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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 278 // धोखा // चरण सिंह गुप्ता

प्रविष्टि क्रमांक - 278

चरण सिंह गुप्ता

धोखा

सुरेन्द्र सिंह बैंक में मैनेजर थे। उसने अपने दोनों लड़कों को खूब अच्छा लिखाया –पढ़ाया। वे दोनों अमेरिका में जाकर नौकरी करने लगे। उनके जाने के बाद सुरेन्द्र सिंह की पत्नी स्वर्ग सिधार गयी। वह अकेला दिन बिताने लगा। कुछ दिन तो ऐसा ही चलता रहा परन्तु अचानक सुरेन्द्र के बड़े लड़के के फोन आने शुरू हो गए। पापा जी आप नौकरी छोड़कर यहाँ आ जाओ। मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है। आप क्यों वहां अकेले पड़े हैं इत्यादि।

सुरेन्द्र ने सोचा कि ऐसा क्या हो गया जो अपनी माँ के स्वर्गवास के तीन साल बाद उसके बेटे की ममता जाग रही है जो हर हफ्ते आने का फोन करने लगा है। उसकी समझ में नहीं आया तो उसने जाने का मन बना लिया। उसने तीन महीने की छुट्टियां ली और मन में सुनहरे सपने लिए अमरीका पहुँच गया। हवाई अड्डे पर अपने लड़के की गोद में एक बच्चा देखकर वह हैरान रह गया परन्तु उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई तथा बच्चे को अपनी गोद में लेकर उससे लाड़ लगाने लगा।

घर जाकर लगभग 10 दिनों तक सुरेन्द्र सिंह की बहुत आवभगत हुई। इसके बाद एक दिन अचानक सुरेन्द्र सिंह की पुत्रवधू सुबह उसके सामने एक टोकरी लेकर आई और उसमें से एक-एक करके सामान निकाल कर सुरेन्द्र सिंह के सामने रखती हुई समझाने लगी, पापा जी इस थर्मस में दूध है, यह दूध की बोतल है, हर तीन घंटे में मुन्ने को दूध पिला देना, यह हग्गीज का पैकेट है अगर यह पोटी कर दे तो बदल देना, सो जाए तो इसे मच्छरदानी उढ़ा देना, हम दोनों शाम तक आ जाएंगे इत्यादि। समझाकर सुरेन्द्र की पुत्रवधू अपना बैग उठाकर बाहर निकल गयी।

सुरेन्द्र के ऊपर जैसे वज्रपात हो गया था वह किंकर्तव्यविमूढ़ उसे जाता देखता ही रह गया। एक पल में ही उसके सुनहरे सपने धराशायी हो गए थे। जब उसकी चेतना जागी तब उसकी समझ में आया कि उसे बार-बार फोन करके क्यों बुलाया जा रहा था। उन्हें पापा जी की जरूरत नहीं थी बल्कि एक आया की जरूरत थी। एक तो सुरेन्द्र सिंह ने कभी ऐसे काम किए नहीं थे और अब इस उम्र में किए भी नहीं जा सकते थे अत: मुश्किल से दस दिन और बिताकर उसने स्वदेश की टिकट कटा ली। चलते हुए बेटे ने बाप से बुझे मन से कहा, “पापा जी आप हमें धोखा देकर जा रहे हैं आप से ऐसी उम्मीद नहीं थी”। सारे रास्ते सुरेन्द्र इसी उलझन में रहा कि किसने किसको धोखा दिया है।

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चरण सिहँ गुप्ता

डब्लू.जैड.-653, नारायणा गाँव

नई देहली-110028

Email: csgupta1946@gmail.com

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