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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 361 से 365 // सीताराम पटेल "सीतेश"

प्रविष्टि क्रमांक - 361

सीताराम पटेल "सीतेश"

(1)

मुर्गा

मुर्गा को गुमान हुआ, मेरे बांग देने से होता है सबेरा, जागता है सारा जगत, मेरा आरती उतारता है सूरज, हल पकड़कर काम को निकलता है किसान, मैं ही बाँट रहा हूँ ज्ञान, समझा ही नहीं गुमान है अज्ञान, उसे पता ही नहीं चला, कब कसाई उसका गर्दन उड़ा दिया, आज सारी धरती दिख रही है लाल, उसके लाल ने किया है ये कमाल।

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प्रविष्टि क्रमांक - 362

सीताराम पटेल "सीतेश"

(2)

व्रती

वे कल व्रत रखना है कहकर मुर्गा बनाकर खाये, सुबह उपवास रखे और मीरा का भजन गाने लगे, शाम को फलाहार के साथ उपवास तोड़े।

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प्रविष्टि क्रमांक - 363

सीताराम पटेल "सीतेश"

(3)

लाश

समय के पाबंद शिक्षक को सुबह से शाम तक रीता बैठाना, उसके लिए सबसे बड़ी सजा है, तन के एक-एक तार तन गये और मौन बैठा रहा, चार मिनट के काम के लिए चालीस दिन तक घुमाते रहे, एक नहीं, दो नहीं, पूरे चार दिन तक, चार दिन तो हद हो गया, सुबह से लेकर शाम तक अपने ऑफिस के कुर्सी पर बैठा दिये, एक लाश ही परतंत्रता स्वीकार करता है, समाज मुझे आहिस्ता-आहिस्ता लाश में परिवर्तित कर रहा है, मैं जीने के लिए छटपटा रहा हूँ, पर मुझे इस भवसागर में अंततः डूबना ही है, पर इससे मुझे मेरा साहित्यकार ही मशाल बनकर बचा सकता है।

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प्रविष्टि क्रमांक - 364

सीताराम पटेल "सीतेश"

(4)

जनता और दलबदलू

उसने अपना दल बदल लिया, उसने लोगों को घोड़ा के बदला घड़ा छाप में वोट देने को कहा, उन्होंने हाँ भी कहा, पर जनता इतना कृतघ्न नहीं था, जो अपने नेता को भुलाता, वह दल बदलू के बहकावे में नहीं आया, घोड़ा छाप अनगिनत वोटों से अपने प्रतिद्वन्दी से विजयी हुआ। दल बदलू की हालत देखने लायक थी।

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प्रविष्टि क्रमांक - 365

सीताराम पटेल "सीतेश"

(5)

पड़ोसी

गिरगिट और नेता में जमकर बहस हुई, दोनों अपने आप को बड़े कहने लगे, उनकी बहस आज भी जारी है, सुलझा सकते हैं तो सुलझा दें, आपकी बहुत मेहरबानी होगी, दोनों मेरे पड़ोसी हैं, उनकी बहस से मेरी नींद में खलल पड़ती है।

नाग और नेता में जमकर बहस हुई, दोनों अपने आप को बड़े कहने लगे, उनकी बहस आज भी जारी है, सुलझा सकते हैं तो सुलझा दें, आपकी बहुत मेहरबानी होगी, दोनों मेरे पड़ोसी हैं, उनकी बहस से मेरी नींद में खलल पड़ती है।

दोनों में नेता है, अत: सिद्ध होता है कि नेता गिरगिट और नाग से बड़ा है।

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