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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 43 // हिम्मत // राममूरत 'राही'

प्रविष्टि क्रमांक - 43

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राममूरत 'राही' 


लघुकथा -- हिम्मत

घर में कोहराम मच गया था। क्योंकि छोटी बहू ने अपने जेठ की जमकर पिटाई कर दी थी। घर के सभी सदस्य छोटी बहू से काफी नाराज थे और उसे बुरा-भला कह रहे थे। तभी छोटी बहू के पति ने भी उससे गुस्से में पूछा -"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बड़े भैया पर हाथ उठाने की ?"

"ये हिम्मत आपने ही तो दी है।" छोटी बहू ने बड़ी दृढ़ता से जवाब दिया।

"मैंने दी है !" पति ने आश्चर्य से पूछा।

"हाँ ! आपने ही दी है। आपने ही तो मुझसे एक दिन समाचार पत्र में छेड़खानी और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं को पढ़कर, चिंता प्रकट करते हुए कहा था कि अगर कोई तुम्हारे साथ इस तरह की हरकत करने कि कोशिश करे, तो तुम उसकी जमकर पिटाई कर देना।"

"हाँ ! कहा तो था।"

"मैंने आज वही तो किया है, आप के बड़े भैया के साथ।"

                                     -- राममूरत 'राही' 

पता -- 168-बी, सूर्यदेव नगर,

पो.आॅ -- सुदामा नगर,

इंदौर -- 452009 (मप्र)


email -- rammooratrahi@gmail.com

14 टिप्पणियाँ

  1. बढिया कथा, कोई भी हो प्रतिकार होना चाहिऐ।
    बधाई।

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  2. व्वाहहह....
    शिक्षा का सदुपयोग....
    धारदार अलक..
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  3. विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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