नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - पुरस्कारों में इज़ाफ़ा! अंतिम तिथि 31 जनवरी 2019.

अंतिम तिथि - 31 जनवरी 2019, भारतीय समयानुसार.

पुरस्कारों में भारी इज़ाफ़ा. प्रारंभ में 21 हजार रुपए के पुरस्कारों की घोषणा की गई थी. रचनाकार के सुधी पाठकों , रचनाकारों व सहयोगियों द्वारा खुले दिल से प्रायोजन में सहयोग करने पर अब यह राशि 35 हजार रुपयों से अधिक पहुँच चुकी है. आप सभी का धन्यवाद.


रचनाकार.ऑर्ग लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन वर्ष 2019
अद्यतन पुरस्कार राशि -
· प्रथम पुरस्कार (एक): 1 x 11,000 रुपए (ग्यारह हजार रुपए)
· द्वितीय पुरस्कार (दो): 2 x 5,000 रुपए (पांच हजार रूपए प्रत्येक)
· तृतीय पुरस्कार(तीन): 3 x 2,000 रुपए  (दो हजार रूपए प्रत्येक)
. विशेष पुरस्कार (चार): 4 x 1,000 रुपए (एक हजार रुपए प्रत्येक)
कुल 31,000 (इकत्तीस हजार) रुपए नकद तथा साथ में विविधपुस्तकें पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे. पुरस्कारों में वृद्धि संभावित है, चूंकि इस आयोजन हेतु चहुँ ओर से प्रायोजन आमंत्रित हैं.

अद्यतन # 7 - सुषमा गुप्ता द्वारा संकलित व अनुवादित लोक कथाओं के संग्रह की 2-2 पुस्तकें सभी पुरस्कृतों को भेंट की जाएंगी. सुषमा जी का हार्दिक धन्यवाद.
अद्यतन # 6 - सरिता सुराणा द्वारा सूचित किया गया है कि वे अपनी पुस्तक  'मां की ममता'  (कहानी-संग्रह) की पांच प्रतियां पुरस्कृतों को भेंट करेंगीं. उन्हें बहुत-2 धन्यवाद.
अद्यतन # 5 - रचनाकार के सक्रिय सहयोगकर्ता श्री आनंद प्रकाश शर्मा द्वारा पुस्तकों - क्रमशः चैतुआ , श्रद्धांजलि की प्रत्येक की 5 प्रतियाँ , तथा पुस्क तुम्हारे ही आसपास की  10 प्रतियाँ पुरस्कृतों को उपहार स्वरूप प्रदान करने की पेशकश की है. उनका हार्दिक धन्यवाद.

अद्यतन # 4 - ध्रुव सिंह 'एकलव्य' द्वारा अपना काव्य संग्रह 'चीखती आवाजें' की कुछ प्रतियाँ पुरस्कृतों को पुरस्कार स्वरूप प्रदान करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान की है. उनका हार्दिक धन्यवाद.



अद्यतन # 3 - डॉ. श्याम गुप्त ने अपनी पुस्तक - "ब्रज बांसुरी" की एक एक प्रति प्रथम पांच पुरस्कृतों को भेंट करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान की है. उनका हार्दिक धन्यवाद.



अद्यतन # 2 - रचनाकार के एक आत्मीय पाठक द्वारा रुपए 5000 की राशि प्रायोजित की गई है. उनका हार्दिक धन्यवाद व आभार. फलस्वरूप  पुरस्कार राशि में इजाफ़ा किया गया है. विवरण नीचे अद्यतन किए गए हैं.

अद्यतन # 1 - वरिष्ठ साहित्यकार श्री राजेश माहेश्वरी, जबलपुर द्वारा प्रथम पुरस्कार हेतु रु. 5000 की राशि तथा अन्य पुरस्कृतों के लिए अपनी कुछ किताबें  प्रायोजित की गई है. उन्हें अतिशय धन्यवाद.
अब प्रथम पुरस्कार रुपए 11 हजार है. दो द्वितीय पुरस्कार अब तीन हजार के बजाए 5 हजार प्रत्येक है.



कुल पुरस्कार रु. 31,000 नक़द तथा उपहार स्वरूप पुस्तकें.

अधिक जानकारी व नियमावली के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2018/10/2019.html

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.