नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 71 // नई पहचान // रचनासिंह"रश्मि"


प्रविष्टि क्रमांक - 71


रचनासिंह"रश्मि"

!! नई पहचान !!
पांच सितारा होटल में सम्मान समारोह हो रहा था मन तो नहीं था राघवेंद्र का आने को पर सारे आफिस और स्टाफ को पता था कि आज  प्रियंका का सम्मान समारोह है। बेमन से होटल आ गया।

जैसे ही  कार्यक्रम स्थल के गेट पर पहुँचा सुरक्षा कर्मी ने  राघवेंद्र को रोकते हुए कहा "आप कौन हैं? पहले आप अपना परिचय दीजिये फिर अंदर जाए। यहाँ कुछ खास मेहमानों को अंदर जाने की इजाज़त है।

मैं राघवेंद्र सरन।" कुछ यूं जवाब दिया जैसे वह कोई बहुत बड़ी हस्ती हो
"कौन राघवेंद्र सरन क्या आपके पास इन्विटेशन पास है ?"गेटमैन तिरछी निगाहों से देखता हुआ बोला । उसके हावभाव से राघवेंद्र के अहम को अब तक जोरदार झटका लग चुका था। झट से प्रियंका को फोन किय बोला कहाँ हो तुम! मैं तो तुम्हारे पास पहुंच गया हूँ लेकिन गेट पर बिना  इंट्रीपास के अंदर नहीं आने दे रहा है सारा मूड खराब हो गया।

प्रियंका की खुशी से उछल पड़ी अरे वाह आप आ गए आप वहीं  रुको मैं अभी किसी को भेजती हूँ आपके पास।"

फ़ोन कटते ही राघवेंद्र गेट पर खड़े सुरक्षा इंचार्ज से  झल्लाते हुए बोल पड़ा "जिनके सम्मान में यह आयोजन  किया गया है ,मैं उन्हीं का पति हूँ। समझे।

माफ कीजिये सर। ये बात आपको पहले बताना चाहिए था कि आप प्रियंका मैडम के पति हैं। आप अंदर जाइये प्लीज।"

उसकी बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि दो लोग आये और माफी मांगते हुए कहने लगे " हमें दुख है कि प्रियंका जी के पति  महोदय को इतना इंतज़ार करना पड़ा। आप हमारे साथ आइये। आपका स्वागत है।"
राघवेंद्र को बड़े सम्मान के साथ पहली पंक्ति में बिठाया गया।

आज एशिया की श्रेष्ठ लेखिका रूप में उसका नाम चुना गया । उसने अपनी "किताब नई पहचान"  लिखी थी जिसकी वजह से आज गर्व महसूस कर रही थी । जिसने एक नई पहचान बनाई आज सम्मान लेते समय वो बात याद आ गई थी जब राघवेंद्र कहते थे। क्या फालतू की पेन डायरी लेकर बैठी रहती हो। तुमको आता क्या है हिन्दी मीडियम की पढ़ी हो।

सपने देखना बंद कर दो ।अगर तुमने कुछ उल्टा सीधा लिख भी लिया तुमको पढ़ेगा कौन? क्या समझती हो अपने आपको तुम्हारी पहचान मुझसे है। समझी राघवेंद्र सरन की पत्नी हो इस जादा कोई नहीं जानता तुमको ।
जब पुरस्कार दिया जा रहा था। तब मेरी नजरें राघवेंद्र पर थी जो बाकी लोगों के साथ तालियां बजा रहे थे। तभी मंच आवाज आई । प्रियंका जी के पति राघवेंद्र सरन जी मंच पर आए मीडिया फोटो के लिए इंतजार कर रही है। सबको पता चले प्रियंका जी के पति कौन है। मैं राघवेंद्र की आँखों में आँखें डालकर कहना चाहती थी आज से मेरी नई पहचान है अब लोग आपको प्रियंका के पति नाम से जानेंगे।

                          रचनासिंह"रश्मि"
                   सोशल एक्टीविस्ट/साहित्यकार
                              आगरा उ.प्र
"""'''''''''''"""''''''''''''''''''''''''"''''''''''''''''''''''''"""""""""""""""""""""""""""""""""
                           

1 टिप्पणियाँ

  1. आदरणीय महोदय, आपकी रचना सराहनीय है विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.