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प्रीति अग्रवाल की कविताएँ व कलाकृतियाँ

प्रीति अग्रवाल

1-शर्मीली

कलियाँ शर्माईं,

गुलाबी होठों से

फिर मुसकाईं,

आज फिर

सागर ने लहरें भेजीं

उन्हें रिझाने,

आज फिर सागर

ने लहरें भेजी

उन्हें मनाने !!

-0-

2-दस्तक

दिल मे एक

शोर-सा मचा है,

बड़ी दिक्कत

की है!

लगता है,

तेरी याद ने,

फिर दस्तक

दी है!!

-0- agl.preeti22@gmail.com


1 टिप्पणियाँ

  1. रचनाकार के समस्त सम्पादकीय दल का मैं हृदय से धन्यवाद करती हूँँ। आपने मेरी कविताओं एवं चित्रों को यहाँ स्थान दे कर मेरा मान बढ़ाया!आपका बहुत बहुत आभार!!

    ये बात और है कि चित्र आपस मे अदल बदल गए!खैर पाठक समझदार हैं, खुद अनुमान लगा लिया होगा!😊

    जवाब देंहटाएं

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