने जवाब दिया - "बहुत दिनों से नहीं। मैं और मेरे साथी आराम से यहाँ दजला नदी के पास आये और कुछ दिन वहाँ ठहरे जहाँ फरात नदी दजला नदी से मिलती है। वहाँ भी गरम था पर वहाँ कम से कम पानी था और हमको वहाँ की दलदल और झीलों में काफी खाना मिल गया।"

आश्चर्यचकित टैरी ने उससे पूछा - "तुम यहाँ कितने दिन रुकोगे?"

उमर बोला - "ज़्यादा दिन नहीं। यहाँ तो बगदाद से भी ज़्यादा गरम है। कल सूरज निकलने से पहले ही हम पश्चिम में मिश्र की तरफ चल देंगे। मगर मैं यह सोच कर यहाँ रुक गया कि शायद मेरी यहाँ तुमसे मुलाकात हो जाये।"

टैरी खुश हो कर तुरन्त बोला - "यह तुमने बहुत अच्छा किया उमर, और मुझे खुशी है कि तुम यहाँ तक ठीक से पहुँच गये।"

उमर बोला - "हम यहाँ ऐसे ही नहीं पहुँच सकते थे।"

"क्यों क्या हुआ?"

उमर ने बताया - "जब हम ईराक के दक्षिणी हिस्से में बसरा के ऊपर से उड़ रहे थे तब वहाँ नीचे कुछ लोग खुशियाँ मना रहे थे। बहुत सारे लोग अपनी अपनी बन्दूकों से आसमान में इधर उधर गोलियाँ चला रहे थे। मैं बस उन गोलियों से बाल बाल ही बचा। मेरा एक साथी तो बेचारा मर ही गया।

वे लोग कितने बेवकूफ थे जो इस तरह से गोलियाँ चला रहे थे। उनमें से कुछ की गोलियाँ तो वापस सड़कों पर गिर कर उन पर चलते आदमियों को लग गयीं। उनमें से कुछ शायद मर भी गये हों।"

टैरी बोला - "यह बहुत बुरा हुआ। मुझे खुशी है कि तुम सही सलामत हो। क्या तुम्हारे मिश्र के रास्ते में और भी कुछ हुआ?"

"नहीं। बस सऊदी अरेबिया में हम लोगों को थोड़ी खाने पीने की परेशानी हुई। दो खाने की जगहों के बीच बहुत लम्बे लम्बे रेत के मैदान थे। अब हम लोग मिश्र आराम से जायेंगे और कुछ हफ्तों में पहुँच जायेंगे।"

उमर फिर बोला - "अफसोस, हम तुम्हारे हवाई जहाज में नहीं जा सकते वरना हम वहाँ कुछ घंटों में ही पहुँच जाते।"

टैरी ने उसे विश्वास दिलाया - "मुझे यकीन है कि तुम वहाँ ठीक से पहुँच जाओगे। तुम तो पहले भी वहाँ जाते रहे हो। पर तुम्हारे जाने से पहले क्या हम मिलेंगे?"

उमर बोला - "शायद नहीं। कुवैत के ठीक उत्तर में एक जगह है जहाँ हम लोग आराम करते हैं और मछली खाते हैं। वहाँ से जाने से पहले हमको अपना पेट खूब भर कर चलना पड़ता है ताकि हम वह लम्बा रेगिस्तान ठीक से पार कर सकें।"

टैरी बोला - "पर कम से कम मुझे तुमसे एक बार और मिलना है मेरे दोस्त। मेरी इच्छा है कि तुम जैसे मुझसे मिले हो ऐसे ही किसी दूसरे आदमी से भी मिलो और जैसे मुझसे बात करते हो वैसे ही उससे भी बात करो। तुम सचमुच में एक बहुत ही खास रैवन हो।"

उमर ने एक बार फिर टैरी से विदा ली और समुद्र के किनारे की तरफ उड़ चला। अब की बार टैरी को लगा कि उमर से शायद उसकी यह आखिरी मुलाकात थी। जैसे ही उमर पूर्वीय आसमान की तरफ उड़ा टैरी ने उसको हाथ हिला कर विदा दी।

लेकिन कम से कम अब उसके पास उमर की काफी आवाज रिकौर्ड थी और वह जब चाहे उनको अपने खाली समय में सुन सकता था।

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एक सुबह टैरी के यू ऐस ए जाने से एक हफ्ता पहले उसके सार्जेन्ट ने उसे गाड़ी देने वाले दफ्तर में बुलाया। टैरी को यह कोई अजीब बात नहीं लगी पर जब वहाँ सार्जेन्ट ने उससे बात करना शुरू किया तो वह आश्चर्य में पड़ गया।

सार्जेन्ट ने शुरू किया - "कौरपोरल किंग, क्या यह सच है कि जब तुम बगदाद में थे तब तुमने सड़कों पर अपने आपको बचाने के लिये किसी रैवन का इस्तेमाल किया? और तुमने सचमुच उस चिड़िया से बात की?"

टैरी बोला - "यह ठीक है सार्जेन्ट। पर यह सब आपको कैसे मालूम हुआ?"

सार्जेन्ट बोला - "यहाँ एक आदमी प्रेस वालों की तरफ से आया हुआ है। वह वहीं से तुम्हारे पीछे लगा है और तुम्हारा इन्टरव्यू लेना चाहता है। वह अभी मेजर के कमरे में बैठा हुआ है। तुम वहाँ अभी चले जाओ।"

टैरी ने पूछा - "सार्जेन्ट क्या मेरा वहाँ जाना जरूरी है? मैं इसके बारे में किसी से कोई बात नहीं करना चाहता। मैं जब यहाँ आया था तो मुझे लगा कि मैं उसे वहीं छोड़ आया हूँ।"

सार्जेन्ट बोला - "तुमको जाना ही पड़ेगा कौरपोरल। मेजर ने तुमको अभी अभी बुलाया है इसलिये तुमको वहाँ जाना ही है।"

टैरी ने मेजर के दफ्तर के पास पहुँच कर अपनी कमीज पैन्ट के अन्दर की, हाथ अपने सिर पर फिरा कर अपने बाल ठीक किये और फिर दफ्तर का दरवाजा खटखटाया - "मैं कौरपोरल किंग जनाब।"

मेजर बोला - "अन्दर आ जाओ कौरपोरल। यह जो आदमी आया है, यानी मार्टिन कोवैक्स, यह वर्ल्ड न्यूज़ सर्विस से आया है। यह तुम्हारे बगदाद के बारे में तुमसे कुछ बात करना चाहता है। ऐसा लगता है कि तुम्हारी वहाँ की बातें इसको यहाँ तक ले आयी हैं।"

टैरी बोला - "मुझे प्रेस से कोई बात नहीं करनी मेजर। मुझे जो कुछ कहना था मैंने वहाँ के इन्टैलीजैन्स के दफ्तर को लोगों को बता दिया है। क्या आप मुझे इस इन्टरव्यू का हुकुम दे रहे हैं?"

मेजर बोला - "नहीं कौरपोरल बिल्कुल नहीं। यह तुम्हारे ऊपर है कि तुम प्रेस को इन्टरव्यू दो या न दो।"

तभी कोवैक्स ने अपना हाथ बढ़ाया और टैरी से दोस्ताना अन्दाज़ में बोला - "एक रैवन ने तुम्हारी और एक ईराक के अफसर की ज़िन्दगी ग्रीन ज़ोन से हवाई अड्डे वाली सड़क के किनारे पर के खतरे को तुमको पहले से बता कर बचायी।

इस बात ने तुमको एक हीरो बना दिया और अमेरिका के लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं।"

टैरी बाला - "सौरी मिस्टर कोवैक्स, लेकिन मैं हीरो नहीं हूँ। अगर कोई हीरो है तो वह वह चिड़िया है जिसने हमारी जान बचायी, मैं नहीं।

और मुझे बिल्कुल भी पता नहीं है कि वह इस समय कहाँ है। आखिरी बार मैंने उसको तब देखा था जब वह कुछ और रैवन के साथ मिश्र जा रहा था।"

कोवैक्स बोला - "मैं समझ सकता हूँ। तुम बहुत ही भले आदमी हो। पर कम से कम यह तो तुम मुझे बता ही सकते हो कि तुमने उस चिड़िया से वाकई बात की थी या नहीं।

बगदाद में मेरे साथियों ने मुझे बताया कि तुमने वाकई उस चिड़िया से बात की थी। कम से कम यह तो बता दो कि यह सच है कि नहीं।"

टैरी बोला - "हाँ यह सच है कि मैंने उससे बात की थी और उसने मुझसे बात की थी। हमने एक दूसरे को पूरी तरीके से समझ लिया था। पर मैं फिर कहता हूँ कि हीरो उमर है मैं नहीं।"

कोवैक्स ने अपनी नोटबुक में लिखते हुए आश्चर्य से पूछा - "उमर? क्या तुमने उसका नाम उमर बताया?"

"हाँ ठीक। यही नाम बताया मैंने। पर सचमुच में मैं अब उसके बारे में कुछ भी बात करना नहीं चाहता। यह सब अब मैं पीछे छोड़ आया हूँ और बहुत जल्दी इस सबको भूल कर और यहीं छोड़ कर मैं यू ऐस अपने घर चला जाऊँगा।"

मेजर बोला - "क्या तुम इस बारे में यह यकीन के साथ कह सकते हो?"

टैरी बोला - "जी सर। और मैं अब कोई इन्टरव्यू भी देना नहीं चाहता और न ही कुछ कहना चाहता हूँ। क्या मैं जा सकता हूँ?"

मेजर ने अपने कंधे उचकाये, कोवैक्स की तरफ देखा और बोला - "कौरपोरल अब तुमसे कुछ और कहने के लिये तैयार नहीं है मिस्टर कोवैक्स।" टैरी धीरे से दरवाजे की तरफ पीछे हटा, मेजर को सैल्यूट किया और तुरन्त ही दफ्तर छोड़ कर चला गया।

टैरी के जाने के बाद कोवैक्स मेजर से बोला - "मेजर, इस आदमी के पास तो इन्सानों की दुनिया की बहुत ही मजेदार कहानी है। क्या तुम इसको मेरे सवालों के जवाब देने के लिये मजबूर नहीं कर सकते?

मुझे किसी तरह का सबूत भी तो चाहिये कि इसने रैवन से सचमुच में बातें कीं। क्योंकि अगर यह कहानी छप गयी तो हमें इसे साबित भी करना पड़ेगा और अगर हम इसको साबित नहीं कर पाये तो हमको बड़ा बुरा लगेगा। मुझे नहीं लगता कि केवल इतनी खबर से ही हम इस कहानी को छाप पायेंगे।"

मेजर बोला - "सौरी मिस्टर कोवैक्स, मैं इसमें तुम्हारी कोई सहायता नहीं कर सकता। मैं उसको कानूनी तरीके से तुमसे बात करने पर मजबूर नहीं कर सकता।"

कोवैक्स ने मेजर को टैरी को वहाँ बुलाने के लिये धन्यवाद दिया और तुरन्त ही उसके दफ्तर से बाहर निकल गया। इससे पहले कि टैरी बहुत दूर निकल जाये वह असल में उसको पकड़ना चाहता था।

कुछ ही दूरी पर एक स्नैक बार के पास उसने टैरी को पकड़ लिया - "रुको कौरपोरल रुको। मैं बस यह जानना चाहता हूँ कि क्या तुम सार्जेन्ट कैमिन्स्की या प्राइवेट लोपेज़ को जानते हो?"

