ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ // गोसो मास्टर जी // सुषमा गुप्ता

SHARE:

देश विदेश की लोक कथाएँ — पूर्वी अफ्रीका–ज़ंज़ीबार : ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ संकलनकर्ता सुषमा गुप्ता 5 गोसो मास्टर जी [1] एक बार गोसो नाम का एक आद...

clip_image002_thumb

देश विदेश की लोक कथाएँ — पूर्वी अफ्रीका–ज़ंज़ीबार :

ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ

clip_image005

संकलनकर्ता

सुषमा गुप्ता


5 गोसो मास्टर जी[1]

एक बार गोसो नाम का एक आदमी था जो बच्चों को स्कूल में नहीं बल्कि एक कैलेबाश[2] के पेड़ के नीचे पढ़ाया करता था।

एक शाम वह पेड़ के नीचे बैठा हुआ था और बच्चों को पढ़ाने के लिये अपना अगले दिन का पाठ तैयार कर रहा था कि पा हिरन[3] उस पेड़ के फल चुराने के लिये उस पेड़ पर बहुत जल्दी से चढ़ गया।

फल तोड़ते समय उससे एक कैलेबाश के फल नीचे गिर गया। वह कैलेबाश का फल मास्टर जी के सिर पर गिरा और उससे मास्टर जी मर गये।

जब अगली सुबह मास्टर जी के शिष्य आये तो उन्होंने देखा कि मास्टर जी तो मरे पड़े हैं। वे सब बहुत दुखी हुए। उन्होंने मास्टर जी को बड़ी शान से दफनाया पर साथ में उन्होंने यह भी फैसला किया कि वे यह भी पता लगा कर रहेंगे कि उनके मास्टर जी को किसने मारा।

काफी बातचीत के बाद उनको लगा कि दक्षिणी हवा उनके मास्टर जी की मौत के लिये जिम्मेदार थी। सो उन्होंने दक्षिणी हवा को पकड़ लिया और उसको खूब पीटा।

लेकिन दक्षिणी हवा चिल्लायी — “मैं कूसी हूँ दक्षिणी हवा[4]। तुम लोग मुझे क्यों पीट रहे हो, मैंने क्या किया है?”

वे बोले — “हाँ हाँ हम जानते हैं कि तुम दक्षिणी हवा कूसी हो पर वह तुम ही हो जिसने हमारे मास्टर जी के सिर पर कैलेबाश फेंका जिससे वह मर गये। ”

पर कूसी दक्षिणी हवा बोली — “अगर मैं इतनी ताकतवर होती कि तुम्हारे मास्टर जी पर कैलेबाश फेंक सकती तो क्या मुझे एक मिट्टी की दीवार रोक सकती थी?”

“यह तो तुम ठीक कह रही हो। ” सो वे मिट्टी की दीवार के पास गये और उसको जा कर पीटने लगे।

वह मिट्टी की दीवार बोली — “अरे मैं कीयाम्बाजा हूँ – मिट्टी की दीवार। तुम मुझे क्यों पीट रहे हो। मैंने क्या किया हैÆ”

वे बोले — “हाँ हाँ हमें मालूम है कि तुम कीयाम्बाजा हो – मिट्टी की दीवार। पर वह तुम ही हो जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया, जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

लेकिन कीयाम्बाजा दीवार बोली — “अगर मैं इतनी ताकतवर होती जो कूसी हवा को रोक सकती तो क्या मुझे कोई चूहा खोद सकता था?”

शिष्यों ने सोचा बात तो यह यह ठीक ही कह रही है सो वे चूहे के पास पहुँचे और उसे पीटना शुरू कर दिया। पर वह चूहा चिल्लाया — “अरे अरे, मैं पान्या हूँ, पान्या चूहा[5]। मैंने क्या किया है। तुम मुझे क्यों पीट रहे हो?”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हम जानते हैं कि तुम पान्या चूहा हो। पर तुमने कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद किया है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका। और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

पान्या बोला — “जरा सोचो, अगर मैं इतना ताकतवर होता कि कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद कर सकता तो क्या बिल्ला मुझे खा सकता था?”

मास्टर जी के शिष्यों ने सोचा कि यह बात तो यह पान्या चूहा ठीक ही कह रहा है सो वे बिल्ले को ढूँढने निकले। उन्होंने बिल्ले को ढूँढा और उसको पीटना शुरू कर दिया।

पाका बिल्ला[6] बोला — “अरे यह तुम लोग क्या कर रहे हो? मैं तो पाका बिल्ला हूँ। मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है? तुम मुझे क्यों मार रहे हो?”

शिष्यों ने कहा — “हाँ हाँ हम जानते हैं कि तुम पाका बिल्ला हो। पर वह तुम ही हो जो पान्या चूहे को खाते हो। पान्या चूहा कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका, और फिर कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

पाका बिल्ला बोला — “सोचो तो अगर मैं इतना ताकतवर होता जो पान्या चूहे को खा सकता होता तो क्या मैं रस्से से बाँधा जा सकता था?”

