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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 300 // फटा स्वेटर // राजेश मेहरा

प्रविष्टि क्रमांक - 300

राजेश मेहरा

फटा स्वेटर

'नवीन तुम यार हर साल ये पुराना स्वेटर ही पहनते हो देखो ये थोड़ा फट भी गया है, मुझे देखो में हर साल नया स्वेटर पहनता हूँ। इतने कंजूस भी मत बनो यार।' विकास ने मूंगफली चबाते हुए नवीन से कहा।

'अरे भई तुम हर साल नया स्वेटर ले सकते हो क्योंकि तुम एम एन सी में काम करते हो जबकि में एक वर्कशॉप में, और क्या फर्क पड़ता है बचा तो मुझे भी ये ठंड से रहा है ना।' नवीन ने भी विकास को जवाब दिया।

विकास बोला 'फिर भी यार नया तो नया ही होता है।'

दोनों थोड़ा आगे बढ़े तो देखा की सड़क पर एक घायल व्यक्ति पड़ा है और पास में ही खड़ा एक पुलिस वाला वॉकी टॉकी पर तुरन्त मदद भेजने की कह रहा था लेकिन शायद उधर से कोई जवाब नहीं मिल रहा था। वह जोर से चिल्लाया 'अरे जल्दी से एम्बुलेंस भेजो नहीं तो ठंड और ज्यादा खून बह जाने से यह मर जायेगा।'

पुलिस वाले ने अपना स्वेटर निकाला और उस घायल व्यक्ति को ढक दिया लेकिन वह पूरी तरह से ढक नहीं पाया तथा अब भी ठंड से व ज्यादा खून बहने से कांप रहा था।

पुलिस वाले ने खड़े लोगों से उनका अपना स्वेटर देने को कहा लेकिन वो सब अपने स्वेटर को देने में आनाकानी करने लगे।

नवीन ने विकास की तरफ देखा तो उसने पहले ही अपनी गर्दन ना में हिला दी।

नवीन ने तुरंत अपनी स्वेटर उतारी और घायल व्यक्ति को ढक दिया। उस व्यक्ति की कंपकंपाहट अब रुक गई थी।

पुलिस वाले ने सम्मान से नवीन को देखा।

नवीन और विकास आगे बढ़ गए।

'अरे यार तुम्हारी स्वेटर फटी हुई थी इसलिये तुमने उसे दे दी लेकिन यदि नई होती तो शायद तुम नहीं देते।' विकास ने कहा

'हां शायद, लेकिन में चाहूंगा कि ऐसी फटी स्वेटर भगवान सबको दे ताकि वो किसी के काम आ सके।' नवीन बोला।

विकास ये सुनकर नवीन से आंखें चुराने लगा।

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1 टिप्पणियाँ

  1. आदरणीय महोदय, आपकी रचना सराहनीय है, आपकी सलाह, सुझाव हमारे लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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