टैरी उसके अपने पीछे पीछे आने से उससे कुछ चिड़ा हुआ सा रुक गया और बोला - "हाँ जानता हूँ। तो क्या?"

कोवैक्स थोड़ा धीरज रख कर बोला - "चलो चल कर एक प्याला कौफी या कोई ठंडा पीते हैं और मैं वायदा करता हूँ कि मैं तुमको इस बारे में ज्यादा तंग नहीं करूँगा। मगर एक चीज है जो तुमको जाननी चाहिये।"

टैरी बोला - "दो शतरें पर। पहली शर्त यह कि मैं जो कुछ भी तुमसे कहूँ वह कहीं लिखा नहीं जाना चाहिये। मैं कभी भी तुम्हारे किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर सकता हूँ।"

कोवैक्स राजी हो गया और वे दोनों उस स्नैक बार में घुस गये। कौवैक्स ने पूछा - "और तुम्हारी दूसरी शर्त?"

टैरी बोला - "और दूसरी शर्त यह कि तुम कोई बात लिखोगे नहीं और हमारी बातें छिपा कर भी रिकौर्ड नहीं करोगे। यह सब पक्का करने के लिये मैं तुम्हारा थैला उस कूड़े के डिब्बे के पास रखवा दूँगा क्योंकि हो सकता है कि उस थैले में तुम्हारे पास रिकौर्ड करने की कोई मशीन हो।"

कोवैक्स ने हारने की शक्ल में अपने दोनों हाथ ऊपर उठा दिये और बोला - "ठीक है ठीक है, जो तुम कहो। आओ थोड़ी देर यहाँ बैठते हैं। मै तुमको बताता हूँ कि मैं क्या जानता हूँ। यह उस सबसे बहुत ज़्यादा है जो मैंने मेजर के सामने कहा था।"

कोवैक्स ने अपना थैला नीचे रख दिया और काउन्टर पर दो ठंडे ड्रिन्क का और्डर देने गया। वहाँ से लौटने पर वह बोला - "तुमने कहा कि तुमने कैमिन्स्की और लोपेज़ का नाम सुना है। ठीक?"

टैरी बोला - "मैं उनको बहुत थोड़ा जानता हूँ। वे मेरी गाड़ी की रखवाली कर रहे थे जब मैं यू ऐस ऐम्बैसी से गवर्नमेन्ट की डाक के कुछ थैले लेने गया था। पर मुझे लगता है कि तुमको इस सबके बारे में पता है।"

कोवैक्स बोला - "हाँ कौरपोरल, मुझे पता है। पर क्या तुम्हें यह भी पता है कि उन्होंने तुम्हारे बारे में यह कहा है कि तुम उस एक खास टीम के आदमियों में से एक आदमी थे जो रैवनों को मिलिटरी के लोगों के साथ काम करने के लिये ट्रेन करने के लिये बनायी गयी थी।

उन्होंने ही हमें यह भी बताया कि तुम्हारा वह दोस्त रैवन उसी प्रोजैक्ट का एक हिस्सा था और तुमने उसे दुश्मनों की जगह की खबर देने के लिये ट्रेन किया था।"

टैरी तो यह सुन कर सकते में आ गया। वह आश्चर्य से बोला - "क्या? तुम कही मजाक तो नहीं कर रहे? नहीं नहीं ऐसा नहीं है यह सब बकवास है।"

कौवेक्स बोला - "अच्छा, तो यह बताओ कि ईराक के फाइनैन्स मिनिस्टर ने फिर यह क्यों कहा कि तुमने और रैवन ने ग्रीन ज़ोन से हवाई अड्डे की उस सड़क पर उसकी जान बचायी? उसने तो बल्कि यह भी कहा कि तुमको इसके लिये एक मेडल भी मिलना चाहिये। तुमको मालूम है न?"

टैरी ने पूछा - "तुम कुछ लिख या रिकौर्ड तो नहीं कर रहे हो न?"

कौवेक्स ने टैरी को अपने दोनों हाथ दिखाये और उसको उकसाते हुए बोला - "नहीं, देखो न। मेरे हाथ खाली हैं। मैं कुछ लिख भी नहीं रहा हूँ और तुमने मेरा थैला भी उधर रखवा दिया है। कहो तुम क्या कहना चाहते हो?"

टैरी ने अपने कोला का घूँट पीते हुए कहा - "मैं बताता हूँ तुमको। मैं तुमको अपने और अपने दोस्त उमर रैवन की बातचीत का भी कुछ हिस्सा सुनवाता हूँ। और यही मैं बताना चाहता हूँ।"

कौवेक्स ने आश्चर्य से कहा - "क्या तुमने वाकई उसकी और अपनी बातचीत रिकौर्ड की है? अगर हाँ, तो मैं तो उसको जरूर सुनना चाहूँगा। कहाँ है वह?"

टैरी ने अपनी जेब से अपना एम पी 3 निकाला और बोला - "अगर मैं यह तुमको सुनने दूँगा तो क्या तुम वायदा करते हो कि तुम फिर मुझे तंग नहीं करोगे?"

कोवैक्स ने हाँ में अपना सिर हिलाया।

टैरी ने उस एम पी 3 का कान में लगाने वाला यन्त्र कोवैक्स के कानों में लगा दिया और अपना प्लेयर औन कर दिया। कोवैक्स ने उन दोनों की बातचीत सुनी। सुन कर उसे आश्चर्य तो हो रहा था पर अपने कानों विश्वास नहीं हो रहा था।

कुछ देर बाद टैरी ने अपना एम पी 3 प्लेयर बन्द करके अपनी जेब में रख लिया और बोला - "अब तो तुम मुझ पर विश्वास करते हो न? अभी तुमने जो कुछ सुना वह मेरी उमर के साथ उसके मिश्र जाने से पहले की आखिरी की दो बातचीतें थीं। अब मैं जाऊँ?"

कोवैक्स का दिमाग इस बात पर बहुत तेज़ी से काम कर रहा था कि टैरी से इसके बारे मैं और जानकारी कैसे हासिल की जाये।

सो वह बोला - "कौरपोरल, तुम जिसको बात करने वाला रैवन कहते थे उसको मैंने सुना और अब मेरे पास अब शक करने की कोई वजह भी नहीं है।

यह सचमुच ही बड़ी आश्चर्यजनक बात है। एक बात करने वाले रैवन की मेरे पास केवल एक ही जानकारी और है और वह है ऐडगर ऐलैन पो के लेखों से।

जहाँ तक मेरा ख्याल है, हालाँकि वह केवल कहानी ही है, कि पो का एक पालतू रैवन था जिस का नाम था ग्रिप। उन दिनों रिकौर्ड करने का कोई तरीका नहीं था न।"

टैरी बोला - "मैंने कभी सुना नहीं। पर तुमको मेरी बात पर ही विश्वास करना पड़ेगा कि जो आवाज अभी तुमने सुनी वह उमर की ही थी।"

और अब टैरी का धीरज खत्म हो रहा था क्योंकि टैरी को लग रहा था कि कोवैक्स उसको छोड़ना नहीं चाह रहा था इसलिये वह उसको कोई न कोई बात बना कर बातों में उलझाये रखना चाह रहा था।

टैरी को याद आया कि उमर ने उससे एक ब्रिटिश औफीसर के बारे में कहा था जिसने उसे बोलना और पढ़ना सिखाया सो इससे पहले कि कोवैक्स उससे कोई सवाल पूछता उसने कोवैक्स से कहा - "ठीक है मैं तुमको और भी कुछ बताऊँगा जो उमर ने मुझे बताया था कि उसने बोलना कैसे सीखा।"

कोवैक्स की फिर से उसकी बातों को जानने की इच्छा हो गयी तो वह और आगे की तरफ झुक गया। टैरी उसको एक बहुत ही अलग किस्म की अजीब सी बात बताने जा रहा था।

उसको इसी बात का अफसोस था कि उसके पास लिखने या रिकौर्ड करने की कोई चीज़ नहीं थी। कोवैक्स ने कहा - "बताओ टैरी मुझे उमर के बारे में कुछ और बताओ।"

टैरी बोला - "उमर ने एक बार मुझे बताया कि बरसों पहले मिश्र में एक सीक्रेट ब्रिटिश प्रोजैक्ट थी। यह तब की बात है जब स्वेज़ नहर बनने की बात चल रही थी।

ब्रिटिश लोगों ने कई रैवन पकड़े और उनको ब्रिटिश आर्मी के लिये कई काम करने की ट्रेनिंग दी। उन रैवनों में एक उमर भी था। इस प्रोजैक्ट में आखिरी रैवन उमर ही था और वह सबसे अच्छा काम करता था।

एक दिन इन रैवन की देखभाल करने वाले की गलती से पिंजरे का दरवाजा खुला रह गया और यह उमर रैवन वहाँ से भाग गया पर वह इंगलिश बोलना और पढ़ना नहीं भूला। उसने कोई और दूसरी भाषा भी नहीं सीखी थी।"

यह सुन कर कोवैक्स का मुँह तो खुला का खुला ही रह गया। उसने टैरी की बातों पर विश्वास किया और इसके बारे में उसने और जानकारी हासिल करने का विचार किया।

टैरी रिपोर्टर के चेहरे की हालत देख कर उस समय यह बता सकता था कि रिपोर्टर इन सब बातों को मछली के काँटे की तरह निगल रहा था। वह हँसना या मुस्कुराना चाहता था पर किसी तरह अपने आपको रोके हुए था।

टैरी अपनी बात जारी रखते हुए आगे बोला - "तो मिस्टर कोवैक्स यह है सारी कहानी। और अब उमर चला गया है। अब वह ब्रिटेन या अमेरिका वालों के इस्तेमाल होने से दूर है। और इसी लिये मैं उसके बारे में तुम्हें बताना नहीं चाह रहा था पर तुम अपना वायदा याद रखना कि यह सब कहीं रिकौर्ड न हो।"

"हाँ बिल्कुल बिल्कुल, यह रिकौर्ड में नहीं है। यही मैंने कहा भी था और देखो मैंने इसे कहीं लिखा भी नहीं है। पर तुमको यह मानना पड़ेगा कि वाकई यह एक अजीब कहानी है।" कोवैक्स बोला।

टैरी उठते हुए कोवैक्स को याद दिलाते हुए बोला - "पर यह भी याद रखना कि यह कहानी मेरी नहीं है उमर की है और वही इस कहानी का सच्चा हीरो भी है।"

कोवैक्स वहीं स्नैक बार की कुरसी पर बैठा रहा और टैरी अपने दफ्तर चला गया। टैरी जानता था कि कोवैक्स इस कहानी को बाहर नहीं जाने देगा।

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एक हफ्ते के अन्दर ही टैरी रैमस्टीन, जर्मनी, से होता हुआ अपने घर वापस जा रहा था। उसको मिडिल ईस्ट में रह कर जहाँ बहुत धूल थी, बहुत गर्मी थी और हमेशा खतरा था अजीब सा महसूस हो रहा था।

जब उसका हवाई जहाज सुबह को रैमस्टीन के ऐयर बेस के हवाई अड्डे पर उतरा तो टैरी और उसके साथ की सवारियों को मिलिटरी सवारियों वाले टरमिनल की तरफ जाने को कहा गया।

