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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 137 //कर्मों का फल तुरंत मिलता है // अंकित कुमार

प्रविष्टि क्रमांक - 137

अंकित कुमार

कर्मों का फल तुरंत मिलता है

       अभी कुछ समय पूर्व की बात है, अपनी दैनिक दिनचर्या का पालन करते हुए हर शाम की तरह मैं फिर उस दुकान पर गया। आज मैं अकेला नहीं था आज मेरे साथ एक बचपन का दोस्त भी था जो मुझसे मिलने हेतु आया था। आज अंडे की दुकान पर दुकानदार का बेटा था। हमने 4 अंडे लिए और दोनों लोगों ने अंडे खाये और फिर वहां से निकल गए। अभी कुछ दूर ही पहुंचें थे कि मुझे याद आया कि मैंने पैसे नहीं दिए हैं। मन में आया चलो दे देता हूँ लेकिन फिर कपटी मन कहा कि नहीं चलो 24₹ आज बच गए। फिर मन में आया कि नहीं अब कल आएंगे तो दे देंगे लेकिन बस 100 मीटर पीछे नहीं गया और उस दुकानदार के पैसे नहीं दिए।

रूम पर आ गया, रात का खाना खाया और सोने की तैयारी शुरू हो गयी। खिड़की खुली थी, सर्दी का मौसम और ठंडी हवा बर्दाश्त नहीं हुई तो खिड़की बंद करने चला गया। लेकिन ये क्या !!! खिड़की का कांच टूट गया और कांच का नुकीला भाग अंगुली पर आ गिरा। रूधिर बहने लगा। अरे सुनो,,, मेज पर हैंडी प्लास्ट है जल्दी लगाओ !!!! आह,,, थोड़ी जल्दी,,, ऐसे नहीं ,,, अरे थोड़ा ऐसे करो ,,,, हां,,, हां बस हो गया।

लेकिन नहीं रूधिर नहीं रुक रहा था। दौड़ता हुआ होस्टल से भागा, रक्त प्रवाह हो रहा है। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एक भैया से सहायता मांगी। उन्होंने अपनी स्कूटी से अस्पताल तक पहुंचा दिया। बहुत रक्त बहने के बाद और इधर उधर भागने के बाद डॉक्टर ने हाथ में तीन टांके लगाएं और पट्टी की 2 सुइयां लगीं।

150 रुपये शुल्क, 43 रुपये की सुइयां और पट्टी और पूरे 47 रुपये की दवाइयां मिलीं। कुल 240₹ हुए।

मन में यहीं आया कि आज 24₹ अंडे वाले के रख लिए थे , दस गुने से ज्यादा यहीं दे दिया और खून बह गया वह अलग है। आगे भी पट्टियां चढ़ेंगी और दवाइयां लेनी पड़ेगी।

सच में ईमानदारी से बड़ा कुछ नहीं है , और बेईमानी सबसे बड़ा पाप है।

मेरे जीवन की सच्ची घटना है बहुत संक्षिप्त रूप में, बस भावनाओं को समझ कर अपने जीवन में उतारें। आज अंगुली पर लगे टांके हट गए हैं, निशान बाकी है और यह निशान बेईमानी की याद दिलाता रहेगा।

परसों हमने 24₹ दुकानदार को दे दिए थे उसे याद नहीं था लेकिन मैं संतुष्ट हूँ।

आप भी संतुष्ट रहना बस बिना बेईमानी किये।

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अंकित कुमार

छात्र :- विधि विभाग

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ

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