शिष्यों ने सोचा कि यह बिल्ला तो ठीक ही कह रहा है सो वे रस्से की खोज में चल दिये। जब उनको रस्सा मिल गया तो उन्होंने उस रस्से को पीटना शुरू कर दिया।

काम्बा रस्सा बोला — “अरे अरे तुम मुझे क्यों पीट रहे हो? मैं ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है? मैं काम्बा रस्सा[7] हूँ। मुझे बताओ तो कि मैंने किया क्या है। ”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हम जानते हैं कि तुम काम्बा रस्सा हो। पर वह तुम ही हो जो पाका बिल्ले को बाँधते हो। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका, और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

काम्बा रस्सा बोला — “अगर मैं इतना ताकतवर होता जो पाका बिल्ले को बाँध सकता होता तो क्या कीसू चाकू[8] मुझे काट सकता था?”

शिष्यों ने सोचा यह तो ठीक ही बोल रहा है सो वे चाकू की खोज में चल दिये। जब उनको चाकू मिल गया तो उन्होंने चाकू को पीटना शुरू कर दिया।

कीसू चाकू चिल्लाया — “अरे यह तुम क्या कर रहे हो? मुझे क्यों पीट रहे हो? मैं कीसू चाकू हूँ मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हम जानते हैं कि तुम कीसू चाकू हो। पर वह तुम ही हो न जो काम्बा रस्से को काटते होे। काम्बा रस्सा पाका बिल्ले को बाँधता है। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

कीसू चाकू बोला — “अगर मैं इतना ही ताकतवर होता जो मैं काम्बा रस्सा काट सकता होता तो क्या मुझे आग जला सकती थी?”

शिष्यों ने सोचा कि कीसू कह तो ठीक ही रहा है इसका कोई कुसूर नहीं है सो वह आग ढूँढने चल दिये। जैसे ही उनको आग मिली उन्होंने उसको पीटना शुरू कर दिया।

मोटो आग[9] चिल्लायी — “भाइयो मैं तो मोटो आग हूँ तुम मुझे क्यों पीट रहे हो? मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हमें मालूम है कि तुम मोटो आग हो। पर वह तुम ही तो हो जो कीसू चाकू को जलाती हो। कीसू चाकू काम्बा रस्से को काटता है। काम्बा रस्सा पाका बिल्ले को बाँधता है। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत होगयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

मोटो आग बोली — “अगर मैं इतनी ताकतवर होती कि मैं कीसू चाकू को जला सकती तो क्या मैं पानी से बुझायी जा सकती थी?”

शिष्यों ने सोचा मोटो आग ठीक बोल रही है उसकी कोई गलती नहीं है सो वे पानी की खोज में चल दिये। जैसे ही उनको पानी मिला तो उन्होंने पानी को पीटना शुरू कर दिया।

माजी पानी[10] चिल्लाया — “अरे भाइयों मुझको क्यों पीटते हो? मैं माजी पानी हूँ। मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हमें मालूम है कि तुम माजी पानी हो। पर वह तुम ही हो जो मोटो आग को बुझाते हो। मोटो आग कीसू चाकू को जलाती है। कीसू चाकू काम्बा रस्से को काटता है। काम्बा रस्सा पाका बिल्ले को बाँधता है। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

माजी पानी बोला — “जरा सोचो, अगर मैं इतना ही ताकतवर होता जो मोटो आग को बुझा सकता तो क्या गोम्बे बैल मुझे पी सकता था?”

शिष्यों ने सोचा यह माजी पानी तो बिल्कुल ठीक बोल रहा है सो वह बैल की खोज में चल दिये। जब उनको बैल मिल गया तो उन्होंने बैल को मारना शुरू कर दिया।

इस पर बैल चिल्ला पड़ा — “अरे भाइयों तुम नुझे क्यों पीट रहे हो? मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है? मैं तो गोम्बे बैल हूँ। ”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हमें मालूम है कि तुम गोम्बे बैल हो पर वह तुम ही हो जो माजी पानी को पीते हो। माजी पानी मोटो आग बुझाता है। मोटो आग कीसू चाकू को जलाती है। कीसू चाकू काम्बा रस्से को काटता है। काम्बा रस्सा पाका बिल्ले को बाँधता है। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

गोम्बे बैल बोला — “जरा सोचो अगर मैं इतना ही ताकतवर होता जो माजी पानी को पी सकता तो क्या कोई मक्खा मुझे तंग कर सकता था?”

शिष्यों ने सोचा कि बात तो यह गोम्बे बैल ठीक ही कह रहा है हम इसको बेकार ही मार रहे हैं सो वे मक्खे की खोज में चल दिये। जैसे ही उनको मक्खा मिला उन्होंने उसको पीटना शुरू कर दिया।

ईन्ज़ी मक्खा[11] बोला — “भाइयों तुम लोग मुझको क्यों पीट रहे होÆ मैं तो ईन्ज़ी मक्खा हूँ। मैंने क्या किया?”

