नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ खोज कर पढ़ें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

पुस्तक समीक्षा 'सुमंत्र' खण्डकाव्य में सुमंत्र की व्यथा कथा समीक्षक - डॉ0 हरिश्चन्द्र शाक्य, डी0 लिट्0

साझा करें:

पुस्तक समीक्षा 'सुमंत्र' खण्डकाव्य में सुमंत्र की व्यथा कथा समीक्षक - डॉ0 हरिश्चन्द्र शाक्य, डी0 लिट्0 'सुमंत्र' उत्तर प्रदे...

पुस्तक समीक्षा

clip_image002

'सुमंत्र' खण्डकाव्य में सुमंत्र की व्यथा कथा

समीक्षक - डॉ0 हरिश्चन्द्र शाक्य, डी0 लिट्0

'सुमंत्र' उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई में जन्मे तथा वर्तमान में कानपुर में निवास कर रहे कवि डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक' का सद्यः प्रकाशित खण्डकाव्य है। डॉ0 अशोक किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उनकी प्रस्तुत कृति सहित चौदह कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक' मूलतः कवि हैं इसलिए उनकी समस्त प्रकाशित कृतियाँ काव्य कृतियाँ हैं। उनकी प्रकाशित कृतियों में बलिदान इंदिरा गाँधी का (खण्डकाव्य), अशोक गीत बटोही के (गीत संग्रह), धरोहर समय की (कविता संग्रह), माँ की याद में (संकलित काव्य संग्रह), लाख कहिए बात को (ग़ज़ल संग्रह), आस्था के बोल (स्तुति गीत संग्रह), बटोही के बाल गीत (बाल गीत संग्रह), गाय, गुरू और गंगा (संपादित काव्य संकलन), बटोही की बाल कविताएँ, बदल गए परिवेश (गीत संग्रह), गँवई गाँव गरीब (संपादित राष्ट्रीय काव्य संग्रह), नदी मौन है (कविता संग्रह), सुमंत्र (खण्डकाव्य) शामिल हैं। आप देश की अनेक संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं।

समीक्ष्य कृति 'सुमंत्र' एक खण्डकाव्य है जिसका कथानक रामचरित मानस से लिया गया है। प्रस्तुत कृति में सुमंत्र की व्यथा-कथा को प्रस्तुत किया गया है। संपूर्ण कथानक आठ सर्गों वंदन, अवध वैभव, राज्याभिषेक, सुमंत्र आगमन, वन गमन, सुमंत्र की अंतर्दशा, सुमंत्र का अवध आगमन तथा सुभाशा में

निबद्ध है जिनमें से वंदन और सुभाशा को सर्ग नहीं कहा जा सकता क्योंकि इनमें कथानक का अंश शामिल नहीं है। सनातन हिन्दू धर्म की भाव भूमि में रचा पचा कवि भगवान राम के प्रति आस्थावान है। वह राम की स्तुति का गायन कर कहता है-

रघुकुल में जन्मे कौशलेश

तुमको प्रणाम है अज नंदन

कौशल्या जननी को प्रणाम

शत-शत प्रणाम दशरथ नन्दन।

कविवर डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक' में राम भक्ति के साथ-साथ देश भक्ति भी समाई है। वे 'अवध वैभव' सर्ग के आरंभ में भारत भूमि की प्रशंसा करते हुए कहते हैं-

भू-भाग निराला भारत का

मस्तक पर ताज हिमालय है

पद सदा पखारे सागर-जल

संपूर्ण देश देवालय है।

'अवध वैभव' सर्ग में अयोध्या को तीन लोक से न्यारी बताकर सर्वत्र उसकी प्रशंसा कवि के द्वारा की गई है। 'राज्याभिषेक' सर्ग में महाराज दशरथ अपना बुढ़ापा देखकर अपने ज्येष्ठ पुत्र राम के राज्याभिषेक की तैयारी करते हैं किन्तु दासी मंथरा के बहकावे में आकर उनकी रानी कैकेयी रूठ जाती है और देवासुर संग्राम के समय राजा दशरथ द्वारा दिए गए दो वरदान एक से राम को चौदह वर्ष का वनवास तथा दूसरे से भरत को राजगद्दी माँगे-

