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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 381 // देशभक्ति का फीवर // दगा पाटील

प्रविष्टि क्रमांक - 381

दगा पाटील

देशभक्ति का फीवर

एक बार तीन -चार आतंकियों ने एक भारतीय सैनिक को पकड़ लिया । जवान पकड़े जाते ही कहने लगा,

"पकडो ! पकडो ! मुझे फीवर है, तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे ।" आतंकी हंसते हुए कहने लगे, देखो एक भारतीय जवान हमसे डर गया । उनमें से एक हंसते हुए बोला, फीवर हुआ तो क्या हुआ? हमें फीवर नहीं होता क्या ?

जवान हंसते हुए बडे प्यार से बोला, भाईयों ये कोई मामूली फीवर नहीं है, यह देशभक्ति का फीवर है, यह हर किसी में नहीं होता । यह फीवर सिर्फ भारतीय सैनिक में ही होता है । यह फीवर सिर्फ

15 अगस्त और 26 जनवरी को नहीं आता । इस फीवर के कारण ही भारतीय सैनिक साल के 365 दिन

अपना घर छोड़कर यहां हर भारतीय की रक्षा के लिए खड़ा रहता है ।

इतना सुनकर आतंकवादी निरूत्तर होकर वहां से गर्दन झुकाए लौट गए ।

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