शिष्य बोले — “हाँ हाँ हमें मालूम है कि तुम ईन्ज़ी मक्खा हो। पर वह तुम ही तो हो जो गोम्बे बैल को तंग करते हो। गोम्बे बैल माजी पानी को पीता है। माजी पानी मोटो आग बुझाता है।

मोटो आग कीसू चाकू को जलाती है। कीसू चाकू काम्बा रस्से को काटता है। काम्बा रस्सा पाका बिल्ले को बाँधता है। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा ने मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

ईन्ज़ी मक्खा बोला — “भाइयो जरा सोचो तो अगर मैं इतना ही ताकतवर होता कि मैं गोम्बे बैल को तंग कर सकता होता तो क्या कोई हिरन मुझे खा सकता था?”

शिष्यों को लगा कि वे तो ईन्ज़ी मक्खे को बेकार में ही पीट रहे हैं वह तो बिल्कुल ही बेकुसूर है सो वे हिरन की खोज में चल दिये। जैसे ही उनको पा हिरन मिला बस उन्होंने पा हिरन को पीटना शुरू कर दिया।

पा हिरन चिल्लाया — “अरे मैं तो पा हिरन हूँ। तुम मुझे क्यों पीट रहे हो? मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”

शिष्य बोले — “हाँ हम जानते हैं कि तुम पा हिरन हो पर तुम ही तो वह हो जो ईन्ज़ी मक्खे को खाते हो। ईन्ज़ी मक्खा गोम्बे बैल को तंग करता है। गोम्बे बैल माजी पानी को पीता है।

माजी पानी मोटो आग बुझाता है। मोटो आग कीसू चाकू को जलाती है। कीसू चाकू काम्बा रस्से को काटता है। काम्बा रस्सा पाका बिल्ले को बाँधता है। पाका बिल्ला पान्या चूहे को खाता है।

पान्या चूहा कीयाम्बाजा ने मिट्टी की दीवार में छेद करता है जिसने कूसी दक्षिणी हवा को रोका और कूसी दक्षिणी हवा ने कैलेबाश गिरा दिया जिससे हमारे गोसो मास्टर जी की मौत हो गयी। तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था। ”

पा हिरन ने सोचा अब तो वह पकड़ा गया। जब वह कैलेबाश के पेड़ पर फल चुराने गया था लगता है कि तब उससे मास्टर जी की अनजाने में मौत हो गयी थी सो वह तो बिल्कुल ही चुप खड़ा रह गया।

शिष्य बोले — “अब तुम्हारे पास अपने बचाव में कुछ कहने को नहीं है पा हिरन। वह तुम ही हो जिसने कैलेबाश नीचे फेंका जिसकी चोट से हमारे मास्टर जी मर गये। ”

बस उन्होंने उस पा हिरन[12] को पीट पीट कर मार डाला और इस तरह से अपने मास्टर जी की मौत का बदला ले लिया।

clip_image004_thumb


[1] The Goso, the Teacher – a folktale of Zanzibar, Eastern Africa

[2] Calabash is a dried outer cover of a pumpkin like fruit which can be used to keep dry or wet things. See the picture of such a tree above.

[3] Translated for the word “Gazelle” – a kind of deer. “Paa” is his name.

[4] Here are some names – Koosee, the Southern Wind; Keeyaambaaja, the Mud Wall

[5] Paanya Rat

[6] Paaka, the Cat

[7] Kamba Rope

[8] Keesoo Knife

[9] Moto Fire

[10] Maajee Water, Ngombay Ox

[11] Eenzee fly

[12] Translated for the word “Gazelle”. He has special kind of horns. See the picture above.

---

सुषमा गुप्ता ने देश विदेश की 1200 से अधिक लोक-कथाओं का संकलन कर उनका हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया है. कुछ देशों की कथाओं के संकलन का  विवरण यहाँ पर दर्ज है. सुषमा गुप्ता की लोक कथाओं के संकलन में से सैकड़ों लोककथाओं के पठन-पाठन का आनंद आप यहाँ रचनाकार के लोककथा खंड में जाकर उठा सकते हैं.

---------

(कहानियाँ क्रमशः अगले अंकों में जारी...)

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ // गोसो मास्टर जी // सुषमा गुप्ता
ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ // गोसो मास्टर जी // सुषमा गुप्ता
https://lh3.googleusercontent.com/-Pzhy-Q19lK4/Wv52y-cgeBI/AAAAAAABBfs/EGvT5Ide178dHw4VW0e5eXbrHbEa10H-QCHMYCw/clip_image002_thumb_thumb%255B1%255D?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-Pzhy-Q19lK4/Wv52y-cgeBI/AAAAAAABBfs/EGvT5Ide178dHw4VW0e5eXbrHbEa10H-QCHMYCw/s72-c/clip_image002_thumb_thumb%255B1%255D?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2018/05/blog-post_534.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2018/05/blog-post_534.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content