वहाँ वह अपने पैसे डालर में बदल सकता था, कैफेटेरिया में सुबह के नाश्ते के लिये रुक सकता था और शाम की फ्लाइट के लिये इन्तजार कर सकता था जो उन लोगों को अंध महासागर के पार उनकी अलग अलग जगहों को ले जातीं।

वहाँ टैरी ने एक दो पेपरबैक किताबें खरीदीं। 2 बजे के करीब फिर से दर्जनों सिपाही लोग अपने अपने घर जाने के लिये हवाई जहाज में चढ़ने लगे।

जिन लोगों को न्यू जरसी की मैकग्वायर ऐयर बेस के हवाई अड्डे पर उतरना था उनका सफर 8 घंटे का था। टैरी ने बजाय पढने के सोना ज़्यादा ठीक समझा और वह काफी देर तक सोता भी रहा सिवाय खाना खाने के जो कि उसका दूसरा नाश्ता था।

मैकग्वायर ऐयर बेस पर उतरने पर वे एक बार फिर मिलिटरी सवारियों वाले टरमिनल की तरफ चले। वहाँ वे लोग अपने अपने घर जाने के लिये फ्लाइट का इन्तजाम कर सकते थे।

टैरी ने सोचा कि वहाँ उतरने के बाद वह मामूली शहरी हो जायेगा पर आर्मी ने तो उसके लिये कुछ और ही सोच रखा था। उन्होंने उसको टैक्सास में फोर्ट हुड में उसकी आखिरी कार्यवाही और फिर बाद में छुट्टी के लिये भेज दिया।

मैकग्वायर हवाई अड्डे पर टैरी को एक कैप्टेन गिब्स मिले जो उसको आखिरी हिदायतों के लिये एक दफ्तर में ले गये। टैरी उनके साथ चला गया और वहाँ पहुँच कर उसको एक मेज के सामने एक कुरसी पर बिठा दिया गया।

कैप्टेन गिब्स उस मेज के पीछे बैठ गया। उसने एक मनीला फाइल खोली और बोला - "कौरपोरल किंग, तुम तो बगदाद जा कर बड़े मशहूर आदमी हो गये। वहाँ के स्टेट डिपार्टमेन्ट ने ईराक के फाइनैन्स मिनिस्टर की सेवाओं के लिये तुम्हारी बड़ी तारीफ लिखी है।"

कैप्टेन की छाती पर जो बिल्ला लगा हुआ था उससे टैरी को पता चला कि कैप्टेन का नाम ऐन्डरसन था।

टैरी बोला - "नहीं जनाब। जरूर कहीं कुछ गलती हुई है। मैं इसके बारे में कुछ भी नहीं जानता। मैं तो बस घर जाना चाहता हूँ, यहाँ से छुट्टी चाहता हूँ और अपनी ज़िन्दगी अपने परिवार में बिताना चाहता हूँ। मेरे माता पिता मेरा इन्तजार कर रहे हैं।"

कैप्टेन बोला - "तुम इतने भोले न बनो। तुमको सब मालूम है कि तुमने बगदाद में क्या किया। इसके लिये ईराक की सरकार ने तुमको एक खास मैडल दिया है। यह तुम्हारे और यू ऐस आर्मी दोनों के लिये बड़ी इज़्ज़त की बात है।

इसलिये मैं तुमको पैन्टैगन जाने का हुकुम देता हूँ जहाँ जा कर तुम दो दिन के बाद ठीक 10 बजे स्ेाक्रेटरी औफ दी आर्मी के दफ्तर में जा कर रिपोर्ट करोगे।

इस बीच में तुम अपनी नयी यूनीफार्म ले सकोगे और अपने बाल कटवा सकोगे। इस तरह तुम अपने आपको स्ेाक्रेटरी और ईराक के ऐम्बैसेडर के साथ फोटो खिंचवाने के लायक बना सकोगे। और कोई सवाल?"

टैरी बोला - "लेकिन जनाब?"

कैप्टेन बोला - "कोई लेकिन वेकिन नहीं कौरपोरल। यह मेरा हुकुम है। जैसा तुमको बताया गया है वैसा ही करो। आया समझ में?"

टैरी बोला - "तो मैं तो और कुछ कर ही नहीं सकता?"

कैप्टेन बोला - "ठीक। तुम और कुछ कर ही नहीं सकते। एक घंटे के अन्दर अन्दर तुमको एक कार फोर्ट मीड ले जायेगी। वहाँ तुमको नयी यूनीफार्म मिल जायेगी और तुमको ऐन सी ओ के गेस्ट हाउस में ठहरा दिया जायेगा।

वहाँ से एक दूसरी कार तुमको पैन्टैगन ले जायेगी जहाँ से तुम अपने माता पिता को फोन कर सकते हो। क्या तुमको कुछ पैसे चाहिये? क्या तुमको तुम्हारी तनख्वाह मिल गयी?"

यह सुन कर तो टैरी का सिर चकरा गया। उसके बारे में जो झूठ कहा गया था उसको सोच कर तो वह पागल सा हो गया।

उसने फिर अपनी सफाई देने की कोशिश की - "कैप्टेन, कहीं कोई गलती जरूर है। मैं किसी मैडल और इतने ऊँचे औफीसरों के साथ खड़े होने के लायक नहीं हूँ।"

कैप्टेन बोला - "तुम हो मेरे बेटे, तुम हो। और मैं भी तुम्हारे साथ चलूँगा इसलिये अब तुम आराम करो और धूप का आनन्द लो। यह सब दो दिन में खत्म हो जायेगा और तब हम तुमको घर भेज देंगे।"

इनाम लेने के लिये पैन्टेगन जाने के एक दिन पहले शाम को टैरी के लिये उसके अपने कमरे में एक टेलीफोन आया। यह फोन मैरिलिन कोहैन का था जो "नाइट टैलीविजन" शो की असिस्टैन्ट प्रोड्यूसर थी।

उसने उसे न्यू यौर्क में अपने टैलीविजन पर ऐलैन किम्बल जो मशहूर लोगों को अपने नाइट शो में लाता था उसके शो में आने के लिये बुलाया था।

टैरी बोला - "अफसोस मिस कोहैन, मेरी इस शो में आने की काई इच्छा नहीं है। जैसे ही आर्मी मुझे छोड़ देगी मैं अपने घर वापस चला जाऊँगा। मैंने कभी "नाइट टौक" के बारे में सुना भी नहीं है और न ही वह मेरा कोई प्रिय शो है।"

मिस कोहैन जिसका काम ही मशहूर लोगों को शो में लाने का था उसने टैरी को आने के लिये ज़ोर देते हुए कहा - "मगर कौरपोरल किंग, यह शो तुमको पूरे देश में मशहूर कर देगा और जब तुम शहरी ज़िन्दगी बिताओगे तब यह तुम्हारी उस ज़िन्दगी को भी बेहतर बना देगा।

तुमको टैलीविजन पर देखने के बाद तुमको बेहतर नौकरी भी मिल सकती है। लड़ाई के हीरो की तरह खुद मशहूर होने और यू ऐस आर्मी को मशहूर करने में कभी कोई नुकसान नहीं है। मानते हो न?"

टैरी रुखाई से बोला - "सौरी मिस कोहैन, मेरी इस शो में आने की कोई इच्छा नहीं है। गुड बाई।" कह कर उसने फोन रख दिया।

उसको बार बार लोगों को अपने से दूर हटाना पड़ रहा था। पैन्टेगन के लोग, रिपोर्टर्स, टी वी प्रोड्यूसर्स ये सभी लोग उसको बहुत परेशान कर रहे थे।

पैन्टेगन का काम अगले दिन सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक खत्म हो गया। टैरी कैप्टेन ऐन्डरसन के पीछे पीछे ऐलीवेटर्स की तरफ चल दिया।

वह सोच रहा था कि वह वहाँ से जाने वाला शायद आखिरी आदमी होगा मगर ऐसा नहीं था। जल्दी ही एक आर्मी कर्नल ने उन दोनों को रोक लिया।

वह आर्मी कर्नल मिडिल ईस्टर्न के इन्टैलीजैन्स चीफ़ का असिस्टैन्ट था और टैरी को ले जाने के लिये आया था सो टैरी को उसके साथ जाना था। कैप्टेन को नीचे की लौबी में इन्तजार करने को कहा गया था और उसको बताया कि किंग को शायद एक घंटे की देर हो जाये।

टैरी कर्नल के साथ इन्टैलीजैन्स के दफ्तर गया तो वहाँ चार अफसर और बैठे हुए थे - दो मेजर, एक कैप्टेन और एक लैफ्टीनैन्ट। जब टैरी को उस बड़ी मेज पर बैठने को कहा गया तो वहाँ एक सफेद बालों वाला शहरी और भी बैठा हुआ था।

कर्नल मेज पर हैड की जगह पर बैठा और टैरी कर्नल के सामने बैठा। टैरी को उम्र में बहुत छोटा कोरपोरल होने के नाते यह बहुत ही अजीब सा लगा जब उन लोगों ने उससे चाय, कौफी या ठंडे के लिये पूछा सो उसने उस सबके लिये उनको मना कर दिया।

कर्नल बोला - "कौरपोरल, तुमको ईराकी मेरीटोरियस सर्विस मैडल पाने के लिये बधाई हो। मगर तुम यहाँ पर और ज़्यादा बधाई के लिये नहीं बुलाये गये हो।

ऐसा लगता है कि तुमने कुछ सीक्रेट खबर इधर उधर की है। हम यहाँ पर यह देखने के लिये हैं कि इस सिलसिले में तुमने क्या किया है और कितनी खबर तुमने बाहर दी है।"

वह शहरी बोला - "हाँ कौरपोरल किंग, हम बस यह जानना चाहते हैं कि वर्ल्ड न्यूज सर्विस वाले मार्टिन कोवैक्स को तुमने क्या क्या बताया है?"

टैरी कुछ नाराजी से ऊँची आवाज में बोला - "कुछ ज़्यादा नहीं जनाब। हम लोगों ने कुवैत में कुछ बातें की थीं और मैंने उसको अपने दोस्त उमर रैवन के बारे में कुछ बताया था जिसको मैंने उसको लिखने से मना किया था।"

शहरी ने ज़ोर दे कर पूछा - "वही बात करने वाला रैवन जिसको तुमने ईराक के सीक्रेट मिशन के लिये इस्तेमाल किया था?"

टैरी ने सफाई देते हुए कहा - "जी नहीं जनाब। मेरा किसी सीक्रेट मिशन से कभी कोई ताल्लुक नहीं था और न है। बिल्कुल भी नहीं। आप कहना क्या चाहते हैं?" टैरी की आवाज में नाराजी और परेशानी साफ झलक रही थी।

कर्नल बीच में बोला - "देखो कौरपोरल, हमको बताया गया है कि तुम उस सीक्रेट औपरेशन का एक हिस्सा थे जिसका काम चिड़ियों को ट्रेन करना था।

इस मामले में यह चिड़िया एक रैवन था और इस रैवन का काम ईराक में सीक्रेट खबर इकठ्ठा करना था। क्या तुम इस बात से इनकार करते हो?"

टैरी बोला - "नहीं किसी तरह भी नहीं। पर मैं ऐसे किसी भी औपरेशन को नहीं जानता जिसमें किसी रैवन का काम ईराक में सीक्रेट खबर इकठ्ठा करना हो। मैं तो केवल इतना जानता हूँ कि एक रैवन मेरा दोस्त था जो अपने आपको उमर कहता था।

मैं जब भी ग्रीन ज़ोन और बगदाद हवाई अड्डे के बीच आता जाता था तो वह अपनी मरजी से मेरे साथ आता जाता था। मैं बस केवल इतना जानता हूँ।"

शहरी ने फिर पूछा - "क्या तुम सार्जेन्ट कैमिन्स्की या प्राइवेट लोपेज़ को जानते हो?"

