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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 305 // खेल // चेतन श्रीवास्तव

प्रविष्टि क्रमांक - 305

चेतन श्रीवास्तव

खेल

सुशील का विदर्भ के लिए आज यह पहला मैच था I एक प्रतिभाशाली और मेहनती खिलाडी के रूप में उसे पहले ही काफी पहचान मिल चुकी थी I अंडर १९ क्रिकेट में सुशील का शानदार प्रदर्शन और फिर रणजी ट्रॉफी के लिए उसका चयन सचमुच एक स्वप्न जैसा था I क्रिकेट के खेल के प्रति सुशील का जुनून बस देखते ही बनता था, लोग उसमे आनेवाले कल का सचिन तेंदुलकर देखने लगे थे और सुशील का प्रदर्शन भी कुछ ऐसा ही था, रणजी ट्रॉफी के पहले ही अध्याय में उसने रनों की झड़ी लगा दी थी जिसके चलते मुंबई की ओर से आईपीएल खेलने के लिए भी उसका सिलेक्शन हो गया और फिर क्या था, किसी के लिए भी आश्चर्य की बात नहीं थी जब सुशील के राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चयन की खबर अख़बार में छपी I अपने पहले ही दौरे में सुशील ने स्वयं को साबित कर दिखाया और टीम में एक अदद बल्लेबाज़ की कमी पूरी कर दी I

सब कुछ किसी परिकथा से काम न लगता था, पर कहते हैं न की पैसा और शोहरत अगर अधिक मात्रा में आने लगे तो व्यक्ति को और अधिक सतर्क होना पड़ता है I

सट्टेबाजों की नज़र सुशील पर बहुत पहले से ही पड़ चुकी थी सुशील के जन्मदिन पर महँगी गाडी उपहार में दे कर उन्होंने धीरे धीरे सुशील को मैच फिक्सिंग के दलदल में खींचना शुरू कर दिया था I मैच फीस और विज्ञापनों के अतिरिक्त आनेवाली इस कमाई से अब सुशील भी बेहद खुश था I

सुशील बचपन से ही अत्यंत प्रतिभावान था और देश के लिए क्रिकेट खेलना ही उसका एकमात्र लक्ष्य था परन्तु अतिरिक्त धन के लालच ने उस पर आज ऐसा असर कर दिया कि जिस देश को अपने खेल के माध्यम से वह गौरवान्वित करना चाहता था आज वह उसे भी भूल चुका था I

क्रिकेट पिच पर होते हुए भी, सुशील अब क्रिकेट नहीं, बल्कि कोई और ही खेल खेल रहा था I

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CHETAN SHRIVASTAVA

401, Gangotri Enclave, Beside Kalptaru Hall,

Gokul Housing Society, Gorewada Road, Nagpur-440013.

1 टिप्पणियाँ

  1. आदरणीय महोदय, आपकी रचना सराहनीय है, आपकी सलाह, सुझाव हमारे लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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