370010869858007

---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

****

Loading...

लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 43 // हिम्मत // राममूरत 'राही'

प्रविष्टि क्रमांक - 43

_ 91 94245 94873_ 20180731_222254

राममूरत 'राही' 


लघुकथा -- हिम्मत

घर में कोहराम मच गया था। क्योंकि छोटी बहू ने अपने जेठ की जमकर पिटाई कर दी थी। घर के सभी सदस्य छोटी बहू से काफी नाराज थे और उसे बुरा-भला कह रहे थे। तभी छोटी बहू के पति ने भी उससे गुस्से में पूछा -"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बड़े भैया पर हाथ उठाने की ?"

"ये हिम्मत आपने ही तो दी है।" छोटी बहू ने बड़ी दृढ़ता से जवाब दिया।

"मैंने दी है !" पति ने आश्चर्य से पूछा।

"हाँ ! आपने ही दी है। आपने ही तो मुझसे एक दिन समाचार पत्र में छेड़खानी और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं को पढ़कर, चिंता प्रकट करते हुए कहा था कि अगर कोई तुम्हारे साथ इस तरह की हरकत करने कि कोशिश करे, तो तुम उसकी जमकर पिटाई कर देना।"

"हाँ ! कहा तो था।"

"मैंने आज वही तो किया है, आप के बड़े भैया के साथ।"

                                     -- राममूरत 'राही' 

पता -- 168-बी, सूर्यदेव नगर,

पो.आॅ -- सुदामा नगर,

इंदौर -- 452009 (मप्र)


email -- rammooratrahi@gmail.com

लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2391948298411902926

एक टिप्पणी भेजें

  1. बढिया कथा, कोई भी हो प्रतिकार होना चाहिऐ।
    बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  2. व्वाहहह....
    शिक्षा का सदुपयोग....
    धारदार अलक..
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  3. विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

emo-but-icon

मुख्यपृष्ठ item

रचनाकार में छपें. लाखों पाठकों तक पहुँचें, तुरंत!

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं.

   प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 14,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. किसी भी फ़ॉन्ट में रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com
कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.
उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.

इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.

नाका में प्रकाशनार्थ रचनाएँ भेजने संबंधी अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

आवश्यक सूचना : कृपया ध्यान दें -

कविता / ग़ज़ल स्तम्भ के लिए, कृपया न्यूनतम 10 रचनाएँ एक साथ भेजें, छिट-पुट एकल कविताएँ कृपया न भेजें, बल्कि उन्हें एकत्र कर व संकलित कर भेजें. एकल व छिट-पुट कविताओं को अलग से प्रकाशित किया जाना संभव नहीं हो पाता है. अतः उन्हें समय समय पर संकलित कर प्रकाशित किया जाएगा. आपके सहयोग के लिए धन्यवाद.

*******


कुछ और दिलचस्प रचनाएँ

---प्रायोजक---

---***---

फ़ेसबुक में पसंद करें

---प्रायोजक---

---***---

ब्लॉग आर्काइव