टैरी बोला - "जी हाँ, मैं जानता हूँ। वे मेरे दो गार्ड थे जो मेरे साथ एक बार हमारी ऐम्बैसी से खास डाक लाने के लिये ग्रीन ज़ोन गये थे। यह खास डाक मुझे वापस एक हवाई जहाज जो अमेरिका जाने वाला था उसको देनी थी। मैं उनके बारे में बस इतना ही जानता हूँ।"

इस बार वह शहरी कुछ धमकाने के अन्दाज में बोला - "हमें मार्टिन कोवैक्स ने बताया कि उसने उन दोनों गार्ड सिपाहियों का इन्टरव्यू किया और उन्होंने तुम्हारे बारे में बताया कि तुम चिड़ियों की एक खास ट्रेनिंग टीम में थे। क्या तुम इससे इनकार करते हो?

अगर तुमने कोई भी खबर उस औपरेशन के बारे में इधर से उधर की तो तुम बड़ी मुसीबत में फँस जाओगे।"

टैरी बोला - "मैं जानता हूँ। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। अगर ऐसी कोई खास टीम थी भी जो रैवन को इस्तेमाल कर रही थी तो कम से कम मैंने उसके बारे में कभी नहीं सुना।"

और अब टैरी सोच रहा था कि काश उसने मार्टिन से कभी बात ही नहीं की होती। उस बेचारे को तो यह भी समझ में नहीं आया कि कैमिन्स्की या लोपेज़ ने उसके बारे में ऐसा क्यों कहा।

कर्नल बोला - "ठीक है कौरपोरल, तुम हमको सब बता दो कि कैसे तुम पहले पहले उस बोलने वाले रैवन से मिले, फिर कैसे तुमने उसकी सेवाएँ इस्तेमाल की और कैसे उसने ईराक के फाइनैन्स मिनिस्टर को और तुमको बचाया।

हमको कैमिन्स्की और लोपेज़ ने यह बता दिया है कि तुमने रैवन से बातें की हैं। उन्होंने तुमको बात करते सुना भी और यह भी देखा कि किस तरह उसने सड़क के किनारे वाले बम के बारे में तुम्हें बताया। हमें तुम यह कहानी शुरू से बता दो। बस।"

टैरी का चेहरा परेशानी की वजह से लाल हो रहा था। उसने लैफ्टीनैन्ट से एक कोला का कैन या ठंडा पानी माँगा। टैरी को लगा कि इससे पहले वह अपनी कहानी शुरू करे शायद वे ठंडे ड्रिन्क उसे कुछ तसल्ली दे सकें।

लैफ्टीनैन्ट उठा और जल्दी ही एक वैन्डिंग मशीन से कोला का एक ठंडा कैन निकाल कर ले आया। टैरी एक घूँट कोला पी कर इस गरम बातचीत में थोड़ा ठंडा हुआ और फिर अचानक उसने बोलना शुरू किया।

उसने उमर रैवन से पहली बार मिलने से ले कर उसके आखिरी बार मिलने तक जब वह फाइनैन्स मिनिस्टर के साथ आ रहा था उनको सब सुना दिया। पर उसके बाद वह रुक गया और हँसने लगा।

उसकी हँसी सुन कर कर्नल और दूसरे लोग सकपका गये और चौंक गये। उन्होंने उससे पूछा कि इसमें हँसने की क्या बात थी।

फिर कर्नल बोला - "क्या तुम्हें पता नहीं कि यह कितना गम्भीर मामला है, कौरपोरल?"

टैरी बोला - "सौरी सर, लेकिन अभी अभी मेरे दिमाग में आया कि वह मिनिस्टर अपने मँहगे सूट में मेरे ट्रक में धूल भरे गन्दे फर्श पर नीचे बैठा कैसा दिखायी दे रहा था। जब मैं अपना ट्रक चला रहा था तो वह वी आई पी नीचे बैठा था। उसका सूट गन्दा हो गया था और उसमें सिकुड़नें पड़ गयीं थीं। बेचारा।

अभी अभी मुझे यह भी ख्याल आया कि जब वह टरमिनल पर अपनी फ्लाइट पकड़ने के लिये गया था तो वह कैसा लग रहा था इसी लिये मुझे हँसी आ गयी।" टैरी को अपनी हँसी रोकने में और फिर से गम्भीर होने में एक दो मिनट लगे।

कर्नल बोला - "तुम ठीक कह रहे हो। मेरे ख्याल से वह भी एक सीन रहा होगा पर कम से कम वह सुरक्षित तो था और ज़िन्दा तो था। इसमें तुम्हारी तुरत सोच की दाद देनी पड़ेगी।"

टैरी बोला - "नहीं जनाब, धन्यवाद तो उस उमर के बताने का। या फिर धन्यवाद तो उस मिनिस्टर का जो ग्रीन ज़ोन में अपनी लिमूज़ीन छोड़ कर मेरे ट्रक में आ बैठा। मेरा उसमें कोई हाथ नहीं था।"

जब टैरी ने रैवन से अपने रिश्ते का पूरा हाल उन लोगों को सुना दिया तो कर्नल बोला - "यकीनन तुम्हारे साथ ये सब कुछ अजीब ही हालात थे पर मैंने तुम्हारे उस इन्टैलीजैन्स प्रोजैक्ट जो चिड़ियों को ट्रेन करने को बारे में थी उसमें हिस्सा लेने के बारे में तो कुछ सुना ही नहीं। उसके बारे में तुम क्या कहना चाहते हो?"

टैरी बोला - "कुछ नहीं कर्नल। बस इतना ही कि यही पूरी कहानी है। और जैसा कि मैंने पहले ही आपसे कहा मैं किसी ऐसी सीक्रेट प्रोजैक्ट या किसी और चीज़ के बारे में नहीं जानता। मैं तो वहाँ केवल ट्रक ड्राइवर था।"

औफीसरों ने एक दूसरे की तरफ देखा और जल्दी ही कर्नल बोला - "हम तुमसे इस बारे में कुछ और बात करना चाहते हैं कौरपोरल। क्या तुम दूसरे कमरे में आओगे और बैठोगे? हम भी वहाँ अभी आते हैं।"

टैरी बोला "जी हाँ।"

वह खड़ा हो गया और चलने लगा लेकिन फिर पीछे घूम गया और कमरा छोड़ने से पहिले कर्नल को सैल्यूट किया। कर्नल ने देर से किये गये सैल्यूट का जवाब दिया। वह उसके इस सैल्यूट पर आश्चर्यचकित था क्योंकि मीटिंग तो अभी खत्म नहीं हुई थी।

टैरी उस कान्फरैन्स रूम से चला गया था। सारे औफीसरों ने मिल कर उसकी कही गयी कहानी से यही नतीजा निकाला कि टैरी सचमुच में किसी प्रोजैक्ट का कोई हिस्सा नहीं था।

वे सब इस बात से सन्तुष्ट थे कि वह वहाँ केवल एक ट्रक ड्राइवर था और उसका उस चिड़िया से इत्तफाक से सामना हो गया था। पर केवल शहरी ही इस बात को नहीं मान रहा था।

पर फिर उन्होंने उस शहरी को भी अपनी बात पर राजी कर लिया और फिर सबने मिल कर यह फैसला किया कि टैरी को जाने दिया जाये।

लैफ्टीनैन्ट उठा और टैरी को उसी कमरे में फिर से वापस ले आया। टैरी अपने उन सब सवाल पूछने वालों के सामने बहुत ही नरवस हो रहा था। जब उन लोगों ने कहा कि मीटिंग खत्म हो गयी और वह जा सकता था तभी उसकी जान में जान आयी।

कर्नल बोला - "लैफ्टीनैन्ट, क्या तुम मेहरबानी करके किंग को नीचे लौबी में छोड़ आओगे? और कैप्टेन गिब्स से कहना कि हमको इस आदमी को अब और नहीं रोकना।"

टैरी ने एक बार फिर सैल्यूट किया और पीछे मुड़ कर लैफ्टीनैन्ट के पीछे पीछे चला गया। वे दोनों कैप्टेन गिब्स के पास आये और लैफ्टीनैन्ट ने उसको बताया कि कौरपोरल किंग अब जा सकता था।

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टैरी इस कभी न खत्म न होने वाली पूछताछ के खत्म होने के बाद फोर्ट हुड की तरफ चला ताकि वहाँ से वह अपनी आखिरी छुट्टी ले कर अपने घर हारलोटन, मौन्टाना जा सके।

पहाड़ों के पश्चिम का यह देश उसको इससे पहले कभी इतना अच्छा नहीं लगा। उसको लगा वह अपनी लड़ाई ईराक में छोड़ आया था और यहाँ पर अब शान्ति में था।

यहाँ टैरी के पुराने दोस्त उससे ईराक के बारे में पूछते रहते कि वहाँ कैसा है क्योंकि उन्होंने तो उस देश को कभी देखा ही नहीं था। उसके बचपन के दोस्त सब बड़े हो गये थे। कुछ के अपने परिवार भी हो गये थे जबकि दूसरे अपना अपना कैरियर बनाने में लगे हुए थे।

बहुत सारे लोग घोड़ा पालने में लग गये थे, कुछ नौकरी करने चले गये थे। पास के एक कैफे में टैरी को लोग लड़ाई का हीरो समझते थे जिसको वह हमेशा मना कर दिया करता था।

जल्दी ही उसको लगने लगा कि उसको भी अपनी ज़िन्दगी गुजारने के लिये कोई काम करना चाहिये क्योंकि अब वह आर्मी का नौकर नहीं था।

वह केवल ट्रक चलाना ही जानता था और इस काम के लिये बहुत सारी नौकरियाँ नहीं थीं, कम से कम उसके गाँव में तो नहीं थीं। उसके माता पिता ने उससे कहा भी कि नौकरी की कोई ज़्यादा जल्दी नहीं थी। वह उनके साथ जितने दिन चाहे रह सकता था।

वे लोग तो इसी बात से बहुत खुश थे कि वह ठीक से घर वापस आ गया था। लेकिन फिर भी उसको कोई न कोई नौकरी तो ढूँढनी ही थी।

एक दिन उसने डाकखाने के एक फ्लायर में पढ़ा कि जो लोग हारलोटन के चारों तरफ डाक भेजते थे वे गाँव के रास्तों पर डाक बाँटने के लिये ड्राइवर ढूँढ रहे थे। उस नोटिस में यह भी लिखा था कि वे उन ड्राइवरों को पहले लेंगे जिन्होंने आर्मी में काम किया है।

यह तो टैरी के लिये बहुत अच्छी बात थी सो उसने नौकरी के लिये अपनी अरजी भेज दी।

हालाँकि उसको नौकरी मिल जाने की कोई बहुत उम्मीद नहीं थी फिर भी उसको नौकरी मिल गयी और वह अपना काम अब कभी भी शुरू कर सकता था।

उसकी जिन्दगी अचानक ही बहुत अच्छी हो गयी थी और इसमें उसका कोई नुकसान भी नहीं था अगर उसकी तन्ख्वाह फिर से शुरू हो गयी थी।