हे सत्य संध दृढ़ धीर-वीर

मन मुदित मुझे दे दो, दो वर

हों चौदह बरस राम वन में

होवें मम भरत सिंहासन पर।

'सुमंत्र आगमन' सर्ग में कविवर डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक' जी कहते हैं-

मंत्री सुमंत्र के सिर पर अब

आ गया अचानक भार बड़ा

इस कर्म-धर्म के पलड़े पर

हो गया ज्ञान साकार खड़ा।

राजा दशरथ सुमंत्र को उनका दायित्व सौंपते हुए कहते हैं-

निज बुद्धि विवेक लगाना तुम

वापस तीनों को लाने में

हर क्षण जाग्रत रहना मन से

तत्पर रहना समझाने में।

सुमंत्र राजा दशरथ का आदेश मानकर राम,सीता और लक्ष्मण को वापस लाने के लिए वन में जाते हैं। 'वन गमन' सर्ग में सुमंत्र की व्यथा कथा देखी जा सकती है-

आज्ञा पाकर नृप दशरथ की

वन चले सुमंत्र व्यथित होकर

ज्यों चला जा रहा एक वणिक

सब मूल सहित सम्पति खोकर।

वे राम, लक्ष्मण, सीता के वन गमन का कारण मंथरा दासी को मानते हुए कहते हैं-

मतिमंद मंथरा दासी ने

कैकेयी मति भरमा डाली

जिसके चलते वन चले गए

सिया राम लखन कर घर खाली।

'सुमंत्र की अंतर्दशा' सर्ग में सुमंत्र की अंतर्दशा देखी जा सकती है-

सिय राम लखन वन चले गए

रोते रह गए सुमंत्र खड़े

क्या करें कहाँ कैसे जाएँ

उनके ना आगे पाँव पड़े।

डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक' ने अपने प्रस्तुत खण्ड काव्य के माध्यम से सत्य, त्याग, सेवा, दान, शुचिता, मुदिता, करुणा, श्रद्धा, विश्वास, प्रेम, शील, मानवता, तप, आत्म विश्वास, आस्था, विनय, वचन वृत का निर्वाह, भाग्य, कर्तव्य, निश्छलता, सद्वचन, आज्ञापालन, साधना, सुख, शांति, सद्भाव, दया, संयम, कर्म, संतोष, अहिंसा, मर्यादा आदि मानव मूल्यों की स्थापना भी की है। धर्म की स्थापना दृष्टव्य है-

पहचान बनो त्रेता युग की

ऋषि मुनियों का उद्धार करो

हो धर्म धरा पर स्थापित

दुष्टों का चुन संहार करो।

कवि के शब्दों में सद्भाव, सुख, शांति, सेवा तथा शुचिता नामक मानव मूल्यों की स्थापना देखें-

मत भेदभाव घर में करना

मन में रखना संतोष सदा

संयमित रहो सुख में दुःख में

ईश्वर पर रख विश्वास सदा।

अहिंसा नामक मानव मूल्य को कवि ने गौतम बुद्ध व महावीर स्वामी की तरह प्रस्तुत किया है-

सब करें दया वन जीवों पर

यह शिक्षा जन-जन को देना

हर प्राणि मात्र में है ईश्वर

हर्षित मन से प्रश्रय देना।

कवि ने संपूर्ण कृति में प्रकृति-चित्रण भी खूब किया है। प्रकृति को उसने प्रेरणादायक भी माना है। प्रकृति-चित्रण के कतिपय उदाहरण प्रस्तुत हैं-

धरती से तुम ले लो धीरज

सागर से ले लो गहराई

विधु से ले लो तुम शीतलता

सूरज से ले लो अरूणाई।

प्रकृति के प्रेरणादायक रूप का एक उदाहरण और देखें-

आलस्य त्यागना सीखो तुम

वन जीवों और परिन्दों से

जीवन में बच कर तुम रहना

दल-दल में फँसे दरिन्दों से।

प्रस्तुत कृति 'सुमंत्र' के भाव पक्ष के साथ-साथ उसका कला पक्ष भी उत्तम है। भाषा आम बोलचाल की खड़ी बोली है। कवि ने चार चरणों का छंद अपनाया है जिसके प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ हैं तथा द्वितीय व चतुर्थ चरण में तुक है। कवि का यह छंद किसी विशेष छंद के नियमों का पालन करने में असमर्थ रहा है तथापि लयात्मकता सर्वत्र विद्यमान है। सहजता, सरलता, सरसता तथा संप्रेषणीयता संपूर्ण कृति में विद्यमान है। अनुप्रास, यमक, पुनरुक्ति प्रकाश, पद मैत्री, वीप्सा, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा आदि अलंकार अनायास ही आ गए हैं। कतिपय स्थानों पर नाद सौन्दर्य भी देखा जा सकता है। प्रस्तुत कृति में आए कतिपय अलंकारों के उदाहरण प्रस्तुत हैं-

