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मार्क ट्वैन के अनमोल विचार // // प्राची - जून 2018

अनमोल विचार

मार्क ट्वैन

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* क्रोध एक ऐसा तेजाब है जो जिस चीज पे डाला जाता है उससे ज्यादा उस पात्र को नुकसान पहुंचा सकता है जिसमें वो रखा है।
* बोल कर सारा संदेह खतम कर देने से अच्छा है चुप रह कर बेवकूफ समझा जाना।
* मैं एक बुजुर्ग हूँ और मैंने कई संकटों को जाना है, पर उनमें से ज्यादातर कभी आये नहीं।
* मैं एक अच्छी तारीफ पर दो महीने तक रह सकता हूँ। 
* सबसे महान आविष्कारक का नाम बताइए. दुर्घटना।


* आवश्यकता जोखिम उठाने की जननी है।
* यदि आपका काम एक मेंढक खाना है तो सबसे अच्छा होगा कि सुबह सबसे पहले ये काम करें। और यदि आपका काम दो मेंढक खाना है तो बड़े वाले को पहले खाना अच्छा होगा। 
* यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती।
* बाईबल के वो भाग जिन्हें मैं समझा नहीं पाता मुझे चिंतित नहीं करते, वो भाग करते हैं जिन्हें मैं समझता हूँ।
* ये बेहतर है कि आप सम्मान के लायक हों और वो आपको ना मिले बजाये इसके कि वो आपको मिले और आप उसके लायक ना हों।
* ईश्वर की कृपा से हमारे देश में तीन बेहद कीमती चीजें उपलब्ध हैंः भाषण की स्वतंत्रता, अंतरात्मा की स्वतंत्रता और इनमें से किसी का भी प्रयोग ना करने का विवेक।
* आमतौर पे मुझे बिना तैयारी के दिए जाने वाले भाषण को तैयार करने में तीन हफ्ते लगते हैं।


* दयालुता वो भाषा है जिसे बहरे सुन सकते हैं और अंधे देख सकते हैं।
* जिन्दगी कहीं ज्यादा खुशहाल होती अगर हम 80 साल के पैदा होते और धीरे-धीरे 18 की तरफ बढ़ते।
* देश के प्रति वफादारी हमेशा सरकार के प्रति वफादारी जब वो उसके लायक हो।
* मनुष्य एक ऐसा जीव जो साप्ताहिक कार्य के अंत में बनाया गया जब भगवान थके थे।
* मेरी किताबें पानी की तरह हैं_ और उन महान प्रतिभाओं की शराब की तरह। (सौभाग्यवश) सभी लोग पानी पीते हैं।
* जो आप परसों कर सकते हैं उसे कभी कल पर मत टालिए।
‘क्लासिक.’ एक ऐसी पुस्तक जिसकी लोग प्रशंसा करते हैं पर पढ़ते नहीं।


* स्वास्थ्य सम्बन्धी किताबों को पढने में सावधानी बरतिए। एक मुद्रणदोष की वजह से आपकी मौत हो सकती है।
* स्कूली पढ़ाई को अपनी शिक्षा में हस्तक्षेप ना करने दें।
* मेल-जोल घृणा को जन्म देता है- और बच्चों को भी।
* स्मोकिंग छोड़ना दुनिया का सबसे आसान काम है। मुझे पता है क्योंकि मैंने ये हजारों बार किया है।
* हास्य मानव जाति का सबसे बड़ा आशीर्वाद है।
* आज से बीस साल बाद तुम यह सोचकर निराश हो उठोगे कि तुम्हें वह सब नहीं करना चाहिए था जो तुम कर बैठे। इसीलिए मैं तुमसे कहता हूँ कि अपने पाल गिरा दो और सुरक्षित बंदरगाहों से बहुत दूर चले जाओ। पूर्वी हवाओं को पकड़ कर अपने सपनों की राह पर चलते चलो। जाने कितना कुछ अभी खोजने के लिए है!य
* जो व्यक्ति पढ़ता नहीं है उसे ना पढ़ पाने वाले व्यक्ति की अपेक्षा कोई लाभ नहीं है।


* सभी सामान्यीकरण गलत होते हैं. ये भी।
* हमेशा सही करें। ये कुछ लोगों को संतुष्ट करेगा और बाकियों को अचंभित।
* लड़ाई में कुत्ते का आकार मायने नहीं रखता, कुत्ते में लड़ाई का आकार मायने रखता है।
* आइये ऐसे जियें कि जब हम मरने वाले हों तो क्रिया-करम का व्यवसाय करने वाले भी अफसोस करें।
* इंसान ही एक ऐसा प्राणी है जो शर्मिंदा होता है- या जिसे जरूरत पड़ती है। 
* समृद्धि, सिद्धांत का सबसे बड़ा रक्षक है।


* खुद को खुश करने का सबसे अच्छा तरीका है किसी और को खुश करने की कोशिश करना।
* पैसे की कमी सभी समस्याओं की जड़ है।
* चीजों को जितना ज्यादा वर्जित किया जाता है वो उतना ही लोकप्रिय हो जाती हैं। 
* जितना अधिक आप समझाते हैं, उतना अधिक मुझे नहीं समझ आता।
* सही शब्द प्रभावी हो सकता है, पर कभी भी कोई शब्द इतना प्रभावी नहीं हुआ है जितना कि सही समय पर दिया गया एक विराम।
* मूलतः दो तरह के लोग होते हैं। वो जो चीजें हासिल करते हैं, और वो जो जीजें हासिल करने का दावा करते हैं। पहले समूह में भीड़ कम होती है।
* झूठ होते हैं, बहुत बड़े झूठ होते हैं और फिर आंकड़े होते हैं।


* पुरस्कार लेने से मना करने_ और अधिक शोर के साथ पुरस्कार लेने का तरीका है।
* जब संदेह में हों तो सच बोल दें।
* जब भी आप खुद को बहुमत की तरफ पाएं तो समझ जाइये कि अब रुक कर सोचने का समय है।
* ऐसा क्यों होता कि हम किसी के पैदा होने पर खुश होते हैं और मरने पर दुखी। क्योंकि हम खुद वो व्यक्ति नहीं होते हैं।

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