अपनी डाक वाली मैम से एक छोटी सी ट्रेनिंग और अपने रास्ते जान लेने के बाद टैरी एक बार फिर से डाक लाने ले जाने के काम में लग गया।

पर इस बार उसको सड़क के किनारे रखे बमों का, या किसी दुश्मन के उसके ऊपर गोली चलाने का या लड़ाई में चलती गोलियों की भयानक आवाजों का कोई खतरा नहीं था।

वह जल्दी ही अपने 100 मील लम्बे डाक के रास्ते को भी ठीक से जान गया और उन रास्तों पर रहने वाले लोगों को भी।

एक दिन वह उस रास्ते पर आधे रास्ते में सड़क के किनारे बने एक पिकनिक की जगह पर दोपहर के खाने के लिये एक सैन्डविच खाने के लिये रुका तो उसने रैवन का एक झुंड कूड़े के डिब्बे के पास देखा जिसमें से कुछ कूड़ा बाहर बिखरा पड़ा था।

वह अपने मेल ट्रक में बैठा हुआ था और उनकी आवाजें सुन रहा था और खाने के छोटे छोटे टुकड़ों पर लड़ाई देख रहा था तो तुरन्त ही उसको अपने दोस्त उमर का खयाल आ गया।

क्या वह सऊदी अरेबिया से मिश्र पहुँच पाया होगा? क्या उसका किसी और आदमी से सम्बन्ध बना होगा और उसने फिर से किसी से बातचीत की होगी या वह फिर अपने पुराने चिड़िया जैसे बरताव करने लगा होगा? इन सब बातों को जानने का उसके पास कोई तरीका नहीं था।

जब भी वह अपने दोपहर के खाने के समय यहाँ रुकता था इस तरह के ख्याल टैरी के दिमाग में अक्सर आते रहते थे।

अक्सर वह यह सोच सोच कर खुश होता रहता कि काश वह उमर जैसे रैवन को एक डिजिटल कैमरा ले कर घूमने के लिये इस्तेमाल कर सकता। या फिर ऐसा कैमरा जिसमें टाइम चिप लगी रहती और जो हर 30 सैकंड में अपने आप तस्वीरें खींचता रहता।

रैवन के लिये यह काम कोई मुश्किल नहीं होता। उस कैमरे का साइज च्यूइंग गम के बराबर होता। फिर वह उन सब तस्वीरों को उस कैमरे में से अपने कम्प्यूटर पर ले आता।

उसको विश्वास था कि उमर को इस कैमरे के साथ किसी भी जगह भेजा जा सकता था और वह पहले से तय किये गये समय पर वापस भी आ जाता।

द्रोन हवाई जहाज़ की तरह से आसमान में घूमते हुए रैवन पर किसी को शक भी नहीं होता और कोई उस पर गोली भी नहीं चलाता।

उमर के दोस्त

बात करने वाला वह उमर एक हफ्ते के सफर के बाद कुवैत से अपनी जगह मिश्र पहुँच गया। सऊदी अरेबिया का रेगिस्तान पार करना उसके लिये एक बहुत ही मुश्किल सफर था।

उसमें उसको खाने पीने और आराम करने के लिये कई पानी वाली जगहों पर रुकना पड़ा। कुछ जगहें तो एक दूसरे से 200 मील तक की दूरी पर थीं।

बहुत सारे रैवनों के लिये तो यह सफर बहुत ही मुश्किल था जो हर साल ईराक की सड़ी गरमी से बचने के लिये एक जगह से दूसरी जगह जाते थे। उनमें से दर्जनों तो बेचारे तो रास्ते में ही मर जाते थे।

पर अब कम से कम छह महीने के लिये तो वे एक जगह रह ही सकते थे। इसके बाद उनको बगदाद में फिर दजला नदी की घाटी की तरफ चले जाना था।

मिश्र में उमर और उसके साथी नील नदी और उत्तर में समुद्र के किनारे वाली झीलों के आस पास ठंडे मौसम का आनन्द ले रहे थे। वहाँ उनके लिये खाना और पानी भी खूब था।

उमर अक्सर नील नदी की तरफ एक झील पर जाया करता था। एक दिन वह उधर गया तो वहाँ उसको यू ऐस ऐम्बैसी के मरीन गार्ड दिखायी दे गये जो वहीं किनारे पर रुके हुए थे। उनकी गाड़ियों पर अमेरिकन झंडे लगे हुए थे।

ये अमेरिकन झंडे देख कर उसको अपने दोस्त अमेरिकन सिपाही कौरपोरल टैरी किंग की याद हो आयी जो उसको बगदाद में मिला था और जिसको उसने अपना दोस्त बना लिया था और जिससे उसने बेबी रुथ कैन्डी भी ले कर खायी थी।

सो इस उम्मीद में कि इन लोगों में से किसी के पास भी ऐसी कोई चीज़ होगी वह नीचे की तरफ उड़ा और एक जीप के पास आ कर बैठ गया।

पहले तो किसी मरीन ने उस बड़े रैवन की तरफ ध्यान नहीं दिया क्योंकि वे लोग आराम करने में ज़्यादा लगे हुए थे। कोई धूप में बैठा था तो कोई मैगजीन पढ़ रहा था।

तो रैवन वहाँ से उड़ कर फिर एक बिजली के खम्भे पर जा कर बैठ गया। वहाँ से उसने देखा कि एक मरीन "स्टार्स ऐन्ड स्ट्राइप्स" अखबार पढ़ रहा था और जो पेज उसने खोल रखा था उस पेज पर कौरपोरल किंग के ईराक के फाइनैन्स मिनिस्टर की जान बचाने के लिये इनाम मिलने के बारे की खबर छपी थी।

उमर के मुँह से निकला - "मैं उस सिपाही को जानता हूँ। मैं उसको ईराक से जानता हूँ। यह मेरा दोस्त टैरी है।"

यह सुन कर एक मरीन ने ऊपर की तरफ देखा और बिना कुछ सोचे विचारे बोला - "क्या यह ठीक है? यह कहानी कहती है कि वह उस ईराक के मिनिस्टर को एक रैवन की वजह से ही बचा सका।

क्योंकि उसने हवाई अड्डे की तरफ जाने वाली सड़क के पास बैठे दुश्मन के बारे में उसको पहले से ही बता दिया था। क्या वह तुम थे?"

इससे पहले कि उमर कुछ बोलता एक दूसरा मरीन बोला - "जौन, क्या तुम वाकई उस गूँगी चिड़िया से बात कर रहे हो? तुम्हें क्या हो गया है? मुझे लगता है कि तुम धूप में बहुत देर से बैठे हो। चलो छाया में चलते हैं।"

तब उमर उस खम्भे पर घूमा, अपना सिर हिलाया और बोला - "हाँ वाकई मैं गूँगी चिड़िया हूँ। अगर मैं तुम्हारी भाषा ठीक से समझता हूँ तो गूँगा माने जो बोल नहीं सकता। और तुम तो बिल्कुल साफ साफ सुन रहे हो कि मैं बोल रहा हूँ। और अगर मैं बोल रहा हूँ तो मैं गूँगा नहीं हो सकता। हाँ मैं ही वह चिड़िया हूँ।"

यह सुन कर जो चार मरीन वहाँ पर बैठे हुए थे उमर की तरफ आश्चर्य से देखने लगे। उनको अपने कानों पर चिश्वास ही नहीं हो रहा था कि एक चिड़िया भी बोल सकती है।

उन चारों मे जो सबसे छोटा मरीन था प्राइवेट सिम्स, वह बोला - "हमारे लैफ्टीनैन्ट को तो इस बात पर विश्वास ही नहीं होगा कि एक चिड़िया भी बोल सकती है। और अगर हमने इसके बारे में उससे कुछ कहा भी तो वह हमको सेक्शन 8 के अन्दर पागल बता कर नौकरी से निकाल देगा।"

दूसरा आदमी बोला - "और अगर हमने कहीं यह कह दिया कि चिड़िया पढ़ भी सकती है तब तो वह हमको कूड़े के डिब्बे में ही डाल देगा। हम लोग तो किसी से यह बात कह भी नहीं सकते।"

जौन ने पूछा - "ओ चिड़िया, क्या वाकई तुम्हारा नाम उमर है?"

"हाँ मेरा नाम तो यही है। तुम्हारा नाम क्या है?" उमर बोला।

जो मरीन सबसे पहले उमर से बोला था, यानी जौन, वही बोला - "मेरा नाम कौरपोरल जौन बैबकौक है।" और फिर दूसरों की तरफ इशारा करते हुए वह बोला - "यह प्र्राइवेट सिम्स है, वह प्राइवेट टैरी है और वह जिसके बाल कुछ सफेद से हैं उसका नाम कौरपोरल जरमेन है।"

उमर नम्रता और आदर से बोला - "तुम सबसे मिल कर मुझे बहुत खुशी हुई। पर तुम चारों अमेरिकन यहाँ मिश्र में क्या कर रहे हो? क्या तुम लोग यहाँ किसी दुश्मन से लड़ने आये हो?"

बैबकौक बोला - "नहीं उमर, हम लोग यू ऐस ऐम्बैसी के मरीन गार्ड हैं। आज हम लोग चार दिन की छुट्टी पर हैं सो हम लोग यहाँ इस झील के किनारे आराम करने चले आये। हमारा काम यू ऐस ऐम्बैसी और उसमें काम करने वालों की रक्षा करना है।"

उमर फुसफुसाया "अच्छा है।"

टैरी ने पूछा - "उमर यह तो बताओ कि तुम ईराक से यहाँ आये कैसे? यह जगह तो बगदाद से 150 मील के करीब दूर है। बताओ न कैसे आये तुम?"

उमर बोला - "कुवैत से सऊदी अरेबिया होते हुए उड़ने में मुझे एक हफ्ता लग गया। मैंने अपने दोस्त कौरपोरल किंग को आखिरी बार तब देखा था जब वह अपना काम पूरा करके यू ऐस ए वापस जा रहा था। तुम्हारे पास बेबी रुथ कैन्डी बार है क्या?"

जरमेन आश्चर्य से बोला - "क्या? तुम बेबी रुथ कैसे जानते हो?"

उमर बोला - "कौरपोरल किंग ने मुझे बगदाद छोड़ने से पहले एक दी थी। मेरा ख्याल है कि वह उसने मुझे ग्रीन ज़ोन से हवाई अड्डे की खतरनाक यात्रा में सहायता करने के लिये इनाम के तौर पर दी थी। क्या तुममें से किसी के पास बेबी रुथ है?"