1. सद्गुरू सेवा से सम्भव सब

सुख-शांति, सम्पदा शुचिताई। (अनुप्रास)

2. मन मुदित मुझे दे दो, दो वर (यमक)

3. जलचर-थलचर-नभचर-वनचर (पदमैत्री)

4. मधुरस सा उर में भर देगी (उपमा)

5. विकसित हो फिर से उर-पंकज (रूपक)

6. ज्यों आकुल जल के बिना मीन (उत्प्रेक्षा)

7. कण-कण में रमते राम-राम (पुनरुक्ति प्रकाश)

8. माँगो-माँगो मन से माँगो (वीप्सा)

9. नदियों के कल-कल का निनाद

झर-झर झरनों का स्वर सुनना (नाद सौन्दर्य)

अंत में निष्कर्षतः यही कहा जा सकता है कि डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक' का प्रस्तुत खण्डकाव्य 'सुमंत्र' एक अच्छी काव्य कृति है जिसका हिन्दी साहित्याकाश में अवश्य ही कोई न कोई स्थान बनेगा। कवि को मेरी शुभकामनाएँ।

-----------------------------------------------

समीक्ष्य कृति- सुमंत्र (खण्डकाव्य)

रचयिता- डॉ0 अशोक कुमार गुप्त 'अशोक'

प्रकाशक- निखिल पब्लिशर्स एण्ड डिस्टीब्यूटर्स

37, 'शिवराम कृपा' विष्णु कॉलोनी शाहगंज, आगरा

मूल्य- 80 रूपये

पृष्ठ- 80

-----------------------------------------------

समीक्षक - डॉ0 हरिश्चन्द्र शाक्य, डी0लिट्0

शाक्य प्रकाशन, घंटाघर चौक

क्लब घर, मैनपुरी - 205001 (उ0प्र0)

स्थाई पता- ग्राम कैरावली, पोस्ट तालिबपुर

जिला- मैनपुरी (उ0प्र0)

ई मेल - harishchandrashakya11@gmail.com

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$height=75

---प्रायोजक---

---***---

|कथा-कहानी_$type=three$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

|हास्य-व्यंग्य_$type=complex$rm=1$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

---प्रायोजक---

---***---

|काव्य-जगत_$type=three$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

|संस्मरण_$type=complex$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

---प्रायोजक---

---***---

|लघुकथा_$type=three$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

|उपन्यास_$type=complex$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

|लोककथा_$type=three$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$height=85

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * |

| * उपन्यास *|

| * हास्य-व्यंग्य * |

| * कविता  *|

| * आलेख * |

| * लोककथा * |

| * लघुकथा * |

| * ग़ज़ल  *|

| * संस्मरण * |

| * साहित्य समाचार * |

| * कला जगत  *|

| * पाक कला * |

| * हास-परिहास * |

| * नाटक * |

| * बाल कथा * |

| * विज्ञान कथा * |

* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=complex$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$height=85

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3981,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,110,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2955,कहानी,2219,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,521,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,94,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,339,बाल कलम,25,बाल दिवस,3,बालकथा,62,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,10,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,26,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,240,लघुकथा,1201,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1993,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,698,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,774,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,15,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,75,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,196,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,75,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: पुस्तक समीक्षा 'सुमंत्र' खण्डकाव्य में सुमंत्र की व्यथा कथा समीक्षक - डॉ0 हरिश्चन्द्र शाक्य, डी0 लिट्0
पुस्तक समीक्षा 'सुमंत्र' खण्डकाव्य में सुमंत्र की व्यथा कथा समीक्षक - डॉ0 हरिश्चन्द्र शाक्य, डी0 लिट्0
https://drive.google.com/uc?id=1nKHYrtm_m2tZsq2YfuuZlJRlYshs8u2X
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2019/05/0-0-0_22.html
https://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2019/05/0-0-0_22.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