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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 47 // सफाई // मोहित सोनी

प्रविष्टि क्रमांक - 47

मोहित सोनी

-"सफाई"

माँ की आँखों में आँसू देख व्यथित मन से बेरोजगार बेटे ने पूछा-
"माँ, क्या पापा की कमाई इतनी भी नहीं थी कि उनके जाने के बाद घर खर्च चल सके? क्या करते थे पापा?"

खुद को सम्भालते हुए माँ बोली-
" सरकारी नौकरी थी उनकी, सफाईकर्मी की, लेकिन आज तक कभी उन्होंने रिश्वत नहीं ली और वो बाबू उनकी पेंशन रोके बैठा है, कहता है- "रिश्वत दो, पेंशन लो"।
पैसे होते तो मैं मांगती क्या? अपने हक की कमाई भी नहीं मिल रही। बेटा,अब तू ही अपने पापा का काम सम्भाल ले।"

माँ की बात ने उसे क्षणभर के लिए विचलित कर दिया,फिर कुछ सोचकर उसने हामी भर दी।

अगले ही दिन अखबारों में काले धन वालों के यहाँ आयकर विभाग के छापे की खबर छपी,जिसमें उस बाबू का भी नाम था। लाचार माँ के बेटे ने सफाई का काम शुरू कर दिया।

--


मोहित सोनी
17/2 तिलक मार्ग, कुक्षी,
जिला- धार, म.प्र., 454331

लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 7921735714068049596

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  1. विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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