जरमेन बोला - "सौरी चिड़िया, हम लोगों के पास केवल क्रेकर्स हैं।" यह कह कर उसने कुछ क्रैकर्स उमर की तरफ उछाल दिये।

उमर तुरन्त ही उस खम्भे से नीचे की तरफ उड़ा और एक क्रैकर अपनी चोंच में पकड़ लिया। उसने उसमें से एक टुकड़ा तोड़ा और खा गया।

फिर बोला - "धन्यवाद मेरे दोस्त। यह क्रैकर्स तो ठीक हैं पर मुझे बेबी रुथ ज़्यादा अच्छी लगती।"

टैरी बोला - "अरे यह गूँगी चिड़िया न केवल बोलती है बल्कि इसको खाने के लिये जो कुछ हम देते हैं उसमें भी इसको खास खाना चाहिये।"

क्रेकर के टुकड़ों को अपने मुँह से साफ करते हुए उमर बोला - "मैंने तुमसे कहा न कि मैं गूँगी चिड़िया नहीं हूँ। जैसा कि तुम मुझे ठीक से बोलते हुए सुन सकते हो।

मैं ब्रिटिश जबान में बोलता हूँ क्योंकि बहुत साल पहले मुझे यहाँ एक ब्रिटिश सिपाही ने ही ट्रेन किया था। उसी ने मुझे पढ़ना सिखाया, पर केवल इंगलिश। मैंने कभी यहाँ की भाषा नहीं सीखी, और अरबी तो बिल्कुल भी नहीं।"

बैबकौक बोला - "पर शायद तुमको यहाँ की भाषा सीख लेनी चाहिये थी। अगर तुम सीख जाते तो तुम हमको आतंकवादियों या और बुरे आदमियों के किसी जाल के बारे में बता सकते थे।"

उमर बोला - "तुम लोगों के झगड़ों में से किसी की भी तरफदारी करना मेरा काम नहीं है। अगर मैं तुम्हारी सहायता करता हूँ तो मुझे दूसरों की भी सहायता करनी पड़ेगी। नहीं नहीं, मेरे लिये यही अच्छा है कि मैं किसी की भी तरफदारी न करूँ।"

"पर अखबार की इस खबर में जो किसी रिपोर्टर कोवैक्स ने लिखी है कि तुमने कौरपोरल किंग और ईराक के मिनिस्टर की सहायता की। तो यह तो तरफदारी ही हुई न?" बैबकौक बोला।

उमर बोला - "वह दूसरी बात है। कौरपोरल किंग टैरी मेरा दोस्त था। और जब उसकी ज़िन्दगी खतरे में थी तो मुझे लगा कि मुझे उसे बता देना चाहिये। यही कम से कम था जो मैं उसके लिये कर सकता था।"

सिम्स ने उत्सुकता से पूछा - "तो इसका मतलब यह है कि क्या तुम अरब आतंकवादियों की भी सहायता करोगे?"

उमर बोला - "नहीं, मैं अरबी बोलने वालों का कभी दोस्त नहीं बना क्योंकि मुझे उनकी अरबी भाषा नहीं आती और वे इंगलिश नहीं समझते। पर इसका यह मतलब नहीं है कि अगर मैं उनका दोस्त बन जाता तो मैं उनकी सहायता नहीं करता। दोस्त तो एक दूसरे की देखभाल के लिये ही होते हैं।"

"ओ चिड़िया, क्या तुम यह नहीं समझते कि तुमको किसी न किसी की तरफदारी तो करनी ही चाहिये, या तो हमारी या उनकी। तुमको दोनों में से एक को तो चुनना ही होगा।"

उमर धीरे से बोला - "मैं नहीं सोचता कि मैं तुम्हारी यह बात मानता हूँ। किसी भी आदमी के दोस्त कहीं भी हो सकते हैं। और एक तरफ के लोग भी हो सकते हैं और दोनों तरफ के लोग भी हो सकते हैं।

जहाँ तक मैं जानता हूँ मेरा कोई भी आदमी दुश्मन नहीं है तो फिर किसी की तरफदारी क्यों करनी? मेरे दुश्मन तो केवल चील आदि जानवर हैं जो मुझे खाना चाहते हैं।"

टैरी हँस कर बोला - "दुनिया के इस हिस्से मे क्या लोग रैवन नहीं खाते? क्या तुमने कभी "24 चिड़ियें एक पाई में" कविता नहीं सुनी?"

दूसरे लोग भी इस मजाक को सुन कर हँस दिये। उमर बोला - "यह कोई मजाक नहीं है।"

बैबकौक बोला - "तो तुम तरफदारी नहीं करोगे? ठीक है तुम्हारी मरजी। पर हम तुम्हारे दोस्त बनना चाहेंगे। तुम्हें मंजूर है? बताओ तुम हमारे दोस्त कैसे बनोगे?"

उमर बोला - "बिल्कुल हम दोस्त बन सकते हैं। क्या तुम मुझे बेबी रुथ दे सकते हो?"

जरमेन बोला - "ओ चिड़िया, तुम तो बस एक ही तरफ देखते हो।"

सिम्स बोला - "अच्छा तो तुम हमें यह बताओ कि तुमने कौरपोरल किंग की सहायता करके उसको हीरो कैसे बनाया?"

उमर बोला - "मेरा नाम उमर है सो बार बार तुम मुझे चिड़िया क्यों कहते हो, उमर कहो न।"

"ठीक है उमर। तो हमें वह कहानी सुनाओ जो "स्टार ऐन्ड स्ट्राइप्स" में छपी है। एक चिड़िया एक जी आई की सहायता कैसे कर सकती है?"

"जी आई? मैं जी आई नहीं समझता पर अगर जी आई से तुम्हारा मतलब मेरे दोस्त टैरी से है तो यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी।

मैं बहुत ऊँचा उड़ा और टैरी के डाक के ट्रक के आगे पहुँच गया और चारों तरफ किसी ऐसी चीज़ को देखा जो उसको नुकसान पहुँचा सकती थी, जैसे अगर सड़क के किनारे की मिट्टी कहीं खुदी पड़ी हो, या फिर सड़क के पास हथियारबन्द अरब टैरी को मारने के लिये बैठे हों।

और अगर मैं ऐसी ही कोई खतरे वाली चीज देखता तो मैं टैरी को सिगनल कर देता।"

सिम्स ने पूछा - "तुम यह सिगनल कैसे करते थे?"

उमर बोला - "अगर मैं ऐसी कोई भी चीज़ उसके ट्रक के आगे देखता तो बस मैं वहाँ उतर जाता और उस जगह को निशान बनाने के लिये उसके ऊपर घूमता रहता।

मैं बहुत हल्का हूँ और मेरे अन्दर धातु की कोई चीज़ भी नहीं है इसलिये ऐसा कोई मौका नहीं था जिससे मैं कोई बम रख पाता।

अगर मुझे टैरी को तुरन्त रोकना होता तो मैं उसके ट्रक के सामने वाले शीशे की तरफ दौड़ता और एक सेकंड के अन्दर ही वहाँ से एक तरफ को उड़ जाता।

मैं कभी भी ज़ोर से न बोला और न चिल्लाया क्योंकि मुझे मालूम था कि मैं कितनी भी ज़ोर की आवाज से क्यों न बोलूँ टैरी अपने ट्रक के एन्जिन की आवाज में मेरी आवाज कभी नहीं सुन पायेगा।"

"और इस घटना के बारे में क्या जो यहाँ इस अखबार में छपी है - यह फाइनैन्स मिनिस्टर वाली घटना।" जरमेन ने पूछा।

उमर बोला - "यह घटना जरा कुछ अलग सी थी क्योंकि मिनिस्टर अपनी लिमूज़ीन में न बैठ कर टैरी के ट्रक में बैठा था।

कुछ लोगों ने यह सोचा कि अगर मिनिस्टर अपनी लिमूज़ीन में न बैठ कर टैरी के ट्रक में बैठ कर जाये तो वह ज़्यादा सुरक्षित रहेगा क्योंकि लोग उस ट्रक में उसके बैठने की आशा नहीं करेंगे। उनका यह सोचना बिल्कुल ठीक था।

जब टैरी हवाई अड्डे की तरफ जा रहा था तो मैंने उन गाड़ियों से आगे कुछ हथियारबन्द लोग एक दीवार के पीछे छिपे बैठे देखे। मैंने उन बुरे आदमियों के सिर के ऊपर चक्कर काटा।

टैरी उन आदमियों को तो नहीं देख सकता था पर उसने मेरा वहाँ चक्कर काटना देख लिया। यह इशारा उसके लिये काफी था। बस उसने अपने ट्रक की स्पीड बढ़ा दी और बहुत जल्दी से वह उस जगह से आगे निकल गया।

इससे जब उन लोगों ने गोली चलायी तो ट्रक तो पहले ही आगे निकल गया था पर पीछे आती हुई लिमूज़ीन उनकी राकेट की तरह के किसी हथियार का निशाना बन गयी।

उस गाड़ी का ड्राइवर और मिनिस्टर के एक दो साथी मारे गये। टैरी सुरक्षित रूप से मिनिस्टर को हवाई अड्डे ले आया। बस यही है इसकी कहानी।"

बैबकौक बोला - "हम तुम्हारी सेवाओं को अपनी इस ऐम्बैसी के लिये इस्तेमाल कर सकते हैं। और तुम बेबी रुथ के बदले में हमारी सहायता करोगे। यह अच्छा सौदा है।"

उमर बोला - "मैं अपने दोस्तों की सहायता करता हूँ।"

"हम यकीनन तुम्हारे दोस्त बनेंगे उमर। कैन्डी बार के अलावा तुमको कोई और चीज़ भी चाहिये क्या?"

उमर बोला - "हाँ जौन। मैं किसी गाड़ी के अन्दर सफर करना चाहता हूँ और या फिर उन गाड़ियों में जिनके ऊपर मैं किसी चीज़ को पकड़ कर बैठ सकूँ।

टैरी ने एक बार मुझे बगदाद के हवाई अड्डे की सड़क की सवारी दी थी और एक बार शहर की भी। वह बहुत मजेदार थी।"

सिम्स उमर के बारे में, उसकी कौरपोरल किंग की सहायता के बारे में और वह मरीन के लिये क्या कर सकता था इस सबके बारे में सोचता रहा।

वह यह भी सोच रहा था कि क्या कहीं और उमर भी थे? या क्या और ज़्यादा रैवन को और ज्यादा ट्रेनिंग भी दी जा सकती थी?

तुरन्त ही वह बोला - "कहो उमर, क्या तुम किसी और रैवन को भी जानते हो जिनमें तुम्हारे जैसे गुण हों? क्या तुम उनको ऐसी ही चीज़ें सिखाने में हमारी सहायता कर सकते हो?"

उमर बोला - "अभी तो नहीं प्राइवेट। पर ऐसा भी नहीं है कि और दूसरे रैवन हों हीं न। रैवन बहुत तेज़ होते हैं।"

सिम्स बोला - "पर तुम तो यकीनन ही तेज़ हो। मैं तो बस यह सोच रहा था कि काश मेरे साथी मरीन को तुम्हारे जैसी कई होशियार चिड़ियों से सहायता मिल पाये। क्या तुम कुछ ऐसे रैवनों को जानते हो जो बोल सकें और पढ़ भी सकें।"

उमर बोला - "मैंने इस तरफ कभी सोचा ही नहीं। पर तब तुम मेरे रैवन साथियों को अपनी तरफ मिला लोगे। मैं फिर कह रहा हूँ कि तरफदारी करना हमारे लिये ठीक नहीं है।

मेरे लिये अपने दोस्त की सहायता करना एक बात है और काफी सारे रैवनों को इकठ्ठा करके उन्हें ट्रेन करना और फिर अपनी लड़ाई में काम में लेना दूसरी बात है।

दूसरे रैवनों को इस तरह तुम्हारी सहायता करने के लिये ले कर आने के लिये मेरी आत्मा मुझे इजाज़त नहीं देती।"

जरमेन ने मजाक करते हुए कहा - "चाहे हम तुमको इतनी सारी बेबी रुथ दे दें जितनी कि तुम और तुम्हारे साथी ज़िन्दगी भर खा सकें?"

