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हलधर - बाल कविताएँ - विशाल श्रीवास्तव


  हलधर

            सच पूछो तो हलधर ही हमारा भगवान है
  खेतों में मेहनत करके वह उगाता गेहूँ, धान है
             हलधर  होता   है   सबसे   बड़ा    दयालु
स्वयं  परिश्रम  करके  हमें  सस्ते में देता है  आलू


         हलधर  भाई अपने वादे का है पक्का
एक वर्ष में दो बार देता मूँगफली और मक्का
        हलधर भाई से सब बनाए रखो मेल
खेती से ही मिलता हमको ठण्डा तेल


     ईश्वर मान के हलधर और खेतों को लो पूज
खेतों से  ही मिलते  ककड़ी खीरा और तरबूज
       करो हलधर की इज्जत और बनो मत लोभी
हलधर  हमको  देता- मटर, टमाटर  और   गोभी

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---नारी का सम्मान

जहाँ-जहाँ होता है नारी का सम्मान
उसी  जगह  पाये  जाते  है भगवान
न जाने  कब समझ  सकेगा   इंसान
नारी है  इस दुनिया में  बहुत  महान

हर क्षेत्र में दे रही है नारियाँ योगदान
नारियों को भी है बहुत अच्छा ज्ञान
नारियों के बढ़ने से है देश की शान
मत भूलो हम भी हैं नारी की संतान


रामायण में सीताजी नारी महान थीॱ
अंतरिक्ष पर गई चावला की शान थी
गागीऀ  और   मैत्रेयी   श्रेष्ठ   ज्ञानी  थी
अंग्रेजॊ से युध्द लडी वो झाँसी की रानी थी
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  :--हिन्दी महान है!

हिन्दी को हम सब करते नमस्कार
हिन्दी सभी भाषाओं से महान है
हिन्दी का करेंगे हम सब सम्मान
हिन्दी हमारे देश की शान है


दिल    से   स्नेह    करते      जिसे       हम
वो  हिन्दी     हमारी         प्रिय    भाषा है
हिन्दी   का   हो   सम्मान      जगत       में
यह कवि विशाल की हार्दिक अभिलाषा है


हर   भारतीय   बोले   हिन्दी   भाषा
ये   मेरी   आप  सभी  से  आशा  है
हिन्द.  देश   की  शान    है    हिन्दी
हिन्दी  भारत  की राष्ट्रीय  भाषा  है
=====.
:---गंगा स्वच्छता

उत्तर  भारत में   गंगा   नदी   विराजमान   हैं
सब नदियों से महान है ,गंगा की बडी़ शान है
विष्णु के  चरणों  से  आई  गंगा देव समान हैं
गंगा  नदी  ही  मेरा  गौरव  व.  अभिमान   है


अब  तो  पूजनीय गंगा जी में गंदगी हो रही है
पावन गंगा  जी  की  पवित्रता  खो  रही   है
अब तक जो गंगा अमृत दे रही थी
आज वही गंगा विष उगल रही है


गंगा में गंदगी फैल रही कुछ तो आप एहसास करो
माँ गंगा को स्वच्छ बनाने का कोई प्रयास करो
अन्य किसी से मत गंगा सफाई की आस करो
स्वयं करो गंगा सफाई स्वयं पर ही विश्वास करो


=====.
:-- सच्चाई

अच्छे होते हैं पिता और माता
अच्छा होता है रिश्ता व नाता
अच्छी हमें लगती है मिठाई
सबसे अच्छी होती है  सच्चाई


अच्छे होते खेल ओर खिलौने
अच्छे लगते   स्वप्न.  सलोने
अच्छी लगती है हमें रसमलाई
सबसे अच्छी होती है सच्चाई


अच्छे लगते हैं दूध और बतासा
अच्छे लगते है सर्कस और तमाशा
अच्छी होती होती है साईकिल मेरे भाई
सबसे अच्छी होती है सच्चाई
=====.
:-- हम इंसान

मैंने मन में ठान लिया है
मैंने भी आज मान लिया है
अपनी किस्मत बदल के रख देंगे
अपनी मेहनत से एक दिन हम इंसान


अन्याय हम हरगिज नहीं सहेंगेॱ
बुराई के विरूद्ध हम लडेंगे
धरती को स्वर्ग बना देंगे
अपनी मेहनत से एक दिन हम इंसान


प्रेम - भाव से हम सभी रहेंगे
न दुःख देंगे,न ही सहेंगे
हर मुश्किल आसान बना देंगे
अपनी मेहनत से एक दिन हम इंसान
=====.
:--- जीवन

चहक रहे हैं खग डालो पर
फिर मुर्गे ने बाँग लगाई
भोर हो गई उठ जाओ अब
सूर्य-रोशनी घर में आई


उठ कर ध्यान धरो ईश्वर का
माता-पिता को प्रणाम करो
स्वस्थ शरीर बनाने के लिए
नियमित तुम व्यायाम करो


कठिन परिश्रम करके जीवन को
प्रकाश मान बना लो अब तुम
आज सा मौका छूट गया यदि
फिर तेरा जीवन सुधरेगा कब
====.
:--- वो मछली है!

जल में तैरती है
उछलती और कूदती है
                  वो मछली है!


जल में खेलती है
लहरों को झेलती है
                वो मछली है!


सूखी जगह से डरती है
जल से प्यार करती है
           वो मछली है!
======.
:-- वृक्षों की पुकार

जंगल रहे पुकार सुनो विनती नव मानव
मत काटो मुझे तुम क्यों बन रहे हो दानव
यदि लपट चले तेज मैं देता तुमको  छांव
इस छांव में लेटो और पसारो निज पाँव


देता रहा ईँधन और रसीले मीठे फल
आज भी मिलती है मुझसे हवा शीतल
प्राण वायु हमें है वृक्ष होने से मिलती
इस वायु से जीवन ज्योति हमारी खिलती



वृक्ष सदैव करते हमारी ही है सेवा
वृक्ष से मिलते है हमको फल और मेवा
धरती को एकत्र हो मिलकर हरित करेंगे
जमी के हर कोने को वृक्षों से हम भरेंगे
=====.

--मानव की अभिलाषाएं अपूर्ण हैं!

                  मृत्यु  ही  एक सत्य है
  जीवन सदैव गम्भीरता पूर्ण है
            बुराई  की जीत असत्य  है
मानव की अभिलाषाएं अपूर्ण हैं


                 बुराई की हार सत्य है
     सत्य  सदैव  संघर्षपूर्ण  है
              सत्य की हार असत्य है
   मानव की अभिलाषाएं अपूर्ण हैं


                
             " नि:स्वार्थी को सुख " यह बात सत्य है  
दु:खी की मदद करना महत्वपूर्ण है
               दोषी को सजा ना मिली हो असत्य है
मानव   की अभिलाषाएं  अपूर्ण  है

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