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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 296 // कीमत // अन्नपूर्णा बाजपेयी

प्रविष्टि क्रमांक - 296

अन्नपूर्णा बाजपेयी

कीमत

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" पापा-पापा ! सुनो न ! मुझे भी एक दिन इसी तरह इन लड़कियों की तरह वर्दी पहनकर परेड करनी है वो भी यहीं इंडिया गेट पर !" टी वी पर  इंडिया गेट से आती लाइव परेड में पहली बार शामिल महिला जत्थे को देखते हुए सुरभि ने मचलते हुए अपने पापा को झिंझोड़ा । जो शराब के नशे में धुत था । कुछ सुनने ,समझने ,सोचने की शक्ति नहीं थी उसके बाप में उस समय । ऐसे में वह अपनी बेटी को क्या उत्तर देता ।

पास बैठे उसके बाबा ने कहा , " ये क्या उत्तर देगा , इसको पीने से फुर्सत मिले तब न । जाने कौन सी घड़ी में ये पैदा हुआ नालायक कहीं का !" फिर अपनी पोती की तरफ मुखातिब होकर बोले ,

"नहीं बिटिया ! ऐसे नहीं ! पहले खूब मन लगाकर पढ़ाई पूरी करो , तब सेना में भर्ती का इम्तहान देना होगा, उसको पास करने बाद तुम सेना में भर्ती हो जाओगी ।"

"फिर  दादाजी !..." उसकी बात पूरी भी न हो पाई थी कि उसका शराबी बाप झुंझलाकर लहराता हुआ उठा और एक झापड़ उस नन्ही बालिका के कोमल गाल पर जड़ दिया । भद्दी सी गाली देता हुआ बोला, " बड़ी आयी.. सेना में अफसर बनेगी। " और न जाने क्या- क्या बकता रहा ।

इधर बच्ची सुरभि शायद ज्यादा जोर का थप्पड़ खा गयी थी मेज से टकराती हुई फर्श पर गिरी । उसके सर से खून की मोटी धार निकल पड़ी और वह बेहोश हो गयी । घर के सभी लोग उसे अस्पताल लेकर भागे लेकिन वह अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ गयी । शायद उसकी आँखों ने बहुत बड़ा सपना देख लिया था ।

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अन्नपूर्णा बाजपेयी अंजू

कानपुर - 7

4 टिप्पणियाँ

  1. आदरणीय महोदय, आपकी रचना सराहनीय है, आपकी सलाह, सुझाव हमारे लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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  2. Vry Nyc story bhabhi.. Keep it up

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  3. बहूत सुंदर बधाई, हम लघु कथा Email patelgulabchand19@gmail.com से भेज रहे हैं
    धन्यवाद

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  4. Dil ko chhu lene vali story bhabhi

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