उमर बोला - "अगर मैं तुम्हारी इस बात पर राजी हो भी जाऊँ तो भी यह बात दूसरे रैवनों को बताना आसान नहीं होगा जो आदमी के सोचने और उनकी भाषा आदि के बारे में कुछ भी नहीं जानते।

और मैं कम से कम थोड़ा बहुत तो निश्चित रूप से कह ही सकता हूँ कि ऐसा और कोई रैवन नहीं होगा जो आदमियों की बातचीत के बारे में जानना चाहेगा।"

बैबकौक बोला - "तो तुमने कैसे सीखा?"

उमर बोला - "यह मेरी अपनी राय है। जिस ब्रिटिश औफीसर ने मुझे यह भाषा सिखायी थी उसने बस मुझसे बात करना शुरू किया। काफी समय बाद, हो सकता है महीनों लग गये हों, मैं विचारों को आवाज से जोड़ सका।

हमने पहले आपस में बहुत ही सादे तरीके से एक दूसरे से नमस्ते से शुरू किया। जहाँ तक मुझे याद पड़ता है मेरा पहला इंगलिश शब्द "गुड मौर्निंग" था।

पहले दो साल में मैंने सीखा कि कैसे आपस में बातचीत करते हैं और फिर अगले दो सालों में मैंने आवाज और मतलब को छपे हुए शब्दों से जोड़ना सीखा।

बैबकौक बोला - "सिम्स, अगर उमर को अच्छे अक्लमन्द रैवन मिल गये तो हम उनको इकठ्ठा कर लेंगे। हम लोगों को तो उनको सादा चीजें सिखाने में भी सालों लग जायेंगे।

और अगर हम यह मान भी लें कि वे हमारे साथ काम करने को तैयार हो जायेंगे फिर भी शायद उमर की सहायता से भी हम उमर जैसे अक्लमन्द रैवन न तैयार कर सकें।"

जरमेन बोला - "और एक बात और। वह यह कि इस प्रोग्राम को शुरू करने के लिये भी "चिकिन फीड" से काम नहीं चलेगा।"

रैवन ने मजाक किया - "हम रैवन "चिकिन फीड" नहीं खाते।"

"मुझे मालूम है कि तुम बेबी रुथ खाते हो जो बहुत मँहगी आती है। सो तुमको मजाक करना भी आता है। मुझे अच्छा लगा।"

उमर बोला - "मैं तुम्हारी सलाह पर विचार करूँगा और इस बारे में सोचूँगा। फिर मैं तुम्हें एकाध हफ्ते में बताऊँगा।"

हालाँकि उसका पहला विचार यही था कि उसको बैबकौक की सलाह पसन्द नहीं थी। क्योंकि उसका विचार यही था कि उसको खुद को और दूसरे रैवनों को आदमियों के लड़ाई झगड़े में नहीं पड़ना चाहिये।

XXXXXXX

उमर वहाँ से नील नदी के सहारे सहारे अपने उस पेड़ों के झुंड में उड़ आया जहाँ उसने कुवैत की लम्बी और खतरनाक यात्रा के बाद पहले दिन अपनी पहली रात गुजारी थी। वहाँ बहुत सारे रैवन थे - नर रैवन, मादा रैवन, छोटे छोटे बच्चे रैवन।

कुछ दिनों तक वह दूसरे रैवनों से अलग अलग तरीके से बात करता रहा, कभी पुकार कर, कभी फुसफुसा कर, कभी इशारों से। पर उसको जल्दी ही पता चल गया कि उनसे तो रैवन की भाषा में भी सादी सी बातचीत नहीं हो सकती थी फिर आदमी और चिड़िया में होने वाली बातचीत तो उनकी समझ से बिल्कुल ही बाहर थी।

जब उमर ने उनसे अरबी के कुछ शब्द बोले जो उसने इधर उधर से सीख लिये थे वे भी उसके साथी रैवनों के दिमाग में नहीं घुसे।

कुछ रैवनों को जिनको वह बहुत अक्लमन्द समझता था उनसे उसे आशा थी कि वे शायद कुछ सीख जायें पर वे भी उसको कोई सीखने का इरादा रखने वाले नजर नहीं आये।

उमर ने रैवनों के अलावा और भी कई तरह की चिड़ियों से बात करने की कोशिश की जैसे चील, फाख्ता, बतख आदि पर किसी भी चिड़िया ने उसकी आशाओं के अनुसार बरताव नहीं किया।

उमर को तुरन्त ही यह महसूस होने लगा कि वही पागल है। उसको न तो यह महसूस हुआ कि वह कोई खास चिड़िया है और न ही यह महसूस हुआ कि वह और चिड़ियों से अच्छी चिड़िया है। उसको तो बस यही लगा कि वह एक अलग सी चिड़िया है।

वह यह नहीं सोच पा रहा था कि यह जो उसकी योग्यता थी वह उसके लिये अच्छी थी या बुरी? पर फिर भी उसको अच्छा लग रहा था कि कम से कम वह आदमियों से बात कर सकता था और उनमें से कुछ का दोस्त भी बन सकता था।

कुछ दिनों बाद वह कैरों में यू ऐस ऐम्बैसी की तरफ गया। उसकी तेज आँखों ने वहाँ एक दो आदमी देखे जिनसे वह झील पर मिल चुका था सो वह उड़ कर नीचे की तरफ आया और उनके पास एक बिजली के खम्भे पर जा कर बैठ गया।

उसने अपने पहले विचार के अनुसार कि सारे आदमी चाहे वे यूनीफार्म में हों या न हों उसको बेबी रुथ दे देंगे पुकारा - "क्या तुम्हारे पास मेरे लिये एक बेबी रुथ है?"

उमर ने अपने नये दोस्तों से बात करनी शुरू की। उसको पता नहीं था कि उनका सार्जेन्ट भी उन्हीं के पास था और उनकी बातचीत सुन रहा था।

कौरपोरल सिम्स ने रैवन से पूछा - "क्या तुमको कुछ और रैवन मिले? हम लोग यकीनन तुम्हारी और तुम्हारे रैवन दोस्तों की सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।"

उमर बोला - "नहीं, मुझे और रैवन नहीं मिले। मुझे बड़ा बुरा लग रहा है कि मुझे एक भी रैवन ऐसा नहीं मिला जो कोई एक भी विचार समझ सकता। वे या तो यह सब सीखना ही नहीं चाहते हैं और या फिर उनमें इतनी योग्यता ही नहीं है। और न ही वे दूसरी चिड़ियों से बात करना चाहते हैं।

मैंने बहुत तरीके से उनसे बात करने की कोशिश की ताकि इस बात को मैं उन सब तक पहुँचा सकूँ फिर भी कोई नहीं चाहता था कि वह कोई अंग्रेजी या अरबी कोई शब्द सीखे। मुझे लगता नहीं कि यह सब मुमकिन होगा।"

यह सब सुन कर सिम्स बहुत ही नाउम्मीद हो गया और बस केवल अपना सिर ही हिला सका। उसको भी पता नहीं था कि उसका सार्जेन्ट भी उसकी और रैवन की बातें सुन कर बहुत खुश हो रहा था।

सार्जेन्ट गिब्स एक भारी सा आदमी था और सद्दाम की लड़ाई के समय दो बार ईराक गया था। उसने तुरन्त ही रैवन की योग्यता को पहचान लिया कि वह आदमियों से बात कर सकता था।

वह वहाँ आया जहाँ सिम्स और जरमेन खड़े थे और उनसे पूछा - "क्या तुम लोग वाकई उस चिड़िया से बात कर रहे थे या मजाक कर रहे थे?"

सिम्स बोला - "सार्जेन्ट हम लोग वाकई में उस चिड़़़िया से बात कर रहे थे। और आपको पता है उसको बेबी रुथ कैन्डी बार बहुत पसन्द है।"

"अच्छा? तो हम बहुत सारी बेबी रुथ कैन्डी बार ले आयेंगे और उसे उनका लालच दे कर पिंजरे में बन्द कर लेंगे। यहाँ एक पुराना तोते का पिंजरा पड़ा है जो पिछला ऐम्बैसेडर छोड़ गया था वह बराबर वाली बिल्डिंग में नीचे की मंजिल में पड़ा है।

जरा रुको, सिम्स तुम इस चिड़िया पर नजर रखो और उसको बातों में लगाये रखो तब तक जरमेन पिंजरा ले कर आता है और मैं कैन्डी बार ले कर आता हूँ। चलो जल्दी करो जरमेन।"

लेकिन उमर तो खास तरीके से अक्लमन्द चिड़िया था। वह समझ गया कि सार्जेन्ट क्या करने वाला था।

जब वहाँ से सार्जेन्ट गिब्स और जरमेन चले गये और वह वहाँ सिम्स के साथ अकेला रह गया तो वह बोला - "यह नहीं चलेगा मेरे दोस्त। मैंने तो सोचा था कि कम से कम तुम तो मेरे दोस्त हो पर अब मैं तुम अमेरिकन लोगों से बहुत ही नाउम्मीद हो गया हूँ।

मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि तुम लोग मुझे पकड़ने की कोशिश करोगे। बगदाद में मेरा दोस्त टैरी कभी इस बारे में सोच भी नहीं सकता था। और मेरा वह अंग्रेज औफीसर जिसने मुझे ट्रेन किया वह भी ऐसा कभी नहीं सोच सकता था।"

दददददददददददददददददददददददददद

सिम्स बोला - "मुझे दोष मत दो उमर। सार्जेन्ट जो कुछ भी सोचता है या करता है मेरा उसमें कोई हाथ नहीं है। फिर भी मुझे लगता है कि सार्जेन्ट तुमको कोई तकलीफ नहीं पहुँचाना चाहता।"

उमर बोला - "हो सकता है। पर मुझे लगता है कि मैं अब तुममें से किसी पर विश्वास नहीं कर सकता। मैं जा रहा हूँ क्योंकि अब मैं अमेरिकन लोगों के बीच अपने आपको सुरक्षित नहीं समझता। और इसका मुझे बहुत ही दुख है।

मुझे तुममें कई लोगों से बात करके बहुत खुशी हुई थी और मुझे लगा था कि तुम लोग मेरे दोस्त हो पर यह सब तो मेरा खयाल ही निकला। और यह भी समझ लो कि बेबी रुथ मुझे जितनी पसन्द है उससे ज़्यादा मुझे अपनी आजादी पसन्द है।"

सिम्स ने उससे प्रार्थना की - "मत जाओ उमर। मैं गिब्स को या किसी और को तुमको पिंजरे में बन्द नहीं करने दूँगा।"

उमर बोला - "तुम यह कह सकते हो। पर अगर तुम्हारा सार्जेन्ट या कोई और तुमको मुझे पिंजरे में बन्द करने का हुकुम देता है तो तुम कुछ नहीं कर सकते। इसलिये मैं अब कोई खतरा मोल नहीं ले सकता।"

तभी गिब्स आधा कार्टन भर कर बेबी रुथ कैन्डी बार ले आया और साथ साथ ही जरमेन भी बड़ा सा पिंजरा ले कर आ गया। उन लोगों ने सिम्स को उमर को विदा कहते हुए सुना। उमर वहाँ से नदी की तरफ उड़ा जा रहा था।

गिब्स ने सिम्स को डाँटा - "मैंने तुमसे कहा था कि उसको बातों में लगा कर रखना और वह जा रहा है। कहाँ जा रहा है वह?"

सिम्स बोला - "सार्जेन्ट, वह चला गया। वह सब समझ गया था जब आपने जरमेन को पिंजरा लाने को कहा था। वह बन्दी बन कर रहना नहीं चाहता था।

और अब मेरा ऐसा विश्वास है कि उमर अब हमेशा के लिये गया। अब वह किसी आदमी का विश्वास नहीं करेगा। मैं उसकी भावनाओं को समझ सकता हूँ।"

गिब्स चिल्लाया - "तुम बेवकूफ हो। क्या तुम समझते नहीं कि एक बात करने वाला रैवन हमारे लिये कितना फायदेमन्द हो सकता था। वह हमारे लिये एक अच्छे जासूस का काम कर सकता था। और तुम्हारी लापरवाही से हमारा सब प्लान गड़बड़ हो गया।"

सिम्स बेचारा अपना सा मुँह ले कर रह गया। वह कुछ नहीं कर सका। असल में उसके हाथ में कुछ था ही नहीं जो वह कुछ कर सकता। और इस तरह उमर रैवन आजाद हो कर चला गया।

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सुषमा गुप्ता ने देश विदेश की 1200 से अधिक लोक-कथाओं का संकलन कर उनका हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया है. कुछ देशों की कथाओं के संकलन का  विवरण यहाँ पर दर्ज है. सुषमा गुप्ता की लोक कथाओं की एक अन्य पुस्तक - रैवन की लोक कथाएँ में से एक लोक कथा यहाँ पढ़ सकते हैं. इथियोपिया की 45 लोककथाओं को आप यहाँ लोककथा खंड में जाकर पढ़ सकते हैं.

लेखिका के बारे में

सुषमा गुप्ता का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में सन् 1943 में हुआ था। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र और अर्थ शास्त्र में ऐम ए किया और फिर मेरठ विश्वविद्यालय से बी ऐड किया। 1976 में ये नाइजीरिया चली गयीं। वहाँ इन्होंने यूनिवर्सिटी औफ़ इबादान से लाइब्रेरी साइन्स में ऐम ऐल ऐस किया और एक थियोलोजीकल कौलिज में 10 वर्षों तक लाइब्रेरियन का कार्य किया।

वहाँ से फिर ये इथियोपिया चली गयीं और वहाँ एडिस अबाबा यूनिवर्सिटी के इन्स्टीट्यूट औफ़ इथियोपियन स्टडीज़ की लाइब्रेरी में 3 साल कार्य किया। तत्पश्चात इनको दक्षिणी अफ्रीका के एक देश़ लिसोठो के विश्वविद्यालय में इन्स्टीट्यूट औफ़ सदर्न अफ्रीकन स्टडीज़ में 1 साल कार्य करने का अवसर मिला। वहाँ से 1993 में ये यू ऐस ए आगयीं जहाँ इन्होंने फिर से मास्टर औफ़ लाइब्रेरी ऐंड इनफौर्मेशन साइन्स किया। फिर 4 साल ओटोमोटिव इन्डस्ट्री एक्शन ग्रुप के पुस्तकालय में कार्य किया।

1998 में इन्होंने सेवा निवृत्ति ले ली और अपनी एक वेब साइट बनायी - www.sushmajee.com <http://www.sushmajee.com>। तब से ये उसी वेब साइट पर काम कर रहीं हैं। उस वेब साइट में हिन्दू धर्म के साथ साथ बच्चों के लिये भी काफी सामग्री है।

भिन्न भिन्न देशों में रहने से इनको अपने कार्यकाल में वहाँ की बहुत सारी लोक कथाओं को जानने का अवसर मिला - कुछ पढ़ने से, कुछ लोगों से सुनने से और कुछ ऐसे साधनों से जो केवल इन्हीं को उपलब्ध थे। उन सबको देखकर इनको ऐसा लगा कि ये लोक कथाएँ हिन्दी जानने वाले बच्चों और हिन्दी में रिसर्च करने वालों को तो कभी उपलब्ध ही नहीं हो पायेंगी - हिन्दी की तो बात ही अलग है अंग्रेजी में भी नहीं मिल पायेंगीं.

इसलिये इन्होंने न्यूनतम हिन्दी पढ़ने वालों को ध्यान में रखते हुए उन लोक कथाओं को हिन्दी में लिखना पा्ररम्भ किया। इन लोक कथाओं में अफ्रीका, एशिया और दक्षिणी अमेरिका के देशों की लोक कथाओं पर अधिक ध्यान दिया गया है पर उत्तरी अमेरिका और यूरोप के देशों की भी कुछ लोक कथाएँ सम्मिलित कर ली गयी हैं।

अभी तक 1200 से अधिक लोक कथाएँ हिन्दी में लिखी जा चुकी है। इनको "देश विदेश की लोक कथाएँ" क्रम में प्रकाशित करने का प्रयास किया जा रहा है। आशा है कि इस प्रकाशन के माध्यम से हम इन लोक कथाओं को जन जन तक पहुँचा सकेंगे.

विंडसर, कैनेडा

मई 2016

(समाप्त)

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देश विदेश की लोक कथाओं की सीरीज़ में Scribd पर प्रकाशित -

नीचे लिखी 36 पुस्तकें www.Scribd.com/Sushma_gupta_1 <http://www.Scribd.com/Sushma_gupta_1> पर उपलब्ध हैं।

छह टाइटिल्स Scribd पर मुफ्त पढ़े जा सकते हैं और दूसरे टाइटिल्स 1 डालर देकर उपलब्ध हैं

1 कैनेडा की लोक कथाएँ1 - 9 कहानियाँ - 62 पृष्ठ

2 कैनेडा की लोक कथाएँ2 - 10 कहानियाँ - 64 पृष्ठ

3 कैनेडा की लोक कथाएँ3 खरगोश - 4 कहानियाँ - 66 पृष्ठ

4 इथियोपिया की लोक कथाएँ1 - 19 कहानियाँ - 70 पृष्ठ

5 इथियोपिया की लोक कथाएँ2 - 6 कहानियाँ - 60 पृष्ठ

6 नौरडिक देशों की लोक कथाएँ1 - 11 कहानियाँ - 88 पृष्ठ

7 ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ1 - 7 कहानियाँ - 72 पृष्ठ

8 ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ2 - 3 कहानियाँ - 90 पृष्ठ

9 अजीब शादियों की लोक कथाएँ1 - 9 कहानियाँ - 86 पृष्ठ

10 अजीब शादियों की लोक कथाएँ2 - 10 कहानियाँ - 95 पृष्ठ

11 रैवन की लोक कथाएँ - 20 कहानियाँ - 128 पृष्ठ

12 रैवन की लोक कथाएँ - 19 कहानियाँ - 116 पृष्ठ

13 बन्दरों की लोक कथाएँ - 10 कहानियाँ - 76 पृष्ठ

14 गरज चिड़े की लोक कथाएँ - 19 कहानियाँ - 116 पृष्ठ

15 न्याय की कहानियाँ - 14 कहानियाँँ - 100 पृष्ठ

16 अकबर बीरबल की कहानिर्याँ1 - 15 कहानियाँ - 45 पृष्ठ

17 अकबर बीरबल की कहानिर्याँ1 - 15 कहानियाँ - 45 पृष्ठ

18 विक्रम बेताल की कहानिर्याँपुराण से - 9 कहानियाँ - 60 पृष्ठ

19 जानवरों की कहानियाँः अरेबियन नाइट्स से - 10 कहानियाँ - 78 पृष्ठ

20 एक प्रकार की कहानीः भिन्न भिन्न देर्श1 - 6 कहानियाँ - 56 पृष्ठ

21 लोक कथाओं में बेवकूफ - 12 कहानियाँ - 72 पृष्ठ

22 लोक कथाओं में नम्बर तीर्न1 - 12 कहानियाँ - 72 पृष्ठ

23 लोक कथाओं में फर्ल1 - 6 कहानियाँ - 60 पृष्ठ

24 लोक कथाओं में फर्ल2 - 6 कहानियाँ - 60 पृष्ठ

25 लोक कथाओं में फर्ल3 - 8 कहानियाँ - 90 पृष्ठ

26 लोक कथाओं में फर्लर्32 - 10 कहानियाँ - 122 पृष्ठ

27 लोक कथाओं में बरतन - 9 कहानियाँ - 72 पृष्ठ

28 लोक कथाओं में नम्बर तीन - 8 कहानियाँ - 62 पृष्ठ

29 लोक कथाओं में ईसाई धर्र्म1 - 7 कहानियाँ - 60 पृष्ठ

30 लोक कथाओं में ईसाई धर्र्म2 - 12 कहानियाँ - 130 पृष्ठ

31 लोक कथाओं में सिलाई कढ़ाई कताई बुनाई - 10 कहानियाँ - 134 पृष्ठ

32 वरदानों का कमाल - 9 कहानियाँ - 112 पृष्ठ

33 आओ हँसें हँसाऐं - 12 कहानियाँ - 82 पृष्ठ

34 नकल करो मगर अक्ल से - 9 कहानियाँ - 94 पृष्ठ

35 जो होना था हो के रहा ़ ़ ़ - 8 कहानियाँ - 72 पृष्ठ

36 चालाक कोयोर्टे1 - 10 कहानियाँ - 80 पृष्ठ

नीचे लिखी हुई तीन पुस्तकें हिन्दी ब्रेल में उपलब्ध है। ये पुस्तकें संसार भर में उन सबको निःशुल्क उपलब्ध हैं जो हिन्दी ब्रेल पढ़ सकते हैं। इनको मुफ्त प्राप्त करने के लिये सम्पर्क करें

davendrak@hotmail.com <mailto:davendrak@hotmail.com>, or touchread@yahoo.com <mailto:touchread@yahoo.com>

1 नाइजीरिया की लोक कथाएँ1

2 नाइजीरिया की लोक कथाएँ2

3 इथियोपिया की लोक कथाएँ1

नीचे लिखी हुई पुस्तकें र्ईमीडियम पर सोसायटी औफ फौकलोर, लन्दन, यू के, के पुस्तकालय में उपलब्ध हैं।

Write to :- E-Mail : thefolkloresociety@gmail.com <mailto:thefolkloresociety@gmail.com>

1 ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ - 10 लोक कथाएँ - सामान्य छापा, मोटा छापा दोनों में उपलब्ध

2 इथियोपिया की लोक कथाएँ1 - 45 लोक कथाएँ - सामान्य छापा, मोटा छापा दोनों में उपलब्ध

नीचे लिखी हुई पुस्तकें हार्ड कापी में बाजार में उपलब्ध हैं।

To obtain them write to :- E-Mail drsapnag@yahoo.com <mailto:drsapnag@yahoo.com>

1 रैवन की लोक कथाएँ1

2 रैवन की लोक कथाएँ2

3 इथियोपिया की लोक कथाएँ

नीचे लिखी हुई पुस्तकें र्ईमीडियम यनी सी डी पर नीचे लिखे पते से मँगवायी जा सकती हैं।

Write to :- E-Mail drsapnag@yahoo.com <mailto:drsapnag@yahoo.com>

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4 अफ्रीका की लोक कथाएँ1 - 11 लोक कथाएँ

3 नाइजीरिया की लोक कथाएँ1 - 20 लोक कथाएँ

2 इथियोपिया की लोक कथाएँ1 - 45 लोक कथाएँ

1 ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ - 10 लोक कथाएँ

Updated on May 27, 2016

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नाम

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पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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रचनाकार: रैवन की लोककथाएँ - 3 - : 3 बोलता रैवन जो हीरो बन गया // सुषमा गुप्ता
रैवन की लोककथाएँ - 3 - : 3 बोलता रैवन जो हीरो बन गया // सुषमा गुप्ता
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